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महेंद्र सिंह किलेदार वार्ड करेली में बाल हनुमान मंदिर समिति द्वारा जवारे की शोभायात्रा निकाली गी🙏 विना डी जे के करेली शहर मे हो रही प्रशंसा
कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
महेंद्र सिंह किलेदार वार्ड करेली में बाल हनुमान मंदिर समिति द्वारा जवारे की शोभायात्रा निकाली गी🙏 विना डी जे के करेली शहर मे हो रही प्रशंसा
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- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- ठेमी थाना अंतर्गत नयागांव में पड़ोस में रहने वाले दो पड़ोसियों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर मारपिट की घटना हो गई जिसमें दोनों पक्षो के बीच लाठी डंडे चलने की सूचना प्राप्त हुई वही मारपिट की घटना में गजराज को गम्भीर चोट आ गई और उसने दम तोड़ दिया जिससे पुरे गांव में दहशत का माहौल हो गया वही ग्रामीणों ने ठेमी थाना पुलिस को जैसे ही घटना की सूचना दी तो थाने से पुलिस मौके पर पहुची और मौके पर पंचनामा कार्यवाही कर मर्ग प्रकरण कायम किया गया वही शव को जिला अस्पताल लाया गया और शवगृह में रखवाया गया वही पुलिस पूरे मामले में जांच में जुटी हुई हैं घटना को अंजाम देकर आरोपित भी फरार हो गए पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।1
- समर कैंप' नहीं, यह 'संस्कार कैंप': 15 साल के नन्हे पथिक, गुरु के साथ निकले 3000 किमी की नर्मदा परिक्रमा पर नरसिहपुर। जहाँ आज की पीढ़ी गर्मी की छुट्टियों में महंगे समर कैंपों में स्विमिंग, पेंटिंग और गैजेट्स के बीच अपना समय बिताती है, वहीं 15 साल की उम्र के 7 बच्चों ने एक ऐसा मार्ग चुना है जो उनके भविष्य की नींव को 'संस्कारों' से सींच रहा है। कंधे पर झोला, हाथ में लाठी और पैरों में छाले लिए ये नन्हे पथिक अपने गुरु के सानिध्य में माँ नर्मदा की पैदल परिक्रमा पर निकले हैं। छुट्टी नहीं, यह है तपस्या 45 डिग्री की तपती दोपहरी, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और मीलों का सफर—ये बच्चे किसी सुख-सुविधा की तलाश में नहीं, बल्कि 'मैया' की भक्ति में लीन हैं। इन बच्चों के चेहरों पर जो चमक है, वह एसी-कूलर के कमरों में नहीं मिलती। 'नर्मदे हर' के जयकारे के साथ कदम-दर-कदम बढ़ती यह यात्रा केवल परिक्रमा नहीं, बल्कि एक कठिन तपस्या है, जिसे इन बच्चों ने स्वेच्छा से चुना है। बचपन में ठाना, जो बड़े उम्र में सोचते हैं आमतौर पर लोग जीवन की भागदौड़ के बाद रिटायरमेंट के समय चार धाम की यात्रा का संकल्प लेते हैं, लेकिन इन बच्चों ने 15 साल की कच्ची उम्र में ही 3000 किलोमीटर की दुर्गम परिक्रमा का संकल्प लेकर सबको हैरान कर दिया है। अमरकंटक से शुरू हुई यह यात्रा दादा महाराज मंदिर होते हुए अब माँ के तटों के साथ-साथ आगे बढ़ रही है। सोच बदल दी इन नन्हे पथिकों ने इन बच्चों ने समाज को एक नई दिशा दिखाई है। जहाँ हम और आप गर्मियों की छुट्टियों में शिमला, मनाली जैसे हिल स्टेशनों का सपना देखते हैं, वहीं इन बच्चों ने भौतिक सुखों को त्यागकर माँ नर्मदा के दर्शन और उनके प्रति कृतज्ञता को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया है। यह 'संस्कार कैंप' न केवल इन बच्चों के साहस को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि यदि सही मार्गदर्शन (गुरु) और संकल्प शक्ति हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह यात्रा आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है कि धर्म, आस्था और अनुशासन का मार्ग ही जीवन का सच्चा 'कैंप' है।1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- 22 तारीख से चल रहे धरना प्रदर्शन के तीन दिन गुजरने के बाद क्रमिक भूख हड़ताल के पहले दिन जनपद कार्यालय के बाजू में जनता धरने पर बैठी थी और कलेक्टर महोदया जनपद पंचायत कार्यालय में बैठकें लेकर धरना स्थल के सामने से बिना किसी संवाद के चले जाना नगर परिषद साईंखेड़ा में हो रहे भ्रष्टाचार को मोन समर्थन दे गईं ।1
- समस्त जिलावासी आगामी जनगणना कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि स्व-गणना के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे सही और सटीक जानकारी दर्ज करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।1
- ग्वालियर में बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल 🚨 ग्वालियर शहर के झांसी रोड थाना के सामने एक वीडियो कोच बस में आग लगने की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। राहत की बात यह रही कि थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, प्रधान आरक्षक रामबरन लोधी व पुलिस टीम की तत्परता और फायर ब्रिगेड की मदद से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, और कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी कायम है… 🔸 क्या कारण है कि इतनी बड़ी बसों में फायर सेफ्टी किट तक मौजूद नहीं होती? 🔸 क्यों सवारी वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है? 🔸 सवारी बस होने के बावजूद अंदर और नीचे के हिस्सों में कमर्शियल माल ढुलाई क्यों की जा रही है? 🔸 शहर में कई बसें जर्जर हालत में सड़कों पर दौड़ रही हैं—क्या यह किसी बड़े हादसे का इंतजार है? 👉 बसों के निचले हिस्सों में बनाए गए बड़े-बड़े बॉक्स में माल ढुलाई करना नियमों का उल्लंघन है और यात्रियों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है। हम ग्वालियर जिला परिवहन विभाग (RTO) से निवेदन करते हैं कि: ✔ बिना फायर सेफ्टी किट वाली बसों पर सख्त कार्रवाई की जाए ✔ सवारी बसों में अवैध माल ढुलाई पर रोक लगाई जाए ✔ सभी बसों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच हो ✔ नियम तोड़ने वाले संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1