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जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के बहुत-बहुत बधाई ईशान प्रताप सिंह बाराबंकी के नए जिलाधिकारी बनाए गए हैं। वह 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर में कार्यरत हैं। आइए जानते जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के बहुत-बहुत बधाई ईशान प्रताप सिंह बाराबंकी के नए जिलाधिकारी बनाए गए हैं। वह 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर में कार्यरत हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें ¹: - शैक्षिक योग्यता: ईशान प्रताप सिंह ने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है। - नियुक्ति: उन्हें हाल ही में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव पद से बाराबंकी के डीएम के रूप में नियुक्त किया गया है। - प्रशासनिक अनुभव: वह एक तेज तर्रार आईएएस अधिकारी माने जाते हैं और उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के कारण जिले में बेहतर प्रशासन और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। - पारिवारिक पृष्ठभूमि: ईशान प्रताप सिंह बिजनौर जिले के गांव पुरैनी के निवासी हैं और उनके पिता सुधीर कुमार सिंह पुलिस विभाग में अधिकारी हैं। - कार्य: वह अपने कार्यों के प्रति मेहनती और प्रतिबद्ध माने जाते हैं। उनके नेतृत्व में बाराबंकी में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है ².

2 hrs ago
user_Rehman Khan
Rehman Khan
नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
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जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के बहुत-बहुत बधाई ईशान प्रताप सिंह बाराबंकी के नए जिलाधिकारी बनाए गए हैं। वह 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर में कार्यरत हैं। आइए जानते जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के बहुत-बहुत बधाई ईशान प्रताप सिंह बाराबंकी के नए जिलाधिकारी बनाए गए हैं। वह 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर में कार्यरत हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें ¹: - शैक्षिक योग्यता: ईशान प्रताप सिंह ने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है। - नियुक्ति: उन्हें हाल ही में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव पद से बाराबंकी के डीएम के रूप में नियुक्त किया गया है। - प्रशासनिक अनुभव: वह एक तेज तर्रार आईएएस अधिकारी माने जाते हैं और उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के कारण जिले में बेहतर प्रशासन और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। - पारिवारिक पृष्ठभूमि: ईशान प्रताप सिंह बिजनौर जिले के गांव पुरैनी के निवासी हैं और उनके पिता सुधीर कुमार सिंह पुलिस विभाग में अधिकारी हैं। - कार्य: वह अपने कार्यों के प्रति मेहनती और प्रतिबद्ध माने जाते हैं। उनके नेतृत्व में बाराबंकी में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है ².

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  • UP: गोंडा में सर्राफा व्यापारी समर कसौधन को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी और ज्वेलरी का भरा बैग लूट कर ले गए
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    UP: गोंडा में सर्राफा व्यापारी समर कसौधन को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी और ज्वेलरी का भरा बैग लूट कर ले गए
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • लखनऊ के इंदिरानगर थाना क्षेत्र के शीतल नगर जरारा इलाके में अजय नाम का युवक अपने घर में फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। परिजनों से पूछताछ जारी है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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    लखनऊ के इंदिरानगर थाना क्षेत्र के शीतल नगर जरारा इलाके में अजय नाम का युवक अपने घर में फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
परिजनों से पूछताछ जारी है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    4 min ago
  • सैकड़ों साथियों और दल बल के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए पूर्व भाजपा नेता अखिलेश पाठक,सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दिलाई पार्टी की सदस्यता,अखिलेश पाठक ने सपा मुखिया अखिलेश यादव को पहनाया चांदी का मुकुट, हरदोई सपा मुखिया अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कराने के बाद भाजपा के पूर्व प्रत्याशी रहे अखिलेश पाठक को आगामी 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ाने का वादा किया है,कयास लगाए जा रहे हैं कि समाजवादी पार्टी इस बार के विधानसभा चुनाव में सवायजपुर सीट से अखिलेश पाठक को प्रत्याशी बनाकर बड़ा दांव खेल सकती है।अखिलेश पाठक के द्वारा सपा का दामन थाम लेने के बाद सवायजपुर सीट का मुकाबला रोमांचक हो सकता है. बताते चलें कि अखिलेश पाठक भाजपा के सिंबल पर 2012 में शाहाबाद विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं और वह भाजपा में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने शाहाबाद से अपनी सीटिंग एमएलए रजनी तिवारी को दोबारा प्रत्याशी बना दिया था जिससे नाराज होकर अखिलेश पाठक ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया था। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ नामांकन दाखिल करने के चलते भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अखिलेश पाठक को पार्टी से निष्कासित कर दिया था जिसके बाद से अखिलेश पाठक राजनीतिक वनवास काट रहे थे, ऐसे में विधानसभा चुनावों के कुछ महीने पहले अखिलेश पाठक के सपा में जाने से सवायजपुर और शाहाबाद विधानसभा के सपा टिकट की दावेदारी रोमांचक हो गई है, हालांकि आगामी विधानसभा चुनाव में सपा का टिकट किसे मिलेगा यह तो बाद में पता चलेगा लेकिन अखिलेश पाठक की ज्वाइनिंग से शाहाबाद और खासकर सवायजपुर की राजनीति में बड़ा भूचाल आना निश्चित है...
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    सैकड़ों साथियों और दल बल के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए पूर्व भाजपा नेता अखिलेश पाठक,सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दिलाई पार्टी की सदस्यता,अखिलेश पाठक ने सपा मुखिया अखिलेश यादव को पहनाया चांदी का मुकुट,                                 हरदोई सपा मुखिया अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कराने के बाद भाजपा के पूर्व प्रत्याशी रहे अखिलेश पाठक को आगामी 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ाने का वादा किया है,कयास लगाए जा रहे हैं कि समाजवादी पार्टी इस बार के विधानसभा चुनाव में सवायजपुर सीट से अखिलेश पाठक को प्रत्याशी बनाकर बड़ा दांव खेल सकती है।अखिलेश पाठक के द्वारा सपा का दामन थाम लेने के बाद सवायजपुर सीट का मुकाबला रोमांचक हो सकता है.
बताते चलें कि अखिलेश पाठक भाजपा के सिंबल पर 2012 में शाहाबाद विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं और वह भाजपा में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने शाहाबाद से अपनी सीटिंग एमएलए रजनी तिवारी को दोबारा प्रत्याशी बना दिया था जिससे नाराज होकर अखिलेश पाठक ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया था। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ नामांकन दाखिल करने के चलते भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अखिलेश पाठक को पार्टी से निष्कासित कर दिया था जिसके बाद से अखिलेश पाठक राजनीतिक वनवास काट रहे थे, ऐसे में विधानसभा चुनावों के कुछ महीने पहले अखिलेश पाठक के सपा में जाने से सवायजपुर और शाहाबाद विधानसभा के सपा टिकट की दावेदारी रोमांचक हो गई है, हालांकि आगामी विधानसभा चुनाव में सपा का टिकट किसे मिलेगा यह तो बाद में पता चलेगा लेकिन अखिलेश पाठक की ज्वाइनिंग से शाहाबाद और खासकर सवायजपुर की राजनीति में बड़ा भूचाल आना निश्चित है...
    user_संतोष तिवारी ब्यूरो चीफ दैनिक
    संतोष तिवारी ब्यूरो चीफ दैनिक
    लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    5 min ago
  • इंसानों से ज्यादा बढ़ रही बंदरों की जनसंख्या ग्रामीण अंचल से लेकर शहर तक बढ़ती बंदरों की जनसंख्या ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है वन विभाग की तरफ से इनको पकड़ने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
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    इंसानों से ज्यादा बढ़ रही बंदरों की जनसंख्या ग्रामीण अंचल से लेकर शहर तक बढ़ती बंदरों की जनसंख्या ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है वन विभाग की तरफ से इनको पकड़ने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है 
ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    6 min ago
  • . #amalive #आदर्श_मीडिया_एसोसिएशन #trending #akhileshyadav #samajwadipartyofficial
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    .
#amalive #आदर्श_मीडिया_एसोसिएशन #trending 
#akhileshyadav #samajwadipartyofficial
    user_आदर्श शुक्ला
    आदर्श शुक्ला
    Voice of people Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    25 min ago
  • यूपी -नोएडा के बैंक्वेट हॉल में सूट–बूट पहनकर आया चोर कैश–ज्वेलरी से भरा बैग चुराकर ले गया
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    यूपी -नोएडा के बैंक्वेट हॉल में सूट–बूट पहनकर आया चोर कैश–ज्वेलरी से भरा बैग चुराकर ले गया
    user_NATIONAL INDIA TV
    NATIONAL INDIA TV
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    29 min ago
  • *राजधानी लखनऊ के चारबाग मेट्रो स्टेशन के नीचे आज ऐसा नज़ारा देखने को मिला कि लोग कन्फ्यूज हो गए ये सड़क है या ऑटो स्टैंड ?* *ऑटो रिक्शा इतने आराम से लाइन लगाकर खड़े थे जैसे किसी ने सच में पार्किंग मोड ON कर दिया हो।* *हालात ऐसे कि सड़क कम और ऑटो पार्किंग ज्यादा लगने लगी अब बस एक बोर्ड की कमी है यहां बिना टेंशन के ऑटो खड़ा करें!* समीर नक़वी
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    *राजधानी लखनऊ के चारबाग मेट्रो स्टेशन के नीचे आज ऐसा नज़ारा देखने को मिला कि लोग कन्फ्यूज हो गए ये सड़क है या ऑटो स्टैंड ?*
*ऑटो रिक्शा इतने आराम से लाइन लगाकर खड़े थे जैसे किसी ने सच में पार्किंग मोड ON कर दिया हो।*
*हालात ऐसे कि सड़क कम और ऑटो पार्किंग ज्यादा लगने लगी अब बस एक बोर्ड की कमी है यहां बिना टेंशन के ऑटो खड़ा करें!*
समीर नक़वी
    user_Sameer Safder naqvi
    Sameer Safder naqvi
    Video Creator सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    56 min ago
  • 👉 पत्रकार रामजी दीक्षित कि रिपोर्ट बाराबंकी नमस्कार मित्रों, सर श्रीराम जयंती के अवसर पर आपका स्वागत करना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है। सर श्रीराम भारत के उन जाने माने व्यक्तियों में से हैं, जिन्हे देश के उद्योगपति, महान वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, शिक्षाबादी एवं समाजसेवी सभी बगों के लोग, उनके प्रेरणादायक आदशों के कारण आज भी हृदय से सम्मान देते हैं सर श्रीराम ने अपने करियर की शुरुआत एक बहुत ही साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि के साथ की, लेकिन अपनी बसाधारण बुद्धिमत्ता, आसामान्य व्यावसायिक कौशल, दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प और अयक परिश्रम से उन्होंने न केवल अपने जीवनकाल में एक विशाल व्यापारिक साम्राज्य का निर्माण किया, बल्कि स्वतंत्र भारत के नव निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। सर श्रीराम स्वयं एक अत्यंत बुद्धिमान व्यक्तित्व होने के साथ साथ अपार विनम्रता के धनी थे। जहां एक ओर वे अपनी कुशाग्रता से कठिन से कठिन फैसले लेने में समर्थ थे, नहीं ने दूसरों के लिए फैसलों का बहुत विनम्रता से सम्मान करते थे। वह निःस्वार्थ मेजबान भी थे उनके परस्पर लेन-देन के रवैये ने उन्हें एक मिलनसार व्यक्ति बना दिया। 22, कर्जन रोब, न केवल उनका घर था, यह दिल्ली का सबसे बढ़ा गेस्ट हाउस था और शायद भारत का भी, जहां जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों, विनम्र पुरुष और विद्वान, कलाकार, वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, उद्योगपति, चिकित्सा विशेषज्ञ, राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बैंकरों सभी का उनके द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सर श्रीराम का जीवन अध्ययन किसी भी अभ्यासरत प्रबंधक और प्रबंधन छात्र के लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। इस देश में व्यवसाय प्रबंधन को औपचारिक विषय के रूप में मान्यता मिलने से बहुत पहले, उन्होंने प्रबंधन के कई सिद्धांतों को पूरी तरह से अपने सामान्य ज्ञान और दुर्लभ व्यावसायिक कौशल के आधार पर लागू किया। सर श्रीराम दिल से मानवतावादी थे, मानवीय संबंधों के लिए उनकी चिंता की बराबरी बहुत कम लोग कर सकते थे। उन्होंने कर्मचारियों के बैंक और विवाह कोष की शुरुवात की, पीएफ सुबिधाओं को कानून के तहत अनिवार्य होने से बहुत पहले डीसीएम में पेश किया गया था। एक सच्चे मानवतावादी, सर श्रीराम ने रिवायती कैंटीन, चिकित्सा सहायता आदि जैसे कल्याणकारी उपायों की शुरुआत की। ➡️राधा सीड एण्ड पेस्टीसाइड्स श्री राम कॉलोनी
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    👉 पत्रकार रामजी दीक्षित कि रिपोर्ट बाराबंकी                                 नमस्कार मित्रों, सर श्रीराम जयंती के अवसर पर आपका स्वागत करना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है।
सर श्रीराम भारत के उन जाने माने व्यक्तियों में से हैं, जिन्हे देश के उद्योगपति, महान वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, शिक्षाबादी एवं समाजसेवी सभी बगों के लोग, उनके प्रेरणादायक आदशों के कारण आज भी हृदय से सम्मान देते हैं
सर श्रीराम ने अपने करियर की शुरुआत एक बहुत ही साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि के साथ की, लेकिन अपनी बसाधारण बुद्धिमत्ता, आसामान्य व्यावसायिक कौशल, दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प और अयक परिश्रम से उन्होंने न केवल अपने जीवनकाल में एक विशाल व्यापारिक साम्राज्य का निर्माण किया, बल्कि स्वतंत्र भारत के नव निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सर श्रीराम स्वयं एक अत्यंत बुद्धिमान व्यक्तित्व होने के साथ साथ अपार विनम्रता के धनी थे। जहां एक ओर वे अपनी कुशाग्रता से कठिन से कठिन फैसले लेने में समर्थ थे, नहीं ने दूसरों के लिए फैसलों का बहुत विनम्रता से सम्मान करते थे।
वह निःस्वार्थ मेजबान भी थे उनके परस्पर लेन-देन के रवैये ने उन्हें एक मिलनसार व्यक्ति बना दिया। 22, कर्जन रोब, न केवल उनका घर था, यह दिल्ली का सबसे बढ़ा गेस्ट हाउस था और शायद भारत का भी, जहां जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों, विनम्र पुरुष और विद्वान, कलाकार, वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, उद्योगपति, चिकित्सा विशेषज्ञ, राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बैंकरों सभी का उनके द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
सर श्रीराम का जीवन अध्ययन किसी भी अभ्यासरत प्रबंधक और प्रबंधन छात्र के लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। इस देश में व्यवसाय प्रबंधन को औपचारिक विषय के रूप में मान्यता मिलने से बहुत पहले, उन्होंने प्रबंधन के कई सिद्धांतों को पूरी तरह से अपने सामान्य ज्ञान और दुर्लभ व्यावसायिक कौशल के आधार पर लागू किया।
सर श्रीराम दिल से मानवतावादी थे, मानवीय संबंधों के लिए उनकी चिंता की बराबरी बहुत कम लोग कर सकते थे। उन्होंने कर्मचारियों के बैंक और विवाह कोष की शुरुवात की, पीएफ सुबिधाओं को कानून के तहत अनिवार्य होने से बहुत पहले डीसीएम में पेश किया गया था। एक सच्चे मानवतावादी, सर श्रीराम ने रिवायती कैंटीन, चिकित्सा सहायता आदि जैसे कल्याणकारी उपायों की शुरुआत की।   ➡️राधा सीड एण्ड पेस्टीसाइड्स श्री राम कॉलोनी
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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