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जगद्गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में आज के दौर में एक महत्वपूर्ण रक्तदान अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत उनके शिष्य देशभर में हर जरूरतमंद व्यक्ति को रक्तदान कर रहे हैं। यह पहल विशेष रूप से देश के जवानों और अन्य जरूरतमंदों के लिए जीवनदायी साबित हो रही है। संत रामपाल जी महाराज ने यह संदेश दिया है कि रक्तदान अत्यंत आवश्यक है, और इसी प्रेरणा से यह सेवा कार्य निरंतर जारी है।
MANNU SIDAR ji
जगद्गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में आज के दौर में एक महत्वपूर्ण रक्तदान अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत उनके शिष्य देशभर में हर जरूरतमंद व्यक्ति को रक्तदान कर रहे हैं। यह पहल विशेष रूप से देश के जवानों और अन्य जरूरतमंदों के लिए जीवनदायी साबित हो रही है। संत रामपाल जी महाराज ने यह संदेश दिया है कि रक्तदान अत्यंत आवश्यक है, और इसी प्रेरणा से यह सेवा कार्य निरंतर जारी है।
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- छत्तीसगढ़ के चांपा में तालाब किनारे बिना किसी सर्वेक्षण के नाली निर्माण को लेकर जनता में भारी गुस्सा फूट पड़ा है। इस निर्माण कार्य पर हुए भारी बवाल के चलते अब क्षेत्र में पेयजल संकट का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।1
- रायगढ़ में अपराध की दुनिया से बाहर आकर तीन दिन के भीतर ही एक और खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले दो आदतन अपराधियों के दुस्साहस को रायगढ़ पुलिस ने नाकाम कर दिया है। कोतवाली पुलिस ने देर रात ढिमरापुर रोड पर एक युवक से हुई ₹15,200 की लूट के मामले में मात्र 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर दोबारा जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने इस त्वरित कार्रवाई पर अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना 29-30 जून की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे की है। जगन्नाथ हरिशचंद्र ज्वेलर्स के 31 वर्षीय सेल्समैन त्रिनाथ सामल रायपुर से काम निपटाकर रायगढ़ लौटे थे। मालिक को सामान सौंपकर जब वह अपने कमरे की ओर जा रहे थे, तभी ढिमरापुर रोड पर आदित्य मोटर्स के पास घात लगाए बैठे दो युवकों ने उन्हें रोका। गुंडागर्दी दिखाते हुए, आरोपियों ने त्रिनाथ को पीटा, जमीन पर पटका और उनकी जेब से ₹15,200 लूटकर चैतन्य नगर की ओर फरार हो गए। मामला दर्ज होते ही एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का अल्टीमेटम दिया। कोतवाली पुलिस ने तुरंत घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें काले और मटमैले रंग की शर्ट पहने दो संदिग्ध कैमरे में कैद हो गए। इसके बाद पुलिस के मुखबिर तंत्र ने अपना काम किया और दोनों की पहचान रामभाठा निवासी 19 वर्षीय नीरज टोप्पो और 22 वर्षीय शैलेष मिंज के रूप में हुई। पुलिस टीम ने बिना देरी किए रामभाठा मुक्तिधाम के पास दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं, जिनमें से एक आरोपी तो महज तीन दिन पहले ही जेल से छूटा था। लूट के पैसों से दोनों रातों-रात झारसुगुड़ा (ओडिशा) भाग गए और वहां ऐशो-आराम में अधिकांश रकम उड़ा दी। पुलिस ने उनके पास से सिर्फ ₹700 बरामद किए हैं। पीड़ित त्रिनाथ सामल ने मजिस्ट्रेट के सामने पहचान परेड में दोनों आरोपियों को पहचान लिया है। नीरज टोप्पो के खिलाफ पहले से 2 चोरी और 1 लूट का मामला दर्ज है, जबकि शैलेष मिंज के खिलाफ चोरी और मारपीट के मामले दर्ज हैं। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई पर कहा है कि रायगढ़ पुलिस लूट, चोरी और असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध पूरी दृढ़ता से कार्रवाई कर रही है और आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे ऑपरेशन में एसएसपी के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी व सीएसपी श्री मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल और उनकी टीम (उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, पीएसआई प्रिया साहू, एएसआई कोसो सिंह, आरक्षक उत्तम सारथी और कोमल तिवारी) का एक्शन बेहद शानदार रहा।3
- रायगढ़ में खुले बिजली के तार अब जानलेवा खतरा बन गए हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, रायगढ़ महापौर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ताकि इस खतरे को जल्द से जल्द दूर किया जा सके।1
- रायगढ़ जिला पुलिस बल के लिए आज का दिन भावनात्मक और गौरवपूर्ण रहा, जब उप निरीक्षक हेतराम सिदार और आरक्षक निस्तोर तिर्की अपनी लंबी और अनुकरणीय सेवा के बाद विधिवत सेवानिवृत्त हुए। पुलिस कार्यालय रायगढ़ में आयोजित एक गरिमामय सेवा सम्मान समारोह में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी ने दोनों पुलिस अधिकारियों को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया और विभाग की ओर से उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों के परिजन भी मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी आत्मीय बन गया। रक्षित निरीक्षक श्री अमित सिंह ने बताया कि उप निरीक्षक हेतराम सिदार वर्ष 1984 में अविभाजित मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। अपनी मेहनत और कार्यकुशलता से पदोन्नति प्राप्त करते हुए उन्होंने कोरबा, जांजगीर, बिलासपुर सहित विभिन्न जिलों में लगभग चार दशकों तक सेवाएं दीं, और वर्ष 2014 में उप निरीक्षक बने। वे डीसीआरबी प्रभारी के रूप में रायगढ़ से सेवानिवृत्त हुए। वहीं, आरक्षक निस्तोर तिर्की ने वर्ष 1983 में जिला जगदलपुर से आरक्षक के रूप में अपना पुलिस जीवन शुरू किया था। वर्ष 1993 में उनका स्थानांतरण रायगढ़ हुआ, जहाँ उन्होंने यातायात, कोतवाली, चौकी जोबी, रक्षित केंद्र, जूटमिल, कापू, धरमजयगढ़ और लैलूंगा जैसे विभिन्न थानों एवं इकाइयों में कुशलतापूर्वक जिम्मेदारियाँ निभाईं और ट्रेजरी गार्ड धरमजयगढ़ से सेवानिवृत्त हुए। गर्व की बात यह भी है कि उनका पुत्र सिकंदर तिर्की भी वर्तमान में पुलिस विभाग में सेवारत है, जो परिवार की दूसरी पीढ़ी के रूप में पुलिस सेवा का दायित्व निभा रहा है। समारोह में दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने लंबे सेवाकाल के अनुभव साझा किए। उप निरीक्षक हेतराम सिदार ने पुलिस विभाग में सेवा को अपने जीवन का सबसे गौरवपूर्ण अध्याय बताया, जबकि निस्तोर तिर्की ने कहा कि वर्दी पहनकर समाज और देश की सेवा करना उनके लिए गर्व का विषय रहा है, और उनके पुत्र के भी इसी विभाग में होने से यह गर्व और भी बढ़ गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी ने उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए आश्वस्त किया कि सेवानिवृत्ति केवल सेवा का औपचारिक समापन है, विभाग से उनका आत्मीय रिश्ता सदैव बना रहेगा और भविष्य में किसी भी आवश्यकता पर विभाग उनके साथ खड़ा रहेगा। कार्यक्रम का समापन उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर दी गई शुभकामनाओं और स्वल्पाहार के साथ एक आत्मीय विदाई के साथ हुआ।3
- जिले में डीजल आपूर्ति को लेकर एक विरोधाभासी स्थिति सामने आई है। जहाँ एक ओर किसानों को डीजल की कमी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें डीजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, वहीं दूसरी ओर रात के समय ट्रेलर चालकों को लगातार डीजल की आपूर्ति की जा रही है।1
- रोजगार सहायकों द्वारा तीन दिवसीय चरणबद्ध हड़ताल की गई। इस हड़ताल के दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- आज दिनांक 30 जून 2026 को पुलिस आयुक्त कार्यालय, रायपुर में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त होने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। यह समारोह पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर आयोजित किया गया था, और इसमें अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री अमित तुकाराम कांबले मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राजपत्रित अधिकारी, अन्य अधिकारी-कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री अमित तुकाराम कांबले ने सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को शॉल, श्रीफल, स्मृति-चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में पुलिस सेवा को अनुशासन, समर्पण और जनसेवा का सर्वोत्तम माध्यम बताया, साथ ही सेवानिवृत्त कर्मियों की ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके अनुभव और योगदान विभाग के लिए सदैव प्रेरणादायी और स्मरणीय रहेंगे। समारोह में सहायक उप निरीक्षक श्री गजाधर सिंह वनसे, प्रधान आरक्षक श्री बालेश्वर दास वैष्णव, श्री रोहित दास सुमेर, श्री सालिक राम वर्मा, श्री राजकुमार पाठक, श्री पुरुषोत्तम लाल साहू, श्री लाल बहादुर भगत, श्री राजेन्द्र पुरी गोस्वामी तथा आरक्षक श्री अनिल कुमार शर्मा और श्री चन्द्रभान भदौरिया को उनकी लंबी, समर्पित और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर, सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए और विभाग, वरिष्ठ अधिकारियों एवं सहकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सभी सेवानिवृत्त कर्मियों के सुखद, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। इस समारोह में अतिरिक्त डिप्टी पुलिस कमिश्नर डॉ. अर्चना झा, रक्षित निरीक्षक श्री अनीष सारथी, स्टेनो श्री सुरेश टंडन, मुख्य लिपिक श्री पी.सी.एस. यादव, सहायक उप निरीक्षक श्री दीपक निषाद सहित पुलिस कमिश्नर कार्यालय के कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।1
- रायगढ़ जिले के तमनार में पुलिस ने आदतन झगड़ा-मारपीट करने वाले सात उपद्रवी युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद, सभी सातों युवकों के लिए जेल वारंट जारी किए गए हैं।1
- रायगढ़ कोतवाली पुलिस ने ढिमरापुर रोड पर हुई लूट की वारदात का मात्र 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए दो आदतन बदमाशों को धर दबोचा है। इन आरोपियों ने एक राह चलते युवक को पीटकर उससे 15,200 रुपये लूट लिए थे। गिरफ्तार आरोपियों में से एक बदमाश महज तीन दिन पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था, लेकिन बाहर आते ही उसने फिर लूट की वारदात को अंजाम दे दिया। घटना 29 जून की देर रात लगभग 12:30 बजे की है, जब जगन्नाथ हरिशचंद्र ज्वेलर्स के सेल्समैन त्रिनाथ सामल (31 वर्ष) कार्यालयीन कार्य से रायपुर से लौटकर अपने कमरे की ओर जा रहे थे। ढिमरापुर रोड स्थित आदित्य मोटर्स के पास दो युवकों ने उन्हें रोका, जबरन पैसे मांगे और विरोध करने पर मारपीट कर जमीन पर गिरा दिया, उनकी जेब से 15,200 रुपये लूटकर चैतन्य नगर की ओर भाग निकले थे। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 346/2026 धारा 309(6), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें दो संदिग्ध युवक नजर आए। फुटेज के आधार पर और ह्यूमन इंटेलिजेंस से उनकी पहचान नीरज टोप्पो (19 वर्ष) और शैलेष मिंज (22 वर्ष) निवासी रामभाठा, जवाहर नगर के रूप में हुई। पुलिस टीम ने त्वरित दबिश देकर दोनों आरोपियों को रामभाठा मुक्तिधाम के पास से हिरासत में लिया। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पहचान परेड में प्रार्थी ने दोनों आरोपियों की शिनाख्त की। पूछताछ में दोनों ने लूट की वारदात स्वीकार करते हुए बताया कि लूटी हुई रकम से वे झारसुगुड़ा (ओडिशा) घूमने चले गए थे और अधिकांश पैसे खर्च कर चुके हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 700 रुपये बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी आदतन आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। आरोपी नीरज टोप्पो के खिलाफ थाना कोतवाली में दो चोरी और एक लूट का मामला पहले से दर्ज है, जबकि शैलेष मिंज के विरुद्ध एक चोरी और एक मारपीट का प्रकरण दर्ज है। इन आरोपियों में से एक घटना से मात्र तीन दिन पहले ही जेल से रिहा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों नीरज टोप्पो और शैलेष मिंज को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस उल्लेखनीय कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, सीएसपी श्री मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, पीएसआई प्रिया साहू, एएसआई कोसो सिंह, आरक्षक उत्तम सारथी और आरक्षक कोमल तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।3