नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: नाले की भूमि पर हो रही अवैध प्लाटिंग को किया ध्वस्त नगर निगम प्रशासन ने भू-माफियाओं और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में नगर आयुक्त के विशेष आदेश पर राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने मौजा नयागांव में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहाँ स्थित आराजी नंबर 813, जो राजस्व अभिलेखों में नाले की जमीन के रूप में दर्ज है, पर लंबे समय से अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा था। क्षेत्रीयनिवासियों और विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बूढ़ा निवासी एक दबंग इस सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर वहां प्लाटिंग कर रहा था। आरोपी द्वारा नाले की जमीन को समतल कर उसे निजी प्लाट बताकर आम जनता को धोखाधड़ी से बेचने का काम किया जा रहा था। जैसे ही यह मामला नगर निगम के संज्ञान में आया, अधिकारियों ने भूमि की पैमाइश कराई और पाया कि आराजी नंबर 813 पूरी तरह से सरकारी है। शुक्रवार को नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुँचा। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नगर निगम की जेसीबी ने अवैध रूप से किए गए निर्माण को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार ओमप्रकाश सोनी और कानूनगो प्रकाश चंद्र मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने राजस्व संबंधी दस्तावेजों की पुष्टि की और मौके पर जमीन की सीमाओं का निर्धारण कराया।
नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: नाले की भूमि पर हो रही अवैध प्लाटिंग को किया ध्वस्त नगर निगम प्रशासन ने भू-माफियाओं और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में नगर आयुक्त के विशेष आदेश पर राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने मौजा नयागांव में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहाँ स्थित आराजी नंबर 813, जो राजस्व अभिलेखों में नाले की जमीन के रूप में दर्ज है, पर लंबे समय से अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा था। क्षेत्रीयनिवासियों और विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बूढ़ा निवासी एक दबंग इस सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर वहां प्लाटिंग कर रहा था। आरोपी द्वारा नाले की जमीन को समतल कर उसे निजी प्लाट बताकर आम जनता को धोखाधड़ी से बेचने का काम किया जा रहा था। जैसे ही यह मामला नगर निगम के संज्ञान में आया, अधिकारियों ने भूमि की पैमाइश कराई और पाया कि आराजी नंबर 813 पूरी तरह से सरकारी है। शुक्रवार को नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुँचा। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नगर निगम की जेसीबी ने अवैध रूप से किए गए निर्माण को जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार ओमप्रकाश सोनी और कानूनगो प्रकाश चंद्र मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने राजस्व संबंधी दस्तावेजों की पुष्टि की और मौके पर जमीन की सीमाओं का निर्धारण कराया।
- झांसी सदर विधायक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया की स्मार्ट मीटर से लोगों हो रहे परेशान1
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- बबीना की सड़कों पर दो बेकाबू लावारिस घोड़े अचानक बाजार और स्टेशन रोड पर दौड़ने लगे। एक घोड़े ने SBI एटीएम का गेट तोड़ने की कोशिश की। लोगों में डर और अफरा-तफरी का माहौल रहा वीडियो वायरल1
- झाँसी। झाँसी महानगर के अधिवक्ता भानू सहाय, अधिवक्ता रामकुमार खरे, अधिवक्ता उच्च न्यायालय अशोक सक्सेना, अधिवक्ता गौतम अस्थाना, अधिवक्ता बीएल भास्कर, अधिवक्ता वरुण अग्रवाल, अधिवक्ता रवि नगेले, अधिवक्ता प्रदीप झा, अधिवक्ता सचिन साहू, हनीफ खान, अनिल कश्यप, हरवंश लाल, अभिषेक तिवारी, शाहजहां बेगम, पूर्व पार्षद राजेंद्र कुमार आदि ने जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी राजस्व, नगर मजिस्ट्रेट एवं अपर नगर आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना एवं शासनादेश के उल्लंघन का नोटिस दिया। नोटिस में कहा गया हैं कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की अग्रणी झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई जी जब स्वतंत्रता की लड़ाई प्रारम्भ कर अपनी झाँसी का नाम व अपना नाम विश्व में शिखर पर पहुँचाया तथा अंग्रेज उन्हें छू भी नहीं सके और झाँसी का नाम इतिहास में शहादत के रूप में लिखा गया। ऐसी वीरांगना की याद में वीरांगना लक्ष्मीबाई पार्क जो सार्वजनिक स्थल है व उनकी एक प्रतिमा वर्षो पहले स्थापित की गई वहां लगाया जाना औचित्यपूर्ण नहीं है। जहाँ विश्व के लोग झाँसी आकर उनको नमन करते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर अन्य कोई मूर्ति स्थापित नहीं हो सकती। महारानी लक्ष्मीबाई जी की प्रतिमा का कोई भी झाँसी वासी विरोध नहीं कर सकता। हमारी भावना है कि महारानी की प्रतिमा कहीं अन्यत्र स्थान पर नियमानुसार भव्यता से लगाई जाए। जैसा कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने निर्णय 18-01-2013 में निर्णित किया है कि नगर निगम, प्राधिकरण, स्थानीय निकाय या राज्य सरकार को सार्वजनिक स्थल, कोई मूर्ति, धार्मिक स्थल या अन्य कोई भी ऐसा कृत्य नहीं किया जा सकता। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार कोई कृत्य करती है तो वह अवमानना की श्रेणी में आता है। वीरांगना लक्ष्मीबाई सार्वजनिक पार्क व स्थल में अनाधिकृत रूप से लगाई जा रही प्रतिमा का निर्माण तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिये रोक दें अन्यथा जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर आयुक्त के विरूद्ध माननीय उच्चतम न्यायालय की अवमानना करने एवं दण्डित कराये जाने हेतु कानूनी कार्यवाही करने को बाध्य होना पड़ेगा।2
- आज दिनांक 16.04.2026 को थाना सीपरी बाजार क्षेत्रान्तर्गत ग्राम भोजला में एक बन्द कमरे के अन्दर जुआ खेलते हुए 17 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके कब्जे से 13 मोबाइल फो 1,14,200/- रु0 व ताश पत्ते बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तगण को मा0 न्यायालय के समक्ष पेश कर की जा रही अग्रिम कार्यवाही के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर की वीडियो बाइट-1
- दतिया। मध्यप्रदेश शासन के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मंत्री विश्वास सारंग बुधवार को दतिया पहुंचे, जहां उन्होंने जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीताम्बरा शक्तिपीठ में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंत्री सारंग ने मां पीताम्बरा का आशीर्वाद लेकर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने प्राचीन वनखण्डेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और राज्य में शांति, विकास एवं जनकल्याण की प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। मंत्री के आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि दतिया की पावन धरती धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां आकर आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। धार्मिक आस्था और जनसेवा का संदेश मंत्री के इस दौरे को धार्मिक आस्था के साथ-साथ जनसेवा के संकल्प से भी जोड़ा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इसे प्रदेश की खुशहाली के लिए शुभ संकेत बताया।1
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- श्रीमान रेल मंत्री भारत सरकार आपको अवगत कराना है कि रेलवे बोर्ड द्वारा जारी पत्र संख्या 2024/TG-11/09/NR दिनांक 30.10.2025 एवं 2016/TOIV/10/PA/170/BOC दिनांक 06.07.2016 में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि बैटरी कार का उपयोग कुलियों के कार्य के स्थान पर नहीं, बल्कि केवल पूरक सुविधा के रूप में किया जाना है। खुद राष्ट्रीय कुली मोर्चा के नेतृत्व को रेल मंत्रालय द्वारा भेजे पत्र में कहा गया कि बैटरी कार और कुलियों का काम एक दूसरे का पूरक है। स्पष्टतः बैटरी कार विशेषकर असहाय, बीमार, वृद्ध एवं दिव्यांग यात्रियों के आवागमन को सुलभ बनाने के लिए है और सामान ड्रोने का काम कुली करेंगे।किन्तु वर्तमान में देश के अनेक रेलवे स्टेशनों पर इन नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए बैटरी कार द्वारा यात्रियों के सामान की ढुलाई बड़े पैमाने पर की जा रही है। यहाँ तक कि उन पर लगेज रेट 30 रूपए प्रति सामान अंकित किया जा रहा है। इससे वर्षों से कार्यरत कुलियों की आजीविका पर सीधा आघात हो रहा है।2