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मध्य प्रदेश के धार जिले के एक आदिवासी बहुल गांव से सामने आए एक वीडियो में, तेज बारिश के बीच चल रहे अंतिम संस्कार के दौरान चिता बह जाने की घटना सामने आई है।
Abhishek Pandey
मध्य प्रदेश के धार जिले के एक आदिवासी बहुल गांव से सामने आए एक वीडियो में, तेज बारिश के बीच चल रहे अंतिम संस्कार के दौरान चिता बह जाने की घटना सामने आई है।
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- रीवा के वार्ड 16, आजाद नगर में पिछले छह वर्षों से सीवर नाली का बदबूदार और दूषित पानी आ रहा है, जो किसी भी कार्य के योग्य नहीं है। यहाँ की जनता को मजबूरन यही गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अधिकारियों द्वारा आज तक इसका निराकरण नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मामले पर न तो महापौर और न ही नगर आयुक्त महोदय कोई संज्ञान ले रहे हैं। यह उपमुख्यमंत्री जी का विधानसभा क्षेत्र होने के बावजूद, उन पर भी जनता की इस परेशानी से कोई सरोकार न रखने का आरोप लगाया गया है।4
- मैहर में स्थित 'मौत का कुआं' नामक स्थान का रहस्य और गहरा गया है। वैज्ञानिकों द्वारा इसके संबंध में किए गए कुछ दावों के बाद, स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं एक प्रयोग किया, जिसमें उन्होंने एक बकरी को कुएं में उतारकर इन दावों की सत्यता को परखा।1
- सतना जिले के रामपुर बघेलान स्थित वार्ड क्रमांक 13 के बरसाती नाला रामघाट की वर्तमान स्थिति नगर परिषद पर गंभीर सवाल उठाती है। यहाँ नगर परिषद ने 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत नदी-नालों की साफ-सफाई का कोई भी काम नहीं किया है। इस स्थिति को देखते हुए, 'जल गंगा संवर्धन अभियान' मात्र कोरी हवावाजी बनकर रह गया है। नगर परिषद रामपुर बघेलान द्वारा की गई यह अनदेखी इस महत्वपूर्ण अभियान को सीधे तौर पर ठेंगा दिखाती प्रतीत होती है, विशेषकर वार्ड क्रमांक 13 के रामघाट में साफ-सफाई के मामले में।1
- रीवा जिले के निपानिया मोहल्ले में नईम अंसारी द्वारा संचालित एक कबाड़ की दुकान सैकड़ों परिवारों के जीवन यापन का आधार बनी हुई है, जो यह दर्शाता है कि कबाड़ का व्यवसाय भी एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत हो सकता है। कहा जाता है कि इस व्यवसाय में लाखों की कमाई है और एक कबाड़ की दुकान से 100 परिवारों का जीवन यापन संचालित हो सकता है। यह काम छोटी सी पूंजी से शुरू किया जा सकता है, और अगर तकदीर ने साथ दिया तो यह मुकद्दर का सिकंदर बना देता है। इस धंधे में कई छोटे परिवार अपना जीवन यापन करते हैं, जहाँ मुखिया एक होता है लेकिन मेहनत सबकी होती है। नईम अंसारी ने अपनी दुकान छोटी सी पूंजी से शुरू की थी और वे शासन के समस्त नियमों का पालन करते हुए अपना व्यापार संचालित करते हैं, जिसमें फायर सिस्टम की व्यवस्था भी शामिल है। उनके यहाँ कार्य कर रहे सैकड़ों परिवारों का जीवन यापन इसी दुकान से हो रहा है। कुछ महीने पहले, नईम हज करने के लिए मक्का-मदीना गए थे, जहाँ उन्होंने भारत सरकार द्वारा भारतीय लोगों के लिए आने-जाने और विदेश में उनकी सुरक्षा के इंतजामों की सराहना की। नईम अंसारी ने भारत सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत सरकार किसी भी देश से पीछे नहीं है। उन्होंने गर्व के साथ यह भी कहा कि हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है, और गंगा-जमुना की तहजीब पर हम लोग एक मिसाल बनकर तैयार हैं।1
- भरतपुर ग्राम से प्राप्त जानकारी में ग्राम सभा के एक नेता, सड़क, पीडब्ल्यूडी विभाग और 'सेवनी' का उल्लेख किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के सतना-रीवा बाईपास पर स्थित एक फ्लाईओवर की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ कंक्रीट से सरिए (रॉड) बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। इस स्थिति ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोपों को जन्म दिया है, जो परियोजना की घटिया गुणवत्ता को उजागर कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर के कई हिस्सों से बाहर निकली ये रॉड राहगीरों और वाहन चालकों के लिए एक बड़ा खतरा बन गई हैं, जिससे कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इन निवासियों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने और फ्लाईओवर की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की पुरज़ोर मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो यह फ्लाईओवर किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक न तो संबंधित विभाग और न ही निर्माण एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।2
- सतना जिले के मझगवां थाने में एक अनोखा और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें थाना प्रभारी मझगवां पर सांठगांठ कर फरियादियों को ही आरोपी बनाकर जेल भेजने का आरोप लगा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ समय पहले पिन्डरा टंकी के पास 40 नग गायों से लदी गाड़ियों को सैफ खान की निशानदेही पर अभी शर्मा, अज्जू जायसवाल, राज सिंह और तुषार वाल्मीक के सहयोग से रोका गया था। इन गाड़ियों और कथित पशु तस्करों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया था, जिसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था। हालांकि, उस कार्यवाही की कोई जानकारी अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि इस घटना के एक माह बाद एक योजनाबद्ध तरीके से उन्हीं पशु तस्कर अहसान को फरियादी बना दिया गया, जबकि गाय पकड़ने वालों को लूट और एडी एक्ट का आरोपी बनाया गया। इस प्रक्रिया में पकड़-छोड़ के नाम पर खूब लेनदेन भी हुआ, और अंत में सैफ खान को मुख्य आरोपी बनाया गया। इसी क्रम में, दिनांक 4_7_26 की शाम को पुलिस ने आरोपी अजय जायसवाल को उसके घर से एक मेमोरेंडम के साथ उठाया। इस दौरान, पुलिस ने मुख्य आरोपी सैफ की गाड़ी से नंबर प्लेट निकाल ली और संबंधित थाने को सूचित किए बिना ही अजय जायसवाल को उठा लिया। जब अजय के परिजनों ने सैफ की गाड़ी में पुलिस को देखकर विरोध किया, तो उन्होंने गाड़ी को रोक लिया और उसमें तोड़फोड़ भी हुई। मामला बिगड़ता देख, मझगवां थाना प्रभारी, जिन्हें पहले ही संबंधित थाने को सूचित करना चाहिए था, वे बाद में बतौर फरियादी वहां पहुँचे। उन्होंने शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में एक नामजद सहित मुकदमा दर्ज कराया और मुल्जिम सहित मझगवां रवाना हो गए। सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले को देखने पर मुख्य आरोपी और पशु तस्करों की पुलिस के साथ साठगांठ साफ दिखती है। यदि थाना प्रभारी ने पशु तस्करों को बचाने के लिए अपने अधिकारों का गलत प्रयोग किया है, तो वरिष्ठ अधिकारियों को इस विषय की बारीकी से जांच करनी चाहिए और आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए।1
- मध्य प्रदेश के धार जिले के एक आदिवासी बहुल गांव से सामने आए एक वीडियो में, तेज बारिश के बीच चल रहे अंतिम संस्कार के दौरान चिता बह जाने की घटना सामने आई है।1