मोहर्रम पर्व के अवसर पर सोमवार शाम करीब 4 बजे कालपी शहर के जुलैठी मोहल्ले से 6 मोहर्रम का पारंपरिक बुर्राक जुलूस बड़ी अकीदत और श्रद्धा के साथ निकाला गया। इस जुलूस में हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिससे पूरे रास्ते धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। बुर्राक कमेटी के हसन, कामरान, फरमान और हसन रज़ा ने बताया कि यह जुलूस जुलैठी क्षेत्र से शुरू होकर रावगंज, कोतवाली, हरिगंज, बड़ा बाजार, दीवान औलिया और भट्टीपुरा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अपने निर्धारित मुकाम तक पहुँचा। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने पहुँचकर जियारत की और फूल व चादरें पेश कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। बाद में बुर्राक को छोटे चौक से होते हुए वापस उसके निर्धारित स्थान पर ले जाया गया। इस अवसर पर हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। जुलूस मार्ग पर विभिन्न समुदायों के लोगों ने इसका स्वागत किया, जबकि गैर-मुस्लिम भाई-बहनों ने भी श्रद्धापूर्वक शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट की। यह नज़ारा कालपी की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द का स्पष्ट संदेश देता हुआ दिखा।
मोहर्रम पर्व के अवसर पर सोमवार शाम करीब 4 बजे कालपी शहर के जुलैठी मोहल्ले से 6 मोहर्रम का पारंपरिक बुर्राक जुलूस बड़ी अकीदत और श्रद्धा के साथ निकाला गया। इस जुलूस में हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिससे पूरे रास्ते धार्मिक उत्साह
का माहौल बना रहा। बुर्राक कमेटी के हसन, कामरान, फरमान और हसन रज़ा ने बताया कि यह जुलूस जुलैठी क्षेत्र से शुरू होकर रावगंज, कोतवाली, हरिगंज, बड़ा बाजार, दीवान औलिया और भट्टीपुरा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अपने निर्धारित मुकाम तक पहुँचा। जुलूस
के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने पहुँचकर जियारत की और फूल व चादरें पेश कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। बाद में बुर्राक को छोटे चौक से होते हुए वापस उसके निर्धारित स्थान पर ले जाया गया। इस अवसर पर हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की एक
अनूठी मिसाल देखने को मिली। जुलूस मार्ग पर विभिन्न समुदायों के लोगों ने इसका स्वागत किया, जबकि गैर-मुस्लिम भाई-बहनों ने भी श्रद्धापूर्वक शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट की। यह नज़ारा कालपी की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द का स्पष्ट संदेश देता हुआ दिखा।
- मोहर्रम पर्व के अवसर पर सोमवार शाम करीब 4 बजे कालपी शहर के जुलैठी मोहल्ले से 6 मोहर्रम का पारंपरिक बुर्राक जुलूस बड़ी अकीदत और श्रद्धा के साथ निकाला गया। इस जुलूस में हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिससे पूरे रास्ते धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। बुर्राक कमेटी के हसन, कामरान, फरमान और हसन रज़ा ने बताया कि यह जुलूस जुलैठी क्षेत्र से शुरू होकर रावगंज, कोतवाली, हरिगंज, बड़ा बाजार, दीवान औलिया और भट्टीपुरा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अपने निर्धारित मुकाम तक पहुँचा। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने पहुँचकर जियारत की और फूल व चादरें पेश कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। बाद में बुर्राक को छोटे चौक से होते हुए वापस उसके निर्धारित स्थान पर ले जाया गया। इस अवसर पर हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। जुलूस मार्ग पर विभिन्न समुदायों के लोगों ने इसका स्वागत किया, जबकि गैर-मुस्लिम भाई-बहनों ने भी श्रद्धापूर्वक शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट की। यह नज़ारा कालपी की गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द का स्पष्ट संदेश देता हुआ दिखा।4
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के तहत उत्तर प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिली है, जिसके अंतर्गत उनके खातों में ₹4,300 करोड़ से अधिक की धनराशि सीधे हस्तांतरित की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह राशि प्रदेश के अन्नदाता किसानों के खातों में सीधे पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकारें किसानों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनकी कृषि संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों का लाभ प्रदेश के लाखों किसानों को मिल रहा है, और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था के जरिए राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजकर पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उनके अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि योजना किसानों की आर्थिक मजबूती का एक महत्वपूर्ण आधार बन रही है।1
- जालौन जिले के गोहन थाना क्षेत्र स्थित पृथ्वीपुरा गांव में एक वृद्ध का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। दरअसल, यह घटना गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव की है, जहां लगभग 75 वर्षीय गिरजाशंकर तिवारी रात में अपने खेत पर बने ट्यूबवेल पर सोने गए थे। अगले दिन सुबह करीब 5:30 बजे जब उनका पुत्र उन्हें देखने पहुंचा, तो उसने उन्हें मृत अवस्था में पाया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, पंचायतनामा भरा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने बताया है कि तहरीर मिलने पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की हर पहलू से गंभीरतापूर्वक जांच की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में चोरों ने एक सूने घर में लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। यह घटना रामपुरा थाना क्षेत्र के पचोखरा गांव की है, जहाँ चोरों ने घर में रखे लाखों के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गए। चोरी की सूचना मिलते ही घर मालिक और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है और अब चोरों की तलाश में जुट गई है।1
- उरई कोतवाली क्षेत्र से ड्राइवर संतोष, जिनकी उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है, के साथ कथित रूप से मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद, पीड़ित पक्ष ने थाना कोतवाली उरई में शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की मांग की है। मामले में अब तक संतोषजनक कार्रवाई न होने के कारण कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित को शीघ्र न्याय नहीं मिला और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे हड़ताल करने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके। पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।1
- कोंच में मोहर्रम की सातवीं पर अलम का जुलूस निकाला गया, जिसमें कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस जुलूस में शहर काजी के अलावा धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े कई लोग शामिल हुए। इस अवसर पर चंदकुआं ताजिया कमेटी के अध्यक्ष मुस्तकीम बाबा, नायब सदर नईम मंसूरी, खजांची अली हसन, नायब खजांची बसीर आढ़तिया, आमिर लला, बली मुहम्मद पेंटर, जावेद मंसूरी, साजिद मंसूरी और सद्दाम महाते सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार सिर्फ नारी शक्ति के सशक्तिकरण की बातें नहीं करती, बल्कि महिलाओं के उत्थान और कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनकी सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है। इसी संदर्भ में, मुख्यमंत्री ने झांसी की बलिनी डेयरी का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसे उन्होंने महिला आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण बताया। उनके अनुसार, इस डेयरी से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं अब स्वरोजगार के ज़रिए न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि समाज में एक नई पहचान भी बना रही हैं।1
- लखनऊ में एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने के कारण 15 बच्चों की जान चली गई।1