जलालाबाद में वरिष्ठ सर्जन एवं संभावित प्रत्याशी डॉ. के.पी. गुप्ता ने गुरुवार को ग्राम गाजीपुर चिकटिया निवासी स्वर्गीय प्रेमपाल सिंह मौर्य (52 वर्ष) के आवास पर पहुंचकर उनके शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उनकी टीम के सदस्य भी मौजूद रहे और सभी ने दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि 28 मई 2026 की रात आई तेज आंधी के दौरान घर के बाहर खड़ा एक नीम का पेड़ प्रेमपाल सिंह मौर्य के मकान पर गिर गया था। इस घटना के कारण दीवार ढह गई, जिसकी चपेट में आने से उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। डॉ. के.पी. गुप्ता ने इस घटना को अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक बताते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने परिवार को इस कठिन समय में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। मृतक प्रेमपाल सिंह मौर्य अपने पीछे पत्नी नन्ही देवी (45 वर्ष), तीन बेटियों और एक पुत्र सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। डॉ. गुप्ता ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
जलालाबाद में वरिष्ठ सर्जन एवं संभावित प्रत्याशी डॉ. के.पी. गुप्ता ने गुरुवार को ग्राम गाजीपुर चिकटिया निवासी स्वर्गीय प्रेमपाल सिंह मौर्य (52 वर्ष) के आवास पर पहुंचकर उनके शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उनकी टीम के सदस्य भी मौजूद रहे और सभी ने दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि 28 मई 2026 की रात आई तेज आंधी के दौरान घर के बाहर खड़ा एक नीम का पेड़ प्रेमपाल सिंह मौर्य के मकान पर गिर गया था। इस घटना के कारण दीवार ढह गई, जिसकी चपेट में आने से उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। डॉ. के.पी. गुप्ता ने इस घटना को अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक बताते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने परिवार को इस कठिन समय में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। मृतक प्रेमपाल सिंह मौर्य अपने पीछे पत्नी नन्ही देवी (45 वर्ष), तीन बेटियों और एक पुत्र सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। डॉ. गुप्ता ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
- जलालाबाद में वरिष्ठ सर्जन एवं संभावित प्रत्याशी डॉ. के.पी. गुप्ता ने गुरुवार को ग्राम गाजीपुर चिकटिया निवासी स्वर्गीय प्रेमपाल सिंह मौर्य (52 वर्ष) के आवास पर पहुंचकर उनके शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उनकी टीम के सदस्य भी मौजूद रहे और सभी ने दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि 28 मई 2026 की रात आई तेज आंधी के दौरान घर के बाहर खड़ा एक नीम का पेड़ प्रेमपाल सिंह मौर्य के मकान पर गिर गया था। इस घटना के कारण दीवार ढह गई, जिसकी चपेट में आने से उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। डॉ. के.पी. गुप्ता ने इस घटना को अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक बताते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने परिवार को इस कठिन समय में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। मृतक प्रेमपाल सिंह मौर्य अपने पीछे पत्नी नन्ही देवी (45 वर्ष), तीन बेटियों और एक पुत्र सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। डॉ. गुप्ता ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।1
- जनपद शाहजहांपुर के सिधौली थाना क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को 'लाइव' देखने का आह्वान किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बागेश्वर धाम की तर्ज पर एक बाबा का दरबार आयोजित किया गया। इस दरबार में बाबा ने लोगों की पर्चियाँ खोलकर उनके राज बताने शुरू कर दिए।1
- फिरोजाबाद में डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे को बेरहमी से पटक-पटक कर मार डालने का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला आरोपी कोई और नहीं बल्कि बच्चे की मां के पति की बुआ का बेटा विराज पाठक है, जिसने बच्चे को 8 बार जमीन पर पटका, जिससे उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बच्चे की मां का अपने पति से विवाद चल रहा था, जिसके चलते वह अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान, अकेला पाकर आरोपी विराज पाठक ने महिला को शादी के लिए प्रपोज किया। हालांकि, महिला ने यह कहकर प्रस्ताव ठुकरा दिया कि वह शादीशुदा है और उसका डेढ़ साल का बेटा भी है। आरोपी ने इस बच्चे को अपनी शैतानी सोच में बाधक मानते हुए यह सोचा कि अगर बच्चे को मार दिया जाए, तो महिला उससे शादी करने के लिए मान जाएगी। इसी शैतानी विचार के तहत आरोपी ने मासूम बच्चे को निर्ममता से आठ बार जमीन पर पटका और फरार हो गया। इस घटना के बाद महिला का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विराज पाठक को पकड़ लिया है, जिसके दोनों पैरों में गोली मारकर उसका 'हाफ एनकाउंटर' किया गया। हालांकि, इस मामले में लोगों का कहना है कि पुलिस को आरोपी का 'फुल एनकाउंटर' करके उसे उसके किए की पूरी सजा मिल जानी चाहिए थी।3
- राष्ट्रीय पत्रकार सेकुलर सुरक्षा यूनियन परिषद का पंजीकरण हो चुका है। इस यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वैभव ठाकुर हैं, जो पत्रकारों की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहते हैं।1
- एक संगोष्ठी के दौरान, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष और पत्रकार कुलदीप कुमार ‘दीपक’ ने अपनी कविता के माध्यम से पत्रकारिता के दायित्व, समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी, और लोकतंत्र में प्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी इस काव्य प्रस्तुति को वहाँ उपस्थित सभी अतिथियों, पत्रकारों और श्रोताओं ने खूब सराहा, जिससे तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया गया।1
- शाहजहांपुर के सिंधौली थाना क्षेत्र स्थित ग्राम चक्रकुंडू निवासी शिवकुमार उर्फ लल्ले की मौत के बाद उनके परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया है कि मारपीट में घायल होने के बावजूद पुलिस ने समय पर न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही युवक का मेडिकल परीक्षण कराया। इस गंभीर लापरवाही के कारण युवक की हालत लगातार बिगड़ती गई और उपचार के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, मृतक शिवकुमार ने 26 और 29 मई को पुलिस को लिखित शिकायतें दी थीं। इन शिकायतों में उन्होंने गांव के कुछ लोगों पर ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे करने, धमकी देने और संभावित हमले की आशंका जताई थी। परिजनों का आरोप है कि इन शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद, 27 मई को शिवकुमार पर हमला हुआ, जिसमें वह घायल हो गए और अंततः उनकी जान चली गई।1
- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता उदयवीर यादव शाहजहांपुर स्थित जरियानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की दयनीय स्थिति को लेकर बेहद नाराज़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अस्पताल में मरीजों को पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है, जबकि प्रशासन इस गंभीर मामले से पूरी तरह बेखबर बना हुआ है। उदयवीर यादव ने सीएचसी में मरीजों की देखभाल न होने पर सवाल उठाते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।1