अम्बाह नगर पालिका की जनसमस्याओं को लेकर 6 पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू अम्बाह। नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में जलभराव, जर्जर सड़कों, नालियों की बदहाल स्थिति एवं गली-मोहल्लों में जमा पानी जैसी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर नगर पालिका के छह पार्षदों ने मंगलवार से नगर पालिका कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन को कई बार लिखित आवेदन एवं ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन आज तक किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, जबकि वार्डों में आवश्यक विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। पार्षदों ने बताया कि लगातार जलभराव के कारण लोगों को घरों से निकलने और आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जर्जर सड़कों और नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। उनका कहना है कि आम नागरिक लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं। धरने में वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद कदम सिंह कुशवाह, वार्ड क्रमांक 3 के जय राजोरिया, वार्ड क्रमांक 6 के विक्रम सिंह तोमर, वार्ड क्रमांक 10 के अतेंद्र सिंह, वार्ड क्रमांक 17 के सुनील सखवार तथा वार्ड क्रमांक 18 के राम बहादुर प्रजापति शामिल हैं। धरना स्थल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमा चरण कटारे एवं नगर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जैन 'विकल' ने भी पहुंचकर पार्षदों का समर्थन किया। धरना स्थल से पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की कि जलभराव, सड़क और नाली जैसी समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक वार्डों की प्रमुख जनसमस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
अम्बाह नगर पालिका की जनसमस्याओं को लेकर 6 पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू अम्बाह। नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में जलभराव, जर्जर सड़कों, नालियों की बदहाल स्थिति एवं गली-मोहल्लों में जमा पानी जैसी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर नगर पालिका के छह पार्षदों ने मंगलवार से नगर पालिका कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन को कई बार लिखित आवेदन एवं ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन आज तक किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, जबकि वार्डों में आवश्यक विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। पार्षदों ने बताया कि लगातार जलभराव के कारण लोगों को घरों से निकलने और आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जर्जर सड़कों और नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। उनका कहना है कि आम नागरिक लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं। धरने में वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद कदम सिंह कुशवाह, वार्ड क्रमांक 3 के जय राजोरिया, वार्ड क्रमांक 6 के विक्रम सिंह तोमर, वार्ड क्रमांक 10 के अतेंद्र सिंह, वार्ड क्रमांक 17 के सुनील सखवार तथा वार्ड क्रमांक 18 के राम बहादुर प्रजापति शामिल हैं। धरना स्थल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमा चरण कटारे एवं नगर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जैन 'विकल' ने भी पहुंचकर पार्षदों का समर्थन किया। धरना स्थल से पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की कि जलभराव, सड़क और नाली जैसी समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक वार्डों की प्रमुख जनसमस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
- अम्बाह नगर पालिका के खिलाफ पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना, जनहित के 10 मुद्दों पर उठाई आवाज शाहेवेआलम खांन पत्रकार जिला मुरैना ब्यूरो चीफ अम्बाह नगर पालिका के खिलाफ पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना, जनहित के 10 मुद्दों पर उठाई आवाज शाहेवेआलम खांन पत्रकार जिला मुरैना ब्यूरो चीफ अम्बाह। नगर पालिका परिषद अम्बाह में कथित अनियमितताओं, अधिकारियों की कार्यशैली और लंबित जनसमस्याओं को लेकर नगर के पार्षदों ने बुधवार से नगर पालिका कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने और विकास कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। पार्षदों का कहना है कि कई बार नगर पालिका पहुंचने के बावजूद मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में नहीं मिलते। उनका आरोप है कि सीएमओ बिना पूर्व सूचना के अवकाश पर चले जाते हैं, जिससे जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के कार्य प्रभावित होते हैं। साथ ही कई अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते और कई बार अपने-अपने कक्षों में ताला लगाकर चले जाते हैं, जिसके कारण लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। धरने पर बैठे पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष भी नियमित रूप से कार्यालय नहीं आतीं, जिससे जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकने को मजबूर है। धरना-प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने जनहित से जुड़े 10 प्रमुख मुद्दों को उठाते हुए नगर पालिका में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच, विकास कार्यों से संबंधित फाइलों, बिलों एवं वाउचरों की जांच, बिना विधिसम्मत टेंडर कराए गए कार्यों की जांच, कच्ची सड़कों एवं नालियों का निर्माण, बंद पड़े मकानों एवं दुकानों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू करने, नगर पालिका के वाहनों एवं डीजल खर्च की जांच, सीएमओ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि तथा उनकी नियुक्तियों एवं कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जनहित की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद की होगी।1
- अम्बाह नगर पालिका के खिलाफ पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना, जनहित के 10 मुद्दों पर उठाई आवाज अम्बाह नगर पालिका के खिलाफ पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना, जनहित के 10 मुद्दों पर उठाई आवाज अम्बाह। नगर पालिका परिषद अम्बाह में कथित अनियमितताओं, अधिकारियों की कार्यशैली और लंबित जनसमस्याओं को लेकर नगर के पार्षदों ने बुधवार से नगर पालिका कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने और विकास कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। पार्षदों का कहना है कि कई बार नगर पालिका पहुंचने के बावजूद मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में नहीं मिलते। उनका आरोप है कि सीएमओ बिना पूर्व सूचना के अवकाश पर चले जाते हैं, जिससे जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के कार्य प्रभावित होते हैं। साथ ही कई अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते और कई बार अपने-अपने कक्षों में ताला लगाकर चले जाते हैं, जिसके कारण लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। धरने पर बैठे पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष भी नियमित रूप से कार्यालय नहीं आतीं, जिससे जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकने को मजबूर है। धरना-प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने जनहित से जुड़े 10 प्रमुख मुद्दों को उठाते हुए नगर पालिका में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच, विकास कार्यों से संबंधित फाइलों, बिलों एवं वाउचरों की जांच, बिना विधिसम्मत टेंडर कराए गए कार्यों की जांच, कच्ची सड़कों एवं नालियों का निर्माण, बंद पड़े मकानों एवं दुकानों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू करने, नगर पालिका के वाहनों एवं डीजल खर्च की जांच, सीएमओ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि तथा उनकी नियुक्तियों एवं कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जनहित की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद की होगी।1
- 🚨 गांव में श्मशान घाट नहीं, 15 किलोमीटर दूर पोरसा में करना पड़ा अंतिम संस्कार 😢 पोरसा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुरेठा के कुदौना चांद का पुरा में मुक्तिधाम (श्मशान घाट) नहीं होने के कारण 95 वर्षीय शंकर सिंह तोमर के निधन के बाद परिजनों को उनका अंतिम संस्कार करने के लिए लगभग 15 किलोमीटर दूर पोरसा मुक्तिधाम जाना पड़ा। लगातार हो रही बारिश के बीच गांव में अंतिम संस्कार की कोई व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पोरसा मुक्तिधाम में सूखी लकड़ी और कंडों की व्यवस्था होने के बाद अंतिम संस्कार संपन्न हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि जब मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए भी गांव में जगह और व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, तो यह शासन-प्रशासन के लिए गंभीर चिंतन का विषय है। उन्होंने कुदौना चांद का पुरा में शीघ्र मुक्तिधाम निर्माण की मांग की है। सरपंच मुन्नी देवी शर्मा ने बताया कि कुदौना चांद का पुरा और माधौ सिंह का पुरा में मुक्तिधाम निर्माण के लिए प्रस्ताव जनपद पंचायत को भेजा जा चुका है। वहीं जनपद पंचायत पोरसा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनीता शर्मा के अनुसार, वर्तमान नियमों के तहत राजस्व गांव में मुक्तिधाम बनाए जाते हैं, फिर भी विशेष परिस्थिति में प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। क्या गांवों में बुनियादी सुविधाओं में श्मशान घाट भी प्राथमिकता नहीं होना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।1
- एक तरफ सरकार का 'हरियाली मिशन', दूसरी तरफ दबंगों का 'ट्रैक्टर मिशन'! खेल मैदान उजाड़ा, पौधे उखाड़े, जाली तोड़ी... सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर वृक्षारोपण अभियान चला रही है... बच्चों के लिए खेल मैदान बनवा रही है.लेकिन मुरैना जिले के पोरसा की एक ग्राम पंचायत में कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक ही रात में विकास कार्यों पर ट्रैक्टर चला दिया। सवाल यह है कि अगर शासकीय संपत्ति ही सुरक्षित नहीं है तो विकास कैसे होगा? मुरैना जिले के पोरसा विकासखंड की ग्राम पंचायत तरसमा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पंचायत द्वारा शासकीय राशि से तैयार कराए गए नवीन खेल मैदान और वृक्षारोपण स्थल को कथित रूप से ट्रैक्टर चलाकर तहस-नहस कर दिया गया।2
- अम्बाह नगर पालिका की जनसमस्याओं को लेकर 6 पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू अम्बाह। नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में जलभराव, जर्जर सड़कों, नालियों की बदहाल स्थिति एवं गली-मोहल्लों में जमा पानी जैसी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर नगर पालिका के छह पार्षदों ने मंगलवार से नगर पालिका कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन को कई बार लिखित आवेदन एवं ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन आज तक किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, जबकि वार्डों में आवश्यक विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। पार्षदों ने बताया कि लगातार जलभराव के कारण लोगों को घरों से निकलने और आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जर्जर सड़कों और नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। उनका कहना है कि आम नागरिक लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं। धरने में वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद कदम सिंह कुशवाह, वार्ड क्रमांक 3 के जय राजोरिया, वार्ड क्रमांक 6 के विक्रम सिंह तोमर, वार्ड क्रमांक 10 के अतेंद्र सिंह, वार्ड क्रमांक 17 के सुनील सखवार तथा वार्ड क्रमांक 18 के राम बहादुर प्रजापति शामिल हैं। धरना स्थल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमा चरण कटारे एवं नगर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जैन 'विकल' ने भी पहुंचकर पार्षदों का समर्थन किया। धरना स्थल से पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की कि जलभराव, सड़क और नाली जैसी समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक वार्डों की प्रमुख जनसमस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।1