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कौशाम्बी जिले के कड़ा धाम स्थित कुबरी घाट पर पिछले तीन दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पानी अब PWD गोदाम के गेट तक पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। संभावित खतरे को देखते हुए पंडा समाज ने अपने तख्त और सामान को ऊंचे स्थानों पर रख दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाट पर जल पुलिस तैनात की गई है। प्रशासन और स्थानीय लोग गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
कौशाम्बी जिले के कड़ा धाम स्थित कुबरी घाट पर पिछले तीन दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पानी अब PWD गोदाम के गेट तक पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। संभावित खतरे को देखते हुए पंडा समाज ने अपने तख्त और सामान को ऊंचे स्थानों पर रख दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाट पर जल पुलिस तैनात की गई है। प्रशासन और स्थानीय लोग गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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- प्रयागराज: प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने झलवा स्थित मोहम्मद खालिद के दफ्तर और अन्य निर्माण पर बुलडोजर की कार्रवाई की। खालिद को माफिया अतीक अहमद का रिश्तेदार बताया जाता है। बताया जा रहा है कि PDA को शिकायत मिली थी कि सड़क से लगी जमीन पर कथित रूप से कब्जा कर दुकान और कार्यालय का निर्माण किया गया है। शिकायत के बाद PDA ने मामले की जांच की, जिसमें अधिकारियों के मुताबिक शिकायत सही पाई गई। इसके बाद PDA के जोनल अधिकारी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और कथित अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। सड़क से लगी जमीन की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। PDA अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई अवैध कब्जे और निर्माण से संबंधित शिकायत के आधार पर की गई है। प्रयागराज: प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने झलवा स्थित मोहम्मद खालिद के दफ्तर और अन्य निर्माण पर बुलडोजर की कार्रवाई की। खालिद को माफिया अतीक अहमद का रिश्तेदार बताया जाता है। बताया जा रहा है कि PDA को शिकायत मिली थी कि सड़क से लगी जमीन पर कथित रूप से कब्जा कर दुकान और कार्यालय का निर्माण किया गया है। शिकायत के बाद PDA ने मामले की जांच की, जिसमें अधिकारियों के मुताबिक शिकायत सही पाई गई। इसके बाद PDA के जोनल अधिकारी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और कथित अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। सड़क से लगी जमीन की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। PDA अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई अवैध कब्जे और निर्माण से संबंधित शिकायत के आधार पर की गई है।1
- कौशाम्बी ब्लॉक के सोंधिया गांव में सड़क पर बह रहा ‘विकास’! नाली का गंदा पानी बना कौशाम्बी ब्लॉक के सोंधिया गांव में सड़क पर बह रहा ‘विकास’! नाली का गंदा पानी बना मुसीबत, प्रधान बोले- मैं कुछ नहीं कर सकता सोंधिया, कौशाम्बी। ग्राम सभा सोंधिया में विकास के दावों की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। गांव में नाली का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर कीचड़ और गंदगी जमा है। ग्रामीणों और राहगीरों को इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नाली का पानी सड़क पर आने से आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को रास्ते से निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से बनी इस समस्या के कारण सड़क पर गंदगी का माहौल बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अब तक स्थायी समाधान नहीं कराया गया। समस्या बताने पर प्रधान के कथित जवाब से बढ़ी नाराजगी ग्रामीणों के मुताबिक जब उन्होंने नाली और जलनिकासी की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान से समाधान कराने की बात कही तो प्रधान ने कथित तौर पर साफ शब्दों में कहा कि “मैं कुछ नहीं कर सकता।” प्रधान के इस कथित जवाब से ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत में नाली और जलनिकासी जैसी मूलभूत समस्या का समाधान भी यदि नहीं हो पा रहा है तो गांव में कराए जा रहे विकास कार्यों और विकास के दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सड़क पर लगातार गंदा पानी बहने से जहां लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है, वहीं गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराने तथा नाली और जलनिकासी की उचित व्यवस्था कराकर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। अधिकारियों से सवाल क्या जिम्मेदार अधिकारी सोंधिया गांव की इस समस्या का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे? सड़क पर बह रहे नाली के गंदे पानी से ग्रामीणों को कब तक राहत मिलेगी? और सबसे बड़ा सवाल—ग्राम पंचायत में जलनिकासी जैसी बुनियादी समस्या के समाधान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? पत्रकार—संजय सिंह, कनैली, कौशाम्बी1
- वोटर लिस्ट से नाम कटने के विरोध में सपा का जोरदार प्रदर्शन, मंझनपुर चौराहे पर फूंका मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला वोटर लिस्ट से नाम कटने के विरोध में सपा का जोरदार प्रदर्शन, मंझनपुर चौराहे पर फूंका मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला डीएम कार्यालय जा रहे सपाइयों को पुलिस ने रोका, महिला सभा जिलाध्यक्ष विभा यादव समेत कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक कौशाम्बी। मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोपों के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कौशाम्बी जिला मुख्यालय मंझनपुर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने मंझनपुर चौराहे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। सपा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद मौके पर माहौल गरमा गया। कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में कथित तौर पर नाम काटे जाने का विरोध करते हुए नारेबाजी की और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष विभा यादव पुतले को पकड़ने के प्रयास में नीचे गिर पड़ीं। इसके बाद भी कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिसे लेकर पार्टी लगातार आवाज उठा रही है। इस दौरान सपा नेत्री विभा यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदाताओं के अधिकारों के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि 2027 में जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों का जवाब दिया जाएगा और भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने का काम किया जाएगा। यह सपा नेत्री का राजनीतिक दावा है। प्रदर्शन में सपा नेत्री आस्था सिंह पटेल, परवेज अख्तर, उद्धव श्याम यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव, अनवार खान, राकेश पटेल समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे। गौरतलब है कि मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। हाल के दिनों में सपा ने भी 'वोट बचाओ, देश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत मतदाता सूची के मुद्दे को बूथ स्तर तक उठाने की बात कही है।1
- कौशाम्बी में सपाइयों का जोरदार प्रदर्शन,पुलिस से झड़प कौशाम्बी...मंझनपुर मुख्यालय पर बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जुटे और पार्टी कार्यालय से कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। इस दौरान चौराहे पर सपाइयों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। पुतला फूंकने की कोशिश के दौरान पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, जिसके चलते सपाइयों और पुलिस के बीच पुतला छीनने को लेकर झड़प और धक्का-मुक्की हो गई। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।1
- *ऊँचाहार: सलोन राजमार्ग से रेलवे स्टेशन मार्ग बदहाल, वर्षों से गहरे गड्ढों और जानलेवा सरियों के बीच सफर करने को मजबूर हैं हज़ारों लोग* *ऊँचाहार: सलोन राजमार्ग से रेलवे स्टेशन मार्ग बदहाल, वर्षों से गहरे गड्ढों और जानलेवा सरियों के बीच सफर करने को मजबूर हैं हज़ारों लोग* संवाददाता धीरेंद्र कुमार रायबरेली: उत्तर प्रदेश के जनपद रायबरेली के अंतर्गत आने वाले ऊँचाहार क्षेत्र का मुख्य मार्ग आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। सलोन राजमार्ग से रेलवे स्टेशन को जाने वाली यह महत्वपूर्ण इंटरलॉकिंग सड़क बीते कई वर्षों से बड़े-बड़े और जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे इस रास्ते से गुजरने वाले आम नागरिकों, किसानों और विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छेत्र की लाइफलाइन माना जाने वाला मार्ग बना मुसीबत यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि ऊँचाहार की एक मुख्य जीवनरेखा है जो एक बड़े ग्रामीण क्षेत्र को रेलवे स्टेशन से जोड़ती है। किसानों और व्यापारियों की आवाजाही: तड़के सुबह से ही ग्रामीण क्षेत्रों के किसान अपनी उपज लेकर और सब्जी विक्रेता मंडी जाने के लिए इसी रास्ते से बड़ी संख्या में गुजरते हैं। अंतर-जनपदीय महत्व: रायबरेली के अंतिम छोर से लेकर पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ तक के लोग इसी मुख्य मार्ग से होकर ऊँचाहार आते-जाते हैं। स्कूली बच्चों की आवाजाही: यह मार्ग लगभग चौबीस घंटे व्यस्त रहता है, जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे भी सफर करते हैं। जानलेवा स्थिति और विभागीय उदासीनता स्थानीय निवासियों ने 'दैनिक चक्र' मीडिया टीम से बातचीत करते हुए बताया कि लगभग 6-7 वर्ष पूर्व इस सड़क का निर्माण एनटीपीसी की कार्यदाई संस्था द्वारा कराया गया था। किंतु, निर्माण के महज एक साल के भीतर ही यह सड़क जर्जर होकर गड्ढे में बदल गई। बारिश में नरक बनता है रास्ता: बरसात के मौसम में पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है, जिसमें नालियों का गंदा पानी भर जाता है। गड्ढों और जलभराव के कारण आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। वाहन चालकों का जोखिम: सड़क उखड़ने से अंदर से निकली खतरनाक और नुकीली सरिया आए दिन राहगीरों के वाहनों के टायर फाड़ रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विभागों का टालमटोल रवैया: स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ जनप्रतिनिधियों ने इस सड़क के सुधार के लिए एनटीपीसी प्रबंधन और पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग को पत्र भी लिखा है। लेकिन आरोप है कि एनटीपीसी एक बार सड़क बनाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रही है, तो वहीं पीडब्ल्यूडी इस मामले को एनटीपीसी के पाले में डालकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है। बड़ा सवाल: आखिर कौन कराएगा इस मार्ग का निर्माण? एक तरफ उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढमुक्त करने और अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार विभागों की आपसी खींचतान के चलते यह मुख्य मार्ग बदहाली का शिकार है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर कब तक जनता को इस नरकीय जीवन से मुक्ति दिलाता है।4
- कौशाम्बी जिले के कड़ा धाम स्थित कुबरी घाट पर पिछले तीन दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पानी अब PWD गोदाम के गेट तक पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। संभावित खतरे को देखते हुए पंडा समाज ने अपने तख्त और सामान को ऊंचे स्थानों पर रख दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाट पर जल पुलिस तैनात की गई है। प्रशासन और स्थानीय लोग गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।1
- जगतपुर में बड़ी वारदात ,दलित दुष्कर्म पीड़िता और उसके पति को पीटा , गांव में दहशत दलित दुष्कर्म पीड़िता और उसके पति को पीटा , गांव में दहशत - जगतपुर के उड़वा गांव की घटना, ऊंचाहार, रायबरेली। जगतपुर थाना क्षेत्र के उड़वा गांव में कानून को चुनौती देती एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। दुष्कर्म के एक मामले में न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराने से खफा आरोपियों ने पीड़ित दलित महिला और उसके पति पर मंगलवार सुबह लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है। घायल दंपति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीड़िता के अनुसार उसका गांव के एक अन्य व्यक्ति से जमीनी विवाद चल रहा है। इसी सिलसिले में वह गांव के प्रधान रमेश मिश्र के पास मदद मांगने गई थी। पीड़िता का आरोप है कि मदद के बदले उससे आबरू का सौदा किया जाने लगा, जिसका उसने विरोध किया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि कुछ दिन बाद उसे बहाने से कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया गया और एकांत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पुलिस से शिकायत के बाद न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसकी विवेचना वर्तमान में चल रही है। किंतु पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की ,जिससे उनका मनोबल बढ़ा हुआ है । पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी मुकदमे की रंजिश को लेकर मंगलवार सुबह ग्राम प्रधान और उनके पक्ष के सत्यम , रितेश , शिवम , रत्नेश और राजू ने उन पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों से पीटकर पीड़िता और उसके पति को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।पीड़ित दंपति ने जगतपुर कोतवाली में इस हमले की लिखित तहरीर दी है। दिनदहाड़े कानून को चुनौती देती इस वारदात के बाद उड़वा गांव में दहशत का माहौल है। दलित परिवार ने सुरक्षा की गुहार लगाई है।1
- कौशाम्बी के महेवाघाट थाना क्षेत्र के अलवारा गांव स्थित काली माता मंदिर में अराजक तत्वों द्वारा माता की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में जुट गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय बजरंग दल की टीम भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से जानकारी ली। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष राजवीर मौर्य, जिला अध्यक्ष अरविंद यादव और छात्र परिषद के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष प्रवीर तिवारी समेत आदर्श पांडेय, सोनू गुप्ता, विक्रम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।1