निजामाबाद तहसील समाधान दिवस पर कुल 46 शिकायती प्रार्थना पत्र पड़े। एक राजस्व संबंधित शिकायती प्रार्थना पत्र का मौके पर हुआ निस्तारण। निजामाबाद आजमगढ़।निजामाबाद तहसील समाधान दिवस पर कुल 46 शिकायती प्रार्थना पत्र पड़े। इसमें एक राजस्व संबंधित शिकायती प्रार्थना पत्र का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष 45 शिकायती प्रार्थना पत्रों को मौके पर जाकर निस्तारित करने का निर्देश देते हुए उपजिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि राजस्व संबंधित मामलों के लिए पुलिस और राजस्व संबंधित टीमों का गठन किया जाए और मौके का मुआयना करके शीघ्र निस्तारण किया जाए। चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि आप लोग अगर फरियादियों की समस्या का निदान समय से कर देंगे तो तहसील दिवस या थाना दिवस पर इतनी भीड़ नही लगेगी।फरियादी मुख्य मंत्री दरबार नही पहुचेगे।मुख्य मंत्री का सख्त निर्देश है जो भी फरियादी अपनी फरियाद लेकर तहसील दिवस या थाना दिवस पर पहुंचे उनके समस्या का तुरंत संबंधित अधिकारी निदान करे।उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी फरियादियों की समस्या का निदान कर देगे तो वह बार बार तहसील दिवस या थाना दिवस वा मुख्यमंत्री दरबार चक्कर नही लगाएगा।तहसील समाधान दिवस पर उपजिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, उपजिलाधिकारी न्यायिक निकेत वर्मा,तहसीलदार और नायब तहसीलदार निजामाबाद का पद संभाले सर्वेश कुमार ,नायब तहसीलदार सरायमीर क्षेत्र राहुल कुमार सिंह,निजामाबाद उपनिरीक्षक सुरेश यादव,तहबर पुर थाना प्रभारी आदित्य सिंह,अहरौला थाना उपनिरीक्षक नीतेश चौबे,कप्तानगंज बड़सरा चौकी प्रभारी सानिया गुप्ता,सरायमीर थाना प्रभारी, फूलपुर थाना उपनिरीक्षक उमाशंकर यादव,निजामाबाद विद्युत बड़े बाबू संजय कुमार गुप्ता,सप्लाई इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार त्रिपाठी,सिंचाई विभाग के मनोज तिवारी,सभी विभाग के अधिकारी,राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार, राकेश पाण्डेय,भूपेंद्र बीर सिंह,चंद्रजीत यादव, रामप्यारे यादव,लेखपाल लालबिहारी,सुरजीत सिंह, लालधर यादव,बृजकिशोर यादव,संजय सिंह,युनुस,इस्तखार,प्रमोद पांडेय,संतोष लाल श्रीवास्तव, श्रद्धा अस्थाना,सरिता,सोनाली आदि राजस्व लेखपाल मौजूद रहे।
निजामाबाद तहसील समाधान दिवस पर कुल 46 शिकायती प्रार्थना पत्र पड़े। एक राजस्व संबंधित शिकायती प्रार्थना पत्र का मौके पर हुआ निस्तारण। निजामाबाद आजमगढ़।निजामाबाद तहसील समाधान दिवस पर कुल 46 शिकायती प्रार्थना पत्र पड़े। इसमें एक राजस्व संबंधित शिकायती प्रार्थना पत्र का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष 45 शिकायती प्रार्थना पत्रों को मौके पर जाकर निस्तारित करने का निर्देश देते हुए उपजिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि राजस्व संबंधित मामलों के लिए पुलिस और राजस्व संबंधित टीमों का गठन किया जाए और मौके का मुआयना करके शीघ्र निस्तारण किया जाए। चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा कि आप लोग अगर फरियादियों की समस्या का निदान समय से कर देंगे तो तहसील दिवस या थाना दिवस पर इतनी भीड़ नही लगेगी।फरियादी मुख्य मंत्री दरबार नही पहुचेगे।मुख्य मंत्री का सख्त निर्देश है जो भी फरियादी अपनी फरियाद लेकर तहसील दिवस या थाना दिवस पर पहुंचे उनके समस्या का तुरंत संबंधित अधिकारी निदान करे।उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी फरियादियों की समस्या का निदान कर देगे तो वह बार बार तहसील दिवस या थाना दिवस वा मुख्यमंत्री दरबार चक्कर नही लगाएगा।तहसील समाधान दिवस पर उपजिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, उपजिलाधिकारी न्यायिक निकेत वर्मा,तहसीलदार और नायब तहसीलदार निजामाबाद का पद संभाले सर्वेश कुमार ,नायब तहसीलदार सरायमीर क्षेत्र राहुल कुमार सिंह,निजामाबाद उपनिरीक्षक सुरेश यादव,तहबर पुर थाना प्रभारी आदित्य सिंह,अहरौला थाना उपनिरीक्षक नीतेश चौबे,कप्तानगंज बड़सरा चौकी प्रभारी सानिया गुप्ता,सरायमीर थाना प्रभारी, फूलपुर थाना उपनिरीक्षक उमाशंकर यादव,निजामाबाद विद्युत बड़े बाबू संजय कुमार गुप्ता,सप्लाई इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार त्रिपाठी,सिंचाई विभाग के मनोज तिवारी,सभी विभाग के अधिकारी,राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार, राकेश पाण्डेय,भूपेंद्र बीर सिंह,चंद्रजीत यादव, रामप्यारे यादव,लेखपाल लालबिहारी,सुरजीत सिंह, लालधर यादव,बृजकिशोर यादव,संजय सिंह,युनुस,इस्तखार,प्रमोद पांडेय,संतोष लाल श्रीवास्तव, श्रद्धा अस्थाना,सरिता,सोनाली आदि राजस्व लेखपाल मौजूद रहे।
- बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग सहजनवा, गोरखपुर। बहन-बेटियों और मासूम बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे हत्या एवं दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के विरोध में शनिवार को दलित शोषित कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सहजनवा में जनजागरण पैदल मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने इसमें भाग लेकर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। पैदल मार्च भीटी चौराहे से प्रारंभ होकर सहजनवा थाना होते हुए पूरे सहजनवा बाजार में निकाला गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर महिला सुरक्षा के समर्थन में नारे लगाए तथा लोगों को जागरूक किया। मार्च के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि बहन-बेटियों और बच्चों के साथ हत्या, दुष्कर्म तथा अन्य जघन्य अपराध करने वाले दोषियों को 90 दिनों के भीतर फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों में कानून का भय पैदा हो और भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सहजनवा, खजनी, चित्रकूट सहित देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सामने आ रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई से ही समाज में न्याय का विश्वास मजबूत होगा। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने एक स्वर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधियों को शीघ्र एवं कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई।4
- Post by RISHI RAI1
- अम्बेडकरनगर! भीटी थाना क्षेत्र निवासी मनीष त्रिपाठी ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर जमीन विक्रेता पर गंभीर आरोप लगाए हैं! पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है!!1
- सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल1
- संभव योजना की जनसुनवाई में पहुंचे पीस पार्टी के पूर्व प्रत्याशी, नगर की गंदगी पर उठाए सवाल संभव योजना के तहत आयोजित जनसुनवाई में पीस पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मुनव्वर अली नगरपालिका पहुंचे। उन्होंने अधिशासी अधिकारी (ईओ) से मुलाकात कर नगर के विभिन्न क्षेत्रों में फैली गंदगी, जाम नालियों और सफाई व्यवस्था की बदहाली की शिकायत की। मुनव्वर अली ने कहा कि कई मोहल्लों में नियमित सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से सफाई व्यवस्था में सुधार, नालियों की नियमित सफाई और कूड़ा उठान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। नगरपालिका ईओ ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और सफाई निरीक्षकों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।2
- अगर आप ब्रांडेड कंपनी का देसी घी खरीदकर यह सोच रहे हैं कि वह पूरी तरह असली है,तो सावधान हो जाइए।गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है,जहां नामी कंपनियों के पैकेट में गुणवत्ता विहीन घी भरकर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था।छापेमारी में चार कुंतल से अधिक पैक घी बरामद हुआ है।चौरीचौरा कस्बे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्रांडेड देसी घी की नकली पैकिंग के अवैध कारोबार का खुलासा किया है।सूचना के आधार पर सहायक आयुक्त खाद्य डॉ.सुधीर कुमार के निर्देशन में टीम ने एक किराए के मकान पर छापा मारा, जहां छोटे और बड़े पाउच में नामी कंपनियों की पैकिंग में घटिया गुणवत्ता का घी भरा जा रहा था।छापेमारी के दौरान करीब चार कुंतल से अधिक पैक घी बरामद किया गया।जांच में यह भी सामने आया कि पैकिंग सामग्री दिल्ली से छपकर लाई जाती थी और स्थानीय स्तर पर घी भरकर उसे ब्रांडेड बताकर बाजार में बेचा जाता था।खाद्य विभाग के अनुसार प्रारंभिक जांच में घी में एसेंस मिलाने की भी पुष्टि हुई है। हालांकि अंतिम स्थिति प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। मौके से पांच नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।फिलहाल विभाग ने आपत्तिजनक सामग्री को जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी है।पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।खाद्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी मिलावटी या नकली खाद्य पदार्थों की जानकारी मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें। लोगों की सतर्कता और सहयोग से ही ऐसे मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई संभव है। बाइट: डॉ. सुधीर कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य1
- मऊ साइबर क्राइम थाना की बड़ी कार्रवाई: अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार, 2 बाल अपचारी हिरासत में, 23 मोबाइल बरामद जनपद मऊ में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी और साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया। इनके कब्जे से कुल 23 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें 17 मोबाइल चोरी के पाए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम पर दर्ज मुकदमा संख्या 11/2026 की विवेचना के दौरान निरीक्षक योगेंद्र प्रसाद सिंह एवं उनकी टीम ने इलेक्ट्रॉनिक, तकनीकी और मुखबिर की सूचना के आधार पर रेलवे स्टेशन के पास रामलीला मैदान से आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों, सब्जी मंडियों और प्रमुख बाजारों में लोगों का ध्यान भटकाकर उनकी शर्ट की जेब से मोबाइल चोरी करते थे। चोरी के बाद मोबाइल से सिम निकालकर दूसरे फोन में लगाते और नया यूपीआई बनाकर पीड़ितों के बैंक खातों से रुपये निकाल लेते थे। इसके बाद चोरी के मोबाइल झारखंड ले जाकर साइबर अपराधियों को बेच देते थे। जांच में यह भी सामने आया कि मुकदमा संख्या 11/2026 से संबंधित एक वीवो मोबाइल, जो मोहम्मदाबाद सब्जी मंडी से चोरी हुआ था, उसका इस्तेमाल कर आरोपियों ने यूपीआई के माध्यम से खाते से धनराशि निकाल ली और बाद में मोबाइल झारखंड में बेच दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी दो-दो के समूह में वारदात को अंजाम देते थे। एक व्यक्ति पीड़ित का ध्यान भटकाता था, जबकि दूसरा उसकी जेब से मोबाइल निकाल लेता था। यदि चोरी हुए मोबाइल की सिम बैंक खाते से जुड़ी होती थी तो उसका दुरुपयोग कर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर नकदी हासिल की जाती थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319, 317, 111(3) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी बरामद मोबाइलों को कब्जे में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- ताले में कैद ग्राम सचिवालय, छोटे-छोटे कामों के लिए भटक रहे ग्रामीण ताले में कैद ग्राम सचिवालय, छोटे-छोटे कामों के लिए भटक रहे ग्रामीण नेवास गोरखपुर। पाली क्षेत्र के नेवास, गोविंदपुर, सहरी और भगवानपुर ग्राम पंचायतों में बने ग्राम सचिवालयों के नियमित संचालन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिवालय अक्सर बंद रहता है, जिससे सरकारी योजनाओं और जरूरी प्रमाण-पत्रों से जुड़े कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीण कन्हैया, दरोगा, ज्ञान, कमल, मोहन राम, ललित, समर, महेश, रमेश और रामानंद ने बताया कि आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र, पेंशन, आवास, शौचालय और अन्य सरकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी या आवेदन के लिए सचिवालय पहुंचने पर अक्सर ताला लटका मिलता है। इससे लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं और समय व धन दोनों की बर्बादी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने गांव स्तर पर ही लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम सचिवालय की व्यवस्था शुरू की थी, लेकिन नियमित संचालन नहीं होने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि सचिवालय तय समय पर खुले और संबंधित कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित रहें, ताकि ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं आसानी से मिल सकें। इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है। संबंधित कर्मचारियों से बात कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि ग्राम सचिवालयों का नियमित संचालन सुनिश्चित हो सके।3