कोर्ट के आदेश बेअसर: पोखरी पर कब्जा, गांव में गंदा पानी बना मुसीबत कुशीनगर। सुकरौली विकासखंड क्षेत्र के ग्राम सभा संखापारमाफी में स्थित पोखरी पर अवैध अतिक्रमण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार विरोध और शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे गांव की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पोखरी पर कब्जा होने के कारण नालियों का पानी सही ढंग से निकास नहीं हो पा रहा है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी नालियों के जरिए पोखरी में जाने के बजाय सड़क पर ही ओवरफ्लो होकर जमा हो रहा है। इससे पूरे गांव में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को घर से बाहर निकलने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। उन्हें रोजाना गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने अंततः न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश भी जारी किया। हालांकि, आरोप है कि 25 जुलाई 2025 को आदेश जारी होने के बावजूद अब तक उस पर अमल नहीं कराया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में ग्राम प्रधान संजय पटेल ने बताया कि आराजी संख्या 207 में हुए अतिक्रमण के खिलाफ न्यायालय के आदेश के अनुपालन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अवैध निर्माण करने वालों के मकान गिराने के निर्देश दिए जा चुके हैं तथा अतिक्रमणकारियों पर दंड भी निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके, अब तक जमीनी स्तर पर कार्रवाई न होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर पोखरी को मुक्त कराने और जलनिकासी की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि गांव को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
कोर्ट के आदेश बेअसर: पोखरी पर कब्जा, गांव में गंदा पानी बना मुसीबत कुशीनगर। सुकरौली विकासखंड क्षेत्र के ग्राम सभा संखापारमाफी में स्थित पोखरी पर अवैध अतिक्रमण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार विरोध और शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे गांव की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पोखरी पर कब्जा होने के कारण नालियों का पानी सही ढंग से निकास नहीं हो पा रहा है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी नालियों के जरिए पोखरी में जाने के बजाय सड़क पर ही ओवरफ्लो होकर जमा हो रहा है। इससे पूरे गांव में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को घर से बाहर निकलने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। उन्हें रोजाना गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने अंततः न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश भी जारी किया। हालांकि, आरोप है कि 25 जुलाई 2025 को आदेश जारी होने के बावजूद अब तक उस पर अमल नहीं कराया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में ग्राम प्रधान संजय पटेल ने बताया कि आराजी संख्या 207 में हुए अतिक्रमण के खिलाफ न्यायालय के आदेश के अनुपालन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अवैध निर्माण करने वालों के मकान गिराने के निर्देश दिए जा चुके हैं तथा अतिक्रमणकारियों पर दंड भी निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके, अब तक जमीनी स्तर पर कार्रवाई न होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर पोखरी को मुक्त कराने और जलनिकासी की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि गांव को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
- कुशीनगर। सुकरौली विकासखंड क्षेत्र के ग्राम सभा संखापारमाफी में स्थित पोखरी पर अवैध अतिक्रमण का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार विरोध और शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे गांव की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पोखरी पर कब्जा होने के कारण नालियों का पानी सही ढंग से निकास नहीं हो पा रहा है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी नालियों के जरिए पोखरी में जाने के बजाय सड़क पर ही ओवरफ्लो होकर जमा हो रहा है। इससे पूरे गांव में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को घर से बाहर निकलने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। उन्हें रोजाना गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने अंततः न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश भी जारी किया। हालांकि, आरोप है कि 25 जुलाई 2025 को आदेश जारी होने के बावजूद अब तक उस पर अमल नहीं कराया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में ग्राम प्रधान संजय पटेल ने बताया कि आराजी संख्या 207 में हुए अतिक्रमण के खिलाफ न्यायालय के आदेश के अनुपालन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अवैध निर्माण करने वालों के मकान गिराने के निर्देश दिए जा चुके हैं तथा अतिक्रमणकारियों पर दंड भी निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके, अब तक जमीनी स्तर पर कार्रवाई न होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर पोखरी को मुक्त कराने और जलनिकासी की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि गांव को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।1
- बिहार 5 दरिंदो ने मिलकर एक 16 साल की लड़की के साथ गैंग रेप किया और कुएं में मरने के लिए छोड़ दिए।। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे #बिहार #biharnews #kushinagar #newsupdate #newsfeed1
- breking news today1
- देवरिया: भाजपा महिला पदाधिकारी ने संपत्ति विवाद में धमकी व कब्जे की कोशिश का लगाया आरोप, वीडियो वायरल देवरिया: जनपद में एक भाजपा महिला पदाधिकारी ने संपत्ति विवाद को लेकर कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा से जुड़ी मधु जायसवाल का कहना है कि कुछ लोगों ने उनकी दुकान पर पहुंचकर उन्हें धमकाया और अभद्र व्यवहार किया। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मधु जायसवाल के अनुसार, घटना 14 मार्च की सुबह की है, जब वह शहर के मालवीय रोड स्थित अपनी दुकान पर मौजूद थीं। तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और कथित तौर पर दुकान जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ बदसलूकी भी की गई। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। जिसका वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है।1
- देवरिया जिले में चर्चा का विषय बन गया जब एक बारात के साथ दूल्हा परम्परिक रिवाज के साथ ढोली मै बैठके अपनी दुल्हनिया लाने पहुंचा।2
- देवगांव से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां मानवता की मिसाल पेश की गई। चंद्रशेखर आजाद विद्यालय में 3 दिवसीय निःशुल्क कृत्रिम अंग वितरण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों जरूरतमंद दिव्यांग जनों को नई जिंदगी देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान दूर-दूर से पहुंचे दिव्यांग जनों को निःशुल्क कृत्रिम हाथ-पैर वितरित किए गए। शिविर में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि ऐसी पहल समाज के लिए कितनी जरूरी है। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि मनोज कुमार सिंह, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश भोपाल और मुख्य अतिथि गुलाब सिंह, जिला जज परिवार एवं कल्याण न्यायालय कुशीनगर ने अपने हाथों से दिव्यांग जनों को कृत्रिम अंग भेंट किए। बाइट (मुख्य अतिथि): मुख्य अतिथि ने कहा— "मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और जरूरतमंदों की मदद करना ही सच्ची इंसानियत है।" वीओ: कार्यक्रम के दौरान कई दिव्यांग जनों के चेहरे पर मुस्कान लौटती नजर आई। जिनके लिए चलना-फिरना मुश्किल था, उन्हें अब नई उम्मीद और नया सहारा मिला है।1
- कुशीनगर ग्राम सभा चीरगोड़ा का विकास गांव के लोगों ने नाली को किया साफ सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल लोगो ने लगाया प्रधान पर आरोप लोगो का कहना है कि यही यही है ग्राम सभा चिरगोडा़ का विकास1
- मिर्जापुर (यूपी) से रोंगटे खड़े कर देने वाला यह वीडियो साबित करता है कि मौत का कोई वक्त नहीं होता। सड़क पर आपकी कोई गलती न हो, तब भी किसी और की लापरवाही जानलेवा बन सकती है। 😱 वीडियो में साफ दिख रहा है कि बाइक सवार अपनी लेन में बिल्कुल सही चल रहा था, लेकिन पीछे से काल बनकर आए एक अनियंत्रित ट्रक ने उसे बेरहमी से रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। ईश्वर मृतकों की आत्मा को शांति दे।🙏1