मोहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार को धौलपुर शहर में परंपरागत रूप से सातवीं का जुलूस पूरी श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाला गया। यह जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान जुलूस के मार्गों पर जगह-जगह लंगर और तबर्रुक का वितरण भी किया गया। जुलूस दशहरा रोड से शुरू होकर तलैया, हैदरशाह का बाड़ा, लाल बाजार, कचहरी गली, जगन चौराहा, हरदेव नगर, फद्दी का चौराहा, कसाई पाड़ा, पटपरा, कोटला, बड़ा पीर और ईटाय पाड़ा होते हुए वापस दशहरा रोड पर आकर समाप्त हुआ। इस दौरान जुलूस में अलम के साथ चल रहे अखाड़ों के युवाओं ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान खींचा। बैंड की धार्मिक धुनों के बीच निकले इस जुलूस में मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने अलम पर अपनी मन्नतें मांगीं, वहीं जिनकी मुरादें पूरी हुईं, उन्होंने अलम पर नींबू, सेहरा और अन्य नजराने चढ़ाकर अपनी आस्था प्रकट की। मोहर्रम की सातवीं के इस जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा, जिसके चलते जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मुस्लिम समाज के लोगों ने जानकारी दी कि मोहर्रम की नौवीं तारीख को ताजिए और अलम रखे जाएंगे, जबकि दसवीं मोहर्रम, जिसे यौमे आशूरा भी कहते हैं, पर ताजियों का जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
मोहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार को धौलपुर शहर में परंपरागत रूप से सातवीं का जुलूस पूरी श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाला गया। यह जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान जुलूस के मार्गों पर जगह-जगह लंगर और तबर्रुक का वितरण भी किया गया। जुलूस दशहरा रोड से शुरू होकर तलैया, हैदरशाह
का बाड़ा, लाल बाजार, कचहरी गली, जगन चौराहा, हरदेव नगर, फद्दी का चौराहा, कसाई पाड़ा, पटपरा, कोटला, बड़ा पीर और ईटाय पाड़ा होते हुए वापस दशहरा रोड पर आकर समाप्त हुआ। इस दौरान जुलूस में अलम के साथ चल रहे अखाड़ों के युवाओं ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान खींचा। बैंड की धार्मिक धुनों के
बीच निकले इस जुलूस में मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने अलम पर अपनी मन्नतें मांगीं, वहीं जिनकी मुरादें पूरी हुईं, उन्होंने अलम पर नींबू, सेहरा और अन्य नजराने चढ़ाकर अपनी आस्था प्रकट की। मोहर्रम की सातवीं के इस जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा, जिसके चलते जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मुस्लिम समाज के लोगों ने जानकारी दी कि मोहर्रम की नौवीं तारीख को ताजिए और अलम रखे जाएंगे, जबकि दसवीं मोहर्रम, जिसे यौमे आशूरा भी कहते हैं, पर ताजियों का जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
- धौलपुर में बसेड़ी से अपने गांव नादनपुर लौट रहे दो युवकों पर कथित रूप से जानलेवा हमला कर ₹7.30 लाख लूट लेने का मामला सामने आया है। इस घटना में नादनपुर निवासी धर्मेंद्र शर्मा उर्फ रामू (30) और श्यामू शर्मा (33), जो कृष्ण शर्मा के पुत्र हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज धौलपुर में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब दोनों युवक बसेड़ी से अपने गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में बबलू, ताजुद्दीन, फकीरा सहित 8-10 अन्य लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने कथित तौर पर पहले लाठी-डंडों से हमला किया और फिर गोली मारकर दोनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद उनके पास मौजूद लगभग ₹7 लाख 30 हजार छीन लिए गए। आरोप यह भी है कि हमलावर जाते समय दोनों को जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज धौलपुर पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे मामले के सभी पहलुओं से जांच कर रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- धौलपुर में जिला फुटबॉल संघ द्वारा इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित समर फुटबॉल लीग अपने रोमांचक अंतिम चरण में पहुँच गई है। इस प्रतियोगिता के दौरान, जिला साइकलिंग संघ के सचिव विमल शर्मा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करते हुए खेलों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं, जो न केवल शरीर को ऊर्जा और स्फूर्ति देते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच का भी विकास करते हैं। उन्होंने प्रत्येक खिलाड़ी को अपने पसंदीदा खेल को पूरे मनोयोग, समर्पण और खेल भावना के साथ खेलने का आग्रह किया। जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष गुरमीत मान ने बताया कि समर फुटबॉल लीग को लेकर जिले के युवा खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सभी मुकाबले कड़े संघर्ष और खेल भावना के साथ खेले जा रहे हैं। मान ने इस प्रतियोगिता की एक बड़ी विशेषता पर प्रकाश डाला, जिसमें जूनियर खिलाड़ियों के साथ पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी भी मैदान में उतरकर उनका उत्साहवर्धन कर रहे हैं, जो जिले में फुटबॉल के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे आयोजन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करते हैं, जिससे युवा खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा निखारने और राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का अवसर मिलता है। इस लीग के माध्यम से जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का भी प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में जिला फुटबॉल संघ के सचिव संदीप राणा, कोच असलम खान, धीरज शर्मा और अंगद तोमर ने अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत और सम्मान किया। कोच असलम खान ने घोषणा की कि प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 25 जून को शाम 5:00 बजे इंदिरा गांधी स्टेडियम में खेला जाएगा। इस फाइनल मुकाबले में प्लाटून कमांडर सुजाता और चंद्रमल फाउंडेशन के संस्थापक राजवीर सिंह गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। जिला फुटबॉल संघ ने सभी खेल प्रेमियों और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।4
- धौलपुर में दशहरा पर्व के अवसर पर तीर्थराज मचकुंड में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्तों ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान, श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य करके धार्मिक लाभ भी अर्जित किया। पूरे दिन मचकुंड परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा, जहाँ श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन कर दशहरा पर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के समुचित इंतजाम भी किए गए थे। मचकुंड के महंत कृष्ण दास ने बताया कि दशहरा पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु तीर्थराज मचकुंड पहुँचे और आस्था की डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, और इस विशेष दिन पर तीर्थ स्नान व दान का अत्यधिक महत्व माना जाता है। पूरा मचकुंड क्षेत्र श्रद्धा एवं भक्ति के रंगों में रंगा हुआ नज़र आया।4
- राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने धौलपुर नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त एवं अधिशाषी अभियंता गुमान सिंह सैनी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कथित रिश्वतखोरी के एक मामले में की गई है, जिसके आदेश विभाग द्वारा जारी किए गए हैं।1
- लद्दाख पर मिट्टी डालकर एक नाले को बंद कर दिया गया है।1
- कोलारी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुरेंधा में, जाटव बस्ती के बगल की एक सड़क लंबे समय से खराब स्थिति में पड़ी है। इस जर्जर सड़क के कारण स्थानीय निवासियों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए, सभी मंत्रियों, सरपंच, और विधायक सर से हाथ जोड़कर निवेदन किया गया है कि इस सड़क का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए।1
- भरतपुर संभाग के सबसे बड़े आरबीएम अस्पताल का ब्लड बैंक गंभीर रक्त संकट से जूझ रहा है। अस्पताल को रोजाना 35 से 38 यूनिट ब्लड की आवश्यकता होती है, लेकिन लगातार बढ़ती मांग और रक्तदान शिविरों की कमी के कारण स्टॉक लगभग खत्म हो गया है। पिछले डेढ़ महीने से ब्लड की कमी चल रही है, और फिलहाल बैंक में केवल 60 से 70 यूनिट का औसत स्टॉक बचा है। इस संकट में 'ए पॉजिटिव' ब्लड की किल्लत सबसे ज्यादा है, जिसकी मांग जनाना अस्पताल में डिलीवरी के मामले बढ़ने से अचानक बढ़ गई है। ब्लड बैंक प्रशासन के अनुसार, सर्दियों के महीनों में नियमित शिविरों से पर्याप्त रक्त उपलब्ध होता है, जिसे अन्य ब्लड बैंकों को भी भेजा जा सकता है, लेकिन गर्मियों में दाता और शिविर आयोजक कम होते हैं। खून की कमी के कारण मरीजों के परिजन दिनभर ब्लड के लिए भटक रहे हैं। एक और बड़ी समस्या यह है कि कुछ रक्त उपलब्ध होने पर भी, रीजेंट की कमी के कारण उसे शुद्ध नहीं किया जा पा रहा है। ब्लड बैंक प्रशासन और पीएमओ डॉ. नगेंद्र भदौरिया ने सामाजिक संस्थाओं और आम जनता से आगे आकर रक्तदान करने की मार्मिक अपील की है, ताकि इस कमी को दूर किया जा सके। पीएमओ ने बताया कि रीजेंट की मांग भेज दी गई है और उनके जल्द आने से यह विशेष समस्या समाप्त हो जाएगी, जिससे ब्लड की आवश्यकता पूरी की जा सकेगी।3
- मोहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार को धौलपुर शहर में परंपरागत रूप से सातवीं का जुलूस पूरी श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाला गया। यह जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान जुलूस के मार्गों पर जगह-जगह लंगर और तबर्रुक का वितरण भी किया गया। जुलूस दशहरा रोड से शुरू होकर तलैया, हैदरशाह का बाड़ा, लाल बाजार, कचहरी गली, जगन चौराहा, हरदेव नगर, फद्दी का चौराहा, कसाई पाड़ा, पटपरा, कोटला, बड़ा पीर और ईटाय पाड़ा होते हुए वापस दशहरा रोड पर आकर समाप्त हुआ। इस दौरान जुलूस में अलम के साथ चल रहे अखाड़ों के युवाओं ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान खींचा। बैंड की धार्मिक धुनों के बीच निकले इस जुलूस में मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने अलम पर अपनी मन्नतें मांगीं, वहीं जिनकी मुरादें पूरी हुईं, उन्होंने अलम पर नींबू, सेहरा और अन्य नजराने चढ़ाकर अपनी आस्था प्रकट की। मोहर्रम की सातवीं के इस जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा, जिसके चलते जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मुस्लिम समाज के लोगों ने जानकारी दी कि मोहर्रम की नौवीं तारीख को ताजिए और अलम रखे जाएंगे, जबकि दसवीं मोहर्रम, जिसे यौमे आशूरा भी कहते हैं, पर ताजियों का जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।4