बारडोली तालुका के कडोद गांव में एक सरकारी सड़क निर्माण कार्य को अधूरा छोड़कर ठेकेदार के गायब हो जाने से स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। मानसून नजदीक होने के बावजूद काम 18 दिनों से ठप पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि ग्राम पंचायत और ठेकेदार की मनमानी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, और ठेकेदार अपनी टीम सहित काम पूरा करने में पूरी तरह विफल रहा है। जानकारी के अनुसार, कडोद गांव के देसाई फलिया में क्रिकेट ग्राउंड के पास आंगनवाड़ी क्षेत्र में कई वर्षों से सड़क नहीं बनी थी। कई बार शिकायतें करने के बाद 12 साल बाद ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर सड़क बनाने का काम शुरू कराया। आरोप है कि यह काम एक “मनपसंद ठेकेदार” को सौंपा गया था। ठेकेदार ने सड़क के लिए सिर्फ लेवलिंग का काम किया और गिट्टियां डालकर अपने मजदूरों सहित गायब हो गया। पिछले 18 दिनों से काम रुका हुआ है, और गिट्टी व गड्ढों के कारण वाहनों से निकलना मुश्किल हो गया है। वृद्धों और बच्चों को आंगनवाड़ी तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है, और ग्रामीणों को डर है कि बारिश होने पर पूरा इलाका कीचड़ में बदल जाएगा। स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि इस क्षेत्र के लोगों के साथ ग्राम पंचायत के सत्ताधारी राजनीतिक रंजिश रखते हैं। उनका कहना है कि सत्ता में बैठे लोग कहते हैं कि उन्हें इस क्षेत्र के वोटों की कोई जरूरत नहीं है। इस क्षेत्र को सालों से विकास कार्यों, जैसे साफ-सफाई और सड़कों, से वंचित रखा गया है, और ग्राम पंचायत में केवल “मनपसंद लोगों” के काम होते हैं। यहाँ तक कि जिस आंगनवाड़ी में बच्चों का भविष्य बनता है, उसके आसपास हमेशा गंदगी का साम्राज्य रहता है, और 12 साल बाद स्वीकृत हुई सड़क भी अधूरी पड़ी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि बारिश से पहले काम पूरा करने की शर्त के बावजूद ठेकेदार को क्यों बचाया जा रहा है? 18 दिनों से काम बंद होने के बावजूद ग्राम पंचायत ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की? “मनपसंद ठेकेदार” को काम सौंपने के पीछे की सच्चाई क्या है? क्या प्रशासन बारिश में लोगों को कीचड़ में फँसने का इंतजार कर रहा है? ग्रामीणों ने मांग की है कि ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए और युद्ध स्तर पर सड़क का काम पूरा कराया जाए।
बारडोली तालुका के कडोद गांव में एक सरकारी सड़क निर्माण कार्य को अधूरा छोड़कर ठेकेदार के गायब हो जाने से स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। मानसून नजदीक होने के बावजूद काम 18 दिनों से ठप पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि ग्राम पंचायत और ठेकेदार की मनमानी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, और ठेकेदार अपनी टीम सहित काम पूरा करने में पूरी तरह विफल रहा है। जानकारी के अनुसार, कडोद गांव के देसाई फलिया में क्रिकेट ग्राउंड के पास आंगनवाड़ी क्षेत्र में कई वर्षों से सड़क
नहीं बनी थी। कई बार शिकायतें करने के बाद 12 साल बाद ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर सड़क बनाने का काम शुरू कराया। आरोप है कि यह काम एक “मनपसंद ठेकेदार” को सौंपा गया था। ठेकेदार ने सड़क के लिए सिर्फ लेवलिंग का काम किया और गिट्टियां डालकर अपने मजदूरों सहित गायब हो गया। पिछले 18 दिनों से काम रुका हुआ है, और गिट्टी व गड्ढों के कारण वाहनों से निकलना मुश्किल हो गया है। वृद्धों और बच्चों को आंगनवाड़ी तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है, और ग्रामीणों को डर है कि बारिश होने पर पूरा
इलाका कीचड़ में बदल जाएगा। स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि इस क्षेत्र के लोगों के साथ ग्राम पंचायत के सत्ताधारी राजनीतिक रंजिश रखते हैं। उनका कहना है कि सत्ता में बैठे लोग कहते हैं कि उन्हें इस क्षेत्र के वोटों की कोई जरूरत नहीं है। इस क्षेत्र को सालों से विकास कार्यों, जैसे साफ-सफाई और सड़कों, से वंचित रखा गया है, और ग्राम पंचायत में केवल “मनपसंद लोगों” के काम होते हैं। यहाँ तक कि जिस आंगनवाड़ी में बच्चों का भविष्य बनता है, उसके आसपास हमेशा गंदगी का साम्राज्य रहता है, और 12 साल बाद स्वीकृत हुई सड़क
भी अधूरी पड़ी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि बारिश से पहले काम पूरा करने की शर्त के बावजूद ठेकेदार को क्यों बचाया जा रहा है? 18 दिनों से काम बंद होने के बावजूद ग्राम पंचायत ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की? “मनपसंद ठेकेदार” को काम सौंपने के पीछे की सच्चाई क्या है? क्या प्रशासन बारिश में लोगों को कीचड़ में फँसने का इंतजार कर रहा है? ग्रामीणों ने मांग की है कि ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए और युद्ध स्तर पर सड़क का काम पूरा कराया जाए।
- Post by Raju Yadav1
- प्रयागराज के मेजा स्थित कुकुर कटवा गांव में हुए तीन हत्याओं के मामले में तनाव बढ़ गया है, जहाँ मंगलवार रात पोस्टमार्टम के बाद घर पहुँचे तीनों शवों का बुधवार शाम 4 बजे तक अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। मृतकों के परिजन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डटे हुए हैं और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे हैं। परिजनों की प्रमुख मांगों में आरोपी का "हाफ नहीं, फुल एनकाउंटर" किए जाने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, वे परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, सरकारी आवास, एक विक्षिप्त महिला के लिए राशन कार्ड और घर तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। परिजनों ने आरोपी के घर पर ही शव दफनाने की बात भी कही है, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और पुलिस व प्रशासन के अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।3
- कौंधियारा क्षेत्र सेहरा1
- प्रयागराज के मेजा में हुए ट्रिपल मर्डर केस के पीड़ित परिवारों ने मांग की है कि आरोपी का एनकाउंटर किया जाए और उसके घर पर बुलडोजर चलाया जाए। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी ये मांगें पूरी नहीं होतीं और परिवार को आर्थिक सहायता नहीं मिलती, तब तक वे शवों का दाह संस्कार नहीं करेंगे।1
- भदोही जनपद और जंगीगंज क्षेत्र में इस समय भीषण गर्मी और तेज धूप से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, और नागरिक गर्म हवाओं व चिलचिलाती धूप से अत्यधिक परेशान हैं। मौसम विभाग के अनुसार, भदोही में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुँचने का अनुमान है, जिससे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के इस प्रकोप के कारण बाजारों में भीड़ कम हो गई है। सबसे अधिक प्रभावित होने वालों में किसान, मजदूर और राहगीर शामिल हैं। लोग केवल अति आवश्यक कार्य होने पर ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। चिकित्सकों ने जनता को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय धूप से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ और सावधानी बरतें। मौसम विभाग ने भले ही उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मौसम परिवर्तन और तेज हवाओं की संभावना जताई है, लेकिन पूर्वांचल क्षेत्र में फिलहाल गर्मी का असर अभी भी बरकरार है।1
- भदोही जिले के नथईपुर गांव में स्वर्गीय पंडित श्री केशव राम पांडे का वार्षिक श्राद्ध, जिसे बरसी भी कहते हैं, बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। जंगलपुर के पूर्व प्रधानाचार्य रहे श्री केशव राम पांडे का देहावसान दिनांक 28 से 2025 को हुआ था। आज, दिनांक 17 जून 2026 को आयोजित इस बरसी कार्यक्रम में जिले की कई बड़ी हस्तियां सम्मिलित हुईं। इन प्रमुख व्यक्तियों ने स्वर्गीय पंडित केशव राम पांडे को नमन किया और ब्राह्मण भोज का आनंद लिया।4
- प्रयागराज के हंडिया स्थित ऐतिहासिक लाक्षागृह गंगा घाट पर करोड़ों के विकास के दावों की पोल खुल गई है, जिससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 15वें वित्त आयोग (वर्ष 2024-25) के तहत पुराने अंत्येष्टि स्थल के नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण बड़े जोर-शोर से किया गया था, जिसका बोर्ड जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी. के. सिंह के नाम से लगा है। ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, करोड़ों की लागत से बने टॉयलेट और बाथरूम सुविधाओं पर दबंगई से ताला लटका दिया गया है। भीषण गर्मी के बावजूद, अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों के लिए ठंडे पानी और छायादार पेड़ या शेड की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें चिलचिलाती धूप में बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। लाक्षागृह गंगा तट पर सिर्फ स्थानीय ही नहीं, बल्कि दुर्गापुर सहित कई दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग अंतिम संस्कार के लिए आते हैं, और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान केवल अपने नाम का बोर्ड लगाने और कागजों पर वाहवाही लूटने में व्यस्त हैं। सुविधाओं पर ताला बंद होने और देखरेख न होने से इस पवित्र परिसर में शराब और गांजे जैसे अवैध नशों का सेवन धड़ल्ले से हो रहा है, जिससे लाक्षागृह गंगाजल स्थान की पवित्रता और सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। स्थानीय जनता का कहना है कि उनके टैक्स के पैसे से हुए निर्माण पर ताला मारकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। 'भारत नेशन/आवाज़ 24 न्यूज़' ने प्रशासन और ग्राम प्रधान से तुरंत सभी सुविधाएं चालू करने की मांग की है।4