उमरिया जिले के चंदिया नगर पंचायत का एक मामला सामने आया है की रामकृष्ण बर्मन सन ऑफ स्वर्गीय श्री बाबूलाल बर्मन के नाम पर मत्स्य पालन हेतु मत्स्य विभाग के द्वारा 10 वर्षों के लिए लीज पर पट्टा दिया गया है पड़वा तालाब में जिसकी देखभाल रामकृष्ण बर्मन एवं पुरुषोत्तम वर्मा बर्मन के द्वारा किया जाता है देवी deenkol उम्र 40 वर्ष के द्वारा आए दिन किसी भी समय बलपूर्वक जबरदस्ती मछली मारने का कार्य किया जाता है रोकने पर गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी दी जाती है साथ में देवी deenkol के हाथ में तलवार एवं उसके बेटे अंकुश वह अंश के हाथ में टांगिया और फरसा रहता है जिससे हम भयभीत होकर चंदिया थाना में रिपोर्ट कर अपनी सुरक्षा एवं न्याय की मांग की है उमरिया जिले के चंदिया नगर पंचायत का एक मामला सामने आया है की रामकृष्ण बर्मन सन ऑफ स्वर्गीय श्री बाबूलाल बर्मन के नाम पर मत्स्य पालन हेतु मत्स्य विभाग के द्वारा 10 वर्षों के लिए लीज पर पट्टा दिया गया है पड़वा तालाब में जिसकी देखभाल रामकृष्ण बर्मन एवं पुरुषोत्तम वर्मा बर्मन के द्वारा किया जाता है देवी deenkol उम्र 40 वर्ष के द्वारा आए दिन किसी भी समय बलपूर्वक जबरदस्ती मछली मारने का कार्य किया जाता है रोकने पर गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी दी जाती है साथ में देवी deenkol के हाथ में तलवार एवं उसके बेटे अंकुश वह अंश के हाथ में टांगिया और फरसा रहता है जिससे हम भयभीत होकर चंदिया थाना में रिपोर्ट कर अपनी सुरक्षा एवं न्याय की मांग की है
उमरिया जिले के चंदिया नगर पंचायत का एक मामला सामने आया है की रामकृष्ण बर्मन सन ऑफ स्वर्गीय श्री बाबूलाल बर्मन के नाम पर मत्स्य पालन हेतु मत्स्य विभाग के द्वारा 10 वर्षों के लिए लीज पर पट्टा दिया गया है पड़वा तालाब में जिसकी देखभाल रामकृष्ण बर्मन एवं पुरुषोत्तम वर्मा बर्मन के द्वारा किया जाता है देवी deenkol उम्र 40 वर्ष के द्वारा आए दिन किसी भी समय बलपूर्वक जबरदस्ती मछली मारने का कार्य किया जाता है रोकने पर गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी दी जाती है साथ में देवी deenkol के हाथ में तलवार एवं उसके बेटे अंकुश वह अंश के हाथ में टांगिया और फरसा रहता है जिससे हम भयभीत होकर चंदिया थाना में रिपोर्ट कर अपनी सुरक्षा एवं न्याय की मांग की है उमरिया
जिले के चंदिया नगर पंचायत का एक मामला सामने आया है की रामकृष्ण बर्मन सन ऑफ स्वर्गीय श्री बाबूलाल बर्मन के नाम पर मत्स्य पालन हेतु मत्स्य विभाग के द्वारा 10 वर्षों के लिए लीज पर पट्टा दिया गया है पड़वा तालाब में जिसकी देखभाल रामकृष्ण बर्मन एवं पुरुषोत्तम वर्मा बर्मन के द्वारा किया जाता है देवी deenkol उम्र 40 वर्ष के द्वारा आए दिन किसी भी समय बलपूर्वक जबरदस्ती मछली मारने का कार्य किया जाता है रोकने पर गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी दी जाती है साथ में देवी deenkol के हाथ में तलवार एवं उसके बेटे अंकुश वह अंश के हाथ में टांगिया और फरसा रहता है जिससे हम भयभीत होकर चंदिया थाना में रिपोर्ट कर अपनी सुरक्षा एवं न्याय की मांग की है
- उमरिया जिले के चंदिया नगर पंचायत का एक मामला सामने आया है की रामकृष्ण बर्मन सन ऑफ स्वर्गीय श्री बाबूलाल बर्मन के नाम पर मत्स्य पालन हेतु मत्स्य विभाग के द्वारा 10 वर्षों के लिए लीज पर पट्टा दिया गया है पड़वा तालाब में जिसकी देखभाल रामकृष्ण बर्मन एवं पुरुषोत्तम वर्मा बर्मन के द्वारा किया जाता है देवी deenkol उम्र 40 वर्ष के द्वारा आए दिन किसी भी समय बलपूर्वक जबरदस्ती मछली मारने का कार्य किया जाता है रोकने पर गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी दी जाती है साथ में देवी deenkol के हाथ में तलवार एवं उसके बेटे अंकुश वह अंश के हाथ में टांगिया और फरसा रहता है जिससे हम भयभीत होकर चंदिया थाना में रिपोर्ट कर अपनी सुरक्षा एवं न्याय की मांग की है उमरिया जिले के चंदिया नगर पंचायत का एक मामला सामने आया है की रामकृष्ण बर्मन सन ऑफ स्वर्गीय श्री बाबूलाल बर्मन के नाम पर मत्स्य पालन हेतु मत्स्य विभाग के द्वारा 10 वर्षों के लिए लीज पर पट्टा दिया गया है पड़वा तालाब में जिसकी देखभाल रामकृष्ण बर्मन एवं पुरुषोत्तम वर्मा बर्मन के द्वारा किया जाता है देवी deenkol उम्र 40 वर्ष के द्वारा आए दिन किसी भी समय बलपूर्वक जबरदस्ती मछली मारने का कार्य किया जाता है रोकने पर गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी दी जाती है साथ में देवी deenkol के हाथ में तलवार एवं उसके बेटे अंकुश वह अंश के हाथ में टांगिया और फरसा रहता है जिससे हम भयभीत होकर चंदिया थाना में रिपोर्ट कर अपनी सुरक्षा एवं न्याय की मांग की है2
- कटनी ब्लड डोनर सोसायटी ने झुकिया कांप गांव में मनाई "दिवाली दिल से", बच्चों के चेहरों पर बिखरी मुस्कान कटनी ब्लड डोनर सोसायटी ने झुकिया कांप गांव में मनाई "दिवाली दिल से", बच्चों के चेहरों पर बिखरी मुस्कान कटनी। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कटनी ब्लड डोनर एण्ड वेलफेयर सोसाइटी (रजि.) द्वारा संचालित सेवा अभियान "दिवाली दिल से – आओ मिलकर खुशियाँ बाँटें" का आज सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत संस्था के सदस्यों एवं शहर के अनेक दानदाताओं के सहयोग से जुहला क्षेत्र के ग्राम झुकिया कांप में जरूरतमंद बच्चों एवं परिवारों के बीच दीपावली की खुशियाँ बाँटी गईं। संस्था के सदस्य निर्धारित समय पर ग्राम झुकिया कांप पहुँचे, जहाँ बच्चों, महिलाओं एवं ग्रामीणों के साथ आत्मीयता से दीपावली पर्व मनाया गया। इस अवसर पर शहरवासियों द्वारा प्रेमपूर्वक उपलब्ध कराई गई नये एवं अच्छी स्थिति के कपड़े, खिलौने, मिठाई, बिस्किट, नमकीन, पटाखे तथा बच्चों से संबंधित अन्य उपयोगी सामग्री का वितरण किया गया। उपहार प्राप्त करते समय बच्चों के चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी, उत्साह और मासूम मुस्कान ने सभी उपस्थित लोगों का हृदय भावुक कर दिया। कार्यक्रम के दौरान लगभग 300 से 400 बच्चों एवं महिलाओं को दीपावली की आवश्यक सामग्री वितरित की गई। ग्रामीणों ने संस्था के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में अपनत्व, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक यह संदेश पहुँचाना है कि वे अकेले नहीं हैं। दीपावली का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है, जब हमारी खुशियों में जरूरतमंदों की मुस्कान भी शामिल हो। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता शहर के उदार दानदाताओं, समाजसेवियों एवं संस्था के समर्पित सदस्यों के सहयोग का परिणाम है। आगामी वर्षों में भी संस्था इसी प्रकार विभिन्न सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज सेवा का कार्य निरंतर करती रहेगी। अंत में संस्था ने इस पुनीत अभियान में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं, समाजसेवियों, स्वयंसेवकों एवं सदस्यों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग को इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति बताया।3
- *शराब के नशे में ट्रक चलाते पकड़ा गया चालक, बड़वारा पुलिस ने ट्रक किया जब्त* *ब्रीथ एनालाइजर जांच में शराब सेवन की हुई पुष्टि, मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत की गई वैधानिक कार्रवाई* कटनी। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कटनी पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा (भा.पु.से.) के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के तहत दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को थाना बड़वारा पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान शराब के नशे में ट्रक चलाते हुए एक चालक को पकड़ा। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने ट्रक क्रमांक RJ 11 GD 5189 को रोककर चालक की जांच की। ब्रीथ एनालाइजर मशीन से परीक्षण करने पर चालक द्वारा शराब का सेवन किए जाने की पुष्टि हुई। चालक की पहचान राजेश कुमार पिता ठाकुर सुखवीर सिंह, उम्र 35 वर्ष, निवासी रामपुर, थाना अखरवाल, जिला अलीगढ़, राजस्थान के रूप में हुई। शराब के नशे में वाहन चलाना सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा है। इसे देखते हुए पुलिस द्वारा ट्रक को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा कराया गया तथा चालक के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। प्रकरण के निराकरण हेतु इस्तगासा माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। *कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका* - उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सुयश पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक सतेन्द्र सिंह, आरक्षक गौरीशंकर राजपूत एवं आरक्षक शिवप्रकाश तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- कटनी नगर//- अवैध रेत उत्खनन पर सिलौड़ी चौकी पुलिस की कार्रवाई, सोनालिका ट्रैक्टर पकड़ा गया ट्रैक्टर के मालिकाना हक और लंबे समय से कथित अवैध रेत कारोबार की निष्पक्ष जांच की उठी मांग ढीमरखेड़ा। क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिलौड़ी चौकी प्रभारी अनिल पाण्डेय ने एक सोनालिका ट्रैक्टर पर कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि उक्त ट्रैक्टर पप्पू पाण्डेय का है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कथित अवैध रेत कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि संबंधित ट्रैक्टर का उपयोग लंबे समय से रेत के अवैध कारोबार में किया जा रहा था। वहीं यह भी आरोप सामने आ रहे हैं कि राजनीतिक रसूख और नेतागिरी की आड़ में कथित रूप से अवैध रेत का कारोबार संचालित किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हलचल सिलौड़ी चौकी पुलिस की कार्रवाई के बाद अब क्षेत्र में यह सवाल उठने लगा है कि क्या अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में शामिल अन्य वाहनों पर भी इसी तरह कार्रवाई होगी? क्या पुलिस और खनिज विभाग लंबे समय से मिल रही शिकायतों की भी गंभीरता से जांच करेंगे? स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित ट्रैक्टर के मालिकाना हक, वाहन के दस्तावेजों, रेत के स्रोत और परिवहन संबंधी अनुमति की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि कहीं उक्त वाहन का उपयोग लंबे समय से अवैध रेत परिवहन में तो नहीं किया जा रहा था। राजनीतिक रसूख की भी हो निष्पक्ष जांच क्षेत्र में लगाए जा रहे राजनीतिक संरक्षण के आरोपों को भी जांच के दायरे में लेने की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। यदि जांच में अवैध उत्खनन या परिवहन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। अब आगे क्या करेगा प्रशासन? फिलहाल सिलौड़ी चौकी पुलिस की कार्रवाई और संबंधित आरोपों को लेकर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में निष्पक्ष जांच और संबंधित विभागों की कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जनहित में सवाल: क्या पुलिस और खनिज विभाग इस कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्र में कथित अवैध रेत कारोबार से जुड़े अन्य वाहनों और उनके संचालकों की भी जांच करेंगे? रिपोर्ट राकेश निषाद AIMA MEDIA-24×7 जन जन की आवाज़ 7509747686 अवैध रेत उत्खनन पर सिलौड़ी चौकी पुलिस की कार्रवाई, सोनालिका ट्रैक्टर पकड़ा गया ट्रैक्टर के मालिकाना हक और लंबे समय से कथित अवैध रेत कारोबार की निष्पक्ष जांच की उठी मांग ढीमरखेड़ा। क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिलौड़ी चौकी प्रभारी अनिल पाण्डेय ने एक सोनालिका ट्रैक्टर पर कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि उक्त ट्रैक्टर पप्पू पाण्डेय का है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कथित अवैध रेत कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि संबंधित ट्रैक्टर का उपयोग लंबे समय से रेत के अवैध कारोबार में किया जा रहा था। वहीं यह भी आरोप सामने आ रहे हैं कि राजनीतिक रसूख और नेतागिरी की आड़ में कथित रूप से अवैध रेत का कारोबार संचालित किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हलचल सिलौड़ी चौकी पुलिस की कार्रवाई के बाद अब क्षेत्र में यह सवाल उठने लगा है कि क्या अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में शामिल अन्य वाहनों पर भी इसी तरह कार्रवाई होगी? क्या पुलिस और खनिज विभाग लंबे समय से मिल रही शिकायतों की भी गंभीरता से जांच करेंगे? स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित ट्रैक्टर के मालिकाना हक, वाहन के दस्तावेजों, रेत के स्रोत और परिवहन संबंधी अनुमति की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि कहीं उक्त वाहन का उपयोग लंबे समय से अवैध रेत परिवहन में तो नहीं किया जा रहा था। राजनीतिक रसूख की भी हो निष्पक्ष जांच क्षेत्र में लगाए जा रहे राजनीतिक संरक्षण के आरोपों को भी जांच के दायरे में लेने की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। यदि जांच में अवैध उत्खनन या परिवहन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। अब आगे क्या करेगा प्रशासन? फिलहाल सिलौड़ी चौकी पुलिस की कार्रवाई और संबंधित आरोपों को लेकर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में निष्पक्ष जांच और संबंधित विभागों की कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जनहित में सवाल: क्या पुलिस और खनिज विभाग इस कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्र में कथित अवैध रेत कारोबार से जुड़े अन्य वाहनों और उनके संचालकों की भी जांच करेंगे? रिपोर्ट राकेश निषाद AIMA MEDIA-24×7 जन जन की आवाज़ 75097476863
- बड़वारा विधानसभा शून्य करवाए जाने कांग्रेस नेता राघवेंद्र सिंह ने चुनाव आयोग को की शिकायत1
- खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला चित्रकूट सतना सिविल लाइन के पतेरी में पानी भरने को लेकर विवाद में युवक ने ऑटो में की तोड़फोड़ महिला से की मारपीट वीडियो आया सामने1
- *सतना* सिविल लाइन के पतेरी में पानी भरने को लेकर विवाद में युवक ने ऑटो में की तोड़फोड़ महिला से की मारपीट वीडियो आया सामने1
- शहडोल सोशल मीडिया की दोस्ती से शुरू हुआ कथित ब्लैकमेल का खेल? ## 5 लाख की वसूली, सोने की चेन, मोबाइल जब्त... और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल। अगर आपने सोशल मीडिया पर किसी महिला मित्र से दोस्ती की है तो सावधान हो जाइए। कहीं ऐसा न हो कि एक दिन कुछ लोग अचानक आपके घर पहुंच जाएं, आपको पत्नी और बच्चों समेत जबरन उठा लें, थाने ले जाएं और फिर इज्जत, परिवार और जेल का डर दिखाकर लाखों रुपये की मांग शुरू कर दें। अनूपपुर जिले से सामने आई एक शिकायत ने ऐसे ही कई सनसनीखेज सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता [मनोज कुमार निगम ने आरोप लगाया है कि रश्मी निगम, पत्रकार मनोज शुक्ला, अब्दुल कलीम, शेख रशीद, और लालबहादुर जायसवाल सहित कुछ लोगों ने मिलकर कथित रूप से उन्हें गंभीर मामले में फंसाने का भय दिखाया और करीब 5 लाख रुपये, एक मोबाइल फोन तथा सोने की चेन ले ली। ## सबसे बड़ा सवाल: क्या पुलिस द्वारा दिन दहाड़े को परिवार सहित उठाया जा सकता है? शिकायत में दावा किया गया है कि लोगों का एक समूह पुलिस सहित घर पहुंचा और शिकायतकर्ता को उसकी पत्नी एवं बच्चों के साथ थाने ले जाया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि: - क्या किसी व्यक्ति को संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना घर से उठाया जा सकता है? - क्या स्थानीय थाना क्षेत्र को सूचना दिए बगैर ऐसी कार्रवाई संभव है? - क्या पत्नी और बच्चों को भी साथ ले जाना कानून सम्मत है? - यदि कोई मामला था तो उसकी लिखित रिपोर्ट और वैधानिक दस्तावेज कहां हैं? यही सवाल अब पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला रहे हैं। ## थाना या सौदेबाजी का अड्डा? शिकायतकर्ता का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद कानूनी कार्रवाई के बजाय पैसों को लेकर बातचीत शुरू हुई। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो दूसरा बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि: **क्या किसी पुलिस थाने में रकम की डील, समझौता या मध्यस्थता कराई जा सकती है?** कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस का काम अपराध की जांच करना है, धन उगाही या निजी समझौते करवाना नहीं। ## 30 लाख की धमकी, 5 लाख की वसूली? शिकायत के अनुसार पहले भारी रकम की मांग की गई। बाद में भय और दबाव के चलते कथित रूप से विभिन्न खातों में करीब 5 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। शिकायत में कई यूपीआई और बैंक ट्रांजैक्शन का भी उल्लेख किया गया है। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता का दावा है कि: - मोबाइल फोन भी ले लिया गया। - लगभग 9.5 ग्राम सोने की चेन भी चली गई। - बाद में समझौते का आवेदन भी लिखवा लिया गया। ## 50 हजार रुपये और किस अधिकार से? मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कथित वसूली के बाद भी पुलिस द्वारा अतिरिक्त 5 लाख रुपये की मांग की गई। यहां सवाल उठता है कि: **यदि मामला कानूनी था, तो अतिरिक्त रकम किस अधिकार से मांगी गई?** **यदि समझौता हो चुका था, तो नई मांग क्यों उठी?** और यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं तो क्या कुछ लोग कानून के नाम पर वसूली का समानांतर सिस्टम चला रहे थे? ## क्या सक्रिय है "हनी ट्रैप से ब्लैकमेल" का नेटवर्क? मामले में सोशल मीडिया कनेक्शन की चर्चा भी सामने आई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कथित महिला मित्रता को आधार बनाकर पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया। यही वजह है कि अब स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कहीं यह कोई संगठित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क तो नहीं, जहां पहले दोस्ती, फिर आरोप और उसके बाद समझौते के नाम पर आर्थिक दबाव बनाया जाता हो। हालांकि इसकी पुष्टि केवल निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकेगी। ## पुलिस की भूमिका पर उठ रहे हैं बड़े सवाल इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा सवाल पुलिस की कथित भूमिका को लेकर उठ रहे हैं। यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं तो जांच एजेंसियों को यह पता लगाना होगा कि: - थाने में कौन-कौन मौजूद था? - क्या जीडी में एंट्री हुई थी? - क्या कोई लिखित शिकायत दर्ज थी? - किन परिस्थितियों में रकम का लेन-देन हुआ? - समझौता पत्र कैसे बना? - कथित तौर पर शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका क्या थी? ## अब निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा शिकायत करता शिकायतकर्ता ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित रूप से ली गई रकम और सामान की बरामदगी तथा परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है। अब देखना होगा कि यह मामला केवल दो पक्षों का विवाद साबित होता है या फिर जांच में कोई बड़ा ब्लैकमेलिंग नेटवर्क और कथित मिलीभगत का सच सामने आता है। **नोट:** यह रिपोर्ट शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि एवं आधिकारिक जांच अभी होना शेष है। इस मामले से जुड़ी हम सभी खबरों से आपको अपडेट करते रहेंगे आप देखते रहिए शहडोल सोशल मीडिया की दोस्ती से शुरू हुआ कथित ब्लैकमेल का खेल? ## 5 लाख की वसूली, सोने की चेन, मोबाइल जब्त... और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल। अगर आपने सोशल मीडिया पर किसी महिला मित्र से दोस्ती की है तो सावधान हो जाइए। कहीं ऐसा न हो कि एक दिन कुछ लोग अचानक आपके घर पहुंच जाएं, आपको पत्नी और बच्चों समेत जबरन उठा लें, थाने ले जाएं और फिर इज्जत, परिवार और जेल का डर दिखाकर लाखों रुपये की मांग शुरू कर दें। अनूपपुर जिले से सामने आई एक शिकायत ने ऐसे ही कई सनसनीखेज सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता [मनोज कुमार निगम ने आरोप लगाया है कि रश्मी निगम, पत्रकार मनोज शुक्ला, अब्दुल कलीम, शेख रशीद, और लालबहादुर जायसवाल सहित कुछ लोगों ने मिलकर कथित रूप से उन्हें गंभीर मामले में फंसाने का भय दिखाया और करीब 5 लाख रुपये, एक मोबाइल फोन तथा सोने की चेन ले ली। ## सबसे बड़ा सवाल: क्या पुलिस द्वारा दिन दहाड़े को परिवार सहित उठाया जा सकता है? शिकायत में दावा किया गया है कि लोगों का एक समूह पुलिस सहित घर पहुंचा और शिकायतकर्ता को उसकी पत्नी एवं बच्चों के साथ थाने ले जाया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि: - क्या किसी व्यक्ति को संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना घर से उठाया जा सकता है? - क्या स्थानीय थाना क्षेत्र को सूचना दिए बगैर ऐसी कार्रवाई संभव है? - क्या पत्नी और बच्चों को भी साथ ले जाना कानून सम्मत है? - यदि कोई मामला था तो उसकी लिखित रिपोर्ट और वैधानिक दस्तावेज कहां हैं? यही सवाल अब पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला रहे हैं। ## थाना या सौदेबाजी का अड्डा? शिकायतकर्ता का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद कानूनी कार्रवाई के बजाय पैसों को लेकर बातचीत शुरू हुई। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो दूसरा बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि: **क्या किसी पुलिस थाने में रकम की डील, समझौता या मध्यस्थता कराई जा सकती है?** कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस का काम अपराध की जांच करना है, धन उगाही या निजी समझौते करवाना नहीं। ## 30 लाख की धमकी, 5 लाख की वसूली? शिकायत के अनुसार पहले भारी रकम की मांग की गई। बाद में भय और दबाव के चलते कथित रूप से विभिन्न खातों में करीब 5 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। शिकायत में कई यूपीआई और बैंक ट्रांजैक्शन का भी उल्लेख किया गया है। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता का दावा है कि: - मोबाइल फोन भी ले लिया गया। - लगभग 9.5 ग्राम सोने की चेन भी चली गई। - बाद में समझौते का आवेदन भी लिखवा लिया गया। ## 50 हजार रुपये और किस अधिकार से? मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कथित वसूली के बाद भी पुलिस द्वारा अतिरिक्त 5 लाख रुपये की मांग की गई। यहां सवाल उठता है कि: **यदि मामला कानूनी था, तो अतिरिक्त रकम किस अधिकार से मांगी गई?** **यदि समझौता हो चुका था, तो नई मांग क्यों उठी?** और यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं तो क्या कुछ लोग कानून के नाम पर वसूली का समानांतर सिस्टम चला रहे थे? ## क्या सक्रिय है "हनी ट्रैप से ब्लैकमेल" का नेटवर्क? मामले में सोशल मीडिया कनेक्शन की चर्चा भी सामने आई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कथित महिला मित्रता को आधार बनाकर पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया। यही वजह है कि अब स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कहीं यह कोई संगठित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क तो नहीं, जहां पहले दोस्ती, फिर आरोप और उसके बाद समझौते के नाम पर आर्थिक दबाव बनाया जाता हो। हालांकि इसकी पुष्टि केवल निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकेगी। ## पुलिस की भूमिका पर उठ रहे हैं बड़े सवाल इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा सवाल पुलिस की कथित भूमिका को लेकर उठ रहे हैं। यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं तो जांच एजेंसियों को यह पता लगाना होगा कि: - थाने में कौन-कौन मौजूद था? - क्या जीडी में एंट्री हुई थी? - क्या कोई लिखित शिकायत दर्ज थी? - किन परिस्थितियों में रकम का लेन-देन हुआ? - समझौता पत्र कैसे बना? - कथित तौर पर शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका क्या थी? ## अब निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा शिकायत करता शिकायतकर्ता ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित रूप से ली गई रकम और सामान की बरामदगी तथा परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है। अब देखना होगा कि यह मामला केवल दो पक्षों का विवाद साबित होता है या फिर जांच में कोई बड़ा ब्लैकमेलिंग नेटवर्क और कथित मिलीभगत का सच सामने आता है। **नोट:** यह रिपोर्ट शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि एवं आधिकारिक जांच अभी होना शेष है। इस मामले से जुड़ी हम सभी खबरों से आपको अपडेट करते रहेंगे आप देखते रहिए4