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बिहार मे देखिए किस तरह प्रभावित हुआ मजदूर 6 महीने की फसल

1 day ago
user_Pintu Bihari
Pintu Bihari
Farmer Alamnagar, Madhepura•
1 day ago

बिहार मे देखिए किस तरह प्रभावित हुआ मजदूर 6 महीने की फसल

More news from Madhepura and nearby areas
  • आलमनगर बड़ी बगीचा
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    आलमनगर बड़ी बगीचा
    user_Katya Singh
    Katya Singh
    Alamnagar, Madhepura•
    15 hrs ago
  • Post by Bhavesh Kumar
    1
    Post by Bhavesh Kumar
    user_Bhavesh Kumar
    Bhavesh Kumar
    Alamnagar, Madhepura•
    22 hrs ago
  • बिहार दिवस के अवसर पर सोमवार की सुबह आठ बजे खगड़िया जिले के गोगरी अनुमंडल मुख्यालय में मैराथन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन कुमार एवं परबत्ता विधायक बाबू लाल शौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मैराथन दौड़ में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। दौड़ को देखने के लिए दर्शकों की भी भारी भीड़ उमड़ी रही। मैराथन के दौरान कई प्रतिभागी तिरंगा और बिहार दिवस के संदेश वाले बैनर लेकर दौड़ते नजर आए, जिससे कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति और गर्व का माहौल बन गया। दौड़ प्रतियोगिता के समापन के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया गया, जिससे खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में गोगरी एसडीओ संजय कुमार, बीडीओ रघुनंदन सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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    बिहार दिवस के अवसर पर सोमवार की सुबह आठ बजे खगड़िया जिले के गोगरी अनुमंडल मुख्यालय में मैराथन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन कुमार एवं परबत्ता विधायक बाबू लाल शौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस मैराथन दौड़ में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। दौड़ को देखने के लिए दर्शकों की भी भारी भीड़ उमड़ी रही।
मैराथन के दौरान कई प्रतिभागी तिरंगा और बिहार दिवस के संदेश वाले बैनर लेकर दौड़ते नजर आए, जिससे कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति और गर्व का माहौल बन गया।
दौड़ प्रतियोगिता के समापन के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया गया, जिससे खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखा गया।
कार्यक्रम में गोगरी एसडीओ संजय कुमार, बीडीओ रघुनंदन सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
    user_Md Javed
    Md Javed
    बेलदौर, खगड़िया, बिहार•
    51 min ago
  • सोनबरसा ( कशनगर ) क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ आई आंधी, मध्यम बारिश और बिजली की कड़क के बाद शनिवार को हुई झमाझम बारिश, रविवार को आकाश में छाए बादल ने इलाके में ठंडक घोल दी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि इस बदले मौसम का असर खेती-किसानी पर मिला-जुला देखने को मिल रहा है। जहां एक और इस साल की पहली बारिश से मक्का की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। खेतों में नमी बढ़ने से मक्का की वृद्धि में मदद मिलेगी और उत्पादन बेहतर होने की संभावना है। वहीं दूसरी तरफ, कई किसानों ने बताया कि तेज आंधी के कारण मक्के के पौधे झुक गए या जमीन पर गिर गए, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इससे साफ है कि इस बारिश का प्रभाव सभी किसानों के लिए समान नहीं रहा-कुछ को फायदा हुआ तो कुछ को नुकसान भी उठाना पड़ा। गेहूं और सरसों की फसल पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है, क्योंकि ये फसलें इस समय कटाई के दौड़ में हैं। स्थानीय किसानों के अनुसार लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी की कमी हो रही थी, ऐसे में यह बारिश मक्का जैसी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हुई। लेकिन जिन किसानों की गेहूं और सरसों की फसलें कटाई के करीब थी, उन कुछ किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है । मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने एक बार फिर यह दिखा दिया है की खेती पूरी तरह प्राकृतिक पर निर्भर है, जहां एक ही बारिश कुछ लिए वरदान बनती है तो कुछ के लिए नुकसान का कारण भी। कुल मिलाकर, इस बेमौसम बारिश ने किसानों के सामने चुनौती और अवसर दोनों ही प्रस्तुत किए हैं। अब यह आने वाले दिनों के मौसम पर निर्भर करेगा कि फसलों की स्थिति किस दिशा में जाती है।
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    सोनबरसा ( कशनगर ) क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ आई आंधी, मध्यम बारिश और बिजली की कड़क के बाद शनिवार को हुई झमाझम बारिश, रविवार को आकाश में छाए बादल ने इलाके में ठंडक घोल दी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि इस बदले मौसम का असर खेती-किसानी पर मिला-जुला देखने को मिल रहा है। जहां एक और इस साल की पहली बारिश से मक्का की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। खेतों में नमी बढ़ने से मक्का की वृद्धि में मदद मिलेगी और उत्पादन बेहतर होने की संभावना है। वहीं दूसरी तरफ, कई किसानों ने बताया कि तेज आंधी के कारण मक्के के पौधे झुक गए या जमीन पर गिर गए, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इससे साफ है कि इस बारिश का प्रभाव सभी किसानों के लिए समान नहीं रहा-कुछ को फायदा हुआ तो कुछ को नुकसान भी उठाना पड़ा। गेहूं और सरसों की फसल पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है, क्योंकि ये फसलें इस समय कटाई के दौड़ में हैं। स्थानीय किसानों के अनुसार लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी की कमी हो रही थी, ऐसे में यह बारिश मक्का जैसी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हुई। लेकिन जिन किसानों की गेहूं और सरसों की फसलें कटाई के करीब थी, उन कुछ किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है । मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने एक बार फिर यह दिखा दिया है की खेती पूरी तरह प्राकृतिक पर निर्भर है, जहां एक ही बारिश कुछ लिए वरदान बनती है तो कुछ के लिए नुकसान का कारण भी।
कुल मिलाकर, इस बेमौसम बारिश ने किसानों के सामने चुनौती और अवसर दोनों ही प्रस्तुत किए हैं। अब यह आने वाले दिनों के मौसम पर निर्भर करेगा कि फसलों की स्थिति किस दिशा में जाती है।
    user_SANU SAURABH
    SANU SAURABH
    Sonbarsa, Saharsa•
    21 hrs ago
  • गोगरी अनुमंडल स्तरीय मैराथन दौड़ कार्यक्रम का खगड़िया डीएम श्री नवीन कुमार ने दीप प्रज्वलं कर एवं सीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया
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    गोगरी अनुमंडल स्तरीय मैराथन दौड़ कार्यक्रम का खगड़िया डीएम श्री नवीन कुमार ने दीप प्रज्वलं कर एवं सीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया
    user_Abhay Kumar Press
    Abhay Kumar Press
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    1 hr ago
  • इंटर का रिजल्ट आज 23 तारीख को अपराह्न 1:30 बजे घोषित कर दिया जाएगा #bihar #reselt #student #news #viral #biharbord #exam #examination #2026 #interreselt
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    इंटर का रिजल्ट आज 23 तारीख को अपराह्न 1:30 बजे घोषित कर दिया जाएगा 
#bihar #reselt #student #news #viral #biharbord #exam #examination #2026 #interreselt
    user_BHOLA KUMAR
    BHOLA KUMAR
    Local News Reporter कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र के मालगोदाम रोड पर नाला निर्माण के लिए एक माह पहले जेसीबी से सड़क किनारे गहरा गड्ढा खोद दिया गया, लेकिन रेलवे से एनओसी नहीं लिए जाने के कारण रेलवे ने काम रुकवा दिया.उसके बाद न तो निर्माण कार्य आगे बढ़ा और न ही खोदे गए गड्ढे की भरने की कोई व्यवस्था की गई.अब स्थिति यह है कि सड़क किनारे बना यह लंबा गड्ढा लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया है, जबकि संवेदक दिखाई नहीं दे रहा और प्रशासन की ओर से भी कोई स्पष्ट पहल नहीं दिख रही है.बताया जा रहा है कि यह कार्य बिहार शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बुडको) के माध्यम से कराया जा रहा था, लेकिन जिस तेजी से खुदाई की गई, उसी तेजी से काम भी ठप हो गया. बिना एनओसी शुरू हुआ काम, अब ठप इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब रेलवे की अनापत्ति प्रमाण पत्र ही नहीं थी, तो आखिर निर्माण कार्य शुरू कैसे कर दिया गया.शिकायत के बाद रेलवे अधिकारियों ने कार्य पर रोक लगा दी.सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में भी यह साफ हो गया कि इस कार्य के लिए रेलवे की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई थी.अब सवाल यह उठता है कि जब रेलवे की अनुमति ही नहीं थी तो आखिर जेसीबी किसके भरोसे चलवाई गई और जब रेलवे ने काम रुकवा दिया तो गड्ढा भरने की जिम्मेदारी किसकी है. नहीं लगा बोर्ड, दुकानदार भी बेफिक्र कार्यस्थल पर योजना का कोई बोर्ड तक नहीं लगाया गया है.यानी नाला किस योजना का है, कितने पैसे की योजना है और कब तक बनना था.. यह सब अब तक बोर्ड के बजाय फाइलों के अंदर ही है.इस पूरे मामले में नाला किनारे के दुकानदार भी कम दिलचस्प किरदार नहीं हैं.जिन दुकानों के सामने यह गहरा गड्ढा खुला पड़ा है, वहां रोज ग्राहक आते - जाते हैं.लेकिन ग्राहकों की सुरक्षा के लिए न कोई घेरा और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाई गई है.स्थानीय लोग कहते हैं कि ग्राहकों की सुरक्षा से ज्यादा चिंता कई दुकानदारों को सिर्फ अपनी बिक्री की होती है.जब तक कोई ग्राहक गड्ढे में गिरकर घायल न हो जाए, तब तक खतरा भी शायद खतरा नहीं माना जाता. जब तक हादसा नहीं होगा, तब तो अब सोएंगे हम आपको बता दे कि मालगोदाम रोड नगर क्षेत्र की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है.इस रास्ते हजारों लोग रोज गुजरते हैं.इसके बावजूद सड़क किनारे खुला यह गड्ढा ऐसे पड़ा है जैसे यह किसी को दिखाई ही नहीं दे रहा.स्थानीय लोग कटाक्ष करते हुए कहते हैं कि देश में व्यवस्था का एक पुराना नियम है कि जब तक कोई हादसा नहीं होता, तब तक कोई जिम्मेदार नहीं जागते है.जिस दिन कोई बाइक सवार इस गड्ढे में गिर जाएगा, कोई राहगीर घायल हो जाएगा या कोई बड़ी दुर्घटना हो जाएगी, उसी दिन अचानक सब सक्रिय हो जाएंगे.फिर वही पुराना नजारा दिखेगा कि सड़क जाम होगी, अधिकारी दौड़ते नजर आएंगे, मान - मनौव्वल होगा, आश्वासन मिलेगा और अंत में मुआवजे की घोषणा भी हो जाएगी.इधर बुडको के कार्यपालक अभियंता हेमंत कुमार का कहना है कि नाला निर्माण की जमीन रेलवे की बताई जा रही है.रेलवे को एनओसी के लिए लिखा गया था.जेई को भेजकर रेलवे से जानकारी ली जा रही है.जल्द नाला का निर्माण हो इसके लिए प्रयास जारी हैं.
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    सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र के मालगोदाम रोड पर नाला निर्माण के लिए एक माह पहले जेसीबी से सड़क किनारे गहरा गड्ढा खोद दिया गया, लेकिन रेलवे से एनओसी नहीं लिए जाने के कारण रेलवे ने काम रुकवा दिया.उसके बाद न तो निर्माण कार्य आगे बढ़ा और न ही खोदे गए गड्ढे की भरने की कोई व्यवस्था की गई.अब स्थिति यह है कि सड़क किनारे बना यह लंबा गड्ढा लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया है, जबकि संवेदक दिखाई नहीं दे रहा और प्रशासन की ओर से भी कोई स्पष्ट पहल नहीं दिख रही है.बताया जा रहा है कि यह कार्य बिहार शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बुडको) के माध्यम से कराया जा रहा था, लेकिन जिस तेजी से खुदाई की गई, उसी तेजी से काम भी ठप हो गया.
बिना एनओसी शुरू हुआ काम, अब ठप
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब रेलवे की अनापत्ति प्रमाण पत्र ही नहीं थी, तो आखिर निर्माण कार्य शुरू कैसे कर दिया गया.शिकायत के बाद रेलवे अधिकारियों ने कार्य पर रोक लगा दी.सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में भी यह साफ हो गया कि इस कार्य के लिए रेलवे की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई थी.अब सवाल यह उठता है कि जब रेलवे की अनुमति ही नहीं थी तो आखिर जेसीबी किसके भरोसे चलवाई गई और जब रेलवे ने काम रुकवा दिया तो गड्ढा भरने की जिम्मेदारी किसकी है.
नहीं लगा बोर्ड, दुकानदार भी बेफिक्र
कार्यस्थल पर योजना का कोई बोर्ड तक नहीं लगाया गया है.यानी नाला किस योजना का है, कितने पैसे की योजना है और कब तक बनना था.. यह सब अब तक बोर्ड के बजाय फाइलों के अंदर ही है.इस पूरे मामले में नाला किनारे के दुकानदार भी कम दिलचस्प किरदार नहीं हैं.जिन दुकानों के सामने यह गहरा गड्ढा खुला पड़ा है, वहां रोज ग्राहक आते - जाते हैं.लेकिन ग्राहकों की सुरक्षा के लिए न कोई घेरा और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाई गई है.स्थानीय लोग कहते हैं कि ग्राहकों की सुरक्षा से ज्यादा चिंता कई दुकानदारों को सिर्फ अपनी बिक्री की होती है.जब तक कोई ग्राहक गड्ढे में गिरकर घायल न हो जाए, तब तक खतरा भी शायद खतरा नहीं माना जाता.
जब तक हादसा नहीं होगा, तब तो अब सोएंगे
हम आपको बता दे कि मालगोदाम रोड नगर क्षेत्र की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है.इस रास्ते हजारों लोग रोज गुजरते हैं.इसके बावजूद सड़क किनारे खुला यह गड्ढा ऐसे पड़ा है जैसे यह किसी को दिखाई ही नहीं दे रहा.स्थानीय लोग कटाक्ष करते हुए कहते हैं कि देश में व्यवस्था का एक पुराना नियम है कि जब तक कोई हादसा नहीं होता, तब तक कोई जिम्मेदार नहीं जागते है.जिस दिन कोई बाइक सवार इस गड्ढे में गिर जाएगा, कोई राहगीर घायल हो जाएगा या कोई बड़ी दुर्घटना हो जाएगी, उसी दिन अचानक सब सक्रिय हो जाएंगे.फिर वही पुराना नजारा दिखेगा कि सड़क जाम होगी, अधिकारी दौड़ते नजर आएंगे, मान - मनौव्वल होगा, आश्वासन मिलेगा और अंत में मुआवजे की घोषणा भी हो जाएगी.इधर बुडको के कार्यपालक अभियंता हेमंत कुमार का कहना है कि नाला निर्माण की जमीन रेलवे की बताई जा रही है.रेलवे को एनओसी के लिए लिखा गया था.जेई को भेजकर रेलवे से जानकारी ली जा रही है.जल्द नाला का निर्माण हो इसके लिए प्रयास जारी हैं.
    user_Ayush Kumar
    Ayush Kumar
    सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा, बिहार•
    4 hrs ago
  • Post by Bhavesh Kumar
    1
    Post by Bhavesh Kumar
    user_Bhavesh Kumar
    Bhavesh Kumar
    Alamnagar, Madhepura•
    23 hrs ago
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