धर्मिष्ठा कुंवर तोमर ने फिर रचा इतिहास, बारहवीं में 87.20 प्रतिशत अंक के साथ विद्यालय में द्वितीय स्थान सीमलवाड़ा। मणि बहन बालिका राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सीमलवाड़ा की प्रतिभाशाली छात्रा धर्मिष्ठा कुंवर तोमर ने एक बार फिर अपनी मेहनत और लगन का शानदार प्रदर्शन करते हुए बारहवीं बोर्ड परीक्षा में 87.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में द्वितीय स्थान हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, परिजनों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। धर्मिष्ठा की इस सफलता को और भी खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने पूर्व में दसवीं बोर्ड परीक्षा में भी विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने यह साबित किया है कि निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। बारहवीं परीक्षा में धर्मिष्ठा ने विशेष रूप से राजनीति शास्त्र विषय में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी विषय पर पकड़ और गहन अध्ययन का परिचय दिया है। उनके इस प्रदर्शन की विद्यालय के शिक्षकों ने भी सराहना करते हुए इसे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया। धर्मिष्ठा कुंवर तोमर के पिता राजेंद्र सिंह तोमर चिकित्सा विभाग में कार्यरत हैं, जबकि माता डिम्पल कुंवर तोमर गृहणी हैं। परिवार ने उनकी सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि धर्मिष्ठा शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और अनुशासित रही है। साथ ही उनके बड़े पापा अनूप सिंह तोमर सीमलवाड़ा कस्बे के प्रतिष्ठित व्यापारी हैं, जिन्होंने भी धर्मिष्ठा को निरंतर प्रोत्साहन दिया। विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने धर्मिष्ठा को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि अन्य छात्राओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने भी धर्मिष्ठा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
धर्मिष्ठा कुंवर तोमर ने फिर रचा इतिहास, बारहवीं में 87.20 प्रतिशत अंक के साथ विद्यालय में द्वितीय स्थान सीमलवाड़ा। मणि बहन बालिका राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सीमलवाड़ा की प्रतिभाशाली छात्रा धर्मिष्ठा कुंवर तोमर ने एक बार फिर अपनी मेहनत और लगन का शानदार प्रदर्शन करते हुए बारहवीं बोर्ड परीक्षा में 87.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में द्वितीय स्थान हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, परिजनों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। धर्मिष्ठा की इस सफलता को और भी खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने पूर्व में दसवीं बोर्ड परीक्षा में भी विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने यह साबित किया है कि निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। बारहवीं परीक्षा में धर्मिष्ठा ने विशेष रूप से राजनीति शास्त्र विषय में 99 प्रतिशत
अंक प्राप्त कर अपनी विषय पर पकड़ और गहन अध्ययन का परिचय दिया है। उनके इस प्रदर्शन की विद्यालय के शिक्षकों ने भी सराहना करते हुए इसे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया। धर्मिष्ठा कुंवर तोमर के पिता राजेंद्र सिंह तोमर चिकित्सा विभाग में कार्यरत हैं, जबकि माता डिम्पल कुंवर तोमर गृहणी हैं। परिवार ने उनकी सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि धर्मिष्ठा शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और अनुशासित रही है। साथ ही उनके बड़े पापा अनूप सिंह तोमर सीमलवाड़ा कस्बे के प्रतिष्ठित व्यापारी हैं, जिन्होंने भी धर्मिष्ठा को निरंतर प्रोत्साहन दिया। विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने धर्मिष्ठा को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि अन्य छात्राओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने भी धर्मिष्ठा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
- सीमलवाड़ा। पीठ कस्बे स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पीठ में भगवान महावीर स्वामी की जन्म जयंती महोत्सव बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। प्रातःकाल मंदिर में भगवान का पंचामृत अभिषेक जिसमे श्रद्धालुओं ने बोली लेकर भगवान को जलधारा, इक्षुरस, आमरस, सुगंधित धारा, दूध की धारा, सरवौषधि की धारा, चंदन लेपन एवं चतुर्थ कलश आदि से अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उसके पश्चात भगवान् की अखण्ड शांति धारा हुई। उसके पश्चात पूजा-अर्चना के बाद भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा बैंड-बाजों के साथ पूरे गांव में निकाली गई। श्रद्धालुओं ने भगवान को सुसज्जित रथ में विराजित कर नगर भ्रमण कराया। इस दौरान भक्तों ने भगवान पर अक्षत एवं पुष्प वर्षा कर जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर शाम भक्तामर स्तोत्र का पाठ कर 48 दीपक प्रज्वलित किए गए तथा 48 दीपकों से भगवान को अर्घ्य समर्पित किया गया। इसके पश्चात भक्तामर स्तोत्र एवं भगवान की आरती की गई। महावीर स्वामी जन्म जयंती के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने भगवान का पालना झुलाकर जयकारे लगाए और अहिंसा एवं जियो और जीने दो के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष विमलचंद्र कोठारी, उपाध्यक्ष सतीश कोठारी, पूर्व अध्यक्ष राजमल कोठारी, महामंत्री दिलीप कोठारी, सचिव राजेंद्र शाह, कुरीचंद कोठारी, महेश कोठारी, राजेंद्र कोठारी, सहित महिला मंडल, युवा मंडल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।पीठ. कस्बे स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पीठ में भगवान महावीर स्वामी की जन्म जयंती महोत्सव बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। प्रातःकाल मंदिर में भगवान का पंचामृत अभिषेक जिसमे श्रद्धालुओं ने बोली लेकर भगवान को जलधारा, इक्षुरस, आमरस, सुगंधित धारा, दूध की धारा, सरवौषधि की धारा, चंदन लेपन एवं चतुर्थ कलश आदि से अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उसके पश्चात भगवान् की अखण्ड शांति धारा हुई। उसके पश्चात पूजा-अर्चना के बाद भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा बैंड-बाजों के साथ पूरे गांव में निकाली गई। श्रद्धालुओं ने भगवान को सुसज्जित रथ में विराजित कर नगर भ्रमण कराया। इस दौरान भक्तों ने भगवान पर अक्षत एवं पुष्प वर्षा कर जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर शाम भक्तामर स्तोत्र का पाठ कर 48 दीपक प्रज्वलित किए गए तथा 48 दीपकों से भगवान को अर्घ्य समर्पित किया गया। इसके पश्चात भक्तामर स्तोत्र एवं भगवान की आरती की गई। महावीर स्वामी जन्म जयंती के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने भगवान का पालना झुलाकर जयकारे लगाए और अहिंसा एवं जियो और जीने दो के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष विमलचंद्र कोठारी, उपाध्यक्ष सतीश कोठारी, पूर्व अध्यक्ष राजमल कोठारी, महामंत्री दिलीप कोठारी, सचिव राजेंद्र शाह, कुरीचंद कोठारी, महेश कोठारी, राजेंद्र कोठारी, सहित महिला मंडल, युवा मंडल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।4
- धम्बोला थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 14 साल से फरार चल रहे ईनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पुलिस को चकमा दे रहा था। प्रकरण के अनुसार, वर्ष 2014 में दहेज प्रताड़ना के मामले में आरोपी विनोदसिंह राठौड़ के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और घर से निकाल देने के आरोप लगे थे। मामला इतना गंभीर था कि पीड़िता को कई बार ससुराल में समझौते के बाद भेजा गया, लेकिन हर बार उसे उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। जांच के दौरान अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, लेकिन मुख्य आरोपी विनोदसिंह फरार हो गया था। अदालत द्वारा उसे मफरूर घोषित किया गया और उसकी गिरफ्तारी पर 1000 रुपये का इनाम घोषित किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत धम्बोला थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता से आरोपी का सुराग जुटाया। सूचना मिली कि आरोपी उदयपुर में एक सहकारी उपभोक्ता भंडार में काम कर रहा है। पुलिस टीम ने खरीदार बनकर वहां पहुंचकर आरोपी की पहचान की और उसे दबोच लिया।पूछताछ में आरोपी ने शुरुआत में अपना नाम छिपाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपनी असली पहचान कबूल कर ली। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच जारी है।गौरतलब है कि आरोपी के खिलाफ उदयपुर जिले के कानोड़ थाना में भी एक अन्य मामला दर्ज है, जिसमें वह पिछले 6 वर्षों से फरार चल रहा था। इस कार्रवाई को धम्बोला थाना अधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अंजाम दिया, जिसमें सोहनलाल, लोकेन्द्र सिंह (हेडकांस्टेबल), करण भट्ट (कांस्टेबल, आसूचना अधिकारी), रोशन, जीतमल (वृत कार्यालय सीमलवाड़ा) की अहम भूमिका रही।1
- डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड क्षेत्र के खडगदा स्थित क्षेत्रपाल मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित होने वाले दो दिवसीय मेले की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अशोक भट्ट और सभा अध्यक्ष चंद्रेश व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 अप्रैल को सुबह 8:30 बजे मेले का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत संतों के सानिध्य में लक्ष्मी नारायण मंदिर खडगदा से भव्य शोभायात्रा के साथ होगी, जो क्षेत्रपाल मंदिर तक पहुंचेगी। इसके बाद दिनभर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले के दूसरे दिन कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सर्व समाज के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। साथ ही आसपास के करीब 20 धुणियों से संत, महंत, मेट और कोतवाल भी इस आयोजन में शामिल होंगे। इस बार मेले का मुख्य आकर्षण आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक रहेगी, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित करेंगी। मेले को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखा जा रहा है।1
- लोकसभा में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने नक्सलवाद और आदिवासियों के अधिकारों पर बेहद दमदार और तीखा भाषण दिया। गृहमंत्री अमित शाह के 'नक्सल मुक्त भारत' (31 मार्च 2026) के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने संसद में पूछा कि जो आदिवासी चप्पल नहीं खरीद सकता, उसके पास आधुनिक हथियार कहाँ से आ रहे हैं? उन्होंने जल, जंगल और जमीन के लिए लड़ने वाले आदिवासियों को नक्सली का ठप्पा लगाने का कड़ा विरोध किया। साथ ही, उन्होंने आदिवासी युवाओं से अपील की कि वे अब पारंपरिक हथियारों के बजाय 'कलम और कागज' की ताकत से अपने अधिकारों की रक्षा करें।1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ और पब्लिक एप का भगवान महावीर के जन्म उत्सव पर जयंती पर यह बुलेटिन उनके चरणों में समर्पित। है1
- डुंगरपुर । अपने मामा के घर से लौट रहा बाइक सवार युवक अज्ञात वाहन की टक्कर लगने स गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को 108 से डूंगरपु जिल अस्पताल लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर के लिया रैफर किया गया।1
- समाज के सर्वांगीण विकास पर हुआ मंथन रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर, फिजूलखर्ची पर रोक और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। श्री विश्वकर्मा मेवाड़ा सुथार महासभा के तत्वावधान में उदयपुर संभाग के नरणिया स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर में प्रथम संभाग स्तरीय चिंतन शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। कांठल बैठक की मेजबानी में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा की आरती एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में संभाग की 16 बैठकों से आए पंचों एवं महासभा के पदाधिकारियों का पारंपरिक पगड़ी व उपरना पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान समाज के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए महासभा अध्यक्ष रमेश जी ने शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए समाज में फिजूलखर्ची रोकने का आह्वान किया। शिविर में विभिन्न वक्ताओं ने समाज के महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। रूपजी गुडेल ने महिला सशक्तिकरण, सुरेश जी ने राजनीतिक भागीदारी और भंवर जी मोवाई ने व्यावसायिक शिक्षा को समाज की उन्नति के लिए आवश्यक बताया। वहीं, विजयकृष्ण जी झालावाड़ ने सामाजिक रीति-रिवाजों के संरक्षण तथा भगवान जी रंदेला ने समाज की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। सामाजिक अनुशासन और युवा विकास पर चर्चा करते हुए शंकर जी माकडसीमा ने बैठकों में उपस्थिति बढ़ाने व बेटी के सम्मानजनक व्यवहार का मार्गदर्शन दिया, जबकि युवा संयोजक छोटू पुनाली ने करियर गाइडेंस, सरकारी योजनाओं और रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की रूपरेखा प्रस्तुत की। मोगजी थड़ा ने उदयपुर में निर्माणाधीन छात्रावास की प्रगति रिपोर्ट साझा की। कार्यक्रम के अंत में आगामी योजनाओं पर समीक्षा बैठक की गई और आयोजक कांठल बैठक के अध्यक्ष अमृतलाल जी व अन्य सदस्यों द्वारा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया।1
- सीमलवाड़ा।पुलिस थाना धम्बोला ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 14 वर्षों से फरार चल रहे एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पुलिस से बचता फिर रहा था और दहेज प्रताड़ना के गंभीर मामले में वांछित था। प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 अक्टूबर 2014 को एक पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी शादी 2 दिसंबर 2009 को विनोदसिंह के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद पति बिना बताए विदेश चला गया और ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। हालात इतने बिगड़ गए कि पीड़िता को ससुराल से निकाल दिया गया और वह अपने पिता के घर रहने को मजबूर हो गई। पीड़िता ने बताया कि बाद में पति के वापस आने के बावजूद ससुराल पक्ष का रवैया नहीं बदला और दहेज की मांग जारी रही। कई बार समाज के लोगों की मौजूदगी में उसे ससुराल भेजा गया, लेकिन हर बार उसे प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और अंततः उसे फिर घर से निकाल दिया गया। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण पीड़िता के परिवार के लिए कानूनी लड़ाई लड़ना भी कठिन हो गया। इस मामले में पुलिस थाना धम्बोला में प्रकरण संख्या 344/2014 के तहत धारा 498ए और 494 आईपीसी में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां उनके खिलाफ अभियोजन चलाया गया। वहीं मुख्य आरोपी विनोदसिंह राठौड़ फरार हो गया, जिसे न्यायालय द्वारा मफरूर घोषित किया गया था। आरोपी पर जिला पुलिस अधीक्षक डूंगरपुर द्वारा 1000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला के मार्गदर्शन एवं वृताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के पर्यवेक्षण में “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत थानाधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने पारंपरिक पुलिसिंग, मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता के माध्यम से आरोपी की तलाश तेज की। जांच के दौरान सूचना मिली कि आरोपी उदयपुर में रह रहा है। इस पर पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर गुप्त रूप से तलाश शुरू की। जानकारी के आधार पर पुलिस ने पंचवटी चौराहे स्थित एक सहकारी उपभोक्ता भंडार में खरीददार बनकर जांच की, जहां आरोपी काम करता हुआ मिला। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नाम बताए, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम विनोदसिंह राठौड़ होना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को डिटेन कर धम्बोला थाने लाया, जहां उससे आगे की पूछताछ जारी है। आरोपी की पहचान 41 वर्षीय विनोदसिंह पुत्र कमलसिंह राठौड़ निवासी धरियावाद, जिला प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। उल्लेखनीय है कि आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना कानोड़, जिला उदयपुर में भी एक प्रकरण दर्ज है, जिसमें वह पिछले छह वर्षों से वांछित चल रहा था। इस कार्रवाई में थानाधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में पुलिस टीम के सदस्य सोहनलाल, लोकेन्द्र सिंह, करण भट्ट, रोशन तथा जीतमल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।1