नागौर नगर परिषद की पहली साधारण सभा में जमकर हंगामा, विकास के मुद्दों पर भिड़े पार्षद; उपसभापति के माफी वाले ऑडियो पर भी हुआ विवाद नागौर। नागौर नगर परिषद के नवनिर्वाचित बोर्ड की पहली साधारण सभा शुक्रवार को नगर परिषद के सभागार में आयोजित हुई। सुबह 11 बजे शुरू हुई इस बैठक की अध्यक्षता नवनिर्वाचित सभापति संतोष टाक एवं उपसभापति हाजी मोहम्मद कुरैशी ने की। बैठक में नगर परिषद आयुक्त अनीता बिरधा सहित पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षद मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत सभापति, उपसभापति और निर्वाचित पार्षदों के स्वागत के साथ हुई। आयुक्त अनीता बिरधा ने सभापति का माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद सभी पार्षदों का भी माला और साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। लेकिन स्वागत समारोह के बाद जैसे ही शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई, बैठक का माहौल गरमा गया। सफाई व्यवस्था, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और वार्डों में विकास कार्यों को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए। देखते ही देखते सदन में तीखी बहस और हंगामा शुरू हो गया। वहीं, उपसभापति के हाल ही में वायरल हुए माफी वाले ऑडियो को लेकर भी बैठक में विवाद खड़ा हो गया। स्थिति बिगड़ने पर माइक बंद कर दिया गया और अचानक बैठक स्थगित कर दी गई। प्रतिनिधियों को नहीं मिला प्रवेश, बना चर्चा का विषय नगर परिषद की इस साधारण सभा में केवल निर्वाचित पार्षदों को ही प्रवेश दिया गया। निर्वाचित सदस्यों के अलावा अन्य बाहरी व्यक्तियों और प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। यह व्यवस्था भी शहर में चर्चा का विषय बनी रही। बैठक में 60 वार्डों के पार्षदों के साथ 16 महिला निर्वाचित पार्षद भी मौजूद रहीं। महिला पार्षदों ने भी विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा नगर परिषद की साधारण सभा में नागौर शहर के विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें प्रमुख रूप से— - नगर परिषद नागौर के नए कार्यालय भवन के निर्माण पर चर्चा। - गांधी चौक स्थित तहसील भवन एवं भूमि नगर परिषद को हस्तांतरित करवाने का प्रस्ताव। - माड़ी चौक स्थित तहसील भवन के कार्यालय उपयोग एवं जनहित में उपयोग पर विचार। - जेसीबी सहित अन्य आवश्यक वाहनों की खरीद। - अहिछत्रपुर आवासीय योजना के भूखंडों को लॉटरी एवं ई-ऑक्शन के माध्यम से बेचने तथा कॉलोनी के विकास कार्य। - नागौर शहर की राजकीय भूमियों पर नई योजनाएं विकसित करना। - हाउसिंग बोर्ड के पुराने एवं नए क्षेत्र में स्थानीय निकाय की जमा राशि के हस्तांतरण का मुद्दा। - बीकानेर रोड स्थित टाउन हॉल के पास बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव। - शहर में विभिन्न विकास कार्यों को गति देने पर चर्चा। - बढ़ते शहरी क्षेत्र को देखते हुए मुख्य सड़कों को फोरलेन करने एवं डिवाइडर निर्माण। - वर्ष 2025 में अत्यधिक बारिश के कारण निचले इलाकों में हुए जलभराव की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज एवं वर्षा जल निकासी योजना। - शहर में नई सीवरेज लाइन डालने एवं एसटीपी योजना। - बढ़ती आबादी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था और जल संरक्षण। - ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करना। - अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्य। विकास के सवाल पर पार्षदों के बीच भिड़ंत, निर्दलीय पार्षद ने दिया जवाब बैठक के दौरान वार्डों की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर पार्षद फूलचंद टाक ने सवाल उठाए। उन्होंने सफाई व्यवस्था पर गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई वार्डों में नगर परिषद के सफाई टिपर और सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने नगर परिषद में उपलब्ध सफाई टिपरों की संख्या को लेकर भी सवाल किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व में जारी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग उठाई और कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। टेंडर की कॉपी सूचना बोर्ड पर कम से कम 15 दिन तक चस्पा की जाए, ताकि सभी को इसकी जानकारी मिल सके। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी सुझाव दिया कि संबंधित वार्ड के पार्षद के हस्ताक्षर के आधार पर भुगतान किया जाए, जिससे सफाई व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इसी दौरान निर्दलीय पार्षद मनीष कच्छावा ने फूलचंद टाक के सवालों पर जवाब देना शुरू कर दिया। इस पर दोनों पार्षदों के बीच तीखी बहस हो गई और सदन में हंगामा खड़ा हो गया। पार्षदों के बीच बढ़ती बहस के बावजूद सभापति पूरे घटनाक्रम को देखती रहीं। उपसभापति के वायरल ऑडियो पर सदन में विवाद - बैठक का सबसे चर्चित मुद्दा नगर परिषद के उपसभापति हाजी मोहम्मद कुरैशी से जुड़ा वायरल ऑडियो रहा। हाल ही में भगवान श्रीराम की आरती को लेकर उपसभापति द्वारा कथित तौर पर जारी किए गए माफीनामे वाले ऑडियो पर विवाद सामने आया था। इसी मुद्दे को पार्षद मीकू राव उर्फ शिवकुमार राव ने साधारण सभा में प्रमुखता से उठाया। जैसे ही इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई, सदन का माहौल फिर गरमा गया। इसी बीच माइक बंद कर दिया गया और बैठक को अचानक स्थगित कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने नगर परिषद की पहली साधारण सभा को राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना दिया। पार्षदों की नाराजगी, बोले- हमारा अपमान हुआ - बैठक स्थगित होने के बाद सभापति और आयुक्त के वहां से चले जाने पर कुछ पार्षदों ने जमकर नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना था कि बैठक समाप्त करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। बिना कोई स्पष्ट सूचना दिए और चर्चा को बीच में छोड़कर चले जाना निर्वाचित पार्षदों का अपमान है। पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सभापति और अधिकारियों के पास हमारी बात सुनने का समय नहीं है तो हमें भी ऐसी बैठक में शामिल होने का कोई औचित्य नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि सदन में जनहित और विकास के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन पार्षदों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया गया। नगर परिषद के नए बोर्ड की पहली साधारण सभा में जिस तरह विकास के मुद्दों से शुरू हुई चर्चा हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और वायरल ऑडियो के विवाद तक पहुंची, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में नागौर नगर परिषद की राजनीति और बोर्ड की बैठकों में कई मुद्दे गर्मा सकते हैं।
नागौर नगर परिषद की पहली साधारण सभा में जमकर हंगामा, विकास के मुद्दों पर भिड़े पार्षद; उपसभापति के माफी वाले ऑडियो पर भी हुआ विवाद नागौर। नागौर नगर परिषद के नवनिर्वाचित बोर्ड की पहली साधारण सभा शुक्रवार को नगर परिषद के सभागार में आयोजित हुई। सुबह 11 बजे शुरू हुई इस बैठक की अध्यक्षता नवनिर्वाचित सभापति संतोष टाक एवं उपसभापति हाजी मोहम्मद कुरैशी ने की। बैठक में नगर परिषद आयुक्त अनीता बिरधा सहित पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षद मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत सभापति, उपसभापति और निर्वाचित पार्षदों के स्वागत के साथ हुई। आयुक्त अनीता बिरधा ने सभापति का माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद सभी पार्षदों का भी माला और साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। लेकिन स्वागत समारोह के बाद जैसे ही शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई, बैठक का माहौल गरमा गया। सफाई व्यवस्था, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और वार्डों में विकास कार्यों को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए। देखते ही देखते सदन में तीखी बहस और हंगामा शुरू हो गया। वहीं, उपसभापति के हाल ही में वायरल हुए माफी वाले ऑडियो को लेकर भी बैठक में विवाद खड़ा हो गया। स्थिति बिगड़ने पर माइक बंद कर दिया गया और अचानक बैठक स्थगित कर दी गई। प्रतिनिधियों को नहीं मिला प्रवेश, बना चर्चा का विषय नगर परिषद की इस साधारण सभा में केवल निर्वाचित पार्षदों को ही प्रवेश दिया गया। निर्वाचित सदस्यों के अलावा अन्य बाहरी व्यक्तियों और प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं
दी गई। यह व्यवस्था भी शहर में चर्चा का विषय बनी रही। बैठक में 60 वार्डों के पार्षदों के साथ 16 महिला निर्वाचित पार्षद भी मौजूद रहीं। महिला पार्षदों ने भी विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा नगर परिषद की साधारण सभा में नागौर शहर के विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें प्रमुख रूप से— - नगर परिषद नागौर के नए कार्यालय भवन के निर्माण पर चर्चा। - गांधी चौक स्थित तहसील भवन एवं भूमि नगर परिषद को हस्तांतरित करवाने का प्रस्ताव। - माड़ी चौक स्थित तहसील भवन के कार्यालय उपयोग एवं जनहित में उपयोग पर विचार। - जेसीबी सहित अन्य आवश्यक वाहनों की खरीद। - अहिछत्रपुर आवासीय योजना के भूखंडों को लॉटरी एवं ई-ऑक्शन के माध्यम से बेचने तथा कॉलोनी के विकास कार्य। - नागौर शहर की राजकीय भूमियों पर नई योजनाएं विकसित करना। - हाउसिंग बोर्ड के पुराने एवं नए क्षेत्र में स्थानीय निकाय की जमा राशि के हस्तांतरण का मुद्दा। - बीकानेर रोड स्थित टाउन हॉल के पास बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव। - शहर में विभिन्न विकास कार्यों को गति देने पर चर्चा। - बढ़ते शहरी क्षेत्र को देखते हुए मुख्य सड़कों को फोरलेन करने एवं डिवाइडर निर्माण। - वर्ष 2025 में अत्यधिक बारिश के कारण निचले इलाकों में हुए जलभराव की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज एवं वर्षा जल निकासी योजना। - शहर में नई सीवरेज लाइन डालने एवं एसटीपी योजना। - बढ़ती आबादी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था और जल संरक्षण। - ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था
को मजबूत करना। - अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्य। विकास के सवाल पर पार्षदों के बीच भिड़ंत, निर्दलीय पार्षद ने दिया जवाब बैठक के दौरान वार्डों की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर पार्षद फूलचंद टाक ने सवाल उठाए। उन्होंने सफाई व्यवस्था पर गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई वार्डों में नगर परिषद के सफाई टिपर और सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने नगर परिषद में उपलब्ध सफाई टिपरों की संख्या को लेकर भी सवाल किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व में जारी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग उठाई और कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। टेंडर की कॉपी सूचना बोर्ड पर कम से कम 15 दिन तक चस्पा की जाए, ताकि सभी को इसकी जानकारी मिल सके। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी सुझाव दिया कि संबंधित वार्ड के पार्षद के हस्ताक्षर के आधार पर भुगतान किया जाए, जिससे सफाई व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इसी दौरान निर्दलीय पार्षद मनीष कच्छावा ने फूलचंद टाक के सवालों पर जवाब देना शुरू कर दिया। इस पर दोनों पार्षदों के बीच तीखी बहस हो गई और सदन में हंगामा खड़ा हो गया। पार्षदों के बीच बढ़ती बहस के बावजूद सभापति पूरे घटनाक्रम को देखती रहीं। उपसभापति के वायरल ऑडियो पर सदन में विवाद - बैठक का सबसे चर्चित मुद्दा नगर परिषद के उपसभापति हाजी मोहम्मद कुरैशी से जुड़ा वायरल ऑडियो रहा। हाल ही में भगवान श्रीराम की आरती को लेकर उपसभापति द्वारा कथित तौर
पर जारी किए गए माफीनामे वाले ऑडियो पर विवाद सामने आया था। इसी मुद्दे को पार्षद मीकू राव उर्फ शिवकुमार राव ने साधारण सभा में प्रमुखता से उठाया। जैसे ही इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई, सदन का माहौल फिर गरमा गया। इसी बीच माइक बंद कर दिया गया और बैठक को अचानक स्थगित कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने नगर परिषद की पहली साधारण सभा को राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना दिया। पार्षदों की नाराजगी, बोले- हमारा अपमान हुआ - बैठक स्थगित होने के बाद सभापति और आयुक्त के वहां से चले जाने पर कुछ पार्षदों ने जमकर नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना था कि बैठक समाप्त करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। बिना कोई स्पष्ट सूचना दिए और चर्चा को बीच में छोड़कर चले जाना निर्वाचित पार्षदों का अपमान है। पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सभापति और अधिकारियों के पास हमारी बात सुनने का समय नहीं है तो हमें भी ऐसी बैठक में शामिल होने का कोई औचित्य नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि सदन में जनहित और विकास के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन पार्षदों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया गया। नगर परिषद के नए बोर्ड की पहली साधारण सभा में जिस तरह विकास के मुद्दों से शुरू हुई चर्चा हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और वायरल ऑडियो के विवाद तक पहुंची, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में नागौर नगर परिषद की राजनीति और बोर्ड की बैठकों में कई मुद्दे गर्मा सकते हैं।
- नागौर नगर परिषद की पहली साधारण सभा में जमकर हंगामा, विकास के मुद्दों पर भिड़े पार्षद; उपसभापति के माफी वाले ऑडियो पर भी हुआ विवाद नागौर। नागौर नगर परिषद के नवनिर्वाचित बोर्ड की पहली साधारण सभा शुक्रवार को नगर परिषद के सभागार में आयोजित हुई। सुबह 11 बजे शुरू हुई इस बैठक की अध्यक्षता नवनिर्वाचित सभापति संतोष टाक एवं उपसभापति हाजी मोहम्मद कुरैशी ने की। बैठक में नगर परिषद आयुक्त अनीता बिरधा सहित पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षद मौजूद रहे। बैठक की शुरुआत सभापति, उपसभापति और निर्वाचित पार्षदों के स्वागत के साथ हुई। आयुक्त अनीता बिरधा ने सभापति का माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद सभी पार्षदों का भी माला और साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। लेकिन स्वागत समारोह के बाद जैसे ही शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई, बैठक का माहौल गरमा गया। सफाई व्यवस्था, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और वार्डों में विकास कार्यों को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए। देखते ही देखते सदन में तीखी बहस और हंगामा शुरू हो गया। वहीं, उपसभापति के हाल ही में वायरल हुए माफी वाले ऑडियो को लेकर भी बैठक में विवाद खड़ा हो गया। स्थिति बिगड़ने पर माइक बंद कर दिया गया और अचानक बैठक स्थगित कर दी गई। प्रतिनिधियों को नहीं मिला प्रवेश, बना चर्चा का विषय नगर परिषद की इस साधारण सभा में केवल निर्वाचित पार्षदों को ही प्रवेश दिया गया। निर्वाचित सदस्यों के अलावा अन्य बाहरी व्यक्तियों और प्रतिनिधियों को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। यह व्यवस्था भी शहर में चर्चा का विषय बनी रही। बैठक में 60 वार्डों के पार्षदों के साथ 16 महिला निर्वाचित पार्षद भी मौजूद रहीं। महिला पार्षदों ने भी विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा नगर परिषद की साधारण सभा में नागौर शहर के विकास और भविष्य की योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें प्रमुख रूप से— - नगर परिषद नागौर के नए कार्यालय भवन के निर्माण पर चर्चा। - गांधी चौक स्थित तहसील भवन एवं भूमि नगर परिषद को हस्तांतरित करवाने का प्रस्ताव। - माड़ी चौक स्थित तहसील भवन के कार्यालय उपयोग एवं जनहित में उपयोग पर विचार। - जेसीबी सहित अन्य आवश्यक वाहनों की खरीद। - अहिछत्रपुर आवासीय योजना के भूखंडों को लॉटरी एवं ई-ऑक्शन के माध्यम से बेचने तथा कॉलोनी के विकास कार्य। - नागौर शहर की राजकीय भूमियों पर नई योजनाएं विकसित करना। - हाउसिंग बोर्ड के पुराने एवं नए क्षेत्र में स्थानीय निकाय की जमा राशि के हस्तांतरण का मुद्दा। - बीकानेर रोड स्थित टाउन हॉल के पास बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव। - शहर में विभिन्न विकास कार्यों को गति देने पर चर्चा। - बढ़ते शहरी क्षेत्र को देखते हुए मुख्य सड़कों को फोरलेन करने एवं डिवाइडर निर्माण। - वर्ष 2025 में अत्यधिक बारिश के कारण निचले इलाकों में हुए जलभराव की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज एवं वर्षा जल निकासी योजना। - शहर में नई सीवरेज लाइन डालने एवं एसटीपी योजना। - बढ़ती आबादी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था और जल संरक्षण। - ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करना। - अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्य। विकास के सवाल पर पार्षदों के बीच भिड़ंत, निर्दलीय पार्षद ने दिया जवाब बैठक के दौरान वार्डों की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर पार्षद फूलचंद टाक ने सवाल उठाए। उन्होंने सफाई व्यवस्था पर गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई वार्डों में नगर परिषद के सफाई टिपर और सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने नगर परिषद में उपलब्ध सफाई टिपरों की संख्या को लेकर भी सवाल किया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व में जारी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग उठाई और कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। टेंडर की कॉपी सूचना बोर्ड पर कम से कम 15 दिन तक चस्पा की जाए, ताकि सभी को इसकी जानकारी मिल सके। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी सुझाव दिया कि संबंधित वार्ड के पार्षद के हस्ताक्षर के आधार पर भुगतान किया जाए, जिससे सफाई व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इसी दौरान निर्दलीय पार्षद मनीष कच्छावा ने फूलचंद टाक के सवालों पर जवाब देना शुरू कर दिया। इस पर दोनों पार्षदों के बीच तीखी बहस हो गई और सदन में हंगामा खड़ा हो गया। पार्षदों के बीच बढ़ती बहस के बावजूद सभापति पूरे घटनाक्रम को देखती रहीं। उपसभापति के वायरल ऑडियो पर सदन में विवाद - बैठक का सबसे चर्चित मुद्दा नगर परिषद के उपसभापति हाजी मोहम्मद कुरैशी से जुड़ा वायरल ऑडियो रहा। हाल ही में भगवान श्रीराम की आरती को लेकर उपसभापति द्वारा कथित तौर पर जारी किए गए माफीनामे वाले ऑडियो पर विवाद सामने आया था। इसी मुद्दे को पार्षद मीकू राव उर्फ शिवकुमार राव ने साधारण सभा में प्रमुखता से उठाया। जैसे ही इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई, सदन का माहौल फिर गरमा गया। इसी बीच माइक बंद कर दिया गया और बैठक को अचानक स्थगित कर दिया गया। इस घटनाक्रम ने नगर परिषद की पहली साधारण सभा को राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना दिया। पार्षदों की नाराजगी, बोले- हमारा अपमान हुआ - बैठक स्थगित होने के बाद सभापति और आयुक्त के वहां से चले जाने पर कुछ पार्षदों ने जमकर नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना था कि बैठक समाप्त करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। बिना कोई स्पष्ट सूचना दिए और चर्चा को बीच में छोड़कर चले जाना निर्वाचित पार्षदों का अपमान है। पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सभापति और अधिकारियों के पास हमारी बात सुनने का समय नहीं है तो हमें भी ऐसी बैठक में शामिल होने का कोई औचित्य नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि सदन में जनहित और विकास के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन पार्षदों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया गया। नगर परिषद के नए बोर्ड की पहली साधारण सभा में जिस तरह विकास के मुद्दों से शुरू हुई चर्चा हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और वायरल ऑडियो के विवाद तक पहुंची, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में नागौर नगर परिषद की राजनीति और बोर्ड की बैठकों में कई मुद्दे गर्मा सकते हैं।4
- भिनाय में आज सरपंच पद का चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न होने के पश्चात विशाल खेल मैदान का अभी अभी का आम मतदाताओं की उपस्थिति व गहमागहमी का विहंगम दृश्य जैतारण राधेश्याम दाधीच भिनाय में आज सरपंच पद का चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न होने के पश्चात विशाल खेल मैदान का अभी अभी का आम मतदाताओं की उपस्थिति व गहमागहमी का विहंगम दृश्य1
- भावी गांव में चुनाव निरस्त कर दिया गया है नई तारीख घोषित होगी 📵🆘❌❌1
- अजमेर जिले की ग्राम पंचायत लामगरा में 86 वोटों से सरपंच प्रत्याशी कल्याण मल जी गुर्जर की हुई जीत । अजमेर जिले की ग्राम पंचायत लामगरा में सरपंच प्रत्याशी श्री मान् कल्याण मल जी गुर्जर की 86 वोटों से हुई जीत ।1
- अजमेर ख्वाजा साहब की दरगाह मे दिल्ली से कांग्रेस का डेलिगेशन पहुंचा दरगाह की अव्यवस्थाओं को लेकर डेलिगेशन में रोष जताया1
- *करोड़ों की लागत से लगी डिवाइडर रेलिंग बदहाल, डीएलपी में मरम्मत नहीं होने पर उठे सवाल* *किशनगढ़ के मुख्य मार्ग पर कहीं एलाइनमेंट बिगड़ा, तो कहीं उखड़ी रेलिंग पर लग रहा जंग,पूरी रैलिंग हुई बदरंग* *भाजपा नेता महेंद्र पाटनी ने उप मुख्यमंत्री व पीडब्ल्यूडी मंत्री दिया कुमारी, जिला कलेक्टर तथा पीडब्ल्यूडी के अतिरिक्त मुख्य व अधीक्षण अभियंता सहित मुख्य अभियंता, जयपुर के मुकेश भाटी को पत्र प्रेषित कर तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की* मदनगंज-किशनगढ़। नगर के मुख्य मार्ग पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा चार करोड़ 29 लाख रुपये से अधिक की लागत से स्थापित करवाई गई डिवाइडर रेलिंग की खराब होती स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कई स्थानों पर रेलिंग का एलाइनमेंट बिगड़ गया है, अनेक जगह से रेलिंग उखड़ चुकी है तथा पूरी रेलिंग पर जंग लगने के साथ रंग-रोगन भी बदरंग हो रहा है। विशेष बात यह है कि संबंधित कार्य अभी दोष दायित्व अवधि (डीएलपी) के अंतर्गत बताया जा रहा है। इसके बावजूद मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य नहीं होने की शिकायत सामने आई है। ज्ञातव्य है कि हो रही दुर्घटनाओं के चलते एक वर्ष पहले नगर परिषद को डिवाइडर के दोनों ओर के ब्लॉकों पर ट्रैफिक कलर करना पड़ा था। इस मामले में अजमेर देहात भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री महेंद्र पाटनी ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की मंत्री दिया कुमारी सहित विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि कार्य आदेश संख्या 1633 दिनांक 20 फरवरी 2023 के तहत उक्त डीवाइडर रेलिंग स्थापित करवाई गई थी। पिछले एक डेढ़ वर्ष से विभाग के स्थानीय सहायक अभियंता एवं अधिशासी अभियंता को मौखिक रूप से बार-बार अवगत करवाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। *दुर्घटनाओं की आशंका, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल* पाटनी ने यह भी उल्लेख किया कि रेलिंग के उखड़े एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण डिवाइडर पार (क्रॉस) करके सड़क के दूसरी ओर आने-जाने वाले पैदल राहगीरों तथा अवारा पशुओं के चलते दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे में रेलिंग की मरम्मत केवल सौंदर्यीकरण का विषय नहीं, बल्कि आमजन की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला है। उन्होंने बताया कि पिछले एक माह से उनके द्वारा लगातार आग्रह किया जा रहा है कि दीपावली से पूर्व रेलिंग की मरम्मत एवं रंग-रोगन का कार्य पूरा करवा दिया जाए। संबंधित अधिकारियों की ओर से ठेकेदार से बात कर कार्य करवाने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं होने से समस्या जस की तस बनी हुई है। भाजपा नेता पाटनी ने पुरजोर मांग की है कि डीएलपी के अंतर्गत डिवाइडर रेलिंग का तत्काल स्थलीय निरीक्षण करवाकर बिगड़े एलाइनमेंट को ठीक कराया जाए, उखड़े व टूटे हुए हिस्सों को मजबूती से पुनः स्थापित किया जाए तथा जंग लगी बदरंग रेलिंग पर गुणवत्तापूर्ण प्राइमर एवं पेंट करवाकर सुधार कार्य किया जाये। उन्होंने विभाग से कार्य पूर्ण करने के लिए निश्चित समय-सीमा तय करने, गुणवत्ता की तकनीकी जांच करवाने तथा लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के कारणों की समीक्षा करने का आग्रह किया है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में कब तक कार्रवाई कर रेलिंग की स्थिति सुधारता है और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।1
- राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने ली निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा बैठक राजस्थान | रिपोर्टर: दीपक सिंह निर्वाण जोधपुर, पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के तहत जिले में दो चरणों में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब मतगणना की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने शुक्रवार को संभागीय आयुक्त कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतगणना की व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं रहे। मतगणना प्रक्रिया को पूर्ण निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक मतदाता के मताधिकार की स्वतंत्रता एवं निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्वाचन कार्य में नियुक्त सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता, सजगता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंह ने निर्वाचन कार्य में नियुक्त अधिकारियों एवं कार्मिकों के प्रशिक्षण की जानकारी लेते हुए कहा कि मतगणना में लगाए जाने वाले कार्मिकों को प्रक्रिया के प्रत्येक पहलू से भलीभांति अवगत करवाया जाए, ताकि मतगणना निर्धारित नियमों के अनुरूप सुचारू रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने मतगणना केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने तथा ईवीएम की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांकन एवं विजय जुलूस पूर्णतः प्रतिबंधित हैं। इन निर्देशों की सख्ती से पालना करवाई जाए। जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष को निरंतर सक्रिय रखने और निर्वाचन से जुड़े विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने जिले में मतदाता जागरूकता के लिए संचालित स्वीप गतिविधियों एवं नवाचारों की सराहना की। उन्होंने मतदान केंद्रों पर महिला कांस्टेबल की नियुक्ति तथा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए व्हीलचेयर, स्काउट एवं गाइड प्रतिनिधियों की सेवाएं लेने की पहल को उपयोगी बताया।बैठक में संभागीय आयुक्त कन्हैया लाल एवं पुलिस महानिरीक्षक सत्येंद्र सिंह से संभाग के अन्य जिलों में निर्वाचन तैयारियों और कानून व्यवस्था की जानकारी ली गई। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी जिलों में निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा करने तथा प्रशासन एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक रंजन ने बताया कि जिले में प्रथम एवं द्वितीय चरण का मतदान संपन्न हो चुका है। अब मतगणना के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा, कार्मिकों की नियुक्ति एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।निर्वाचन पर्यवेक्षक एवं जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवर लाल ने निर्वाचन प्रक्रिया के पर्यवेक्षण एवं अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।3
- EXCLUSIVE NEWs नागौर ,,मेड़ता विधानसभा से बड़ी खबर पंचायत चुनाव में दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं की परेशानी आई सामने व्हीलचेयर की कमी, परिजन बुजुर्ग मतदाता को गोद में उठाकर मतदान केंद्र तक ले जाने को मजबूर EXCLUSIVE NEWs नागौर ,,मेड़ता विधानसभा से बड़ी खबर पंचायत चुनाव में दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं की परेशानी आई सामने, व्हीलचेयर की कमी, परिजन बुजुर्ग मतदाता को गोद में उठाकर मतदान केंद्र तक ले जाने को मजबूर कस्बे के पुराना पुलिस थाना रोड स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में मतदान केंद्र में उठे व्यवस्था पर उठे सवाल पंचायत राज आम चुनाव-2026 के तहत सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए मतदान जारी है, इसी बीच के मतदान केंद्र पर व्यवस्थाओं की कमी का मामला सामने आया है। बड़े कस्बे व्हीलचेयर के मतदान केंद्र परिसर में व्हीलचेयर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से वरिष्ठ नागरिकों और चलने-फिरने में असमर्थ मतदाताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक बुजुर्ग मतदाता को उनके ही परिवार के सदस्य गोद में उठाकर मतदान करवाने के लिए ले जाते नजर आए, बताया जा रहा है कि पूरे मतदान केंद्र परिसर में केवल एक व्हीलचेयर होने के कारण जरूरतमंद मतदाताओं को इंतजार करना पड़ रहा है, एक तरफ निर्वाचन आयोग की ओर से सुगम और सुचारु मतदान के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मतदान केंद्र पर व्हीलचेयर की कमी ने दिव्यांग एवं बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं,4