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राजस्थान के सकरघटा में राजेश पायलट की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ा।
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राजस्थान के सकरघटा में राजेश पायलट की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ा।
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- मध्य प्रदेश के दमोह जिले में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बरामद की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1200 पेटी अवैध शराब जब्त की गई है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।1
- Post by Riporter, Rajesh Mehra1
- राजस्थान के उनियारा थाना क्षेत्र के ठीकरिया जाटान गांव में एक लापता विवाहिता खुशबू, जो हंसराज बैरवा की पत्नी थीं, का शव जंगल में स्थित एक कुएं से मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। खुशबू पिछले तीन दिनों से लापता थीं और उनके पीहर पक्ष ने उनियारा थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। आज सुबह ग्रामीणों द्वारा कुएं में शव देखे जाने की सूचना मिलने पर बनेठा और उनियारा पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकलवाकर उनियारा चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। शव मिलने की खबर पर, रूपपुरा जन सेवा शिविर से सीधे अस्पताल पहुँची एसडीएम पूजा मीणा और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में पीहर पक्ष और ससुराल पक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। पीहर पक्ष ने ससुरालियों पर खुशबू की हत्या कर सबूत मिटाने के इरादे से शव को कुएं में फेंकने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के भाई की शिकायत पर, पुलिस ने ससुराल पक्ष के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। प्रशासन की समझाइश के बाद शव को पीहर पक्ष को सौंप दिया गया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है।1
- उनियारा थाना क्षेत्र के ठीकरिया जाटान की एक विवाहिता का शव ठीकरिया गांव के जंगल में स्थित एक कुएं में मिला है। यह जानकारी बकरी चराने वाले लोगों द्वारा गांव में दी गई, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकाला। शव की पहचान ठीकरिया जाटान निवासी हंसराज बैरवा की पत्नी खुशबू के रूप में हुई। खुशबू के पीहर पक्ष ने तीन दिन पहले उनियारा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, जिसका पीहर हरचदेड़ा बंबोर, थाना सदर टोंक में है। शव को कुएं से निकालकर उनियारा चिकित्सालय लाया गया, जहाँ उनियारा की एसडीएम पूजा मीणा और थाना प्रभारी कप्तान सिंह मौके पर पहुँचे। उन्होंने दोनों पक्षों, यानी पीहर पक्ष और ससुराल पक्ष के सामने बात रखी। इस दौरान दोनों पक्षों में शव को ले जाने को लेकर विवाद हो गया। पीहर पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने विवाहिता खुशबू को जान से मारकर कुएं में फेंक दिया है। विवाहिता के भाई ने उनियारा पुलिस थाने में ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ जान से मारने और शव को कुएं में फेंक देने की बात को लेकर मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने बाद में ससुराल पक्ष की सहमति से पीहर पक्ष को शव ले जाने दिया। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।4
- लाखेरी शहर के बूंदी रोड स्थित सुभाष सर्किल पर नगरपालिका की बेशकीमती भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ नगरपालिका प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। अधिशासी अधिकारी नरेश राठौर के आदेश पर हुए इस अभियान में, अतिक्रमण को ध्वस्त कर पालिका की भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान, नगर पालिका के कर्मचारी जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुँचे। कुछ लोगों ने इस कार्यवाही का विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन पर्याप्त पुलिस जाप्ता मौजूद होने के कारण अतिक्रमण हटाने का काम बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अतिक्रमण हटाये जाने के बाद, उक्त भूमि पर नगरपालिका की संपत्ति का बोर्ड भी लगाया गया। इस दौरान कनिष्ठ अभियंता दिनेश मीणा सहित नगरपालिका के कई कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे। अधिशासी अधिकारी नरेश राठौर ने स्पष्ट किया कि नगरपालिका की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पालिका की भूमि और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। राठौर ने आमजन से अपील की कि वे इस प्रकार की कार्यवाही में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें।4
- पीपलू उपखंड क्षेत्र की कुरेडा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले कुरेडी गांव के तालाब में एक बेसहारा गौमाता गहरे कीचड़ में फंस गई, जिससे उसकी जान खतरे में पड़ गई थी। जब स्थानीय लोगों की नज़र तड़पती हुई गाय पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत गौसेवकों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही मां अम्बे आजाद हिंद गौशाला के गौसेवक, जिनमें गौसेवक नरेश कुरेडा भी शामिल थे, बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे। गौमाता तालाब के दलदल और कीचड़ में इतनी धंस चुकी थी कि उसका खुद बाहर निकलना असंभव था। गौसेवकों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से भारी कीचड़ के बीच कड़ी मशक्कत और सूझबूझ का परिचय देते हुए गौमाता को सुरक्षित दलदल से बाहर निकाल लिया। कीचड़ में लंबे समय तक फंसे रहने के कारण गौमाता काफी कमजोर हो चुकी थी। उसे बाहर निकालने के तुरंत बाद गौसेवकों ने सेवा भाव दिखाते हुए मौके पर ही उसका प्राथमिक उपचार किया, आवश्यक दवाइयां दीं और उसके लिए चारे-पानी की व्यवस्था भी की। इस सराहनीय रेस्क्यू ऑपरेशन में गौसेवक लोकेश कुरेडा, दीपक जांगिड़, नरसी यादव, अजय, नरेश, कालू और बाबू सहित कई ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से योगदान दिया और बेसहारा गौमाता के लिए मसीहा बनकर उभरे।2
- इंदरगढ़ से उनियारा की ओर घूमते हुए, मन में घूमने की इच्छा उठ रही थी। इसी इच्छा के चलते यह यात्रा हो रही थी।1