सतना जिले के कन्या महाविद्यालय में छात्राओं ने अपनी छात्रवृत्ति का भुगतान न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि पिछले छह महीने से उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली है, जिसके कारण वे काफी परेशान हैं। छात्राओं के अनुसार, उनकी इस समस्या का मुख्य कारण कॉलेज प्रशासन द्वारा पोर्टल पर डेटा अपडेट न किया जाना है। वे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं, लेकिन कॉलेज की इस लापरवाही के चलते उनकी छात्रवृत्ति की प्रक्रिया पूरी तरह से ठप पड़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर छात्राओं ने आज कन्या महाविद्यालय के सामने ही एसडीएम के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की मांग की, ताकि उनकी रुकी हुई छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित हो सके। छात्राएं अपनी भविष्य की शिक्षा को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाता है।
सतना जिले के कन्या महाविद्यालय में छात्राओं ने अपनी छात्रवृत्ति का भुगतान न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि पिछले छह महीने से उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली है, जिसके कारण वे काफी परेशान हैं। छात्राओं के अनुसार, उनकी इस समस्या का मुख्य कारण कॉलेज प्रशासन द्वारा पोर्टल पर डेटा अपडेट न किया जाना है। वे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं, लेकिन कॉलेज की इस लापरवाही के चलते उनकी छात्रवृत्ति की प्रक्रिया पूरी तरह से ठप पड़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर छात्राओं ने आज कन्या महाविद्यालय के सामने ही एसडीएम के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल पोर्टल पर डेटा अपडेट करने की मांग की, ताकि उनकी रुकी हुई छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित हो सके। छात्राएं अपनी भविष्य की शिक्षा को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या कदम उठाता है।
- सतना पुलिस ने डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए एक 'साइबर सुरक्षा जागरूकता रैली' का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से सचेत करना और उन्हें खुद को सुरक्षित रखने के प्रभावी तरीके सिखाना था। पुलिस अधिकारियों ने रैली के माध्यम से लोगों को सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे फोटो, वीडियो और फोन नंबर साझा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने का संदेश दिया। इस दौरान, आम जनता को विशेष सुझाव दिए गए, जिनमें अपने ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत पासवर्ड रखने और उन्हें समय-समय पर बदलते रहने की सलाह शामिल थी। साथ ही, अज्ञात व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क न बनाने, लॉटरी जीतने या भारी मुनाफा देने जैसे फर्जी ऑफर्स से सावधान रहने और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या वेबसाइट पर पैसे भेजने की मांग होने पर तुरंत सतर्क हो जाने का आग्रह किया गया। सतना पुलिस ने इस रैली के माध्यम से साइबर अपराधों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का एक प्रशंसनीय कार्य किया है। नागरिकों को यह भी बताया गया कि यदि उनके साथ कोई साइबर अपराध होता है, तो वे तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।1
- साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के मद्देनजर, सतना पुलिस ने प्रदेशव्यापी 'Safe Click 2.0' अभियान के तहत एक साइबर जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, फिशिंग लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने लोगों को किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल प्रभाव से साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। यह 'Safe Click 2.0' अभियान पूरे मध्यप्रदेश राज्य में 24 जून से 8 जुलाई तक चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल दुनिया में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के पद संभालने के बाद उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा उज्जैन में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने का मामला चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के बाद परिवार और संबद्ध कंपनियों ने लगभग 168 एकड़ क्षेत्र में फैले 137 प्लॉट खरीदे हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि खरीदी गई कई जमीनें सरकारी परियोजनाओं और विकास योजनाओं के आसपास स्थित हैं। इस खुलासे के बाद भूमि खरीद और संभावित हितों के टकराव को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक स्थिति पर भी नजर बनी हुई है।1
- अयोध्या में श्री राम मंदिर ट्रस्ट में कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा किया गया है कि ट्रस्ट में, विशेष रूप से अध्यक्ष से जुड़े, कई भ्रष्टाचारों की 'खुली पोल' हो रही है। इस खुलासे से संबंधित एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें इन भ्रष्टाचारों का पर्दाफाश करने की बात कही गई है। लोगों से इस वीडियो को पूरा सुनने और अधिक से अधिक साझा करने की अपील की जा रही है।1
- मैहर जिले में पुलिस विभाग ने हाल ही में "सेफ क्लिक 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन" नामक एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। इस पहल का लक्ष्य लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया पर होने वाले अपराधों और समग्र डिजिटल सुरक्षा के महत्व के बारे में सचेत करना है। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों, बाजार क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। नागरिकों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग या ओटीपी संबंधी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें, और संदिग्ध कॉल या संदेशों के प्रति हमेशा सतर्क रहें। पुलिस ने आम जनता से यह भी अपील की है कि यदि वे कभी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो उन्हें बिना किसी देरी के राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर विस्तृत जानकारी देनी चाहिए। पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने इस अभियान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि "सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन" केवल एक अभियान मात्र नहीं है, बल्कि यह डिजिटल सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य नागरिकों को साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचाना है। इस अभियान के माध्यम से डिजिटल युग में सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों पर प्रभावी रोकथाम का सशक्त संदेश दिया गया।4
- भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है और प्रदेश की जनता उनके षडयंत्र को बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताया, जो प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह गलत करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साल 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो साल 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर 12.29 एकड़ जमीन भी 2026 तक अपरिवर्तित रही है। खंडेलवाल ने सिद्धि विनायक कंपनी का भी जिक्र किया, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें भी डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया, और यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थी। वहीं, उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर की थी। खंडेलवाल ने उन रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोपों को भी गलत बताया, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है, और स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री तथा उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है और उन्हें मिली जानकारी के अनुसार, उन पर लगाए गए तथ्य भी गलत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ये रिश्तेदार भी अपनी बात रखेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी जानबूझकर षडयंत्र रच रही है, क्योंकि वह पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री (चाहे उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों, या डॉ. मोहन यादव) का नेतृत्व बर्दाश्त नहीं कर पाती और उन्हें कमजोर करने की कोशिश करती है।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम इटमा में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ नवनिर्मित पानी की टंकी अपने निर्माण के कुछ ही दिनों के भीतर ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय मौके पर मौजूद लोग सतर्कता दिखाते हुए समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा जन-धन का नुकसान होने से बच गया। मिली जानकारी के अनुसार, यह पानी की टंकी ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाई गई थी, लेकिन इसकी निर्माण गुणवत्ता इतनी घटिया थी कि वह अपना भार भी नहीं सह सकी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टंकी गिरने के दौरान एक व्यक्ति वहाँ से गुजर रहा था, जो चमत्कारिक ढंग से बाल-बाल बच गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन और संबंधित ठेकेदार के प्रति गहरा आक्रोश है, और लोग इसे सरकारी धन के सीधे-सीधे बंदरबांट और भ्रष्टाचार का मामला बता रहे हैं। ग्राम इटमा के नागरिकों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। वे दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने निर्माण कार्य की देखरेख करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और घटिया सामग्री के उपयोग पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।1
- सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र में एक आदिवासी युवक के साथ कथित मारपीट के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सिंहपुर थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत भंवर के युवक पप्पू आदिवासी ने प्रारंभिक तौर पर ग्राम पंचायत भंवर के सरपंच पति विकास सिंह और उनके परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया था। हालांकि, बाद में युवक और उसके परिजनों के कथित तौर पर दिए गए बयान में बदलाव की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि घटना के समय युवक नशे की हालत में था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस द्वारा कराए गए चिकित्सीय परीक्षण (एमएलसी) में युवक को कोई गंभीर अथवा स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले हैं। इस बीच, स्थानीय लोगों का एक वर्ग इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर देख रहा है और आरोप लगा रहा है कि यह सरपंच पति की छवि खराब करने तथा मामला दर्ज कराने का प्रयास हो सकता है।1
- मैहर जिले में पुलिस विभाग द्वारा 'सेफ क्लिक 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन' नामक एक अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। इस पहल के तहत लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराधों और डिजिटल सुरक्षा के खतरों से सचेत किया जा रहा है। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों, बाजार क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। नागरिकों को यह सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग या ओटीपी संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध कॉल या संदेशों से हमेशा सावधान रहें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि वे कभी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं या साइबर क्राइम पोर्टल पर विस्तृत जानकारी दें। पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने इस पहल को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया, जिससे नागरिक साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकें। इस अभियान के माध्यम से डिजिटल युग में सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों पर प्रभावी रोकथाम का संदेश दिया गया है।1