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मध्य प्रदेश के रीवा स्थित पद्मधर कॉलोनी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लगभग 12 घंटे तक कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रभावित परिवार ने इस पर गहरी आपत्ति जताते हुए इसे पूरी तरह से एक राजनीतिक साजिश बताया है। खबर में यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्रवाई समाप्त होने के बाद जब मीडिया ने टीम से सवाल पूछे, तो ED की टीम ने उन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और सवालों से बचती नजर आई।
Avi Standing with the truth
मध्य प्रदेश के रीवा स्थित पद्मधर कॉलोनी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लगभग 12 घंटे तक कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रभावित परिवार ने इस पर गहरी आपत्ति जताते हुए इसे पूरी तरह से एक राजनीतिक साजिश बताया है। खबर में यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्रवाई समाप्त होने के बाद जब मीडिया ने टीम से सवाल पूछे, तो ED की टीम ने उन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और सवालों से बचती नजर आई।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- जवा पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस बल न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करता है, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता और सुरक्षा के लिए भी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करता है। इस सराहनीय पहल के लिए स्थानीय लोगों ने भी जवा पुलिस की खुले दिल से प्रशंसा की है, जो पुलिस की जनसेवा में तत्परता और संवेदनशीलता को उजागर करता है।1
- राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन जवा मंडल में किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- सीधी जिले के मझौली थाना अंतर्गत डेवा गाँव में एक मूर्ति को खंडित कर कचरे में फेंकने की घटना सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है।1
- एक विधवा महिला ने अपने देवर पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने दावा किया है कि उनके देवर ने उनकी निजी संपत्ति पर अवैध रूप से अधिकार जमा लिया है और विरोध करने पर उनके साथ शारीरिक हिंसा की है।1
- शनिवार को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ मेडिको-लीगल मामले में परिजनों ने पोस्टमार्टम से पहले ही शव को मार्चरी से हटा लिया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत गाँव पहुँचकर चिता से शव को वापस अस्पताल लाया गया, जिसके बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम संपन्न कराया गया। जानकारी के अनुसार, यह मामला कनौजा निवासी मुकेश बंसल की उपचार के दौरान हुई मौत से जुड़ा है। परिजनों ने उनकी मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी, जिसके कारण शव को पोस्टमार्टम के लिए मार्चरी में रखा गया था और मामला मेडिको-लीगल दर्ज किया गया था। हालाँकि, शनिवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले ही परिजन शव लेकर गाँव पहुँच गए और अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने लगे। मार्चरी से शव गायब होने की खबर से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद अमहिया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने गाँव पहुँचकर परिजनों को समझाया और शव को चिता से वापस अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया। इस घटना पर टिप्पणी करते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि मेडिको-लीगल मामलों में कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम अनिवार्य होता है, जिसका पालन सभी को करना चाहिए।1
- महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया है। इस दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। हादसे के बाद मलबे से लगभग 25 घायल व्यक्तियों को निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।1
- मुंबई के पवई स्थित आईआईटी बॉम्बे कैंपस में एक वयस्क तेंदुए ने स्टाफ हॉस्टल परिसर में घुसकर आतंक मचाया और वहाँ मौजूद एक स्थानीय कुत्ते का शिकार कर लिया। इस पूरी घटना का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ अचानक झाड़ियों से बाहर निकलता है और सीढ़ियों के पास बैठे कुत्ते पर झपट्टा मारकर उसे घसीटते हुए अपने साथ ले जाता है।1
- सतना जिले के कोटर क्षेत्र स्थित पशु चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सक डॉ. प्रीतम सिंह पर एक किसान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का कहना है कि उनके बीमार बछड़े के उपचार के दौरान डॉक्टर ने गलत दवा दी, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। पीड़ित किसान का आरोप है कि वह अपने बछड़े को इलाज के लिए पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचा था, जहां उपचार और दवा दिए जाने के बाद पशु की तबीयत में सुधार होने के बजाय लगातार गिरावट आती गई। किसान ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पशुपालकों के लिए चिंता का विषय है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग के अधिकारियों से जांच की मांग भी उठने लगी है।1
- एक परिवार एक साथ बैठकर मौज मस्ती कर रहा था, जब अचानक किसी की हालत बिगड़ गई। इस अप्रत्याशित घटना के बाद परिवार की खुशियां गहरे मातम में बदल गईं और अस्पताल में दुख का माहौल छा गया।1