1995 में AK-47... अब झिरन्या में हर्ष फायरिंग! शेख के स्वागत में चली गोलियां शेख के स्वागत समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में भीड़ के बीच हथियारों से फायरिंग और नोट उड़ाते हुए लोग दिखाई दिए। पुलिस ने वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। एक आरोपी वीडियो में चेहरे पर नकाब लगाए दिखाई दिया था। पुलिस हथियारों के लाइसेंस और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। � News Darpan +1 लेकिन इस मामले में सवाल सिर्फ फायरिंग तक सीमित नहीं हैं। शेख को झिरन्या किसने बुलाया? शेख की मेहमाननवाजी किसने की? दुबई से झिरन्या आने का उद्देश्य क्या था? उसके स्थानीय संपर्क कौन थे? स्वागत समारोह का आयोजन किसने किया? फायरिंग के लिए हथियार वहां तक कैसे पहुंचे? और क्या पूरे आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच होगी? झिरन्या का पुराना इतिहास भी इस मामले को संवेदनशील बनाता है। उपलब्ध पुराने स्रोतों के अनुसार 1995 में झिरन्या से जुड़े एक मामले में बड़ी संख्या में AK-47 राइफलों की बरामदगी का उल्लेख मिलता है और इस प्रकरण में सोहराबुद्दीन का नाम सामने आया था। � Webdunia +1 हालांकि, 1995 के उस पुराने हथियार प्रकरण और 2026 की इस हर्ष फायरिंग के बीच कोई संबंध होने का प्रमाण फिलहाल सामने नहीं आया है। इसलिए हमारी रिपोर्ट इन दोनों घटनाओं को जोड़कर कोई निष्कर्ष नहीं निकालती, बल्कि यह सवाल उठाती है कि मौजूदा घटना की जांच क्या सुरक्षा के हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए? नकाब के पीछे एक... या चेहरे हैं अनेक? झिरन्या और शेख—एक संयोग या कोई नया योग? 1995 की हथियारों वाली कहानी... और 2026 की फायरिंग—क्या सिर्फ संयोग? देखिए BH STATE 36 NEWS की यह विशेष पड़ताल। BH STATE 36 NEWS — सच हर तरफ, बेबाक
1995 में AK-47... अब झिरन्या में हर्ष फायरिंग! शेख के स्वागत में चली गोलियां शेख के स्वागत समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में भीड़ के बीच हथियारों से फायरिंग और नोट उड़ाते हुए लोग दिखाई दिए। पुलिस ने वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। एक आरोपी वीडियो में चेहरे पर नकाब लगाए दिखाई दिया था। पुलिस हथियारों के लाइसेंस और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। � News Darpan +1 लेकिन इस मामले में सवाल सिर्फ फायरिंग तक सीमित नहीं हैं। शेख को झिरन्या किसने बुलाया? शेख की मेहमाननवाजी किसने की? दुबई से झिरन्या आने का उद्देश्य क्या था? उसके स्थानीय संपर्क कौन थे? स्वागत समारोह का आयोजन किसने किया? फायरिंग के लिए हथियार वहां तक कैसे पहुंचे? और क्या पूरे आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच होगी? झिरन्या का पुराना इतिहास भी इस मामले को संवेदनशील बनाता है। उपलब्ध पुराने स्रोतों के अनुसार 1995 में झिरन्या से जुड़े एक मामले में बड़ी संख्या में AK-47 राइफलों की बरामदगी का उल्लेख मिलता है और इस प्रकरण में सोहराबुद्दीन का नाम सामने आया था। � Webdunia +1 हालांकि, 1995 के उस पुराने हथियार प्रकरण और 2026 की इस हर्ष फायरिंग के बीच कोई संबंध होने का प्रमाण फिलहाल सामने नहीं आया है। इसलिए हमारी रिपोर्ट इन दोनों घटनाओं को जोड़कर कोई निष्कर्ष नहीं निकालती, बल्कि यह सवाल उठाती है कि मौजूदा घटना की जांच क्या सुरक्षा के हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए? नकाब के पीछे एक... या चेहरे हैं अनेक? झिरन्या और शेख—एक संयोग या कोई नया योग? 1995 की हथियारों वाली कहानी... और 2026 की फायरिंग—क्या सिर्फ संयोग? देखिए BH STATE 36 NEWS की यह विशेष पड़ताल। BH STATE 36 NEWS — सच हर तरफ, बेबाक
- हुस्न का जाल या Honey Trap?रेलवे अधिकारी को AI से ब्लैकमेल करने का आरोप, 15 लाख की मांग | Jhansi AI Blackmail Case झांसी में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी को AI से तैयार कथित आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक कर्नाटक के हुबली की 27 वर्षीय मरीना लाजरस उर्फ मरीना जेस्सी को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने रेलवे अधिकारी और उनके परिवार को कथित तौर पर आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए धमकाया और 15 लाख रुपये की मांग की। शिकायत के मुताबिक कथित तौर पर पहले भी करीब 40 हजार रुपये दिए गए थे। 31 जुलाई को AI से तैयार कथित तस्वीर भेजकर रकम मांगने और तस्वीर वायरल करने की धमकी देने का आरोप है। � AajTak +1 मामले में अधिकारी की पत्नी अंकिता भारद्वाज ने नवाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को प्रयागराज से गिरफ्तार किया। उसके पास से दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किए गए हैं। � The Times of India +1 अब पुलिस डिजिटल उपकरणों, चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग, CDR और कथित AI तस्वीरों की जांच कर रही है। तस्वीरों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। � Amar Ujala क्या आरोपी अकेली थी? क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल है? AI तस्वीरें कैसे तैयार हुईं? और पैसे का पूरा लेन-देन कहां तक पहुंचता है? इन सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे। BH STATE 36 NEWS — खबर की हर परत पर नजर।1
- बड़ौद 12 सितंबर पर्युषण पर्व पर धूमधाम से मनाया गया भगवान महावीर का जन्म वांचन, साध्वीवर्या श्री जिनकीर्ति श्री जी म.सा. की निश्रा में सम्पन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान; श्रद्धालुओं ने लीं विभिन्न बोलियां बड़ौद ( आगर) नगर में जैन समाज का परम पवित्र पर्युषण पर्व अगाध श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पर्युषण पर्व की निरंतर चल रही आराधना श्रृंखला के अंतर्गत आराधना भवन में भगवान महावीर स्वामी का पावन जन्म वांचन महोत्सव अत्यंत धूमधाम व उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह भव्य धार्मिक आयोजन पूज्य साध्वीवर्या श्री जिनकीर्ति श्री जी महाराज साहब (आदि ठाणा 2) की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। पालना जी झूलाने का लाभार्थी सौभाग्य नंदलाल जी भंवरलाल जी नाहर परिवार ने प्राप्त किया। माता त्रिशला के सपनों का लाभ: श्री विपुल कुमार संजय कुमार गांधी परिवार द्वारा लिया गया। अष्ट मंगल व अन्य बोलियां: समाजजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए धर्म लाभ अर्जित किया। पार्श्वनाथ जिनालय जीर्णोद्धार योजना: बड़ौद स्थित ऐतिहासिक श्री पार्श्वनाथ जिनालय का शीघ्र ही जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। इस पुनरुद्धार कार्य हेतु समाज के अनेक भामाशाहों व भाग्यशालियों ने ₹1,08,000/- की भूमिदान योजना में अपना अमूल्य योगदान दिया। जुलूस एवं महाआरती: जन्म वांचन के उपरांत प्रभु महावीर जी का सुसज्जित जुलूस आराधना भवन से प्रारंभ होकर श्री विमलनाथ जिनालय पहुंचा, जहां महाआरती का आयोजन हुआ। पार्श्वनाथ जिनालय में आरती का लाभ: श्री राजमल जी भंवरलाल जी बोहरा परिवार विमलनाथ मंदिर में आरती का सौभाग्य: श्री शांतिलाल जी कन्हैयालाल जी (रामनगर वाले) परिवार स्वामी वात्सल्य / नवकारशी: नवरत्न परिवार द्वारा सुंदर लाभ लिया गया। संपूर्ण बोलियों एवं कार्यक्रम का कुशल संचालन संतोष जैन द्वारा किया गया। 4
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा बैजनाथ महादेव के दर्शन कर विधि-विधान से किया अभिषेक प्रदेश एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की आगर मालवा, 13 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आगर प्रवास के दौरान बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा अर्चना कर बाबा बैजनाथ महादेव का अभिषेक किया तथा प्रदेश एवं प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री श्रीनागर सिंह चौहान, विधायक आगर श्री माधव सिंह ‘मधु’ गहलोत, जिला अध्यक्ष श्री ओम मालवीय, अन्य जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह एवं उज्जैन रेंज के आईजी एवं एडीजीपी श्री राकेश कुमार गुप्ता, कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना, एवं पुलिस अधीक्षक श्री दिलीप कुमार सोनी भी मौजूद थे।1
- आमला नानकार में हवन शांति यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ के साथ हुआ भंडारे का समापन पत्रकार मनोज कुमार माली जिला आगर मालवा से सुसनेर नगर में इंदौर कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग 552 जी पर स्थित ग्राम पंचायत आमला नानकार छापरिया रोड स्थित बाबा रामदेव जी महाराज के भंडारे का आज हवन शांति यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ हुआ समापन उसके उपरांत ही महा आरती फिर महा भोज का आयोजन हुआ जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की भंडारा आमला नानकार ग्राम के लोगो द्वारा प्रति वर्ष संचालित किया जाता है जिसको सावन माह से शुरू किया जाता तथा भादवा मास की बीज पर समापन किया जाता है जिसमें भंडारे में कोई भी व्यक्ति दान कर सकता है1
- आगर में CM मोहन यादव को पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन प्रशासन और पत्रकारों से समन्वय होना चाहिए आगर में CM मोहन यादव को पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन आगर-मालवा। लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त के अंतरण और विकास कार्यों के कार्यक्रम में आगर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हेलीपैड पर पत्रकारों की छह सदस्यीय टीम ने ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा को आगर से हटाने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।1
- आगर में CM मोहन यादव को पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन SUSNER Se Yahya Khan आगर में CM मोहन यादव को पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन आगर-मालवा। लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त के अंतरण कार्यक्रम में आगर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हेलीपैड पर पत्रकारों की छह सदस्यीय टीम ने ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा को आगर से हटाने की मांग की।1
- डग-धतुरिया मार्ग खस्ताहाल, वाहन चलाना दुशवार जगह-जगह गहरे गड्ढे, दुर्घटना का बना खतरा; पेचवर्क की मांग डग झालावाड़। रिपोर्टर अब्दुल अलीम। डग-हरनावदा से धतुरिया 3 किलोमीटर जाने वाला मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी हुई सड़क के कारण वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग की जर्जर हालत के चलते दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। वाहन चालकों का कहना है कि गड्ढों के कारण कभी टायर फटने तो कभी वाहन की कमानी टूटने का डर बना रहता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग अधिक जोखिम भरा साबित हो रहा है। ग्रामीणों और यात्रियों ने बताया कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। यात्रियों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से मांग की है कि मार्ग पर शीघ्र पेचवर्क करवाकर गड्ढों को भरवाया जाए, ताकि आवागमन सुगम हो सके और वाहनों को होने वाले नुकसान से राहत मिल सके। सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों कर रहा है? यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई और मार्ग पर कोई दुर्घटना अथवा जनहानि होती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय करने की मांग ग्रामीणों ने उठाई है।3
- 1995 में AK-47... अब झिरन्या में हर्ष फायरिंग! शेख के स्वागत में चली गोलियां शेख के स्वागत समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में भीड़ के बीच हथियारों से फायरिंग और नोट उड़ाते हुए लोग दिखाई दिए। पुलिस ने वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। एक आरोपी वीडियो में चेहरे पर नकाब लगाए दिखाई दिया था। पुलिस हथियारों के लाइसेंस और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। � News Darpan +1 लेकिन इस मामले में सवाल सिर्फ फायरिंग तक सीमित नहीं हैं। शेख को झिरन्या किसने बुलाया? शेख की मेहमाननवाजी किसने की? दुबई से झिरन्या आने का उद्देश्य क्या था? उसके स्थानीय संपर्क कौन थे? स्वागत समारोह का आयोजन किसने किया? फायरिंग के लिए हथियार वहां तक कैसे पहुंचे? और क्या पूरे आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच होगी? झिरन्या का पुराना इतिहास भी इस मामले को संवेदनशील बनाता है। उपलब्ध पुराने स्रोतों के अनुसार 1995 में झिरन्या से जुड़े एक मामले में बड़ी संख्या में AK-47 राइफलों की बरामदगी का उल्लेख मिलता है और इस प्रकरण में सोहराबुद्दीन का नाम सामने आया था। � Webdunia +1 हालांकि, 1995 के उस पुराने हथियार प्रकरण और 2026 की इस हर्ष फायरिंग के बीच कोई संबंध होने का प्रमाण फिलहाल सामने नहीं आया है। इसलिए हमारी रिपोर्ट इन दोनों घटनाओं को जोड़कर कोई निष्कर्ष नहीं निकालती, बल्कि यह सवाल उठाती है कि मौजूदा घटना की जांच क्या सुरक्षा के हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए? नकाब के पीछे एक... या चेहरे हैं अनेक? झिरन्या और शेख—एक संयोग या कोई नया योग? 1995 की हथियारों वाली कहानी... और 2026 की फायरिंग—क्या सिर्फ संयोग? देखिए BH STATE 36 NEWS की यह विशेष पड़ताल। BH STATE 36 NEWS — सच हर तरफ, बेबाक1