लगभग 6 माह से पेयजल संकट झेल रहे छेचा पंचायत के पुटुआगढ़ गांव के कोरवा आदिम जनजाति परिवारों को आखिरकार राहत मिल गई है। लगभग 6 माह से पेयजल संकट झेल रहे छेचा पंचायत के पुटुआगढ़ गांव के कोरवा आदिम जनजाति परिवारों को आखिरकार राहत मिल गई है। जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर की पहल पर खराब पड़े जलमीनार को दुरुस्त कर पुनः चालू कर दिया गया, जिससे अब ग्रामीणों को पीने का पानी उपलब्ध होने लगा है।दरअसल, 7 अप्रैल को पुटुआगढ़ दौरे के दौरान ग्रामीणों जितेंद्र कोरवा, दिनु कोरवा, अनिल कोरवा, बीरेंद्र कोरवा और अर्जुन कोरवा समेत अन्य लोगों ने जिला परिषद सदस्य को बताया था कि जलमीनार कई महीनों से मशीनरी खराबी के कारण बंद पड़ा है। इसके चलते ग्रामीणों को नदी और दूर-दराज के कुओं से पानी लाना पड़ रहा था, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही गांव में मांगलिक कार्यक्रमों के कारण पानी की जरूरत और बढ़ गई थी।मामले को गंभीरता से लेते हुए संतोषी शेखर ने पीएचईडी विभाग के अधिकारियों को जलमीनार दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इसके बाद कनीय अभियंता पियूष रंजन ने मिस्त्री टीम भेजकर जांच करवाई, जिसमें पाया गया कि जलमीनार की मेंटेनेंस अवधि समाप्त हो चुकी है।जिला परिषद सदस्य ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समस्या के त्वरित समाधान पर जोर दिया।इसके बाद पीएचईडी अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए निजी खर्च पर मशीनरी की मरम्मत करवाई। पवन सिंह के नेतृत्व में मिस्त्री टीम ने 19 अप्रैल को जलमीनार को पूरी तरह ठीक कर पानी आपूर्ति शुरू कर दी।संतोषी शेखर ने कहा कि आदिम जनजाति परिवारों के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है और सभी पात्र लोगों को उनसे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में पेयजल संकट से बचाव के लिए गांव में जल्द ही बोरिंग कराने की पहल की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना न पड़े।
लगभग 6 माह से पेयजल संकट झेल रहे छेचा पंचायत के पुटुआगढ़ गांव के कोरवा आदिम जनजाति परिवारों को आखिरकार राहत मिल गई है। लगभग 6 माह से पेयजल संकट झेल रहे छेचा पंचायत के पुटुआगढ़ गांव के कोरवा आदिम जनजाति परिवारों को आखिरकार राहत मिल गई है। जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर की पहल पर खराब पड़े जलमीनार को दुरुस्त कर पुनः चालू कर दिया गया, जिससे अब ग्रामीणों को पीने का पानी उपलब्ध होने लगा है।दरअसल, 7 अप्रैल को पुटुआगढ़ दौरे के दौरान ग्रामीणों जितेंद्र कोरवा, दिनु कोरवा, अनिल कोरवा, बीरेंद्र कोरवा और अर्जुन कोरवा समेत अन्य लोगों ने जिला परिषद सदस्य को बताया था कि जलमीनार कई महीनों से मशीनरी खराबी के कारण बंद पड़ा है। इसके चलते ग्रामीणों को नदी और दूर-दराज के कुओं से पानी लाना पड़ रहा था, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही गांव में मांगलिक कार्यक्रमों के कारण पानी की जरूरत और
बढ़ गई थी।मामले को गंभीरता से लेते हुए संतोषी शेखर ने पीएचईडी विभाग के अधिकारियों को जलमीनार दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इसके बाद कनीय अभियंता पियूष रंजन ने मिस्त्री टीम भेजकर जांच करवाई, जिसमें पाया गया कि जलमीनार की मेंटेनेंस अवधि समाप्त हो चुकी है।जिला परिषद सदस्य ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समस्या के त्वरित समाधान पर जोर दिया।इसके बाद पीएचईडी अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए निजी खर्च पर मशीनरी की मरम्मत करवाई। पवन सिंह के नेतृत्व में मिस्त्री टीम ने 19 अप्रैल को जलमीनार को पूरी तरह ठीक कर पानी आपूर्ति शुरू कर दी।संतोषी शेखर ने कहा कि आदिम जनजाति परिवारों के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है और सभी पात्र लोगों को उनसे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में पेयजल संकट से बचाव के लिए गांव में जल्द ही बोरिंग कराने की पहल की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना न पड़े।
- महुआडांड प्रखंड स्थित ग्राम ओरसापाठ में आज प्रकृति पर्व सरहुल महोत्सव परंपरागत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य पुजारी बैगा संजय नगेसिया ने सरना स्थल पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रकृति की रक्षा व ग्राम की सुख-समृद्धि की कामना की। *झंडे को लेकर उपजा विवाद* महोत्सव के दौरान उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब सरना स्थल पर 'चिरा झंडा' लगाए जाने का मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार, आदिवासी एकता विकास मंच के विजय नगेसिया, विनोद उरांव, मंगलदेव नगेसिया, फतेश्वर मुंडा, चितरंजन उरांव और अम्वाटोली की भूतपूर्व मुखिया निष्ठामणी नगेसिया पर आरोप है कि उन्होंने ओरसापाठ के भोले-भले नगेसिया समाज के लोगों को कथित तौर पर गुमराह कर वहाँ चिरा झंडा लगवाया था। *ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जताया विरोध* जैसे ही इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों को मिली, उन्होंने इसका पुरजोर विरोध किया। विवाद बढ़ता देख जिला परिषद सदस्य श्रीमती एस्तेला नगेसिया, वनवासी कल्याण आश्रम के जिला अध्यक्ष अजय कुमार उरांव और जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक बालेश्वर बड़ाईक मौके पर पहुंचे। इनके साथ संच प्रमुख संजय कुमार सिंह, मंडल प्रमुख विगन नगेसिया, विश्वनाथ राम, अवधेश जयसवाल, सतेन्द्र जयसवाल, शंकर यादव एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मिलकर उस विवादित झंडे को वहाँ से हटा दिया। *सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील* स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप या गुमराह करने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी मूल परंपराओं के प्रति सजग रहने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। घटना के बाद गांव में स्थिति नियंत्रण में है और सरहुल का पर्व शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।1
- लातेहार: सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस जिला अध्यक्ष कामेश्वर यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुद्दा जनता को भ्रमित करने के लिए उठाया जा रहा है और इसे राजनीतिक प्रोपगेंडा के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण के पक्ष में है और इस विषय पर स्पष्ट नीति रखती है। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बिल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं। मौके पर विधायक प्रतिनिधि हरिशंकर यादव, सेवा दल अध्यक्ष बृंद बिहारी यादव, महिला जिलाध्यक्ष अनीता देवी सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- Post by Ashok Singh bhugta1
- Post by MUKESH NATH1
- Post by AAM JANATA1
- ग्रामीण बोले आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर होने की वजह से आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहता है1
- Post by Altamas Rja1
- बरवाडीह(लातेहार) । बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय के बस स्टैंड के नजदीक परियोजना बालिका उच्च विद्यालय के अतिरिक्त भवन (टू एसीआर ) निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का आरोप सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी ने लगाते हुए जांच की मांग कर दिया है। कुछ दिन पूर्व संवेदक व संबंधित अभियंता द्वारा आश्वासन दिया गया था कि काम में सुधार लाया जाएगा लेकिन सुधार नहीं लाया गया। डोर लेवल की ढलाई व जोड़ाई कार्य में भारी अनियमितता देखी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी कर प्राक्कलन के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है। मौके पर देखा गया कि ढलाई का मसाला दो तगाड़ी सीमेंट छः तगाड़ी बालू चार तगाड़ी छरी मिलाकर छज्जे व कॉपर बीम की ढलाई की जा रही है, सबसे बड़ी बात कि कॉपर की ढलाई बिना सरिया के दो से तीन इंच की ढलाई की गई है। इस तरह के घटिया कार्य से भवन का टिकाउपन और मजबूती बिल्कुल ही नहीं रहेगी। उन्होंने कहां कि निर्माण कार्य व ढलाई मानकों के अनुसार नहीं किया गया है और यह भवन छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।उन्होंने संबंधित विभाग और संवेदक पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। उन्होंने जिले के उपायुक्त संदीप कुमार से कार्रवाई की मांग की गई है।1