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महाराष्ट्र TET परीक्षा से ठीक एक दिन पहले कथित पेपर लीक की खबर सामने आने से लाखों अभ्यर्थियों को गहरा झटका लगा है। इस 'बड़े खुलासे' ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। यह पूरा मामला पुलिस जाँच के दायरे में आ गया है, और इसका सीधा असर आगामी परीक्षा पर पड़ने की आशंका है।
Dharmendra Kumar
महाराष्ट्र TET परीक्षा से ठीक एक दिन पहले कथित पेपर लीक की खबर सामने आने से लाखों अभ्यर्थियों को गहरा झटका लगा है। इस 'बड़े खुलासे' ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। यह पूरा मामला पुलिस जाँच के दायरे में आ गया है, और इसका सीधा असर आगामी परीक्षा पर पड़ने की आशंका है।
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- बस में सफर कर रही रूही खान नामक एक मुस्लिम महिला के साथ हिंदुत्व विचारधारा से जुड़े एक महिला और दो पुरुषों ने दुर्व्यवहार किया। इस घटना के दौरान, उन्हें पाकिस्तान भेजने जैसी आपत्तिजनक बातें भी कही गईं। महिला ने इन आपत्तिजनक बयानों का करारा जवाब दिया। इस पूरी घटना को लेकर यह टिप्पणी की गई है कि देश में मुसलमानों का जीना मुश्किल हो गया है।1
- शुक्रवार को कांठ नगर में दसवीं मुहर्रम के अवसर पर मोहल्ला पृथ्वीगंज से अंसारियान मुहर्रम कमेटी और मोहल्ला चौकबाजार से हलवाईयान मुहर्रम कमेटी द्वारा पारंपरिक रूप से जुलूस निकाले गए। इन जुलूसों में युवाओं ने अखाड़ों में ढोल की थाप पर हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस दौरान पूरे माहौल में 'या हुसैन या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। नगर के निर्धारित मार्गों से होते हुए ये दोनों जुलूस मछली बाजार पहुँचे, जहाँ अंसारियान और हलवाईयान कमेटियों के बीच घोड़ों और दुलदुल बुर्राक का शानदार मुकाबला आयोजित किया गया। युवाओं ने एक बार फिर अखाड़ों में अपने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित जनसमूह का खूब मनोरंजन किया। इन आयोजनों के दौरान एआईएमआईएम के प्रदेश सचिव नेता जुल्फिकार अहमद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ आफताब आलम उर्फ गुड्डू, नब्बू खां फरीदी, हाजी इसरार, ताहिर बाबा, इरफान अल्वी, छोटे, शहजाद, अनस फरीदी, अयान सिद्दीकी, अकरम, रिजवान अल्वी, मोहम्मद अनस, असजद अंसारी, मोहम्मद उमर, नदीम और नईम अंसारी जैसे प्रमुख व्यक्ति भी मौजूद थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी निरीक्षक सुदेश पाल सिंह, कस्बा चौकी प्रभारी राहुल राघव और उपनिरीक्षक संजीव कुमार सहित पुलिस बल मुस्तैद रहा।1
- इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत को याद करते हुए, AIMIM के नेताओं ने राहगीरों में शर्बत का वितरण किया। यह कार्यक्रम उनकी शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उसे याद करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।1
- 11 मोहर्रम के अवसर पर, हजरत अब्बास अलमदार की याद में एक अलम का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस मोहल्ला लाल कबर में स्थित इमामबाड़े से शुरू हुआ।1
- उत्तर प्रदेश सरकार की नई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में रामपुर की स्वार तहसील में अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में बार वेलफेयर एसोसिएशन, सीनियर बार वेलफेयर एसोसिएशन और कातिब संघ के पदाधिकारी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, टाइपिस्ट, मुंशी और स्टांप विक्रेता सहित लाखों लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रणाली से आम जनता को भी दस्तावेजों के पंजीकरण में कई व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।1
- मुरादाबाद जिले के रुस्तम नगर सहसपुर की मुख्य नई बस्ती में मुख्य नाली का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो गया है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या पिछले दो से तीन महीनों से लगातार बनी हुई है, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई भी काम नहीं किया गया है। नाली का यह प्रदूषित पानी अब सभी गलियों में भी भर चुका है, जिससे क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने एक पिकअप वाहन को सीज़ कर दिया है। पुलिस की यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वाहन चला रहे ड्राइवर के दोनों हाथ पंजों के ऊपर से कटे हुए हैं। इस मामले में बताया गया है कि ड्राइवर अपने बच्चों का पेट भरने के लिए चोरी या लूटपाट नहीं कर रहा था, बल्कि मजबूरी में मेहनत-मजदूरी कर रहा था। इस घटना पर सवाल उठाते हुए यह टिप्पणी की गई है कि यदि ऐसी स्थिति विदेश में होती तो परिणाम क्या होता, जो ड्राइवर की इस लाचारी पर की गई पुलिस कार्रवाई पर स्पष्ट आलोचना का संकेत है।1
- कांठ और गढ़ी में मोहर्रम पर्व के अवसर पर ताजियों के जुलूस कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाले गए। इस दौरान कांठ नगर में अंसारी बिरादरी और हलवाई बिरादरी के बीच दुलदुल बुर्राक और घोड़ों का एक रोमांचक मुकाबला भी हुआ। छजलैट सहित पूरे क्षेत्र में कुल 15 स्थानों पर ताजियों के जुलूस निकाले गए। जुलूस में सबसे आगे अखाड़ा था, जिसके बाद मातम जुलूस में कलाकारों ने हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। देर शाम दोनों पक्षों के घोड़े और दुलदुल बुर्राक मुकाबले के लिए पहुंचे, जहां दोनों बिरादरी के खलीफाओं की मौजूदगी में उन्होंने वास्तविक घोड़ों और दुलदुल बुर्राक की तरह अपने प्रत्येक अंग को चलाकर दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। जुलूस में दोनों पक्षों के ताजिए शामिल थे और भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं, पुरुषों और बच्चों का उत्साह देखने लायक था। ऊमरी कलां नगर पंचायत, ग्राम हरि नूरपुर गढ़ी पैगंबरपुर, मुजफ्फरपुर टांडा, महादूत कलमी खलीलपुर कद्दीम, छजलैट भीकनपुर कुरी रवाना, चौहरा चेतरामपुर सहित अन्य ग्रामों में ताजियों के जुलूस निकले। ऊमरी कलां में नगर पंचायत अध्यक्ष उस्मान अली और सैयद मुअज्म अली ने सहयोग में सराहनीय भूमिका निभाई। ग्राम गढ़ी में ताजियों के विशाल जुलूस के साथ कई जगहों पर शरबत भी बांटा गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत ग्राम गढ़ी में चौकी प्रभारी कमलदीप मौजूद रहे। क्षेत्र में सुरक्षा का जायजा लेने के लिए एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी और सीओ शुभम पटेल ने भ्रमण किया और पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नगर तथा थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी निरीक्षक कांठ सुदेश पाल सिंह, चौकी इंचार्ज राहुल राघव और उपनिरीक्षक संजीव कुमार ने सुरक्षा संभाली। छजलैट क्षेत्र में थाना अध्यक्ष रमेश सहरावत ने सुरक्षा की बागडोर संभाली, जहाँ पुलिस बल की मौजूदगी में अनेक स्थानों पर ताजिए निकाले गए। यह रिपोर्ट कांठ से बेबाक न्यूज ऑनलाइन के लिए मोहम्मद रफी द्वारा फाइल की गई थी।1
- स्वार क्षेत्र के नरपतनगर गांव में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बिजली की आँख-मिचौली, लो वोल्टेज और निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति न होने से परेशान ग्रामीणों का सब्र शनिवार को टूट गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वार बिजलीघर पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने शिकायत की कि भीषण गर्मी के कारण घंटों की बिजली कटौती और लो वोल्टेज के चलते घरों में पंखे, कूलर और अन्य बिजली के उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। इस स्थिति से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं विशेष रूप से परेशान हैं। किसानों ने भी बताया कि अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण उनके सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान, ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की कि निर्धारित शेड्यूल के अनुसार नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और लो वोल्टेज की समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। जवाब में, बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र ही उठाए जाएंगे।1