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11 मोहर्रम के अवसर पर, हजरत अब्बास अलमदार की याद में एक अलम का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस मोहल्ला लाल कबर में स्थित इमामबाड़े से शुरू हुआ।
Rampur Express
11 मोहर्रम के अवसर पर, हजरत अब्बास अलमदार की याद में एक अलम का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस मोहल्ला लाल कबर में स्थित इमामबाड़े से शुरू हुआ।
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- बस में सफर कर रही रूही खान नामक एक मुस्लिम महिला के साथ हिंदुत्व विचारधारा से जुड़े एक महिला और दो पुरुषों ने दुर्व्यवहार किया। इस घटना के दौरान, उन्हें पाकिस्तान भेजने जैसी आपत्तिजनक बातें भी कही गईं। महिला ने इन आपत्तिजनक बयानों का करारा जवाब दिया। इस पूरी घटना को लेकर यह टिप्पणी की गई है कि देश में मुसलमानों का जीना मुश्किल हो गया है।1
- बिलासपुर में मोहर्रम का जुलूस संपन्न होने के कुछ समय बाद नगर के मुख्य चौराहा स्थित कर्बला भूमि पर पक्का निर्माण कार्य शुरू होने से एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस निर्माण की जानकारी मिलते ही मुस्लिम समाज के लोग मौके पर भारी संख्या में एकत्र हो गए और निर्माण कार्य का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को काबू करने के लिए पालिका और पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि कर्बला के नाम दर्ज है और वर्षों से मोहर्रम के दौरान तीन दिनों के लिए यहाँ से अस्थायी दुकानें हटाई जाती हैं। उनका कहना था कि एक दुकानदार ने अवैध रूप से इस भूमि पर कब्जा कर पक्का निर्माण शुरू करवा दिया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस विरोध के चलते कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल भी देखा गया। हंगामे की सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। हालात बिगड़ते देख कस्बा चौकी प्रभारी योगेश कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद पालिका की टीम ने निर्माण में प्रयुक्त सामग्री जब्त कर अपने वाहन में भर ली। वहीं, पुलिस ने संबंधित दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। देर रात मुस्लिम समाज के लोगों और अन्य नागरिकों ने दुकानदार के खिलाफ पुलिस को नामजद तहरीर सौंपी, जिसमें अवैध निर्माण और कब्जे के आरोप में सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह ने बताया कि दुकानदार को भविष्य में दोबारा पक्का निर्माण न करने की कड़ी हिदायत देते हुए हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया गया है। साथ ही, उन्हें मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।1
- कांठ क्षेत्र में शुक्रवार को मुहर्रम के विभिन्न जुलूसों का आयोजन किया गया, जिनमें विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने शिरकत की। उन्होंने क्षेत्र के पैगम्बरपुर, रसूलपुर चौहरा, पाकबड़ा, गढ़ी और मुजफ्फरपुर टांडा जैसे गांवों में पहुंचकर अकीदतमंदों से मुलाकात की। इस अवसर पर कमाल अख्तर ने मुहर्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह इस्लामी तारीख का एक बेहद अजीम और मुकद्दस महीना है। उन्होंने बताया कि मुहर्रम पूरी इंसानियत को सच्चाई, इंसाफ, बराबरी, सब्र, कुर्बानी और हक के मार्ग पर मजबूती से कायम रहने का पैगाम देता है। उन्होंने कर्बला के वाकये का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि यह हमें सिखाता है कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, इंसान को हमेशा इंसाफ, उसूलों और सच्चाई पर डटे रहना चाहिए। इस दौरान उनके साथ सपा जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह यादव, नफीस शाका कुरैशी, अरशद फुरकान खान, सगीर अहमद, उम्मेद चौधरी, अजीम चौधरी, हाजी नईम, मोहम्मद तकी, जैनुल एडवोकेट, जुनैद चौधरी और अमजद अली सहित कई लोग मौजूद रहे।2
- रामपुर जिले की शाहबाद तहसील के मधुकर गाँव में ग्रामीण अपनी बदहाल सड़क को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उनके गाँव की सड़क टंकी के कारण पूरी तरह से टूट गई है, जबकि टंकी लगवाने का वादा किया गया था। यह वादा अब तक अधूरा है, क्योंकि न तो गाँव में टंकी स्थापित की गई है और न ही क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत की गई है। ग्रामीण प्रशासन से केवल अपनी सड़क ठीक करवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनका आरोप है कि न तो गाँव का प्रधान और न ही कोई अन्य अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान दे रहा है, जिससे वे निराश और बेबस महसूस कर रहे हैं।1
- कर्नाटक के बेंगलुरु में NEET UG री-एग्जाम के दौरान एक दिल दहला देने वाला नजारा देखने को मिला, जहाँ तीन छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। ये छात्राएं निर्धारित समय से मात्र 2 मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंची थीं, जबकि गेट दोपहर 1:30 बजे ही बंद हो चुके थे। परीक्षा में शामिल होने से वंचित होने के बाद, उन्होंने गेट के बाहर फूट-फूटकर रोते हुए एंट्री के लिए गुहार लगाई। छात्राओं ने अपनी इस देरी की वजह कांग्रेस रैली के कारण लगे भारी ट्रैफिक जाम को बताया। हालांकि, NTA के सख्त नियमों के चलते उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।1
- इमाम हुसैन (अ.स.) की स्मृति में मीरा फाउंडेशन द्वारा एक नेक काम किया गया है। बबली किन्नर, जिन्हें मीरा के नाम से भी जाना जाता है, ने लोगों को शर्बत वितरित किया।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने एक पिकअप वाहन को सीज़ कर दिया है। पुलिस की यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वाहन चला रहे ड्राइवर के दोनों हाथ पंजों के ऊपर से कटे हुए हैं। इस मामले में बताया गया है कि ड्राइवर अपने बच्चों का पेट भरने के लिए चोरी या लूटपाट नहीं कर रहा था, बल्कि मजबूरी में मेहनत-मजदूरी कर रहा था। इस घटना पर सवाल उठाते हुए यह टिप्पणी की गई है कि यदि ऐसी स्थिति विदेश में होती तो परिणाम क्या होता, जो ड्राइवर की इस लाचारी पर की गई पुलिस कार्रवाई पर स्पष्ट आलोचना का संकेत है।1
- शुक्रवार को कांठ नगर में दसवीं मुहर्रम के अवसर पर मोहल्ला पृथ्वीगंज से अंसारियान मुहर्रम कमेटी और मोहल्ला चौकबाजार से हलवाईयान मुहर्रम कमेटी द्वारा पारंपरिक रूप से जुलूस निकाले गए। इन जुलूसों में युवाओं ने अखाड़ों में ढोल की थाप पर हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस दौरान पूरे माहौल में 'या हुसैन या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। नगर के निर्धारित मार्गों से होते हुए ये दोनों जुलूस मछली बाजार पहुँचे, जहाँ अंसारियान और हलवाईयान कमेटियों के बीच घोड़ों और दुलदुल बुर्राक का शानदार मुकाबला आयोजित किया गया। युवाओं ने एक बार फिर अखाड़ों में अपने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित जनसमूह का खूब मनोरंजन किया। इन आयोजनों के दौरान एआईएमआईएम के प्रदेश सचिव नेता जुल्फिकार अहमद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ आफताब आलम उर्फ गुड्डू, नब्बू खां फरीदी, हाजी इसरार, ताहिर बाबा, इरफान अल्वी, छोटे, शहजाद, अनस फरीदी, अयान सिद्दीकी, अकरम, रिजवान अल्वी, मोहम्मद अनस, असजद अंसारी, मोहम्मद उमर, नदीम और नईम अंसारी जैसे प्रमुख व्यक्ति भी मौजूद थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी निरीक्षक सुदेश पाल सिंह, कस्बा चौकी प्रभारी राहुल राघव और उपनिरीक्षक संजीव कुमार सहित पुलिस बल मुस्तैद रहा।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के शाहबाद में एक गांव की सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है और ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि कोई उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें 'पंकी' लगवाने का वादा किया गया था, लेकिन यह वादा केवल 'नौटंकी' बनकर रह गया है, यानी कोई वास्तविक कार्य नहीं हुआ। गांववालों का कहना है कि सड़क को खोदकर छोड़ दिया गया है और इसे ठीक कराने या 'पंकी' को स्थापित कराने वाला कोई जिम्मेदार व्यक्ति सामने नहीं आ रहा है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि उनके गांव का प्रधान भी उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ग्रामीण अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान और वादों को पूरा करने की अपील कर रहे हैं।1