कांठ क्षेत्र में शुक्रवार को मुहर्रम के विभिन्न जुलूसों का आयोजन किया गया, जिनमें विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने शिरकत की। उन्होंने क्षेत्र के पैगम्बरपुर, रसूलपुर चौहरा, पाकबड़ा, गढ़ी और मुजफ्फरपुर टांडा जैसे गांवों में पहुंचकर अकीदतमंदों से मुलाकात की। इस अवसर पर कमाल अख्तर ने मुहर्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह इस्लामी तारीख का एक बेहद अजीम और मुकद्दस महीना है। उन्होंने बताया कि मुहर्रम पूरी इंसानियत को सच्चाई, इंसाफ, बराबरी, सब्र, कुर्बानी और हक के मार्ग पर मजबूती से कायम रहने का पैगाम देता है। उन्होंने कर्बला के वाकये का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि यह हमें सिखाता है कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, इंसान को हमेशा इंसाफ, उसूलों और सच्चाई पर डटे रहना चाहिए। इस दौरान उनके साथ सपा जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह यादव, नफीस शाका कुरैशी, अरशद फुरकान खान, सगीर अहमद, उम्मेद चौधरी, अजीम चौधरी, हाजी नईम, मोहम्मद तकी, जैनुल एडवोकेट, जुनैद चौधरी और अमजद अली सहित कई लोग मौजूद रहे।
कांठ क्षेत्र में शुक्रवार को मुहर्रम के विभिन्न जुलूसों का आयोजन किया गया, जिनमें विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने शिरकत की। उन्होंने क्षेत्र के पैगम्बरपुर, रसूलपुर चौहरा, पाकबड़ा, गढ़ी और मुजफ्फरपुर टांडा जैसे गांवों में पहुंचकर अकीदतमंदों से मुलाकात की। इस अवसर पर कमाल अख्तर ने मुहर्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह इस्लामी तारीख का एक बेहद अजीम और मुकद्दस महीना है। उन्होंने बताया कि मुहर्रम पूरी इंसानियत को सच्चाई, इंसाफ, बराबरी, सब्र, कुर्बानी और हक के
मार्ग पर मजबूती से कायम रहने का पैगाम देता है। उन्होंने कर्बला के वाकये का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि यह हमें सिखाता है कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, इंसान को हमेशा इंसाफ, उसूलों और सच्चाई पर डटे रहना चाहिए। इस दौरान उनके साथ सपा जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह यादव, नफीस शाका कुरैशी, अरशद फुरकान खान, सगीर अहमद, उम्मेद चौधरी, अजीम चौधरी, हाजी नईम, मोहम्मद तकी, जैनुल एडवोकेट, जुनैद चौधरी और अमजद अली सहित कई लोग मौजूद रहे।
- सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक घटना के अनुसार, एक कपल कैब के भीतर ही अश्लील हरकतें करना चाहता था। बताया गया है कि जब कैब ड्राइवर ने उन्हें ऐसा करने से रोका, तो कपल ने ड्राइवर को ही धमकाना शुरू कर दिया।1
- कांठ क्षेत्र में शुक्रवार को मुहर्रम के विभिन्न जुलूसों का आयोजन किया गया, जिनमें विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने शिरकत की। उन्होंने क्षेत्र के पैगम्बरपुर, रसूलपुर चौहरा, पाकबड़ा, गढ़ी और मुजफ्फरपुर टांडा जैसे गांवों में पहुंचकर अकीदतमंदों से मुलाकात की। इस अवसर पर कमाल अख्तर ने मुहर्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह इस्लामी तारीख का एक बेहद अजीम और मुकद्दस महीना है। उन्होंने बताया कि मुहर्रम पूरी इंसानियत को सच्चाई, इंसाफ, बराबरी, सब्र, कुर्बानी और हक के मार्ग पर मजबूती से कायम रहने का पैगाम देता है। उन्होंने कर्बला के वाकये का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि यह हमें सिखाता है कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, इंसान को हमेशा इंसाफ, उसूलों और सच्चाई पर डटे रहना चाहिए। इस दौरान उनके साथ सपा जिला उपाध्यक्ष विक्रम सिंह यादव, नफीस शाका कुरैशी, अरशद फुरकान खान, सगीर अहमद, उम्मेद चौधरी, अजीम चौधरी, हाजी नईम, मोहम्मद तकी, जैनुल एडवोकेट, जुनैद चौधरी और अमजद अली सहित कई लोग मौजूद रहे।2
- इमाम हुसैन (अ.स.) की स्मृति में मीरा फाउंडेशन द्वारा एक नेक काम किया गया है। बबली किन्नर, जिन्हें मीरा के नाम से भी जाना जाता है, ने लोगों को शर्बत वितरित किया।1
- उत्तर प्रदेश के एटा जिले के अलीगंज शहर में मुहर्रम के ताज़िया जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। जुलूस में एक ताज़िया अचानक असंतुलित होकर हाई-टेंशन बिजली की लाइन से टकरा गया, जिसकी चपेट में आने से चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इन घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना की पुष्टि करते हुए, एसपी सिटी श्वेताभ पांडे ने बताया कि अलीगंज शहर में ताज़िया जुलूस के दौरान ताज़िया के बिजली की हाई-टेंशन लाइन से टकराने के कारण चार लोग करंट की चपेट में आए थे। उन्होंने यह भी बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- मुरादाबाद के ऐतिहासिक इमामबाड़ा कुली ख़ाँ में 9वीं मुहर्रम की शब अज़ादारी पूरी अकीदत, एहतराम और ग़मगीन माहौल में संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी तादाद में अज़ादारों ने मजलिस में शिरकत कर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदाए कर्बला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया। मजलिस के बाद परंपरागत अंदाज़ में जुल्जनाह बरामद हुआ, जिसकी ज़ियारत के लिए रास्ते भर अकीदतमंद उमड़ पड़े और पूरे माहौल में "या हुसैन", "या अब्बास" और "या सकीना" की सदाएं गूंजती रहीं। अमरोहा से आए मौलाना सैयद मंज़ूर अली नक़वी ने मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि कर्बला का पैग़ाम केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि इंसानियत, सब्र, इंसाफ़ और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होने की हमेशा ज़िंदा रहने वाली शिक्षा है। उन्होंने ज़िक्र किया कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने अपने 72 जाननिसार साथियों और अहलेबैत की बेमिसाल कुर्बानी देकर हक़ की राह पर डटे रहने का ऐसा पैग़ाम दिया है, जो क़यामत तक इंसानियत की रहनुमाई करता रहेगा। मौलाना ने हज़रत अली असग़र (अ.स.), हज़रत अब्बास आलमदार (अ.स.), बीबी सकीना (स.अ.) और शोहदाए कर्बला की दर्दनाक शहादत का उल्लेख किया, जिससे इमामबाड़े का माहौल ग़म से भर उठा, अज़ादारों की आंखें नम हो गईं और हर तरफ़ मातम व गिरिया-ओ-ज़ारी का मंज़र दिखाई दिया। मजलिस के समापन के बाद नौहाख्वानी और सीनाज़नी का सिलसिला शुरू हुआ, जहाँ नौहाख्वानों ने दर्दभरे नौहे पेश किए और अंजुमनों व अज़ादारों ने पुरसा देते हुए मातम किया। इसके पश्चात जुल्जनाह पूरे अदब और एहतराम के साथ बरामद हुआ। रास्ते में जगह-जगह सबील और लंगर का भी इंतज़ाम किया गया, जहां अकीदतमंदों ने अपनी खिदमत का फ़र्ज़ निभाया। मौलाना सज्जाद ने भी अज़ादारों को संबोधित करते हुए इमाम हुसैन (अ.स.) की सीरत को अपनी ज़िंदगी में अपनाने, इंसाफ़, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम आम करने की अपील की। इस कार्यक्रम में इमामबाड़ा कुली ख़ाँ के मुतवल्ली आरिफ़ राजा, हाजी रईस हैदर, राजा हैदर, बाबर अली, गुलफ़ाम हुसैन, नईम क़ादरी, गुलज़ार हैदर, इरफ़ान हैदर, जावेद अली, मुराद अली, रफ़ीक़ हुसैन, जफ़र अब्बास, ज़हीर अब्बास, राजा अली, अनीस हैदर, ज़ुल्फ़िकार हैदर, मौलाना अकील, शफ़ीक़ हैदर, गुलाब, शमशेर अली, क़ासिम राजा, अनवर अली, नाज़िम हुसैन समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में इंतज़ार अब्बास और उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा। शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद मंज़ूर अली नक़वी ने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत पूरी इंसानियत के लिए हिम्मत, सब्र और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होने का हमेशा ज़िंदा रहने वाला पैग़ाम है, जो सिखाता है कि हक़ और इंसाफ़ की राह में आने वाली हर मुश्किल और हर कुर्बानी छोटी है।4
- कर्नाटक के बेंगलुरु में NEET UG री-एग्जाम के दौरान एक दिल दहला देने वाला नजारा देखने को मिला, जहाँ तीन छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। ये छात्राएं निर्धारित समय से मात्र 2 मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंची थीं, जबकि गेट दोपहर 1:30 बजे ही बंद हो चुके थे। परीक्षा में शामिल होने से वंचित होने के बाद, उन्होंने गेट के बाहर फूट-फूटकर रोते हुए एंट्री के लिए गुहार लगाई। छात्राओं ने अपनी इस देरी की वजह कांग्रेस रैली के कारण लगे भारी ट्रैफिक जाम को बताया। हालांकि, NTA के सख्त नियमों के चलते उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।1
- सम्भल जिले के गुन्नौर थाना क्षेत्र के कुहैरा गाँव में एक दिव्यांग युवक के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित सूरजपाल, जो काशीराम के पुत्र हैं, ने गाँव के ही तीन लोगों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की, उन्हें गंभीर चोटें पहुँचाईं और कुएँ में धकेलने की कोशिश भी की। पीड़ित के अनुसार, यह घटना 18 जून की रात करीब 11:30 बजे तब हुई जब वह अपने घर के बाहर सो रहा था। बैल हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद, आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुँचे, जिसके बाद आरोपी वहाँ से फरार हो गए। पीड़ित का आरोप है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बजाय, केवल शांति भंग की आशंका में धारा 151 के तहत चालान कर मामले को रफा-दफा कर दिया। इस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर, पीड़ित ने निष्पक्ष जाँच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।4