मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए 'हरे गमछे' को लेकर बयान ने पीरो सहित पूरे इलाके में एक जबरदस्त राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। यह मामला लगातार गरमाता जा रहा है, और चौक-चौराहे से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सिर्फ 'हरा गमछा' ही चर्चा का विषय बना हुआ है। भोजपुरी सिंगर्स से लेकर आम यूजर्स तक अब जानबूझकर हरे गमछे के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जो एक डिजिटल विरोध और राजनीतिक बयान का रूप ले चुका है और तेजी से वायरल हो रहा है। इस बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुँच गई है, जहाँ विपक्षी नेताओं के साथ-साथ आम लोग भी खुलकर अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कई लोग मुख्यमंत्री के बयान को "निंदनीय" और "भड़काऊ" करार दे रहे हैं, वहीं कुछ इसे जनता की भावनाओं के विपरीत बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे बयान समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करते हैं और राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर देते हैं। इस बीच, समर्थकों द्वारा बयान के बचाव में दी जा रही दलीलों से यह बहस और तेज हो गई है। फिलहाल पीरो में यह 'हरा गमछा' विवाद एक सियासी भूचाल का रूप ले चुका है, जिसने समाज के हर वर्ग को अपने दायरे में ले लिया है, और आगे यह क्या मोड़ लेता है, यह देखना बाकी है।
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए 'हरे गमछे' को लेकर बयान ने पीरो सहित पूरे इलाके में एक जबरदस्त राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। यह मामला लगातार गरमाता जा रहा है, और चौक-चौराहे से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सिर्फ 'हरा गमछा' ही चर्चा का विषय बना हुआ है। भोजपुरी सिंगर्स से लेकर आम यूजर्स तक अब जानबूझकर हरे गमछे के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जो एक डिजिटल विरोध और राजनीतिक बयान का रूप ले चुका है और तेजी से वायरल हो रहा है। इस बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुँच गई है, जहाँ विपक्षी नेताओं के साथ-साथ आम लोग भी खुलकर अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कई लोग मुख्यमंत्री के बयान को "निंदनीय" और "भड़काऊ" करार दे रहे हैं, वहीं कुछ इसे जनता की भावनाओं के विपरीत बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे बयान समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करते हैं और राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर देते हैं। इस बीच, समर्थकों द्वारा बयान के बचाव में दी जा रही दलीलों से यह बहस और तेज हो गई है। फिलहाल पीरो में यह 'हरा गमछा' विवाद एक सियासी भूचाल का रूप ले चुका है, जिसने समाज के हर वर्ग को अपने दायरे में ले लिया है, और आगे यह क्या मोड़ लेता है, यह देखना बाकी है।
- पीरो थाना क्षेत्र के धनपुरा गांव से एक महिला के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, धनपुरा गांव निवासी धनवासो कुंवर की दिमागी हालत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं है, और वह कुछ दिन पहले अचानक अपने घर से कहीं निकल गईं, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी हैं। काफी खोजबीन के बाद भी जब महिला का कोई सुराग नहीं मिला, तो चिंतित परिजनों ने बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे तक अपने स्तर पर रिश्तेदारों और आस-पास के सभी संभावित ठिकानों पर उनकी तलाश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिलीं। लंबा समय बीत जाने के कारण अब परिजन किसी अनहोनी की आशंका से बेहद डरे और सहमे हुए हैं। थक-हारकर परिजनों ने पीरो थाना पुलिस को मामले की सूचना दी है और एक लिखित आवेदन देकर महिला की सकुशल बरामदगी के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। पुलिस ने मामले की छानबीन में जुट गई है।1
- जगदीशपुर भोजपुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश को अभी अत्यंत दुखद सूचना मिली है कि उनके करीबी शुभचिंतक, सहयोगी और सामाजिक कार्यकर्ता भाई कमलेश सिंह के इकलौते सुपुत्र का सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया है। कमलेश सिंह, जो ग्राम रामकोषा के निवासी हैं और वर्तमान में मौलाबाग में रहते हैं, के बेटे के निधन का यह हृदयविदारक समाचार शिक्षक मित्र भाई ज्योति प्रकाश जी और संजय जी द्वारा पूर्व विधायक दिनेश को प्राप्त हुआ। पूर्व विधायक दिनेश ने इस खबर को सुनकर गहरा दुख और व्यथा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वे आज ही दिल्ली पहुँचे हैं, जिसके कारण वे तुरंत कमलेश सिंह के आवास पर पहुँचकर पीड़ित परिवार से अपनी संवेदना व्यक्त नहीं कर सके। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि दिल्ली से लौटने के बाद वे अवश्य पीड़ित परिवार से मिलकर शोक संवेदना प्रकट करेंगे। वर्तमान में, उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से भाई कमलेश जी से बात की और उन्हें सांत्वना दी, साथ ही ईश्वर से प्रार्थना की कि वे पूरे परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।1
- एक निजी अस्पताल में एक महिला की मौत हो जाने के बाद उसके परिजनों का आक्रोश भड़क उठा। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ भी की। इसके बाद, उन्होंने महिला के शव के साथ एक गैस एजेंसी के समीप सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और विरोध कर रहे लोगों को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुट गई है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में 'रुपया जलने कांड' से जुड़े एक मामले पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें एक जज के प्रति कथित तौर पर दिखाए जा रहे 'प्रेम' पर आपत्ति व्यक्त की गई है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि किसी भी व्यक्ति को उसकी जाति और धर्म के आधार पर दंडित करना या दंड से मुक्त रखना पूरी तरह से अनुचित है।1
- रोहतास के विक्रमगंज स्थित मलियाबाग में बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। 'जय माँ काली' के पावन प्रांगण से शुरू हुई इस यात्रा में पीत वस्त्रों में सजी-धजी महिलाओं और श्रद्धालुओं ने सिर पर कलश धारण कर पूरे नगर का भ्रमण किया। ढोल-नगाड़ों, शंख ध्वनि और माँ काली के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा, जिसने नगर के प्रमुख मार्गों को पार करते हुए वापस यज्ञ स्थल पर समापन किया। इस पावन यात्रा का नेतृत्व यज्ञ समिति के अध्यक्ष रामाकांत सिंह ने किया, जिसमें उपाध्यक्ष संजय कुमार पांडेय, सचिव चंद्र भूषण शाह, उप सचिव श्रीलाल सिंह, सदस्य हरिद्वार गिरी, बीडीसी राजेश यादव और भूतपूर्व मुखिया वीरेंद्र सिंह सहित अन्य गणमान्य सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया और श्रद्धालुओं के लिए जल व शरबत की भी व्यवस्था की। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह महायज्ञ क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना के साथ आयोजित किया जा रहा है। कलश यात्रा के सफल समापन के बाद, यज्ञ मंडप में आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ अनुष्ठान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस धार्मिक आयोजन को लेकर मलियाबाग और आसपास के गांवों में भी जबरदस्त उत्साह का माहौल है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु महायज्ञ में भाग लेने पहुँच रहे हैं।2
- जिला मुख्यालय सासाराम स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में चिकित्सकों के संगठन के पदाधिकारियों ने पहुँचकर सिविल सर्जन को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें रोके गए वेतन के भुगतान की तत्काल मांग की गई। संगठन के सचिव दिनेश्वर प्रसाद सिंह उर्फ मंटू सिंह ने कहा कि भव्या पोर्टल पर चिकित्सकों की ड्यूटी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है, फिर भी बायोमेट्रिक हाजिरी का हवाला देकर डॉक्टरों का वेतन रोक दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह के भीतर वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो चिकित्सक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि जिले में चिकित्सकों की भारी कमी के कारण कार्यरत डॉक्टरों पर अत्यधिक दबाव है, जिससे वे लगातार तनाव में काम कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इन विकट परिस्थितियों में कार्य करते हुए जिले ने दो चिकित्सकों को भी खो दिया है। चिकित्सकों से नियमित चिकित्सा सेवा के अतिरिक्त वीआईपी ड्यूटी और कोर्ट कार्य सहित कई अन्य जिम्मेदारियाँ भी ली जाती हैं। सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस तरह पुलिसकर्मी 24 घंटे ड्यूटी करते हैं, उसी तरह चिकित्सक भी 24x7 सेवा देते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बायोमेट्रिक हाजिरी तभी बनाएंगे, जब पुलिस विभाग में भी बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य किया जाएगा।4
- मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए 'हरे गमछे' को लेकर बयान ने पीरो सहित पूरे इलाके में एक जबरदस्त राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। यह मामला लगातार गरमाता जा रहा है, और चौक-चौराहे से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सिर्फ 'हरा गमछा' ही चर्चा का विषय बना हुआ है। भोजपुरी सिंगर्स से लेकर आम यूजर्स तक अब जानबूझकर हरे गमछे के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जो एक डिजिटल विरोध और राजनीतिक बयान का रूप ले चुका है और तेजी से वायरल हो रहा है। इस बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुँच गई है, जहाँ विपक्षी नेताओं के साथ-साथ आम लोग भी खुलकर अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कई लोग मुख्यमंत्री के बयान को "निंदनीय" और "भड़काऊ" करार दे रहे हैं, वहीं कुछ इसे जनता की भावनाओं के विपरीत बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे बयान समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करते हैं और राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर देते हैं। इस बीच, समर्थकों द्वारा बयान के बचाव में दी जा रही दलीलों से यह बहस और तेज हो गई है। फिलहाल पीरो में यह 'हरा गमछा' विवाद एक सियासी भूचाल का रूप ले चुका है, जिसने समाज के हर वर्ग को अपने दायरे में ले लिया है, और आगे यह क्या मोड़ लेता है, यह देखना बाकी है।1
- बिक्रमगंज, रोहतास के मोरौना गांव के बधार में बुधवार सुबह 11 हजार वोल्ट के धारा प्रवाहित तार की चपेट में आने से एक किशोर की दुखद मौत हो गई, जबकि उसका छोटा भाई जख्मी हो गया। यह हृदय विदारक घटना उस समय घटी जब मोरौना निवासी विजय सिंह के 13 वर्षीय पुत्र अमन कुमार अपने छोटे भाई सुमन के साथ सुबह बधार में भैंस चराने गया था। सूत्रों के अनुसार, अमन एक पेड़ पर चढ़ा और उसी पेड़ से गुजर रहे धारा प्रवाहित तार के संपर्क में आकर बुरी तरह झुलस गया। अपने भाई की ऐसी हालत देखकर छोटा भाई सुमन रोते हुए पेड़ के पास गया और जैसे ही उसने पेड़ को छुआ, करंट के तेज झटके से वह दूर जा गिरा। आसपास मौजूद चरवाहों ने इस घटना को देखा और तुरंत ग्रामीणों को सूचना दी। खबर मिलते ही मोरौना पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मिथिलेश मिश्रा घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत बिजली विभाग को सूचित कर बिजली आपूर्ति बंद करवाई और किशोर अमन को अनुमंडलीय अस्पताल बिक्रमगंज ले गए। अस्पताल में चिकित्सकों ने अमन कुमार को मृत घोषित कर दिया। इस घटना से मृतक किशोर के घर और पूरे गांव में गहरा मातम छा गया है। मुखिया प्रतिनिधि मिथिलेश मिश्रा ने इस पूरी घटना के लिए बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए विभाग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और मृतक किशोर के परिजनों को उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।4