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नरसिंहपुर जिले के करकबेल उपस्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गुरुवार की सुबह लगभग 10:30 बजे तक केंद्र पर उपचार के लिए एक वार्ड बॉय के अलावा कोई भी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। इस अव्यवस्था के कारण इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना करकबेल उपस्वास्थ्य केंद्र पर व्याप्त भारी अनियमितताओं और स्वास्थ्यकर्मियों की घोर लापरवाही को उजागर करती है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिसमें उन्होंने केंद्र पर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात कही है।
Sanjay kumar sahu
नरसिंहपुर जिले के करकबेल उपस्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गुरुवार की सुबह लगभग 10:30 बजे तक केंद्र पर उपचार के लिए एक वार्ड बॉय के अलावा कोई भी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। इस अव्यवस्था के कारण इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना करकबेल उपस्वास्थ्य केंद्र पर व्याप्त भारी अनियमितताओं और स्वास्थ्यकर्मियों की घोर लापरवाही को उजागर करती है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिसमें उन्होंने केंद्र पर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात कही है।
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- नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम ललवानी में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि नल-जल योजना के तहत घरों तक पहुंचाया जा रहा पानी गंदा और दूषित है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उनके अनुसार, सप्लाई होने वाले पानी में लगातार मिट्टी, कचरा और दुर्गंध की शिकायतें मिल रही हैं। गाडरवारा के ग्रामीण क्षेत्र में गंदे पानी की इस सप्लाई को लेकर लोगों ने संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है।1
- नरसिंहपुर में 29 मई 2026 को हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सर्किट हाउस में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 90 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र श्रीवास्तव जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने आपातकाल और सरकारों को गिरते देखा है, यह दर्शाता है कि कलम में इतनी शक्ति है कि वह सिंहासन को भी पलट सकती है। उनकी ओजस्वी वाणी सुनकर युवा पत्रकारों की आंखें नम हो गईं। कार्यक्रम में जिले के सभी सम्मानित पत्रकार साथी मौजूद रहे, जिन्होंने इस 200 साल की यात्रा में नरसिंहपुर के पत्रकारों द्वारा हमेशा सच, साहस और संघर्ष का साथ देने की बात को दोहराया। सभी ने इस विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया और 'हिंदी पत्रकारिता अमर रहे' तथा 'कलम जिंदाबाद' के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- नरसिंहपुर जिले में एक व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है, जिसमें उसने बताया है कि शराब के लिए पैसे न देने पर उसका साला उसके साथ गाली-गलौज करता है। इस संबंध में पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।1
- नरसिंहपुर के रेलवे हॉस्पिटल में मलेरिया दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हॉस्पिटल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा, और सभी ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- भूमकाघाटी से लेकर सिंगोड़ी और आसपास के क्षेत्र में हवा और ओलों के साथ भारी ओला बारिश हुई है। भूमकाघाटी के अमरवाड़ा से सिंगोड़ी तक यह बारिश इतनी तेज थी कि पूरे इलाके की स्थिति अस्त-व्यस्त हो गई। क्षेत्र में जमकर ओले गिरने से किसानों में विशेष रूप से चिंता बनी हुई है।1
- यह पोस्ट गहन आध्यात्मिक आस्था और भक्ति को दर्शाता है, जिसमें "दिल से बोलो जय श्री राम" का आह्वान किया गया है। यह "धर्म संगठन बाबा" में अटूट विश्वास व्यक्त करता है, यह घोषणा करते हुए कि उनका "शहरा" सबसे बड़ा "शहर" है और इसके अलावा कोई अन्य सहारा नहीं है। पोस्ट इस बात पर जोर देता है कि जब बाबा साथ हों, तो डरने की कोई बात नहीं है, क्योंकि दुनिया छोटी है और केवल उनका ही सहारा है। इस गहरी भक्ति की भावना को "बम बम भोले" के उद्घोष के साथ और भी प्रबल किया गया है।1
- नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र के भामा गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने गांव में घूम रहे एक आवारा सांड को पानी की टंकी पर चढ़ा हुआ देखा। इस घटना को देखकर बड़ी संख्या में गांव के लोग पानी की टंकी के नीचे एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी, जिन्हें मौके पर बुलाया गया। इसके बाद, आवारा सांड को पानी की टंकी से सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और ये प्रयास अभी भी जारी हैं।1
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर पिपरिया और नरसिंहपुर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया गया। यह संयुक्त जागरूकता अभियान रेलवे हॉस्पिटल पिपरिया, रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर और नरसिंहपुर स्टेशन द्वारा आयोजित किया गया। इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की थीम "आकर्षण का पर्दाफाश करना: निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला करना" के तहत युवाओं को ई-सिगरेट और कंपनियों के भ्रामक विज्ञापनों के प्रति विशेष रूप से सचेत किया गया। इस अभियान में रेलवे चिकित्सक डॉ. आर. आर. कुर्रे और जिला अस्पताल के डॉ. गुलाब खातरकर ने ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। डॉ. कुर्रे ने बताया कि तंबाकू में 400 प्रकार के जहरीले केमिकल होते हैं, जो मुंह व फेफड़ों के कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के साथ-साथ इनफर्टिलिटी (बांझपन) जैसी गंभीर समस्याएं पैदा करते हैं। उन्होंने स्कूल-कॉलेज प्रबंधन और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को ई-सिगरेट की लत से बचाएं। जागरूकता फैलाने के लिए स्टेशन पर अनाउंसमेंट भी की गई और पोस्टर-बैनर लगाए गए, जिनके माध्यम से यात्रियों को तंबाकू छोड़ने का संकल्प दिलाया गया। डॉक्टरों ने यह संदेश भी दिया कि सरकारी अस्पतालों में नशा छोड़ने का मुफ्त इलाज उपलब्ध है, इसलिए लोगों को आज ही तंबाकू छोड़कर कैंसर से जंग जीतनी चाहिए।1
- पिपरिया में एक इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी से ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। यह मांग व्यापारी से की गई रंगदारी से संबंधित है।1