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Chandan Kumar
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- गया जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सरबहदा थाना क्षेत्र के नैली गांव में शुक्रवार की दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई। खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल कुछ ही समय में आग की चपेट में आकर जलकर राख हो गई। तेज हवा के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को संभलने तक का मौका तक नहीं मिला।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की शुरुआत खेत के एक हिस्से से हुई और देखते ही देखते यह कई खेतों में फैल गई। आग की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह एक खेत से दूसरे खेत में फैलती चली गई। गांव में अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग बाल्टी, पाइप, मोटर और जो भी साधन मिला, उससे आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया।जानकारी के अनुसार, गांव में करीब एक हज़ार बीघा में गेहूं की फसल लगी थी, जिसमें से लगभग तीन सौ बीघा फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुकी है। आग की चपेट में आने से करीब दो सौ परिवार प्रभावित हुए हैं, जबकि चालीस से अधिक किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई है। प्रभावित किसानों में राहुल कुमार, जितेंद्र कुमार, सत्येंद्र कुमार, पवन कुमार और विनीत सिंह सहित कई अन्य शामिल हैं।घटना के बाद ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि दमकल की गाड़ियां करीब दो घंटे की देरी से मौके पर पहुंचीं। तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर दमकल पहुंच जाती, तो नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता था। फिलहाल तीन दमकल गाड़ियां मौके पर आग बुझाने में जुटी हैं, जबकि गया और बोधगया से अतिरिक्त गाड़ियां भी मंगाई गई हैं।प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस आगजनी में करीब पचास से साठ लाख रुपये की फसल जलकर राख हो गई है। इससे गांव के किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है। पीड़ित किसानों का कहना है कि यह सिर्फ फसल का नुकसान नहीं, बल्कि उनके पूरे साल की मेहनत और उम्मीदों का अंत है। अब उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है।आग लगने के कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। कुछ लोग इसे लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं, तो कुछ जानबूझकर आग लगाने की आशंका जता रहे हैं। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सरबहदा थाना अध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाने की है, इसके बाद ही कारणों की जांच की जाएगी।घटना के बाद गांव में मुआवजे की मांग तेज हो गई है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की अपील की है। प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आग को फैलने से रोकने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, इस भीषण आग ने नैली गांव के सैकड़ों परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है, जिससे उबरने में उन्हें लंबा समय लग सकता है।1
- नैली गांव में किसानो के जले 50 लाख के फसल,खेत मे लगी थी आग, अतरी MLA रौमीत कुमार ने किसानों को मुआवजा दिलाने की बात कही। #MLA #किसान #AAG #वायरल1
- इतना रिस्क कौन लेता है1
- श्री नारायण नगर थाना मुफस्सील जिला गयाजी मे एक घर से छापेमारी मे घर (वरामदे )से कुल 291बोतल कुल मात्रा 111.750लीटर विदेशी शराब ज्वत किया गया l इस सम्बन्ध मे एक अभियुक्त की गिरफ़्तारी हुई है जिसका नाम गौरव कुमार पिता भूषण सिंह सा कपसिया थाना मुफस्सील जिला गया उम्र करीब 27वर्ष है l छापेमारी दल मे शामिल सदस्य -अंजलि कुमारी अवर निरीक्षक मध निषेध, दीपक कुमार राय सहायक अवर निरीक्षक मध निषेध, निशा कुमारी मध निषेध सिपाही, शिल्पी कुमारी मध निषेध सिपाही, गृह रक्षकों एवं साशस्त्र बल l1
- *चेनारी* *भारतमाला परियोजना के द्वारा किसानों को बिना मुआवजा दिए बिना निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर डिहरिया गांव के किसानों ने किया बिरोध प्रदर्शन मौके पर पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी चेनारी प्रियंका कुमारी, थानाध्यक्ष रंजन कुमार,पिएनसी कम्पनी के अधिकारी एवं चेनारी ऊतरी जिला परिषद प्रतिनिधि चंदन सिंह, गुडु शर्मा,उज्जवल सिंह,रणजीतन बिंद, अशोक बिंद,नथुनी बिंद के अलावा अन्य कई लोग मौजूद थे।1
- Post by Garibnath Sahani1
- पति गायब हो जाता है1
- गया शहर के ब्रह्मयोनी पर्वत पर लगभग 9 करोड़ की लागत से 353 मीटर लंबा रोप वे निर्माण कार्य जारी। रोप वे निर्माण होने से पर्यटकों को चोटी पर चढ़ने में होगा आसानी।, गया शहर के ब्रह्मयोनी के दक्षिण में स्थित दया प्रकाश सरस्वती विद्या मंदिर केशव नगर के पास लगभग 9 करोड़ की लागत से 353 मीटर लंबा रोपवे का निर्माण कार्य जारी है। ब्रह्मयोनि पर्वत पर मातृ योनि और ब्रह्मयोनि गुफा एवं माता सावित्री देवी का प्रतिमा आस्था का केंद्र बिंदु है। एवं गयाशीषा बौद्ध स्तूप बौद्ध धर्म का केंद्र बिंदु है। यहां पर देश विदेश से सालों भर पर्यटक आते है। ब्रह्मयोनि पर्वत पर पर्यटकों को चोटी पहुंचने के लिए 440 सीढ़ी चढ़कर ऊपर जाना होता था बुजुर्गों एवं दिव्यांगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। रोप वे निर्माण होने से पर्यटकों को चोटी पर चढ़ने में आसानी होगा।1
- Post by त्रिलोकी नाथ2