बिहार के कटिहार जिले में भारी बारिश के अलर्ट के बीच गंगा और कोसी नदी का कटाव तेज होने से स्थिति गंभीर हो गई है। जिले के कुरसेला प्रखंड अंतर्गत दक्षिणी मुरादपुर पंचायत के तीन घरिया गांव में कटाव के कारण न केवल खेतिहर भूमि नदी में समा रही है, बल्कि स्थानीय लोगों के घरों पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वे गांव के अस्तित्व पर खतरे को लेकर आशंकित हैं। स्थिति से निपटने के लिए ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगाने के साथ-साथ पूजा-अर्चना का सहारा भी ले रहे हैं और सरकार से अविलंब स्थायी कटावरोधी कार्य शुरू करने की मांग कर रहे हैं। कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासन संभावित बाढ़ के मद्देनजर पूरी तरह सतर्क है और प्रतिदिन जलस्तर की निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कटाव या बाढ़ की सूचना मिलने पर तत्काल फ्लड फाइटिंग का कार्य किया जा रहा है और कुरसेला प्रखंड में भी आवश्यकता के अनुरूप कटावरोधी कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे। फिलहाल, भारी बारिश की चेतावनी के बीच ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन द्वारा किए जाने वाले त्वरित बचाव कार्यों पर टिकी हुई हैं।
बिहार के कटिहार जिले में भारी बारिश के अलर्ट के बीच गंगा और कोसी नदी का कटाव तेज होने से स्थिति गंभीर हो गई है। जिले के कुरसेला प्रखंड अंतर्गत दक्षिणी मुरादपुर पंचायत के तीन घरिया गांव में कटाव के कारण न केवल खेतिहर भूमि नदी में समा रही है, बल्कि स्थानीय लोगों के घरों पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वे गांव के अस्तित्व पर खतरे को लेकर आशंकित हैं। स्थिति से निपटने के लिए ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगाने के साथ-साथ पूजा-अर्चना का सहारा भी ले रहे हैं और
सरकार से अविलंब स्थायी कटावरोधी कार्य शुरू करने की मांग कर रहे हैं। कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासन संभावित बाढ़ के मद्देनजर पूरी तरह सतर्क है और प्रतिदिन जलस्तर की निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कटाव या बाढ़ की सूचना मिलने पर तत्काल फ्लड फाइटिंग का कार्य किया जा रहा है और कुरसेला प्रखंड में भी आवश्यकता के अनुरूप कटावरोधी कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे। फिलहाल, भारी बारिश की चेतावनी के बीच ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन द्वारा किए जाने वाले त्वरित बचाव कार्यों पर टिकी हुई हैं।
- बिहार के कटिहार जिले में भारी बारिश के अलर्ट के बीच गंगा और कोसी नदी का कटाव तेज होने से स्थिति गंभीर हो गई है। जिले के कुरसेला प्रखंड अंतर्गत दक्षिणी मुरादपुर पंचायत के तीन घरिया गांव में कटाव के कारण न केवल खेतिहर भूमि नदी में समा रही है, बल्कि स्थानीय लोगों के घरों पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वे गांव के अस्तित्व पर खतरे को लेकर आशंकित हैं। स्थिति से निपटने के लिए ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगाने के साथ-साथ पूजा-अर्चना का सहारा भी ले रहे हैं और सरकार से अविलंब स्थायी कटावरोधी कार्य शुरू करने की मांग कर रहे हैं। कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासन संभावित बाढ़ के मद्देनजर पूरी तरह सतर्क है और प्रतिदिन जलस्तर की निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कटाव या बाढ़ की सूचना मिलने पर तत्काल फ्लड फाइटिंग का कार्य किया जा रहा है और कुरसेला प्रखंड में भी आवश्यकता के अनुरूप कटावरोधी कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे। फिलहाल, भारी बारिश की चेतावनी के बीच ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन द्वारा किए जाने वाले त्वरित बचाव कार्यों पर टिकी हुई हैं।2
- कटिहार जिले में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। झमाझम बारिश के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह सुहाना हो गया है और स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, तेज वर्षा के कारण शहर के कई इलाकों में जलजमाव की समस्या पैदा हो गई है। विशेष रूप से एमजी रोड पर सड़क पर पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि कई दोपहिया वाहन पानी में बेहद धीमी गति से रेंगते नजर आए, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ा।1
- पूर्णिया पूर्व के गोंडवारा पत्केली स्थित सरकारी स्कूल में किए गए काम को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां जो काम हुआ है, उसमें गुणवत्ता की भारी कमी है। इस स्थिति को लेकर कोई टिप्पणी करने के बजाय जनता से ही राय मांगी गई है कि आखिर इस कार्य को कितना अच्छा माना जाए। अब सोशल मीडिया पर लोग इस मामले पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं।1
- कटिहार जिले के समेली में पिछले दो घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इलाके में अभी भी बारिश का सिलसिला जारी है और पानी रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।1
- बिहार के पूर्णिया ईस्ट में बीएलओ (BLO) द्वारा एसआईआर (SIR) फॉर्म भरने के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीएलओ हर व्यक्ति से 20 से 50 रुपये की मांग कर रही है। इतना ही नहीं, जब लोग पैसे देने से मना कर रहे हैं या इसका विरोध कर रहे हैं, तो बीएलओ उन्हें धमका रही है। आरोप है कि बीएलओ साफ तौर पर कह रही है कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो वह उनकी नागरिकता छीन लेगी। इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश है और लोग इसे 'खर्चा-पानी' के नाम पर की जा रही जबरन वसूली बता रहे हैं।1
- बिहार के पूर्णिया जिले के बायसी अनुमंडल अंतर्गत जोकीहाट में AIMIM के प्रखंड अध्यक्ष का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो को लेकर फिलहाल चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, वायरल हो रहे इस ऑडियो की सामग्री और उसमें की गई बातचीत के ब्योरे अभी स्पष्ट नहीं हैं।1
- शुक्रवार को कटिहार में हुई करीब एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। इस बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख मार्ग तालाब में तब्दील हो गए, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और सड़कों पर घुटने तक पानी भर गया। एमजी रोड, पटेल चौक और हरिगंज चौक से दुर्गास्थान जाने वाली सड़कों सहित कई इलाकों में जलभराव के चलते वाहनों की आवाजाही और पैदल चलने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। शहर के विनोदपुर इलाके में स्थिति सबसे ज्यादा भयावह रही, जो मुख्य दवा बाजार और चिकित्सा केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहाँ सड़कों पर जमा पानी में बाइकें आधी डूबी नजर आईं और जलभराव के बीच सीरिंज, स्लाइन की बोतलें व दवाइयों के डिब्बे बहते दिखाई दिए, जिससे स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त, हरिगंज चौक पर स्थित कई दुकानों में पानी घुसने से दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन नगर निगम ने अब तक कोई स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं की है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि नालों की समय पर सफाई न होने के कारण शहर हर बार जलमग्न हो जाता है। अब निवासियों ने नगर निगम प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने और इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की कड़ी मांग की है।1
- पूर्णिया जिले के पूर्णिया पूर्व में बाराती और सराती पक्ष के बीच किसी विवाद की खबर नहीं है, बल्कि पूरा मामला मटन और चिकन के चुनाव को लेकर गरमा गया है। खाने के मेन्यू में मटन और चिकन को लेकर उपजे इस मतभेद के कारण ही विवाद की स्थिति बनी है।1