चैनपुर निवासी मंगरा रौतिया के पुत्र बीरेन्द्र रौतिया का रांची में उपचार के दौरान निधन हो गया। इस दुखद खबर के मिलते ही, जनप्रतिनिधियों ने तत्काल पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हरसंभव सहायता प्रदान की, जिसकी स्थानीय ग्रामीणों ने सराहना की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीरेन्द्र रौतिया पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थे और रांची में उनका इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान ही उनका आकस्मिक निधन हो गया, जिससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा और चैनपुर की मुखिया शोभा देवी पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया और अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। विपत्ति की इस घड़ी में परिवार को सहारा देने के लिए दोनों जनप्रतिनिधियों ने त्वरित राहत के तौर पर चावल सहित अन्य राशन सामग्री उपलब्ध कराई। इसके साथ ही, आवश्यक खर्चों के लिए नकद आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। मुखिया शोभा देवी ने परिवार को आश्वासन दिया कि भविष्य में भी सरकारी योजनाओं और अन्य माध्यमों से उन्हें हरसंभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने बीरेन्द्र के असमय निधन को अत्यंत दुखद बताया और कहा कि वे इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह से खड़ी हैं, उनकी कोशिश रहेगी कि परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जनप्रतिनिधियों की इस संवेदनशीलता और त्वरित सहायता की स्थानीय ग्रामीणों ने भरपूर सराहना की, इसे मानवता की एक मिसाल करार दिया।
चैनपुर निवासी मंगरा रौतिया के पुत्र बीरेन्द्र रौतिया का रांची में उपचार के दौरान निधन हो गया। इस दुखद खबर के मिलते ही, जनप्रतिनिधियों ने तत्काल पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हरसंभव सहायता प्रदान की, जिसकी स्थानीय ग्रामीणों ने सराहना की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीरेन्द्र रौतिया पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थे और रांची में उनका इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान ही उनका आकस्मिक निधन हो गया, जिससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा और चैनपुर की मुखिया शोभा देवी पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया और अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। विपत्ति की इस घड़ी में परिवार को सहारा देने के लिए दोनों जनप्रतिनिधियों ने त्वरित राहत के तौर पर चावल सहित अन्य राशन सामग्री उपलब्ध कराई। इसके साथ ही, आवश्यक खर्चों के लिए नकद आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। मुखिया शोभा देवी ने परिवार को आश्वासन दिया कि भविष्य में भी सरकारी योजनाओं और अन्य माध्यमों से उन्हें हरसंभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने बीरेन्द्र के असमय निधन को अत्यंत दुखद बताया और कहा कि वे इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह से खड़ी हैं, उनकी कोशिश रहेगी कि परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जनप्रतिनिधियों की इस संवेदनशीलता और त्वरित सहायता की स्थानीय ग्रामीणों ने भरपूर सराहना की, इसे मानवता की एक मिसाल करार दिया।
- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने चैनपुर प्रखंड का दौरा किया, जहाँ उन्होंने जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। इस दौरान डॉ. लकड़ा ने स्पष्ट किया कि आयोग का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा और उनके विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने जनसंवाद में प्राप्त शिकायतों और सुझावों के आधार पर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क, राशन और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी प्रमुख समस्याओं को उठाया। उन्होंने ब्लॉक चौक से चर्च रोड तक सड़क निर्माण, एमएलए रोड में नाली निर्माण, भटौली से छिछवानी, जनावलपाठ, छेरियाटंगरा और डोकापाठ तक जर्जर सड़कों की मरम्मत की मांग रखी। साथ ही, कातिंग पंचायत के जोबला पाठ और चितरपुर कोरवा टोली तक नई सड़क बनाने की भी अपील की गई। जल जीवन मिशन के तहत खराब पड़े जलमीनारों की मरम्मत और नए जलमीनारों के निर्माण की मांग भी ग्रामीणों द्वारा प्रमुखता से उठाई गई। डॉ. आशा लकड़ा ने जोर देकर कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ग्रामसभा की अनुमति के बाद ही नियमों का पालन किया जाना चाहिए। बालू की समस्या पर उन्होंने थाना प्रभारी और अंचल अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं के काम बालू की कमी से नहीं रुकने चाहिए और आम लोगों को बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं, विशेषकर 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' और अन्य जनजातीय विकास योजनाएं, अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें। पलायन को एक गंभीर विषय बताते हुए, उन्होंने श्रम विभाग को बाहर काम करने जाने वाले श्रमिकों का अनिवार्य पंजीकरण करने और उनकी सुरक्षा व निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर डॉ. लकड़ा ने घोषणा की कि आयोग राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग को नोटिस जारी करेगा और सात दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो आयोग इस मामले की सुनवाई कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगा। इस कार्यक्रम में डीडब्ल्यूओ आलोक रंजन, एसडीओ हरि उरांव, बीडीओ यादव बैठा, सीओ दिनेश कुमार, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, बीएसओ अरुण यादव, जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा, उप प्रमुख प्रमोद खलखो, मुखिया शोभा देवी, मधुरा मिंज, मनोहर बड़ाईक, यशवंत केशरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की माननीय सदस्य आशा लकड़ा ने अपने चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के दौरे के दौरान स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बिजली, पानी, सड़क, राशन और नेटवर्क सहित विभिन्न मूलभूत समस्याओं को गंभीरता से सुना और ग्रामीणों द्वारा रखी गई प्रमुख मांगों तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। आयोग की सदस्य ने बताया कि उनका मूलभूत कार्य जनजातीय समुदाय का संरक्षण और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, और इसी उद्देश्य से वे विकास प्रक्रियाओं तथा योजनाओं के धरातल तक पहुँचने की जानकारी ले रही हैं। संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों ने ब्लॉक चौक से चर्च रोड तक सड़क निर्माण, एम०एल०ए० रोड के साथ नाली निर्माण, भटौली से छिछवानी एवं जनावलपाठ क्षेत्र को जोड़ने वाली जर्जर मुख्य सड़क की मरम्मत, तथा कातिंग पंचायत के अंतर्गत जोबला पाठ एवं चितरपुर कोरवा टोली में नई सड़क के निर्माण की माँग प्रमुखता से उठाई। इसके अतिरिक्त, जलजीवन मिशन के तहत खराब पड़े जलमीनारों की अविलंब मरम्मत और नए जलमीनारों के निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। चैनपुर के छतरपुर पेट्रोल पंप संचालक द्वारा किए गए दुर्व्यवहार का मामला भी आयोग के संज्ञान में लाया गया, जिस पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया। आशा लकड़ा ने कड़े निर्देश दिए कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ग्रामसभा की अनुमति के बाद ही नियमों का पालन हो, और थाना प्रभारी को बालू की समस्या पर सख्ती से निर्देशित किया कि सरकारी योजनाओं में कमी के कारण कार्य बाधित न हो और न ही आम लोगों को परेशान किया जाए। अंचल अधिकारियों को भी इस संबंध में आवश्यक अनुमति देने को कहा गया। आशा लकड़ा ने विशेष रूप से पलायन कर रहे लोगों के प्रॉपर रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उन्हें बिचौलियों के चंगुल से बचाया जा सके। उन्होंने श्रम डिपार्टमेंट से जागरूकता अभियान चलाने और बाहर जाने वाले श्रमिकों का थाना तथा श्रम नियोजन में समुचित नियोजन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि वे सामाजिक, आर्थिक, शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना का शिकार न हों और अपनी कमाई सुरक्षित रूप से वापस ला सकें। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस विचार को दोहराया कि कोई भी जनजातीय पीछे न रहे और सब आगे बढ़कर काम करें, और आयोग का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 के भाग 5 के तहत इसी संवैधानिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए हुआ है। इस महत्वपूर्ण बैठक और जनसंवाद कार्यक्रम में डीडब्लूओ आलोक रंजन, एसडीओ हरि उरांव, बीडीओ यादव बैठा, सीओ दिनेश कुमार, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, बीएसओ अरुण यादव सहित कई आला अधिकारी और जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा, उप प्रमुख प्रमोद खलखो, मुखिया शोभा देवी जैसे गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। आयोग की सदस्य ने बताया कि डुमरी-चैनपुर से संबंधित उठाए गए तमाम मामलों को लेकर राज्य सरकार के स्वास्थ्य डिपार्टमेंट को अवगत कराया जाएगा और व्यवस्था बहाल करने के लिए नोटिस जारी कर 7 दिन का समय दिया जाएगा। यदि कार्रवाई पूरी नहीं हुई, तो आयोग इसकी सुनवाई और कोर्ट भी लगाएगी।1
- राष्ट्रीय जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने शनिवार को झारखंड के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर क्षेत्र की जनसमस्याओं की समीक्षा की। इस बैठक में सुदूरवर्ती गांवों से आए ग्रामीणों ने स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, शिक्षा और विभिन्न विकास योजनाओं से जुड़ी कई अहम समस्याएँ आयोग की सदस्य के सामने रखीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, आशा लकड़ा ने अधिकारियों को विकास कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी को लेकर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग की सदस्य के इस कड़े रुख से बैठक में मौजूद अधिकारियों के बीच नाराजगी भी साफ तौर पर दिखी।1
- गुमला सदर प्रखंड के टोटो थाना क्षेत्र अंतर्गत काना टोली में एक 68 वर्षीय वृद्ध महिला बुधनी उराइन, जो स्वर्गीय केश्वर उरांव की पत्नी थीं, की कुएँ में गिरकर पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतिका के परिजन पहना उरांव ने पुलिस को बताया कि शनिवार सुबह करीब 7:00 बजे बुधनी उराइन घर से कुछ दूरी पर स्थित कुएँ में पानी भरने गई थीं, तभी उनका पैर फिसल गया और वह कुएँ में जा गिरीं। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर टोटो थाना के एसआई गफ्फार अंसारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने महिला को कुएँ से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया है और इस पूरे मामले की गहन छानबीन में जुट गई है।1
- mat gusha hobe re samdo chapri danch👍🏵️✨👀💕💕🏵️👍1
- कुएं के निर्माण कार्य की अद्यतन जानकारी सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि कुएं के लिए रिंग तैयार करने का काम पूरा हो चुका है। हालांकि, अभी पेंटिंग का काम शेष है। बताया गया है कि इस परियोजना की विस्तृत और पूरी समीक्षा जल्द ही प्रस्तुत की जाएगी।1
- दक्षिणी छोटानागपुर के अध्यक्ष ने केंद्रीय अध्यक्ष से एक शिष्टाचार मुलाकात की है। इस भेंट के दौरान दोनों अध्यक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई।1
- चैनपुर निवासी मंगरा रौतिया के पुत्र बीरेन्द्र रौतिया का रांची में उपचार के दौरान निधन हो गया। इस दुखद खबर के मिलते ही, जनप्रतिनिधियों ने तत्काल पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हरसंभव सहायता प्रदान की, जिसकी स्थानीय ग्रामीणों ने सराहना की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीरेन्द्र रौतिया पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थे और रांची में उनका इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान ही उनका आकस्मिक निधन हो गया, जिससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा और चैनपुर की मुखिया शोभा देवी पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया और अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। विपत्ति की इस घड़ी में परिवार को सहारा देने के लिए दोनों जनप्रतिनिधियों ने त्वरित राहत के तौर पर चावल सहित अन्य राशन सामग्री उपलब्ध कराई। इसके साथ ही, आवश्यक खर्चों के लिए नकद आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। मुखिया शोभा देवी ने परिवार को आश्वासन दिया कि भविष्य में भी सरकारी योजनाओं और अन्य माध्यमों से उन्हें हरसंभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने बीरेन्द्र के असमय निधन को अत्यंत दुखद बताया और कहा कि वे इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह से खड़ी हैं, उनकी कोशिश रहेगी कि परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जनप्रतिनिधियों की इस संवेदनशीलता और त्वरित सहायता की स्थानीय ग्रामीणों ने भरपूर सराहना की, इसे मानवता की एक मिसाल करार दिया।1