Shuru
Apke Nagar Ki App…
गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
Tulla tulsi
गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- गरोठ- पुलिस की बड़ी कार्रवाई सूरज ना गांव के खेत पर बनाई जा रही, अवैध एमडी मादक पदार्थ सहित उपकरण एवं केमिकल पकड़ा। गरोठ पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई पर डीआईजी एवं एसपी मौके पर पहुंचे, दो आरोपी को मौके से पकड़ा।आरोपी से पूछताछ की गई वहीं बड़ी कार्रवाई में, 12 किलो 610 ग्राम के करीब पकड़ी, अवैध एमडी जिसकी कीमत 12 करोड रुपए के करीब की बताई गई। हुई पकड़ी करवाई1
- Post by A M1
- हमारे घर में बहन बेटियों को चाहे लड़ना सिखाओ या ना सिखाओ पर ये दिमाग में जरूर डाले। बच्चियों के साथ दोस्त जैसा व्यवहार करें ताकि वो आपसे हर बात आसानी से शेयर कर सके। 14 फ़रवरी के दिन को कुछ अंग्रेजों के वंशज वैलेंटाइन डे मनाकर कुछ संस्कृति विरोधी लोग हमारी बहनों को टारगेट करते हैं उन्हें मजबूत बनाये सुरक्षित रखें ।1
- मनासा। शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय चचोर के प्राचार्य राजेश दीक्षित का गांव के कुछ लोगो व स्कूल स्टॉप की शिकायतों के बाद किए गए तबादले से नाराज स्कूली बच्चों ने सोमवार को स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और स्कूल के बाहर सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया।आक्रोशित विद्यार्थियों ने नारे लिखी तख्तियां लेकर स्कूल स्टॉप व कुछ ग्रामीणों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की छात्रों का कहना है कि प्राचार्य राजेश दीक्षित का कार्यकाल स्कूल के लिए बेहद सकारात्मक रहा है। उनके नेतृत्व में पढ़ाई का स्तर बेहतर हुआ, अनुशासन कायम रहा और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत हुई। चक्का जाम की सूचना मिलते ही मौके पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और छात्रों को समझाइश देने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। विद्यार्थियों ने साफ कहा कि जब तक प्राचार्य राजेश दीक्षित को पुनः उनके विद्यालय में नहीं भेजा जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।1
- Post by Ravi__baba9991
- ताल:- इंसान को जीवन से लेकर मृत्यु तक सोलह संस्कारों से गुजरना पड़ता है जिसमे प्रमुख रूप से उपनयन संस्कार(जनेऊ) प्रमुख है। उपनयन या यज्ञोपवीत संस्कार हिंदुओ का प्रमुख संस्कार माना जाता है प्राचीन काल में बालक के गुरु या आचार्य के पास विद्या प्राप्त करने जाने का सूचक था। इस संस्कार के बाद बालक को 18 वर्ष तक ब्रम्हचर्य का पालन करना होता था और भिक्षा वृति से अपना और अपने गुरु का निर्वहन करना होता था ब्राम्हण बालक के लिए 8 वर्ष क्षत्रिय बालक के लिए 11 वर्ष और वैश्य बालक के लिए 12 वर्ष का विधान है। अन्य संस्कारों की तरह यह संस्कार भी लुप्त प्राय होता जा रहा है किंतु थोड़ा बहुत ब्राम्हण वर्ग ने इस संस्कार को बनाए रखा है।1
- Post by राघवेन्द्र सिंह1