“रिबोर के नाम पर 57 हजार की निकासी, जमीन पर नहीं दिखा काम” अम्बेडकरनगर। विकास खंड बसखारी के ग्राम सभा शंकरपुर विशुनपुर में नल (हैंडपंप) रिबोर के नाम पर 57,586 रुपये की धनराशि निकाले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना वास्तविक कार्य कराए ही भुगतान दर्शा दिया गया। जानकारी के अनुसार, दिनांक 24 मई 2025 को रायपुर आंगनबाड़ी केंद्र के पास स्थित हैंडपंप के रिबोर के नाम पर ग्राम पंचायत खाते से भुगतान किया गया। जबकि स्थानीय प्राथमिक विद्यालय के एक अध्यापक का कहना है कि उक्त हैंडपंप पहले से लगा हुआ था और उसमें केवल समरसेबल पंप डाला गया है, रिबोर जैसा कोई कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, रिबोर का अर्थ हैंडपंप की पुनः खुदाई या गहराई बढ़ाना होता है, लेकिन मौके पर ऐसा कोई कार्य दिखाई नहीं देता। ऐसे में बिना कार्य के भुगतान किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान की भूमिका को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मिलीभगत से फर्जी भुगतान कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। “रिबोर के नाम पर 57 हजार की निकासी, जमीन पर नहीं दिखा काम” अम्बेडकरनगर। विकास खंड बसखारी के ग्राम सभा शंकरपुर विशुनपुर में नल (हैंडपंप) रिबोर के नाम पर 57,586 रुपये की धनराशि निकाले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना वास्तविक कार्य कराए ही भुगतान दर्शा दिया गया। जानकारी के अनुसार, दिनांक 24 मई 2025 को रायपुर आंगनबाड़ी केंद्र के पास स्थित हैंडपंप के रिबोर के नाम पर ग्राम पंचायत खाते से भुगतान किया गया। जबकि स्थानीय प्राथमिक विद्यालय के एक अध्यापक का कहना है कि उक्त हैंडपंप पहले से लगा हुआ था और उसमें केवल समरसेबल पंप डाला गया है, रिबोर जैसा कोई कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, रिबोर का अर्थ हैंडपंप की पुनः खुदाई या गहराई बढ़ाना होता है, लेकिन मौके पर ऐसा कोई कार्य दिखाई नहीं देता। ऐसे में बिना कार्य के भुगतान किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान की भूमिका को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मिलीभगत से फर्जी भुगतान कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा धन की रिकवरी की मांग की है।
“रिबोर के नाम पर 57 हजार की निकासी, जमीन पर नहीं दिखा काम” अम्बेडकरनगर। विकास खंड बसखारी के ग्राम सभा शंकरपुर विशुनपुर में नल (हैंडपंप) रिबोर के नाम पर 57,586 रुपये की धनराशि निकाले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना वास्तविक कार्य कराए ही भुगतान दर्शा दिया गया। जानकारी के अनुसार, दिनांक 24 मई 2025 को रायपुर आंगनबाड़ी केंद्र के पास स्थित हैंडपंप के रिबोर के नाम पर ग्राम पंचायत खाते से भुगतान किया गया। जबकि स्थानीय प्राथमिक विद्यालय के एक अध्यापक का कहना है कि उक्त हैंडपंप पहले से लगा हुआ था और उसमें केवल समरसेबल पंप डाला गया है, रिबोर जैसा कोई कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, रिबोर का अर्थ हैंडपंप की पुनः खुदाई या गहराई बढ़ाना होता है, लेकिन मौके पर ऐसा कोई कार्य दिखाई नहीं देता। ऐसे में बिना कार्य के भुगतान किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान की भूमिका को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मिलीभगत से फर्जी भुगतान कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। “रिबोर के नाम पर 57 हजार की निकासी, जमीन पर नहीं दिखा काम” अम्बेडकरनगर। विकास खंड बसखारी के ग्राम सभा शंकरपुर विशुनपुर में नल (हैंडपंप) रिबोर के नाम पर 57,586 रुपये की धनराशि निकाले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना वास्तविक कार्य कराए ही भुगतान दर्शा दिया गया। जानकारी के अनुसार, दिनांक 24 मई 2025 को रायपुर आंगनबाड़ी केंद्र के पास स्थित हैंडपंप के रिबोर के नाम पर ग्राम पंचायत खाते से भुगतान किया गया। जबकि स्थानीय प्राथमिक विद्यालय के एक अध्यापक का कहना है कि उक्त हैंडपंप पहले से लगा हुआ था और उसमें केवल समरसेबल पंप डाला गया है, रिबोर जैसा कोई कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, रिबोर का अर्थ हैंडपंप की पुनः खुदाई या गहराई बढ़ाना होता है, लेकिन मौके पर ऐसा कोई कार्य दिखाई नहीं देता। ऐसे में बिना कार्य के भुगतान किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान की भूमिका को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मिलीभगत से फर्जी भुगतान कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा धन की रिकवरी की मांग की है।
- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- “रिबोर के नाम पर 57 हजार की निकासी, जमीन पर नहीं दिखा काम” अम्बेडकरनगर। विकास खंड बसखारी के ग्राम सभा शंकरपुर विशुनपुर में नल (हैंडपंप) रिबोर के नाम पर 57,586 रुपये की धनराशि निकाले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना वास्तविक कार्य कराए ही भुगतान दर्शा दिया गया। जानकारी के अनुसार, दिनांक 24 मई 2025 को रायपुर आंगनबाड़ी केंद्र के पास स्थित हैंडपंप के रिबोर के नाम पर ग्राम पंचायत खाते से भुगतान किया गया। जबकि स्थानीय प्राथमिक विद्यालय के एक अध्यापक का कहना है कि उक्त हैंडपंप पहले से लगा हुआ था और उसमें केवल समरसेबल पंप डाला गया है, रिबोर जैसा कोई कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, रिबोर का अर्थ हैंडपंप की पुनः खुदाई या गहराई बढ़ाना होता है, लेकिन मौके पर ऐसा कोई कार्य दिखाई नहीं देता। ऐसे में बिना कार्य के भुगतान किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान की भूमिका को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मिलीभगत से फर्जी भुगतान कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा धन की रिकवरी की मांग की है।1
- अम्बेडकरनगर पुलिस की बड़ी कामयाबी, 25 लाख की मोबाइल लौटाई अम्बेडकरनगर पुलिस ने आमजन को बड़ी राहत देते हुए मोबाइल रिकवरी अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक अभिजित आर शंकर के निर्देशन में गठित मोबाइल रिकवरी सेल (सर्विलांस टीम) ने जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए कुल 125 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) हरेन्द्र कुमार एवं अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्याम देव के पर्यवेक्षण में लगातार चलाए गए अभियान का परिणाम है। सर्विलांस सेल टीम के अथक प्रयासों से विभिन्न स्थानों से मोबाइल ट्रेस कर उन्हें सुरक्षित बरामद किया गया। पुलिस द्वारा बरामद सभी मोबाइलों के धारकों को सूचित कर आज उन्हें उनके फोन वापस सौंपे जा रहे हैं। लंबे समय से अपने मोबाइल खो चुके लोगों के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई, वहीं पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना भी हो रही है। जनहित में अपील पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि वे अपने मोबाइल में संचार साथी ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करें। इससे मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में आवश्यक जानकारी और सहायता तुरंत मिल सकती है। साथ ही, मोबाइल खो जाने पर नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मोबाइल का बिल/IMEI नंबर, आधार कार्ड व अन्य पहचान पत्र के साथ अपने नजदीकी थाने पर जाकर CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि मोबाइल की ट्रैकिंग और रिकवरी में मदद मिल सके। अम्बेडकरनगर पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ लोगों का भरोसा मजबूत किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि तकनीक और सतर्कता के जरिए अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।3
- पुलिस अधीक्षक अंबेडकर नगर के द्वारा खोया मोबाइल , वापस दिलाया गया1
- Post by India news 37 ( वैभव सिंह ब्यूरो चीफ) अंबेडकर नगर1
- Post by APDP NEWS1
- अम्बेडकर नगर के जलालपुर नगर पालिका में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में नाम डालने के नाम पर ₹5,000 की रिश्वत मांग रहे बाबू रमाकांत चौबे को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। अयोध्या मंडल की टीम ने पीड़ित की शिकायत पर यह जाल बिछाया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट देखें।1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1