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बकानी खुर्द गांव में नहर पानी की समस्या गंभीर, सुपरवाइजर की लापरवाही से ग्रामीण परेशान बकानी खुर्द गांव में नहर पानी की समस्या गंभीर, सुपरवाइजर की लापरवाही से ग्रामीण परेशान भवानी मंडी क्षेत्र के गांव बकानी खुर्द में पिछले करीब दो महीनों से नहर से हो रहे पानी के रिसाव और अवैध पाइप लाइनों के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के शिकायतकर्ता कालू प्रजापति ने बताया कि नहर के सुपरवाइजर राजेश गुर्जर को कई बार मौखिक व लिखित रूप से अवगत कराया गया, इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की
Rohit Prajapati
बकानी खुर्द गांव में नहर पानी की समस्या गंभीर, सुपरवाइजर की लापरवाही से ग्रामीण परेशान बकानी खुर्द गांव में नहर पानी की समस्या गंभीर, सुपरवाइजर की लापरवाही से ग्रामीण परेशान भवानी मंडी क्षेत्र के गांव बकानी खुर्द में पिछले करीब दो महीनों से नहर से हो रहे पानी के रिसाव और अवैध पाइप लाइनों के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के शिकायतकर्ता कालू प्रजापति ने बताया कि नहर के सुपरवाइजर राजेश गुर्जर को कई बार मौखिक व लिखित रूप से अवगत कराया गया, इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की
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- दूल्हे राजा घोड़ी पर होकर सवार चला1
- कोटा ग्रामीण पुलिस द्वारा जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन रूट क्लियरेंस के तहत मोडक थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ की तस्करी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 304 किलो 530 ग्राम डोडा चूरा बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 46 लाख रुपए बताई जा रही है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे जारी प्रेस नोट में कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मोडक थाना पुलिस ने कोटा-झालावाड़ नेशनल हाईवे स्थित हिरियाखेड़ी पुलिया के पास नाकाबंदी की। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सड़क किनारे दो संदिग्ध कारें खड़ी हैं और कुछ लोग घबराहट में वाहन के पास खड़े हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को घेर लिया। तलाशी लेने पर स्कॉर्पियो कार से 17 कट्टों में भरा 304 किलो 530 ग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो और एस्कॉर्ट कर रही क्रेटा कार को भी जब्त कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेखर उर्फ सागर (27), संदीप गोदारा (19) और रामनिवास (35) के रूप में हुई है, जो जोधपुर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई पिछले 10 दिनों में तस्करों के खिलाफ तीसरी बड़ी कार्रवाई है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।2
- रायपुर क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के बाद अचानक शुरू हुई तेज गर्मी ने फसलों, खासकर लहसुन और गेहूं पर गहरा असर डाला है। गेहूं की फसल समय से पहले पकने की स्थिति में पहुंच गई है, जिससे दाने सिकुड़ सकते हैं और उत्पादन में 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी का खतरा है। किसान हल्की सिंचाई और पोषक तत्वों के छिड़काव से अपनी फसल को बचा सकते अचानक बढ़े तापमान के कारण गेहूं की बालियों में दानों का पूर्ण विकास नहीं हो पा रहा है। इससे दाने छोटे और कमजोर रह जाते हैं, जो अंततः फसल की गुणवत्ता और मात्रा दोनों को प्रभावित करता है। भारतीय किसान संघ के जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर ने बताया कि गर्मी की तीव्रता रबी फसलों की विकास प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। इन फसलों को अब पर्याप्त पोषण और उचित नमी की सख्त आवश्यकता है।1
- रामगंज मंडी क्षेत्र के ग्राम बुरन खेड़ी के सामुदायिक भवन पर “नवसृजित ग्राम पंचायत बुरन खेड़ी” लिखे जाने के बाद मेघवाल समाज के लोगों में नाराजगी फैल गई। बुधवार सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष रामगंज मंडी उपखण्ड कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है उक्त सामुदायिक भवन का उपयोग ग्राम पंचायत द्वारा न किया जाए तथा इसे अनुसूचित जाति समाज के उपयोग हेतु ही सुरक्षित रखा जाए। समाज के लोगों का कहना है कि सामुदायिक भवन का निर्माण उनके पूर्वजों की पुश्तैनी कॉलोनी की जमीन पर हुआ था। जानकारी के अनुसार विधायक निधि से सामाजिक गतिविधियों, बैठकों एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए इस भवन का निर्माण करीब 15 वर्ष पूर्व किया गया था, जिसका उपयोग मेघवाल समाज (अनुसूचित जाति) के लोग लगातार करते आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में बुरन खेड़ी के नवसृजित ग्राम पंचायत बनने के बाद इस भवन को पंचायत संचालन में लेने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे समाज में असंतोष उत्पन्न हुआ। लोगों का कहना है कि यह कुछ लोगों की सोची-समझी साजिश के तहत उठाया गया कदम है और गलत जानकारी फैलाकर भवन का नाम ग्राम पंचायत के लिए दर्शाया गया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत गोयन्दा के समीप वर्षों से दो सरकारी भवन धूल चाट रहे हैं, लेकिन उनके उपयोग पर विचार नहीं किया गया। इसके बजाय द्वेषपूर्ण तरीके से सामुदायिक भवन को ग्राम पंचायत बुरन खेड़ी के नाम से जोड़ने का प्रयास की जा रहा है। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कजोड़लाल, कृष्ण गोपाल, राजेन्द्र, जगदीश, देवेन्द्र सिंह, जुगराज, हंसराज, बगदीराम, रतनलाल, दुर्गलाल, रामपाल, सांवरलाल, कारुलाल, प्रकाश, रामलाल सहित बड़ी संख्या में युवा एवं महिलाएं मौजूद रहीं।1
- रामगंजमंडी के सहरावदा ग्राम पंचायत क्षेत्र में सरकारी भूमि पर लंबे समय से किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने हटाने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर की गई। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार ढाबादेह–सहरावदा मार्ग पर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य केंद्र के सामने करीब 20 वर्षों से अतिक्रमण किया हुआ था। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार के विवाद की स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।1