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सबौर प्रखंड के बैजलपुर पंचायत के अंतर्गत वार्ड संख्या 3 में जल निकासी का काम नहीं होने के कारण गंदगी और बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है सबौर प्रखंड के बैजलपुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 में जलजमाव की समस्या अब गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। यहां एक बड़े गड्ढे में लंबे समय से पानी जमा है, जिसकी निकासी नहीं होने के कारण आसपास के लोगों को कई तरह की बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह गड्ढा पिछले कई महीनों से गंदे पानी से भरा हुआ है और धीरे-धीरे यह क्षेत्र मच्छरों व विषैले कीटों का अड्डा बनता जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि इस स्थायी जलजमाव के कारण मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार बनी हुई है। इसके अलावा, दूषित पानी और उससे उठने वाली दुर्गंध के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं और त्वचा रोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने तो यहां तक आशंका जताई है कि लंबे समय तक ऐसे प्रदूषित वातावरण में रहने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। वार्ड संख्या 3 के निवासी बताते हैं कि उन्होंने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को आवेदन देकर इस समस्या के समाधान की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हर बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आता। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलजमाव वाले स्थानों में गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहने से बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीव तेजी से पनपते हैं। यही कारण है कि ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस गड्ढे के पानी की निकासी की व्यवस्था करे और वहां की सफाई सुनिश्चित करे। साथ ही, स्थायी समाधान के तहत नाली निर्माण या गड्ढे को भरने की दिशा में भी काम किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि पूरे गांव के जीवन स्तर के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे इस मुद्दे को प्राथमिकता दें और शीघ्र कार्रवाई कर ग्रामीणों को इस संकट से राहत दिलाएं।

1 hr ago
user_NETWORK BHARAT MEDIA
NETWORK BHARAT MEDIA
सबौर, भागलपुर, बिहार•
1 hr ago

सबौर प्रखंड के बैजलपुर पंचायत के अंतर्गत वार्ड संख्या 3 में जल निकासी का काम नहीं होने के कारण गंदगी और बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है सबौर प्रखंड के बैजलपुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 में जलजमाव की समस्या अब गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। यहां एक बड़े गड्ढे में लंबे समय से पानी जमा है, जिसकी निकासी नहीं होने के कारण आसपास के लोगों को कई तरह की बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह गड्ढा पिछले कई महीनों से गंदे पानी से भरा हुआ है और धीरे-धीरे यह क्षेत्र मच्छरों व विषैले कीटों का अड्डा बनता जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि इस स्थायी जलजमाव के कारण मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार बनी हुई है। इसके अलावा, दूषित पानी और उससे उठने वाली दुर्गंध के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं और त्वचा रोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने तो यहां तक आशंका जताई है कि लंबे समय तक ऐसे प्रदूषित वातावरण में रहने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। वार्ड संख्या 3 के निवासी बताते हैं कि उन्होंने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को आवेदन देकर इस समस्या के समाधान की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हर बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आता। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलजमाव वाले स्थानों में गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहने से बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीव तेजी से पनपते हैं। यही कारण है कि ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस गड्ढे के पानी की निकासी की व्यवस्था करे और वहां की सफाई सुनिश्चित करे। साथ ही, स्थायी समाधान के तहत नाली निर्माण या गड्ढे को भरने की दिशा में भी काम किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि पूरे गांव के जीवन स्तर के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे इस मुद्दे को प्राथमिकता दें और शीघ्र कार्रवाई कर ग्रामीणों को इस संकट से राहत दिलाएं।

  • user_NETWORK BHARAT MEDIA
    NETWORK BHARAT MEDIA
    सबौर, भागलपुर, बिहार
    पानी का निकासी होना अनिवार्य है
    1 hr ago
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  • सबौर प्रखंड के बैजलपुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 में जलजमाव की समस्या अब गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। यहां एक बड़े गड्ढे में लंबे समय से पानी जमा है, जिसकी निकासी नहीं होने के कारण आसपास के लोगों को कई तरह की बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह गड्ढा पिछले कई महीनों से गंदे पानी से भरा हुआ है और धीरे-धीरे यह क्षेत्र मच्छरों व विषैले कीटों का अड्डा बनता जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि इस स्थायी जलजमाव के कारण मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार बनी हुई है। इसके अलावा, दूषित पानी और उससे उठने वाली दुर्गंध के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं और त्वचा रोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने तो यहां तक आशंका जताई है कि लंबे समय तक ऐसे प्रदूषित वातावरण में रहने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। वार्ड संख्या 3 के निवासी बताते हैं कि उन्होंने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को आवेदन देकर इस समस्या के समाधान की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हर बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आता। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलजमाव वाले स्थानों में गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहने से बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीव तेजी से पनपते हैं। यही कारण है कि ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस गड्ढे के पानी की निकासी की व्यवस्था करे और वहां की सफाई सुनिश्चित करे। साथ ही, स्थायी समाधान के तहत नाली निर्माण या गड्ढे को भरने की दिशा में भी काम किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि पूरे गांव के जीवन स्तर के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे इस मुद्दे को प्राथमिकता दें और शीघ्र कार्रवाई कर ग्रामीणों को इस संकट से राहत दिलाएं।
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    सबौर प्रखंड के बैजलपुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 में जलजमाव की समस्या अब गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। यहां एक बड़े गड्ढे में लंबे समय से पानी जमा है, जिसकी निकासी नहीं होने के कारण आसपास के लोगों को कई तरह की बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह गड्ढा पिछले कई महीनों से गंदे पानी से भरा हुआ है और धीरे-धीरे यह क्षेत्र मच्छरों व विषैले कीटों का अड्डा बनता जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि इस स्थायी जलजमाव के कारण मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार बनी हुई है। इसके अलावा, दूषित पानी और उससे उठने वाली दुर्गंध के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं और त्वचा रोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने तो यहां तक आशंका जताई है कि लंबे समय तक ऐसे प्रदूषित वातावरण में रहने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है।
वार्ड संख्या 3 के निवासी बताते हैं कि उन्होंने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को आवेदन देकर इस समस्या के समाधान की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हर बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आता। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलजमाव वाले स्थानों में गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहने से बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीव तेजी से पनपते हैं। यही कारण है कि ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस गड्ढे के पानी की निकासी की व्यवस्था करे और वहां की सफाई सुनिश्चित करे। साथ ही, स्थायी समाधान के तहत नाली निर्माण या गड्ढे को भरने की दिशा में भी काम किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि पूरे गांव के जीवन स्तर के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे इस मुद्दे को प्राथमिकता दें और शीघ्र कार्रवाई कर ग्रामीणों को इस संकट से राहत दिलाएं।
    user_NETWORK BHARAT MEDIA
    NETWORK BHARAT MEDIA
    सबौर, भागलपुर, बिहार•
    1 hr ago
  • पंचायत में आखिर कितना काम हुआ और कितना सिर्फ कागज़ों में दिखाया गया? यही सवाल अब गाँव-गाँव में उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास के नाम पर सिर्फ वादे किए गए, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है। वहीं दूसरी तरफ मुखिया का दावा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कई योजनाओं को पूरा किया है।
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    पंचायत में आखिर कितना काम हुआ और कितना सिर्फ कागज़ों में दिखाया गया?
यही सवाल अब गाँव-गाँव में उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि विकास के नाम पर सिर्फ वादे किए गए, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है।
वहीं दूसरी तरफ मुखिया का दावा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कई योजनाओं को पूरा किया है।
    user_M M APNA BHARAT
    M M APNA BHARAT
    Media Consultant कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    19 hrs ago
  • Post by Chotu kumar
    1
    Post by Chotu kumar
    user_Chotu kumar
    Chotu kumar
    खरिक, भागलपुर, बिहार•
    59 min ago
  • बिहार के कहलगांव प्रखंड में साइबर ठगों ने अब पंचायत के मुखियाओं को अपना टारगेट बना लिया है। आधा दर्जन से ज्यादा मुखिया ठगी का शिकार हो चुके हैं। मोबाइल नंबर हैक कर व्हाट्सएप के जरिए पैसों की मांग की जा रही है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
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    बिहार के कहलगांव प्रखंड में साइबर ठगों ने अब पंचायत के मुखियाओं को अपना टारगेट बना लिया है। आधा दर्जन से ज्यादा मुखिया ठगी का शिकार हो चुके हैं। मोबाइल नंबर हैक कर व्हाट्सएप के जरिए पैसों की मांग की जा रही है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
    user_Raju Ranjan
    Raju Ranjan
    Media Consultant कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • बनारसी लाल सर्राफ वाणिज्य महाविद्यालय में एनएसएस के तहत पक्षियों के लिए जलपात्र लगाए गए। प्राचार्य प्रो. दिनकर आचार्य ने कहा कि यह पहल बेजुबान पक्षियों के लिए राहत साबित होगी। इस अवसर पर डॉ. आशीष कुमार सिंह, प्रो. विजय ठाकुर, प्रो. मो. खालिद, प्रो. अमर कुमार सिंह, किशोर गौरव झा, अशोक सिंह, अंकित कुमार, हेमंत कुमार, दीपक कुमार, प्रदीप प्रसाद, ललन झा, मो. शकील सहित अन्य उपस्थित रहे।
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    बनारसी लाल सर्राफ वाणिज्य महाविद्यालय में एनएसएस के तहत पक्षियों के लिए जलपात्र लगाए गए। प्राचार्य प्रो. दिनकर आचार्य ने कहा कि यह पहल बेजुबान पक्षियों के लिए राहत साबित होगी।
इस अवसर पर डॉ. आशीष कुमार सिंह, प्रो. विजय ठाकुर, प्रो. मो. खालिद, प्रो. अमर कुमार सिंह, किशोर गौरव झा, अशोक सिंह, अंकित कुमार, हेमंत कुमार, दीपक कुमार, प्रदीप प्रसाद, ललन झा, मो. शकील सहित अन्य उपस्थित रहे।
    user_समर्थ कुमार
    समर्थ कुमार
    Court reporter नवगछिया, भागलपुर, बिहार•
    13 hrs ago
  • Post by Abhishek ranjan C E O
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    Post by Abhishek ranjan C E O
    user_Abhishek ranjan C E O
    Abhishek ranjan C E O
    Court reporter कहलगाँव, भागलपुर, बिहार•
    14 hrs ago
  • हम सभी भाई-बहनों के यही कहना चाहेंगे किसी भी पार्टी के झांसे में नहीं आना अपने बल से मेहनत करके कमाना है
    1
    हम सभी भाई-बहनों के यही कहना चाहेंगे किसी भी पार्टी के झांसे में नहीं आना अपने बल से मेहनत करके कमाना है
    user_Heyar kating
    Heyar kating
    Beauty Parlour खरिक, भागलपुर, बिहार•
    17 hrs ago
  • परवत्ता थाना क्षेत्र के जह्नावी चौक स्थित महादेवपुर गंगा घाट पर मंगलवार को नहाने के दौरान एक युवक डूब गया। मधेपुरा जिले के चौसा महेशवा गांव निवासी रविशंकर कुमार (25) गंगा स्नान के दौरान अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में चला गया। घटना की सूचना मिलते ही खरीक सीओ प्रवीण कुमार वत्स व परवत्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। इंस्पेक्टर कुमार नीलू के नेतृत्व में टीम ने युवक की तलाश के लिए नदी में रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिल सकी। बताया गया कि युवक अपने परिजनों के साथ गंगा स्नान करने आया था। हादसे के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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    परवत्ता थाना क्षेत्र के जह्नावी चौक स्थित महादेवपुर गंगा घाट पर मंगलवार को नहाने के दौरान एक युवक डूब गया। मधेपुरा जिले के चौसा महेशवा गांव निवासी रविशंकर कुमार (25) गंगा स्नान के दौरान अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में चला गया।
घटना की सूचना मिलते ही खरीक सीओ प्रवीण कुमार वत्स व परवत्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। इंस्पेक्टर कुमार नीलू के नेतृत्व में टीम ने युवक की तलाश के लिए नदी में रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिल सकी।
बताया गया कि युवक अपने परिजनों के साथ गंगा स्नान करने आया था। हादसे के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
    user_समर्थ कुमार
    समर्थ कुमार
    Court reporter नवगछिया, भागलपुर, बिहार•
    18 hrs ago
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