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तिकुनिया भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष तिकुनिया निवासी दीपक जाटव लखनऊ जाने पर रोक रही पुलिस इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है

11 hrs ago
user_खीरी न्यूज़ अपडेट
खीरी न्यूज़ अपडेट
रिपोर्टर लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

तिकुनिया भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष तिकुनिया निवासी दीपक जाटव लखनऊ जाने पर रोक रही पुलिस इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • दस साल की उम्र में कैसे हो गया पट्टे का आवंटन पिता के नाम में भी अंतर; जांच की मांग, आधार कार्ड और राजस्व अभिलेखों में पिता के नाम अलग-अलग होने से उठे सवाल, भाइयों ने एसडीएम से की कार्रवाई की मांग पलियाकलां-खीरी। पलिया तहसील क्षेत्र के ग्राम निषादनगर घोला से पट्टा आवंटन में कथित हेरफेर और अभिलेखों में विसंगतियों का मामला सामने आया है। भाईयों की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक वर्ष 1978 में चन्द्रिका पुत्र जद्दू के नाम पट्टे का आवंटन किया गया था। वहीं, चन्द्रिका के आधार कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 1968 दर्ज है। इस आधार पर 12 अप्रैल 1978 को पट्टा आवंटन के समय उसकी उम्र करीब 10 वर्ष तीन माह 11 दिन थी। ऐसे में इतनी कम उम्र में उसके नाम पट्टा कैसे आवंटित हो गया, यह जांच का विषय बना हुआ है। मामले में एक अन्य महत्वपूर्ण विसंगति चन्द्रिका के पिता के नाम को लेकर सामने आई है। आरोप है कि आधार कार्ड में चन्द्रिका के पिता का नाम दहारी दर्ज है, जबकि पट्टा पत्रावली और खतौनी में पिता का नाम जद्दू दर्ज है। बताया गया है कि चन्द्रिका के दो भाई वीरेन्द्र और रवीन्द्र भी हैं और दोनों के अभिलेखों में उनके पिता का नाम दहारी ही दर्ज है। ऐसे में एक ही परिवार के अभिलेखों में पिता के नाम को लेकर अंतर कैसे आया, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। चन्द्रिका के दोनों छोटे भाइयों वीरेन्द्र और रवीन्द्र ने इस संबंध में एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पट्टा फर्जी तरीके से कराया गया है। उन्होंने पट्टे को निरस्त करने के साथ ही चन्द्रिका के विरुद्ध धोखाधड़ी की कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पट्टा आवंटन के समय तैनात रहे तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। मामले में लगाए गए आरोपों और अभिलेखों में दर्ज विवरण की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में संबंधित राजस्व अभिलेखों, पट्टा पत्रावली, आधार संबंधी विवरण और तत्कालीन आवंटन प्रक्रिया की जांच कराकर तथ्य सामने लाना जरूरी है। शिकायतकर्ताओं ने सक्षम अधिकारियों से मामले की गहन जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
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    दस साल की उम्र में कैसे हो गया पट्टे का आवंटन

पिता के नाम में भी अंतर; जांच की मांग, आधार कार्ड और राजस्व अभिलेखों में पिता के नाम अलग-अलग होने से उठे सवाल, भाइयों ने एसडीएम से की कार्रवाई की मांग
पलियाकलां-खीरी। पलिया तहसील क्षेत्र के ग्राम निषादनगर घोला से पट्टा आवंटन में कथित हेरफेर और अभिलेखों में विसंगतियों का मामला सामने आया है। भाईयों की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक वर्ष 1978 में चन्द्रिका पुत्र जद्दू के नाम पट्टे का आवंटन किया गया था। वहीं, चन्द्रिका के आधार कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 1968 दर्ज है। इस आधार पर 12 अप्रैल 1978 को पट्टा आवंटन के समय उसकी उम्र करीब 10 वर्ष तीन माह 11 दिन थी। ऐसे में इतनी कम उम्र में उसके नाम पट्टा कैसे आवंटित हो गया, यह जांच का विषय बना हुआ है।
मामले में एक अन्य महत्वपूर्ण विसंगति चन्द्रिका के पिता के नाम को लेकर सामने आई है। आरोप है कि आधार कार्ड में चन्द्रिका के पिता का नाम दहारी दर्ज है, जबकि पट्टा पत्रावली और खतौनी में पिता का नाम जद्दू दर्ज है। बताया गया है कि चन्द्रिका के दो भाई वीरेन्द्र और रवीन्द्र भी हैं और दोनों के अभिलेखों में उनके पिता का नाम दहारी ही दर्ज है। ऐसे में एक ही परिवार के अभिलेखों में पिता के नाम को लेकर अंतर कैसे आया, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
चन्द्रिका के दोनों छोटे भाइयों वीरेन्द्र और रवीन्द्र ने इस संबंध में एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पट्टा फर्जी तरीके से कराया गया है। उन्होंने पट्टे को निरस्त करने के साथ ही चन्द्रिका के विरुद्ध धोखाधड़ी की कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पट्टा आवंटन के समय तैनात रहे तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
मामले में लगाए गए आरोपों और अभिलेखों में दर्ज विवरण की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में संबंधित राजस्व अभिलेखों, पट्टा पत्रावली, आधार संबंधी विवरण और तत्कालीन आवंटन प्रक्रिया की जांच कराकर तथ्य सामने लाना जरूरी है। शिकायतकर्ताओं ने सक्षम अधिकारियों से मामले की गहन जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Sitapur-कीचड़ भरे रास्ते में सिमट गई जिंदगी,कौन है जिम्मेदार,कब होगी सुनवाई! भारत न्यूज़ 24 डिजिटल मीडिया जिला संवाददाता सीतापुर राजू कुमार बंसल पत्रकार की खास रिपोर्ट
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    Sitapur-कीचड़ भरे रास्ते में सिमट गई जिंदगी,कौन है जिम्मेदार,कब होगी सुनवाई!
भारत न्यूज़ 24 डिजिटल मीडिया 
जिला संवाददाता सीतापुर 
राजू कुमार बंसल पत्रकार की खास रिपोर्ट
    user_राजू कुमार बंसल (पत्रकार)
    राजू कुमार बंसल (पत्रकार)
    Court reporter लहरपुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • पट्टी के लिए भटकती महिला, पीएचसी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल ईसानगर पीएचसी की बदहाली पर ग्रामीणों का आक्रोश, वीडियो में महिला से कथित अभद्रता और धमकाने का मामला पट्टी के लिए भटकती महिला, पीएचसी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल ईसानगर पीएचसी की बदहाली पर ग्रामीणों का आक्रोश, वीडियो में महिला से कथित अभद्रता और धमकाने का मामला ईसानगर/लखीमपुर खीरी। बाढ़ की मार झेल रहे 81 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुविधा जीवन की सबसे बड़ी जरूरत है, लेकिन ईसानगर क्षेत्र की पीएचसी से सामने आया वीडियो स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में एक महिला पट्टी कराने के लिए इधर-उधर भटकती दिखाई दे रही है। महिला उपचार के लिए अस्पताल परिसर में मदद मांगती नजर आती है, वहीं वीडियो में एक कंपाउंडर द्वारा महिला को कथित तौर पर धमकाते हुए भी देखा-सुना जा रहा है। यदि वीडियो में दर्ज घटनाक्रम सही है तो सवाल यह है कि उपचार मांगने पहुंची एक महिला के साथ ऐसा व्यवहार आखिर किस व्यवस्था के तहत उचित माना जा सकता है? बाढ़ से चारों तरफ जलमग्न क्षेत्र में ग्रामीण पहले ही आवागमन और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को उपचार, पट्टी और दवा के लिए भटकना पड़े तो जिम्मेदारी आखिर किसकी है? हक की आवाज न्यूज़ चैनल की प्रधान संपादक श्रीमती सन्नो आचार्य के मौके पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने पीएचसी की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ा सवाल—क्या मरीज की आवाज भी अब अपराध है? महिला को उपचार चाहिए था, बहस नहीं। मरीज को सहारा चाहिए था, धमकी नहीं। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा चाहिए, बदहाली नहीं। अब स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ और संबंधित अधिकारियों से सवाल है—क्या इस वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी? क्या पीएचसी में चिकित्सक की उपलब्धता, दवाओं, पट्टी एवं मरीजों के साथ व्यवहार की वास्तविक स्थिति की जांच होगी? यदि वीडियो में किसी कर्मचारी द्वारा अनुचित व्यवहार या धमकी की पुष्टि होती है तो क्या नियमानुसार कार्रवाई होगी? 81 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण पूछ रहे हैं—बाढ़ के बीच अगर पीएचसी ही सहारा नहीं बनेगी, तो मरीज आखिर जाएं कहां? हक की आवाज न्यूज़ चैनल का सीधा सवाल: ईसानगर पीएचसी की बदहाली कब खत्म होगी और मरीजों को सम्मान के साथ इलाज कब मिलेगा? #IshanagarPHC #LakhimpurKheri #HealthSystem #PublicHealth #FloodAffected #FloodVictims #RuralHealthcare #PatientRights #HealthcareCrisis #HealthDepartment #CMO #UttarPradesh #GroundReport #HealthServices #PublicIssue #HaqKiAwaaz #HaqKiAwaazNews #Journalism #BreakingNews #UPElection #RuralIndia #MedicalNegligence #PatientSafety #HealthcareAccountability
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    पट्टी के लिए भटकती महिला, पीएचसी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
ईसानगर पीएचसी की बदहाली पर ग्रामीणों का आक्रोश, वीडियो में महिला से कथित अभद्रता और धमकाने का मामला
पट्टी के लिए भटकती महिला, पीएचसी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
ईसानगर पीएचसी की बदहाली पर ग्रामीणों का आक्रोश, वीडियो में महिला से कथित अभद्रता और धमकाने का मामला
ईसानगर/लखीमपुर खीरी।
बाढ़ की मार झेल रहे 81 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुविधा जीवन की सबसे बड़ी जरूरत है, लेकिन ईसानगर क्षेत्र की पीएचसी से सामने आया वीडियो स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
वीडियो में एक महिला पट्टी कराने के लिए इधर-उधर भटकती दिखाई दे रही है। महिला उपचार के लिए अस्पताल परिसर में मदद मांगती नजर आती है, वहीं वीडियो में एक कंपाउंडर द्वारा महिला को कथित तौर पर धमकाते हुए भी देखा-सुना जा रहा है। यदि वीडियो में दर्ज घटनाक्रम सही है तो सवाल यह है कि उपचार मांगने पहुंची एक महिला के साथ ऐसा व्यवहार आखिर किस व्यवस्था के तहत उचित माना जा सकता है?
बाढ़ से चारों तरफ जलमग्न क्षेत्र में ग्रामीण पहले ही आवागमन और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को उपचार, पट्टी और दवा के लिए भटकना पड़े तो जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
हक की आवाज न्यूज़ चैनल की प्रधान संपादक श्रीमती सन्नो आचार्य के मौके पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने पीएचसी की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बड़ा सवाल—क्या मरीज की आवाज भी अब अपराध है?
महिला को उपचार चाहिए था, बहस नहीं।
मरीज को सहारा चाहिए था, धमकी नहीं।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा चाहिए, बदहाली नहीं।
अब स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ और संबंधित अधिकारियों से सवाल है—क्या इस वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी? क्या पीएचसी में चिकित्सक की उपलब्धता, दवाओं, पट्टी एवं मरीजों के साथ व्यवहार की वास्तविक स्थिति की जांच होगी? यदि वीडियो में किसी कर्मचारी द्वारा अनुचित व्यवहार या धमकी की पुष्टि होती है तो क्या नियमानुसार कार्रवाई होगी?
81 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण पूछ रहे हैं—बाढ़ के बीच अगर पीएचसी ही सहारा नहीं बनेगी, तो मरीज आखिर जाएं कहां?
हक की आवाज न्यूज़ चैनल का सीधा सवाल:
ईसानगर पीएचसी की बदहाली कब खत्म होगी और मरीजों को सम्मान के साथ इलाज कब मिलेगा?
#IshanagarPHC #LakhimpurKheri #HealthSystem #PublicHealth #FloodAffected #FloodVictims #RuralHealthcare #PatientRights #HealthcareCrisis #HealthDepartment #CMO #UttarPradesh #GroundReport #HealthServices #PublicIssue #HaqKiAwaaz #HaqKiAwaazNews #Journalism #BreakingNews #UPElection #RuralIndia #MedicalNegligence #PatientSafety #HealthcareAccountability
    user_हक की आवाज न्यूज़ चैनल
    हक की आवाज न्यूज़ चैनल
    Voice of people Dhaurahara, Lakhimpur Kheri•
    2 hrs ago
  • लखनऊ जाने से पहले भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के घर पुलिस का पहरा, कार्यकर्ताओं को रोकने पर हुआ विवाद? लखीमपुर खीरी: आरक्षण और सामाजिक अधिकारों से जुड़े आंदोलन में शामिल होने के लिए लखनऊ जाने को लेकर जिले में पुलिस और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति सामने आई। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष दीपक जाटव के समर्थकों का आरोप है कि उनके घर पर रात से ही पुलिस की मौजूदगी रही। कार्यकर्ताओं के मुताबिक, गुरुवार को दीपक जाटव को कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ जाने से रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कथित धक्का-मुक्की/झड़प की स्थिति बनी। इसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब चंद्रशेखर आजाद और आजाद समाज पार्टी की ओर से 24 सितंबर को आरक्षण से जुड़े ‘सम्पूर्ण भागीदारी आंदोलन’ का आह्वान किया गया था। पार्टी की ओर से जंतर-मंतर, दिल्ली में कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। �
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    लखनऊ जाने से पहले भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के घर पुलिस का पहरा, कार्यकर्ताओं को रोकने पर हुआ विवाद? 
लखीमपुर खीरी: आरक्षण और सामाजिक अधिकारों से जुड़े आंदोलन में शामिल होने के लिए लखनऊ जाने को लेकर जिले में पुलिस और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति सामने आई। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष दीपक जाटव के समर्थकों का आरोप है कि उनके घर पर रात से ही पुलिस की मौजूदगी रही।
कार्यकर्ताओं के मुताबिक, गुरुवार को दीपक जाटव को कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ जाने से रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कथित धक्का-मुक्की/झड़प की स्थिति बनी। इसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब चंद्रशेखर आजाद और आजाद समाज पार्टी की ओर से 24 सितंबर को आरक्षण से जुड़े ‘सम्पूर्ण भागीदारी आंदोलन’ का आह्वान किया गया था। पार्टी की ओर से जंतर-मंतर, दिल्ली में कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। �
    user_Lakhimpur Kheri दस्तक
    Lakhimpur Kheri दस्तक
    धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • Sitapur-जहां पहुंचे डीएम, वहीं खुली लापरवाही! एक ही गांव में डीएम का डबल एक्शन,मचा हड़कंप! भारत न्यूज़ 24 डिजिटल मीडिया जिला संवाददाता सीतापुर राजू कुमार बंसल पत्रकार की खास रिपोर्ट
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    Sitapur-जहां पहुंचे डीएम, वहीं खुली लापरवाही! एक ही गांव में डीएम का डबल एक्शन,मचा हड़कंप!
भारत न्यूज़ 24 डिजिटल मीडिया 
जिला संवाददाता सीतापुर 
राजू कुमार बंसल पत्रकार की खास रिपोर्ट
    user_राजू कुमार बंसल (पत्रकार)
    राजू कुमार बंसल (पत्रकार)
    Court reporter लहरपुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ईसानगर खीरी। ईसानगर कस्बे के तेलियनपुरवा इलाके में एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से मरीजों का इलाज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति घर के बाहर एक मरीज का उपचार करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं,स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति लंबे समय से मरीजों का उपचार कर रहा है और इलाज के एवज में मरीजों से रकम भी ली जाती है। लोगों का यह भी दावा है कि उसके पास चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित वैध डिग्री अथवा पंजीकरण होने की जानकारी सार्वजनिक नहीं है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है,वायरल वीडियो में उपचार किए जाने का दृश्य सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित व्यक्ति के पास मरीजों का उपचार करने के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता और वैध पंजीकरण है? यदि नहीं, तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई,ग्रामीणों का कहना है कि बिना योग्य चिकित्सकीय प्रशिक्षण के इलाज किए जाने से मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। उनका आरोप है कि कई बार ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित व्यक्ति की शैक्षिक योग्यता, मेडिकल पंजीकरण, क्लीनिक/उपचार स्थल की वैधता और मरीजों से लिए जा रहे शुल्क की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है,अब देखना यह है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग मौके पर जांच करता है या मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों तक सीमित रह जाता है।
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    बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल

ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल
ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ईसानगर खीरी। ईसानगर कस्बे के तेलियनपुरवा इलाके में एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से मरीजों का इलाज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति घर के बाहर एक मरीज का उपचार करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं,स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति लंबे समय से मरीजों का उपचार कर रहा है और इलाज के एवज में मरीजों से रकम भी ली जाती है। लोगों का यह भी दावा है कि उसके पास चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित वैध डिग्री अथवा पंजीकरण होने की जानकारी सार्वजनिक नहीं है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है,वायरल वीडियो में उपचार किए जाने का दृश्य सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित व्यक्ति के पास मरीजों का उपचार करने के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता और वैध पंजीकरण है? यदि नहीं, तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई,ग्रामीणों का कहना है कि बिना योग्य चिकित्सकीय प्रशिक्षण के इलाज किए जाने से मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। उनका आरोप है कि कई बार ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित व्यक्ति की शैक्षिक योग्यता, मेडिकल पंजीकरण, क्लीनिक/उपचार स्थल की वैधता और मरीजों से लिए जा रहे शुल्क की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है,अब देखना यह है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग मौके पर जांच करता है या मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों तक सीमित रह जाता है।
    user_Lavkush Shukla journalist
    Lavkush Shukla journalist
    Farmer धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • सीतापुर श्री गडेस महोत्सव का समापन 25 सितंबर को होगा मूर्ती विसर्जन सीतापुर सिटी के श्री गडेस महोत्सव 25 सितंबर को एवं मूर्ती विसर्जन समरोह
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    सीतापुर श्री गडेस महोत्सव का समापन 25 सितंबर को होगा मूर्ती विसर्जन 
सीतापुर सिटी के श्री गडेस महोत्सव 25 सितंबर को एवं मूर्ती विसर्जन समरोह
    user_हिंदुस्तान सच का आईना
    हिंदुस्तान सच का आईना
    Newspaper publisher सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • अमरोहा में 23 साल की युवती से दरोगा, हेड कांस्टेबल और CRPF जवानों ने किया गैंगरेप हरियाणा की 23 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया कि CRPF के दो जवानों और यूपी पुलिस के दरोगा व हेड कांस्टेबल ने अमरोहा के एक फार्म हाउस में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोप है कि युवती को CRPF का एक इंस्पेक्टर अमरोहा लाया था। रात में ही उसने पुलिस अधिकारियों को फोन कर घटना की सूचना दी। फार्म हाउस को उत्तराखंड के निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा से जुड़ा बताया जा रहा है। मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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    अमरोहा में 23 साल की युवती से दरोगा, हेड कांस्टेबल और CRPF जवानों ने किया गैंगरेप

हरियाणा की 23 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया कि CRPF के दो जवानों और यूपी पुलिस के दरोगा व हेड कांस्टेबल ने अमरोहा के एक फार्म हाउस में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
आरोप है कि युवती को CRPF का एक इंस्पेक्टर अमरोहा लाया था। रात में ही उसने पुलिस अधिकारियों को फोन कर घटना की सूचना दी।
फार्म हाउस को उत्तराखंड के निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा से जुड़ा बताया जा रहा है। मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
    user_संदीप कुमार शर्मा
    संदीप कुमार शर्मा
    Photographer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गोला-मोहम्मदी हाईवे स्थित गोमती नदी पुल के नीचे एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ। गोला-मोहम्मदी हाईवे पर मछुआरों ने देखा शव; पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच शुरू ​लखीमपुर-खीरी। मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गोला-मोहम्मदी हाईवे स्थित गोमती नदी पुल के नीचे एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ​मछुआरों ने दी पुलिस को सूचना जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे गोमती नदी में कुछ मछुआरे मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी में बहते हुए नवजात के शव पर पड़ी। मछुआरों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। ​अस्पताल का लगा था लेबल सूचना मिलते ही मोहम्मदी कोतवाली के सब-इंस्पेक्टर (एसआई) राम लखन पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, नवजात के शरीर पर अस्पताल में लगाया जाने वाला टैग/लेबल भी लगा हुआ था, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि बच्चे का जन्म एक से दो दिन पहले ही किसी अस्पताल में हुआ था। हालांकि, मृत्यु के सही कारणों और उम्र की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। ​किसान संगठन के पदाधिकारी भी पहुंचे घटना की खबर फैलते ही भारतीय किसान यूनियन (भानू) संगठन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल पर पहुंचे पदाधिकारियों में युवा जिला उपाध्यक्ष शिव कुमार राठौर, युवा जिला महामंत्री आरिफ खान और नगर अध्यक्ष नीरज भार्गव सहित संगठन के अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। ​पुलिस का बयान मामले की जानकारी देते हुए एसआई राम लखन ने बताया कि नदी में नवजात का शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अग्रिम जांच के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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    मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गोला-मोहम्मदी हाईवे स्थित गोमती नदी पुल के नीचे एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ। 


गोला-मोहम्मदी हाईवे पर मछुआरों ने देखा शव; पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच शुरू
​लखीमपुर-खीरी। मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गोला-मोहम्मदी हाईवे स्थित गोमती नदी पुल के नीचे एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
​मछुआरों ने दी पुलिस को सूचना
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे गोमती नदी में कुछ मछुआरे मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी में बहते हुए नवजात के शव पर पड़ी। मछुआरों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
​अस्पताल का लगा था लेबल
सूचना मिलते ही मोहम्मदी कोतवाली के सब-इंस्पेक्टर (एसआई) राम लखन पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, नवजात के शरीर पर अस्पताल में लगाया जाने वाला टैग/लेबल भी लगा हुआ था, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि बच्चे का जन्म एक से दो दिन पहले ही किसी अस्पताल में हुआ था। हालांकि, मृत्यु के सही कारणों और उम्र की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
​किसान संगठन के पदाधिकारी भी पहुंचे
घटना की खबर फैलते ही भारतीय किसान यूनियन (भानू) संगठन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल पर पहुंचे पदाधिकारियों में युवा जिला उपाध्यक्ष शिव कुमार राठौर, युवा जिला महामंत्री आरिफ खान और नगर अध्यक्ष नीरज भार्गव सहित संगठन के अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
​पुलिस का बयान
मामले की जानकारी देते हुए एसआई राम लखन ने बताया कि नदी में नवजात का शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अग्रिम जांच के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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    Vishaal
    Local News Reporter मितौली, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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