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बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ईसानगर खीरी। ईसानगर कस्बे के तेलियनपुरवा इलाके में एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से मरीजों का इलाज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति घर के बाहर एक मरीज का उपचार करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं,स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति लंबे समय से मरीजों का उपचार कर रहा है और इलाज के एवज में मरीजों से रकम भी ली जाती है। लोगों का यह भी दावा है कि उसके पास चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित वैध डिग्री अथवा पंजीकरण होने की जानकारी सार्वजनिक नहीं है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है,वायरल वीडियो में उपचार किए जाने का दृश्य सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित व्यक्ति के पास मरीजों का उपचार करने के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता और वैध पंजीकरण है? यदि नहीं, तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई,ग्रामीणों का कहना है कि बिना योग्य चिकित्सकीय प्रशिक्षण के इलाज किए जाने से मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। उनका आरोप है कि कई बार ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित व्यक्ति की शैक्षिक योग्यता, मेडिकल पंजीकरण, क्लीनिक/उपचार स्थल की वैधता और मरीजों से लिए जा रहे शुल्क की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है,अब देखना यह है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग मौके पर जांच करता है या मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों तक सीमित रह जाता है।

17 hrs ago
user_Lavkush Shukla journalist
Lavkush Shukla journalist
Farmer धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
17 hrs ago

बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ईसानगर खीरी। ईसानगर कस्बे के तेलियनपुरवा इलाके में एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से मरीजों का इलाज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति घर के बाहर एक मरीज का उपचार करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं,स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति लंबे समय से मरीजों का उपचार कर रहा है और इलाज के एवज में मरीजों से रकम भी ली जाती है। लोगों का यह भी दावा है कि उसके पास चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित वैध डिग्री अथवा पंजीकरण होने की जानकारी सार्वजनिक नहीं है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई

है,वायरल वीडियो में उपचार किए जाने का दृश्य सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित व्यक्ति के पास मरीजों का उपचार करने के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता और वैध पंजीकरण है? यदि नहीं, तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई,ग्रामीणों का कहना है कि बिना योग्य चिकित्सकीय प्रशिक्षण के इलाज किए जाने से मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। उनका आरोप है कि कई बार ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित व्यक्ति की शैक्षिक योग्यता, मेडिकल पंजीकरण, क्लीनिक/उपचार स्थल की वैधता और मरीजों से लिए जा रहे शुल्क की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है,अब देखना यह है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग मौके पर जांच करता है या मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों तक सीमित रह जाता है।

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  • पट्टी के लिए भटकती महिला, पीएचसी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल ईसानगर पीएचसी की बदहाली पर ग्रामीणों का आक्रोश, वीडियो में महिला से कथित अभद्रता और धमकाने का मामला पट्टी के लिए भटकती महिला, पीएचसी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल ईसानगर पीएचसी की बदहाली पर ग्रामीणों का आक्रोश, वीडियो में महिला से कथित अभद्रता और धमकाने का मामला ईसानगर/लखीमपुर खीरी। बाढ़ की मार झेल रहे 81 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुविधा जीवन की सबसे बड़ी जरूरत है, लेकिन ईसानगर क्षेत्र की पीएचसी से सामने आया वीडियो स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में एक महिला पट्टी कराने के लिए इधर-उधर भटकती दिखाई दे रही है। महिला उपचार के लिए अस्पताल परिसर में मदद मांगती नजर आती है, वहीं वीडियो में एक कंपाउंडर द्वारा महिला को कथित तौर पर धमकाते हुए भी देखा-सुना जा रहा है। यदि वीडियो में दर्ज घटनाक्रम सही है तो सवाल यह है कि उपचार मांगने पहुंची एक महिला के साथ ऐसा व्यवहार आखिर किस व्यवस्था के तहत उचित माना जा सकता है? बाढ़ से चारों तरफ जलमग्न क्षेत्र में ग्रामीण पहले ही आवागमन और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को उपचार, पट्टी और दवा के लिए भटकना पड़े तो जिम्मेदारी आखिर किसकी है? हक की आवाज न्यूज़ चैनल की प्रधान संपादक श्रीमती सन्नो आचार्य के मौके पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने पीएचसी की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ा सवाल—क्या मरीज की आवाज भी अब अपराध है? महिला को उपचार चाहिए था, बहस नहीं। मरीज को सहारा चाहिए था, धमकी नहीं। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा चाहिए, बदहाली नहीं। अब स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ और संबंधित अधिकारियों से सवाल है—क्या इस वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी? क्या पीएचसी में चिकित्सक की उपलब्धता, दवाओं, पट्टी एवं मरीजों के साथ व्यवहार की वास्तविक स्थिति की जांच होगी? यदि वीडियो में किसी कर्मचारी द्वारा अनुचित व्यवहार या धमकी की पुष्टि होती है तो क्या नियमानुसार कार्रवाई होगी? 81 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण पूछ रहे हैं—बाढ़ के बीच अगर पीएचसी ही सहारा नहीं बनेगी, तो मरीज आखिर जाएं कहां? हक की आवाज न्यूज़ चैनल का सीधा सवाल: ईसानगर पीएचसी की बदहाली कब खत्म होगी और मरीजों को सम्मान के साथ इलाज कब मिलेगा? #IshanagarPHC #LakhimpurKheri #HealthSystem #PublicHealth #FloodAffected #FloodVictims #RuralHealthcare #PatientRights #HealthcareCrisis #HealthDepartment #CMO #UttarPradesh #GroundReport #HealthServices #PublicIssue #HaqKiAwaaz #HaqKiAwaazNews #Journalism #BreakingNews #UPElection #RuralIndia #MedicalNegligence #PatientSafety #HealthcareAccountability
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    पट्टी के लिए भटकती महिला, पीएचसी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
ईसानगर पीएचसी की बदहाली पर ग्रामीणों का आक्रोश, वीडियो में महिला से कथित अभद्रता और धमकाने का मामला
पट्टी के लिए भटकती महिला, पीएचसी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
ईसानगर पीएचसी की बदहाली पर ग्रामीणों का आक्रोश, वीडियो में महिला से कथित अभद्रता और धमकाने का मामला
ईसानगर/लखीमपुर खीरी।
बाढ़ की मार झेल रहे 81 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुविधा जीवन की सबसे बड़ी जरूरत है, लेकिन ईसानगर क्षेत्र की पीएचसी से सामने आया वीडियो स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
वीडियो में एक महिला पट्टी कराने के लिए इधर-उधर भटकती दिखाई दे रही है। महिला उपचार के लिए अस्पताल परिसर में मदद मांगती नजर आती है, वहीं वीडियो में एक कंपाउंडर द्वारा महिला को कथित तौर पर धमकाते हुए भी देखा-सुना जा रहा है। यदि वीडियो में दर्ज घटनाक्रम सही है तो सवाल यह है कि उपचार मांगने पहुंची एक महिला के साथ ऐसा व्यवहार आखिर किस व्यवस्था के तहत उचित माना जा सकता है?
बाढ़ से चारों तरफ जलमग्न क्षेत्र में ग्रामीण पहले ही आवागमन और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को उपचार, पट्टी और दवा के लिए भटकना पड़े तो जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
हक की आवाज न्यूज़ चैनल की प्रधान संपादक श्रीमती सन्नो आचार्य के मौके पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने पीएचसी की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बड़ा सवाल—क्या मरीज की आवाज भी अब अपराध है?
महिला को उपचार चाहिए था, बहस नहीं।
मरीज को सहारा चाहिए था, धमकी नहीं।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा चाहिए, बदहाली नहीं।
अब स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ और संबंधित अधिकारियों से सवाल है—क्या इस वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी? क्या पीएचसी में चिकित्सक की उपलब्धता, दवाओं, पट्टी एवं मरीजों के साथ व्यवहार की वास्तविक स्थिति की जांच होगी? यदि वीडियो में किसी कर्मचारी द्वारा अनुचित व्यवहार या धमकी की पुष्टि होती है तो क्या नियमानुसार कार्रवाई होगी?
81 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण पूछ रहे हैं—बाढ़ के बीच अगर पीएचसी ही सहारा नहीं बनेगी, तो मरीज आखिर जाएं कहां?
हक की आवाज न्यूज़ चैनल का सीधा सवाल:
ईसानगर पीएचसी की बदहाली कब खत्म होगी और मरीजों को सम्मान के साथ इलाज कब मिलेगा?
#IshanagarPHC #LakhimpurKheri #HealthSystem #PublicHealth #FloodAffected #FloodVictims #RuralHealthcare #PatientRights #HealthcareCrisis #HealthDepartment #CMO #UttarPradesh #GroundReport #HealthServices #PublicIssue #HaqKiAwaaz #HaqKiAwaazNews #Journalism #BreakingNews #UPElection #RuralIndia #MedicalNegligence #PatientSafety #HealthcareAccountability
    user_हक की आवाज न्यूज़ चैनल
    हक की आवाज न्यूज़ चैनल
    Voice of people Dhaurahara, Lakhimpur Kheri•
    3 hrs ago
  • लखनऊ जाने से पहले भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के घर पुलिस का पहरा, कार्यकर्ताओं को रोकने पर हुआ विवाद? लखीमपुर खीरी: आरक्षण और सामाजिक अधिकारों से जुड़े आंदोलन में शामिल होने के लिए लखनऊ जाने को लेकर जिले में पुलिस और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति सामने आई। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष दीपक जाटव के समर्थकों का आरोप है कि उनके घर पर रात से ही पुलिस की मौजूदगी रही। कार्यकर्ताओं के मुताबिक, गुरुवार को दीपक जाटव को कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ जाने से रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कथित धक्का-मुक्की/झड़प की स्थिति बनी। इसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब चंद्रशेखर आजाद और आजाद समाज पार्टी की ओर से 24 सितंबर को आरक्षण से जुड़े ‘सम्पूर्ण भागीदारी आंदोलन’ का आह्वान किया गया था। पार्टी की ओर से जंतर-मंतर, दिल्ली में कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। �
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    लखनऊ जाने से पहले भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के घर पुलिस का पहरा, कार्यकर्ताओं को रोकने पर हुआ विवाद? 
लखीमपुर खीरी: आरक्षण और सामाजिक अधिकारों से जुड़े आंदोलन में शामिल होने के लिए लखनऊ जाने को लेकर जिले में पुलिस और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति सामने आई। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष दीपक जाटव के समर्थकों का आरोप है कि उनके घर पर रात से ही पुलिस की मौजूदगी रही।
कार्यकर्ताओं के मुताबिक, गुरुवार को दीपक जाटव को कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ जाने से रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कथित धक्का-मुक्की/झड़प की स्थिति बनी। इसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब चंद्रशेखर आजाद और आजाद समाज पार्टी की ओर से 24 सितंबर को आरक्षण से जुड़े ‘सम्पूर्ण भागीदारी आंदोलन’ का आह्वान किया गया था। पार्टी की ओर से जंतर-मंतर, दिल्ली में कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। �
    user_Lakhimpur Kheri दस्तक
    Lakhimpur Kheri दस्तक
    धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ईसानगर खीरी। ईसानगर कस्बे के तेलियनपुरवा इलाके में एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से मरीजों का इलाज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति घर के बाहर एक मरीज का उपचार करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं,स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति लंबे समय से मरीजों का उपचार कर रहा है और इलाज के एवज में मरीजों से रकम भी ली जाती है। लोगों का यह भी दावा है कि उसके पास चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित वैध डिग्री अथवा पंजीकरण होने की जानकारी सार्वजनिक नहीं है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है,वायरल वीडियो में उपचार किए जाने का दृश्य सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित व्यक्ति के पास मरीजों का उपचार करने के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता और वैध पंजीकरण है? यदि नहीं, तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई,ग्रामीणों का कहना है कि बिना योग्य चिकित्सकीय प्रशिक्षण के इलाज किए जाने से मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। उनका आरोप है कि कई बार ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित व्यक्ति की शैक्षिक योग्यता, मेडिकल पंजीकरण, क्लीनिक/उपचार स्थल की वैधता और मरीजों से लिए जा रहे शुल्क की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है,अब देखना यह है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग मौके पर जांच करता है या मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों तक सीमित रह जाता है।
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    बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल

ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल
ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ईसानगर खीरी। ईसानगर कस्बे के तेलियनपुरवा इलाके में एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से मरीजों का इलाज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति घर के बाहर एक मरीज का उपचार करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं,स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति लंबे समय से मरीजों का उपचार कर रहा है और इलाज के एवज में मरीजों से रकम भी ली जाती है। लोगों का यह भी दावा है कि उसके पास चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित वैध डिग्री अथवा पंजीकरण होने की जानकारी सार्वजनिक नहीं है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है,वायरल वीडियो में उपचार किए जाने का दृश्य सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित व्यक्ति के पास मरीजों का उपचार करने के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता और वैध पंजीकरण है? यदि नहीं, तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई,ग्रामीणों का कहना है कि बिना योग्य चिकित्सकीय प्रशिक्षण के इलाज किए जाने से मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। उनका आरोप है कि कई बार ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित व्यक्ति की शैक्षिक योग्यता, मेडिकल पंजीकरण, क्लीनिक/उपचार स्थल की वैधता और मरीजों से लिए जा रहे शुल्क की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है,अब देखना यह है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग मौके पर जांच करता है या मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों तक सीमित रह जाता है।
    user_Lavkush Shukla journalist
    Lavkush Shukla journalist
    Farmer धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • “मानक पर सवाल! तमोलिनपुरवा में नाली निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग” 🎤 मिहींपुरवा से बड़ी खबर सामने आ रही है। मिहींपुरवा नगर पंचायत के तमोलिनपुरवा गांव में नाली निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाली निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री और मिश्रण का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही सामग्री की जांच और गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने ठेकेदार और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। अब सवाल यह है कि क्या नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की जांच करेंगे? ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर यदि मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। आप इस मामले में क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
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    “मानक पर सवाल! तमोलिनपुरवा में नाली निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग”
🎤
मिहींपुरवा से बड़ी खबर सामने आ रही है।
मिहींपुरवा नगर पंचायत के तमोलिनपुरवा गांव में नाली निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि नाली निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री और मिश्रण का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही सामग्री की जांच और गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
वहीं, कुछ ग्रामीणों ने ठेकेदार और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। 
अब सवाल यह है कि क्या नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की जांच करेंगे?
ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर यदि मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आप इस मामले में क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
    user_Manoj kumar chursya
    Manoj kumar chursya
    Salesperson मिहीनपुरवा मोतीपुर, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • लखीमपुर में बड़े धूमधाम से मनाई गई आनंद चौदस महिलाओं ने व्रत रखा की पूजा अर्चना सुबह से ही मंदिरों पर लगने लगी भीड़ मंदिर में पहुंचकर महिलाओं ने किया व्रत पूजन
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    लखीमपुर में बड़े धूमधाम से मनाई गई आनंद चौदस महिलाओं ने व्रत रखा की पूजा अर्चना
सुबह से ही मंदिरों पर लगने लगी भीड़ मंदिर में पहुंचकर महिलाओं ने किया व्रत पूजन
    user_Sandeep kumar gupta
    Sandeep kumar gupta
    Electrician लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    16 min ago
  • सम्पर्क मार्ग पर जलभराव से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें, ग्राम प्रधान के खिलाफ फूटा आक्रोश पलिया क्षेत्र के निघासन रोड स्थित ग्राम बोझवा से ग्राम छेदनीपुरवा को जाने वाले सम्पर्क मार्ग पर जलभराव होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क पर भरे पानी के कारण राहगीरों, किसानों और आसपास के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात का मौसम शुरू होते ही स्थिति और भी गंभीर होने लगी है, जिससे ग्रामीणों में ग्राम प्रधान के प्रति भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीण रामपाल, सोमनाथ, बिहारीलाल, मिहीलाल, नेतराम, मुकेश कुमार, विपिन कुमार, मंगल सिंह, सौरभ शुक्ला एवं सक्षम शुक्ला का कहना है कि मामूली बारिश में ही सम्पर्क मार्ग पर पानी भर जाता है। इससे पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यदि लगातार बारिश हुई तो यह मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाएगा और आवागमन लगभग ठप होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होगी, जिन्हें जलभराव के बीच होकर स्कूल जाना पड़ेगा। इसके अलावा बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को भी रोजमर्रा के कार्यों के लिए इसी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या से कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्राम प्रधान अमृतलाल ने बताया कि इस रास्ते का निर्माण हाल ही में कराया गया है, लेकिन मिट्टी न मिल पाने के कारण पर्याप्त भराव नहीं पड़ पाया जिस कारण सड़क लगभग दस मीटर तक नीची रह गयी। निचली जगह में मिट्टी का पटान कराकर जल्द ही सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
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    सम्पर्क मार्ग पर जलभराव से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें, ग्राम प्रधान के खिलाफ फूटा आक्रोश
पलिया क्षेत्र के निघासन रोड स्थित ग्राम बोझवा से ग्राम छेदनीपुरवा को जाने वाले सम्पर्क मार्ग पर जलभराव होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क पर भरे पानी के कारण राहगीरों, किसानों और आसपास के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात का मौसम शुरू होते ही स्थिति और भी गंभीर होने लगी है, जिससे ग्रामीणों में ग्राम प्रधान के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
ग्रामीण रामपाल, सोमनाथ, बिहारीलाल, मिहीलाल, नेतराम, मुकेश कुमार, विपिन कुमार, मंगल सिंह, सौरभ शुक्ला एवं सक्षम शुक्ला  का कहना है कि मामूली बारिश में ही सम्पर्क मार्ग पर पानी भर जाता है। इससे पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यदि लगातार बारिश हुई तो यह मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाएगा और आवागमन लगभग ठप होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होगी, जिन्हें जलभराव के बीच होकर स्कूल जाना पड़ेगा। इसके अलावा बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को भी रोजमर्रा के कार्यों के लिए इसी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या से कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्राम प्रधान अमृतलाल ने बताया कि इस रास्ते का निर्माण हाल ही में कराया गया है, लेकिन मिट्टी न मिल पाने के कारण पर्याप्त भराव नहीं पड़ पाया जिस कारण सड़क लगभग दस मीटर तक नीची रह गयी। निचली जगह में मिट्टी का पटान कराकर जल्द ही सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    21 min ago
  • इटावा के जिला पूर्ति कार्यालय में एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया। कानपुर से पहुंची एंटी करप्शन टीम ने 30 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते बसरेहर के सप्लाई इंस्पेक्टर योगेश वर्मा समेत तीन लोगों को पकड़ लिया।
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    इटावा के जिला पूर्ति कार्यालय में एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
कानपुर से पहुंची एंटी करप्शन टीम ने 30 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते बसरेहर के सप्लाई इंस्पेक्टर योगेश वर्मा समेत तीन लोगों को पकड़ लिया।
    user_संदीप कुमार शर्मा
    संदीप कुमार शर्मा
    Photographer लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • आये आपको बताते है कि मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी क्या कहा लोक-कल्याण और विकास डबल इंजन सरकार का संकल्प...
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    आये आपको बताते है कि मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी क्या कहा 
लोक-कल्याण और विकास डबल इंजन सरकार का संकल्प...
    user_पत्रकार संदेश राज
    पत्रकार संदेश राज
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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