सम्पर्क मार्ग पर जलभराव से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें, ग्राम प्रधान के खिलाफ फूटा आक्रोश पलिया क्षेत्र के निघासन रोड स्थित ग्राम बोझवा से ग्राम छेदनीपुरवा को जाने वाले सम्पर्क मार्ग पर जलभराव होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क पर भरे पानी के कारण राहगीरों, किसानों और आसपास के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात का मौसम शुरू होते ही स्थिति और भी गंभीर होने लगी है, जिससे ग्रामीणों में ग्राम प्रधान के प्रति भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीण रामपाल, सोमनाथ, बिहारीलाल, मिहीलाल, नेतराम, मुकेश कुमार, विपिन कुमार, मंगल सिंह, सौरभ शुक्ला एवं सक्षम शुक्ला का कहना है कि मामूली बारिश में ही सम्पर्क मार्ग पर पानी भर जाता है। इससे पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यदि लगातार बारिश हुई तो यह मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाएगा और आवागमन लगभग ठप होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होगी, जिन्हें जलभराव के बीच होकर स्कूल जाना पड़ेगा। इसके अलावा बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को भी रोजमर्रा के कार्यों के लिए इसी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या से कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्राम प्रधान अमृतलाल ने बताया कि इस रास्ते का निर्माण हाल ही में कराया गया है, लेकिन मिट्टी न मिल पाने के कारण पर्याप्त भराव नहीं पड़ पाया जिस कारण सड़क लगभग दस मीटर तक नीची रह गयी। निचली जगह में मिट्टी का पटान कराकर जल्द ही सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
सम्पर्क मार्ग पर जलभराव से बढ़ी ग्रामीणों की मुश्किलें, ग्राम प्रधान के खिलाफ फूटा आक्रोश पलिया क्षेत्र के निघासन रोड स्थित ग्राम बोझवा से ग्राम छेदनीपुरवा को जाने वाले सम्पर्क मार्ग पर जलभराव होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क पर भरे पानी के कारण राहगीरों, किसानों और आसपास के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात का मौसम शुरू होते ही स्थिति और भी गंभीर होने लगी है, जिससे ग्रामीणों में ग्राम प्रधान के प्रति भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीण रामपाल, सोमनाथ, बिहारीलाल, मिहीलाल, नेतराम, मुकेश कुमार, विपिन कुमार, मंगल सिंह, सौरभ
शुक्ला एवं सक्षम शुक्ला का कहना है कि मामूली बारिश में ही सम्पर्क मार्ग पर पानी भर जाता है। इससे पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यदि लगातार बारिश हुई तो यह मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाएगा और आवागमन लगभग ठप होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होगी, जिन्हें जलभराव के बीच होकर स्कूल जाना पड़ेगा। इसके अलावा बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को भी रोजमर्रा के
कार्यों के लिए इसी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या से कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्राम प्रधान अमृतलाल ने बताया कि इस रास्ते का निर्माण हाल ही में कराया गया है, लेकिन मिट्टी न मिल पाने के कारण पर्याप्त भराव नहीं पड़ पाया जिस कारण सड़क लगभग दस मीटर तक नीची रह गयी। निचली जगह में मिट्टी का पटान कराकर जल्द ही सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
- लखीमपुर निर्मल नगर में गणेश विसर्जन भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित सेट घाट नदी पर किया गया विसर्जन लोगों ने नम आंखों से गणपति बप्पा की विदाई और कहां अगले बरस तुम जल्दी आना1
- आचार संहिता लागू होते ही नगर से हटाए गए होर्डिंग्स, जेसीबी से हटवाए गए प्रचार संबंधी होर्डिंग्स, प्रशासन ने कराई कार्रवाई पलियाकलां-खीरी। 28 सितंबर को होने वाले स्नातक छात्र संघ एमएलसी चुनाव को लेकर लागू हुई आदर्श आचार संहिता के बाद स्थानीय प्रशासन ने नगर में लगे प्रचार संबंधी होर्डिंग्स और पोस्टर हटवाने की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन के निर्देश पर नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और स्थानों पर लगे होर्डिंग्स को जेसीबी की मदद से हटाया गया। आचार संहिता के प्रभावी होने के बाद प्रशासन की टीम ने नगर क्षेत्र में लगे राजनीतिक एवं प्रचार सामग्री वाले होर्डिंग्स को चिह्नित किया। इसके बाद कर्मचारियों ने अभियान चलाकर उन्हें हटवाया। इस दौरान नगर में लगे बड़े होर्डिंग्स को नायब तहसीलदार.. एवं लेखपाल विनीत सिंह की मौजूदगी में जेसीबी के जरिए उतारा गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से नगर में लगे प्रचार संबंधी होर्डिंग्स का सफाया हो गया। एसडीएम पुष्पक ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आचार संहिता का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।4
- लखनऊ जाने से पहले भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के घर पुलिस का पहरा, कार्यकर्ताओं को रोकने पर हुआ विवाद? लखीमपुर खीरी: आरक्षण और सामाजिक अधिकारों से जुड़े आंदोलन में शामिल होने के लिए लखनऊ जाने को लेकर जिले में पुलिस और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति सामने आई। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष दीपक जाटव के समर्थकों का आरोप है कि उनके घर पर रात से ही पुलिस की मौजूदगी रही। कार्यकर्ताओं के मुताबिक, गुरुवार को दीपक जाटव को कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ जाने से रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कथित धक्का-मुक्की/झड़प की स्थिति बनी। इसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब चंद्रशेखर आजाद और आजाद समाज पार्टी की ओर से 24 सितंबर को आरक्षण से जुड़े ‘सम्पूर्ण भागीदारी आंदोलन’ का आह्वान किया गया था। पार्टी की ओर से जंतर-मंतर, दिल्ली में कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। �1
- बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल बिना डिग्री इलाज का आरोप, घर पर मरीज का उपचार करते वीडियो वायरल ईसानगर के तेलियनपुरवा का मामला, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ईसानगर खीरी। ईसानगर कस्बे के तेलियनपुरवा इलाके में एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से मरीजों का इलाज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति घर के बाहर एक मरीज का उपचार करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं,स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति लंबे समय से मरीजों का उपचार कर रहा है और इलाज के एवज में मरीजों से रकम भी ली जाती है। लोगों का यह भी दावा है कि उसके पास चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित वैध डिग्री अथवा पंजीकरण होने की जानकारी सार्वजनिक नहीं है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है,वायरल वीडियो में उपचार किए जाने का दृश्य सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित व्यक्ति के पास मरीजों का उपचार करने के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता और वैध पंजीकरण है? यदि नहीं, तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई,ग्रामीणों का कहना है कि बिना योग्य चिकित्सकीय प्रशिक्षण के इलाज किए जाने से मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। उनका आरोप है कि कई बार ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित व्यक्ति की शैक्षिक योग्यता, मेडिकल पंजीकरण, क्लीनिक/उपचार स्थल की वैधता और मरीजों से लिए जा रहे शुल्क की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है,अब देखना यह है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग मौके पर जांच करता है या मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों तक सीमित रह जाता है।2
- सीतापुर श्री गडेस महोत्सव का समापन 25 सितंबर को होगा मूर्ती विसर्जन सीतापुर सिटी के श्री गडेस महोत्सव 25 सितंबर को एवं मूर्ती विसर्जन समरोह1
- दस साल की उम्र में कैसे हो गया पट्टे का आवंटन पिता के नाम में भी अंतर; जांच की मांग, आधार कार्ड और राजस्व अभिलेखों में पिता के नाम अलग-अलग होने से उठे सवाल, भाइयों ने एसडीएम से की कार्रवाई की मांग पलियाकलां-खीरी। पलिया तहसील क्षेत्र के ग्राम निषादनगर घोला से पट्टा आवंटन में कथित हेरफेर और अभिलेखों में विसंगतियों का मामला सामने आया है। भाईयों की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक वर्ष 1978 में चन्द्रिका पुत्र जद्दू के नाम पट्टे का आवंटन किया गया था। वहीं, चन्द्रिका के आधार कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 1968 दर्ज है। इस आधार पर 12 अप्रैल 1978 को पट्टा आवंटन के समय उसकी उम्र करीब 10 वर्ष तीन माह 11 दिन थी। ऐसे में इतनी कम उम्र में उसके नाम पट्टा कैसे आवंटित हो गया, यह जांच का विषय बना हुआ है। मामले में एक अन्य महत्वपूर्ण विसंगति चन्द्रिका के पिता के नाम को लेकर सामने आई है। आरोप है कि आधार कार्ड में चन्द्रिका के पिता का नाम दहारी दर्ज है, जबकि पट्टा पत्रावली और खतौनी में पिता का नाम जद्दू दर्ज है। बताया गया है कि चन्द्रिका के दो भाई वीरेन्द्र और रवीन्द्र भी हैं और दोनों के अभिलेखों में उनके पिता का नाम दहारी ही दर्ज है। ऐसे में एक ही परिवार के अभिलेखों में पिता के नाम को लेकर अंतर कैसे आया, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। चन्द्रिका के दोनों छोटे भाइयों वीरेन्द्र और रवीन्द्र ने इस संबंध में एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पट्टा फर्जी तरीके से कराया गया है। उन्होंने पट्टे को निरस्त करने के साथ ही चन्द्रिका के विरुद्ध धोखाधड़ी की कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पट्टा आवंटन के समय तैनात रहे तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। मामले में लगाए गए आरोपों और अभिलेखों में दर्ज विवरण की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में संबंधित राजस्व अभिलेखों, पट्टा पत्रावली, आधार संबंधी विवरण और तत्कालीन आवंटन प्रक्रिया की जांच कराकर तथ्य सामने लाना जरूरी है। शिकायतकर्ताओं ने सक्षम अधिकारियों से मामले की गहन जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।4
- इस वीडियो को दिखाने का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना है। वीडियो में दिखाई गई घटना को इसी उद्देश्य से साझा किया जा रहा है कि ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सभी लोग सावधानी बरतें और खेतों या सुनसान स्थानों पर अकेले जाने से बचें। कृपया वीडियो को शांति और जिम्मेदारी के साथ देखें और आगे साझा करते समय भी इसका उद्देश्य जागरूकता और सुरक्षा ही रखें। 🙏1
- लखनऊ में फीस के बावजूद नहीं मिली बेटी की मार्कशीट? | स्कूल प्रबंधक पर पिता के गंभीर आरोप | Mal News लखनऊ में फीस के बावजूद नहीं मिली बेटी की मार्कशीट? | स्कूल प्रबंधक पर पिता के गंभीर आरोप | Mal News1
- मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गोला-मोहम्मदी हाईवे स्थित गोमती नदी पुल के नीचे एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ। गोला-मोहम्मदी हाईवे पर मछुआरों ने देखा शव; पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच शुरू लखीमपुर-खीरी। मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गोला-मोहम्मदी हाईवे स्थित गोमती नदी पुल के नीचे एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मछुआरों ने दी पुलिस को सूचना जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे गोमती नदी में कुछ मछुआरे मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी में बहते हुए नवजात के शव पर पड़ी। मछुआरों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। अस्पताल का लगा था लेबल सूचना मिलते ही मोहम्मदी कोतवाली के सब-इंस्पेक्टर (एसआई) राम लखन पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, नवजात के शरीर पर अस्पताल में लगाया जाने वाला टैग/लेबल भी लगा हुआ था, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि बच्चे का जन्म एक से दो दिन पहले ही किसी अस्पताल में हुआ था। हालांकि, मृत्यु के सही कारणों और उम्र की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। किसान संगठन के पदाधिकारी भी पहुंचे घटना की खबर फैलते ही भारतीय किसान यूनियन (भानू) संगठन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल पर पहुंचे पदाधिकारियों में युवा जिला उपाध्यक्ष शिव कुमार राठौर, युवा जिला महामंत्री आरिफ खान और नगर अध्यक्ष नीरज भार्गव सहित संगठन के अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। पुलिस का बयान मामले की जानकारी देते हुए एसआई राम लखन ने बताया कि नदी में नवजात का शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अग्रिम जांच के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1