कैमूर/बिहार, अधिकारियों की लापरवाही से 2 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख कैमूर। खबर कैमूर जिले मोहनियां प्रखंड क्षेत्र का है। जहां हाई कोर्ट के फैसले के बावजूद स्थानीय अधिकारियों की कथित लापरवाही और मिलीभगत के कारण एक गरीब किसान की मेहनत पर पानी फिर गया। मामला कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड अंतर्गत घटांव पंचायत के पट्टी मौजा से जुड़ा है, जहां लगभग दो बीघा भूमि पर लगी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गई। वही पीड़ित किसान रामायण पासवान ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते उनकी फसल समय पर नहीं कट पाई, जिससे यह घटना घटी। जानकारी के अनुसार, खाता संख्या-7, प्लॉट संख्या-187 की यह भूमि वर्ष 1995 में बभनगांवा निवासी एनामुल हक एवं अन्य से विधिवत खरीदी गई थी। तब से उक्त भूमि पर कब्जा और खेती रामायण पासवान व अन्य द्वारा ही की जा रही थी। हालांकि, लगभग 9 वर्ष बाद पड़ोसी हजामुद्दीन उर्फ शामु द्वारा इस भूमि पर दावा किया गया और मामला प्रशासनिक एवं न्यायिक स्तर तक पहुंचा। मोहनियां उप समाहर्ता से लेकर अपर समाहर्ता और कमिश्नर तक यह मामला चला, जहां अलग-अलग स्तर पर निर्णय आए। अंततः बिहार भूमि विशेष न्यायाधिकरण ने पटना उच्च न्यायालय एवं राज्यपाल के आदेशों का अनुपालन करते हुए फैसला रामायण पासवान के पक्ष में सुनाया। इसके बावजूद, पीड़ित का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने स्थानीय अधिकारियों से मिलीभगत कर हाल के दिनों में लगान रसीद हासिल कर ली और भूमि पर अपना दावा जताने लगे। जब फसल कटाई का समय आया, तो प्रशासन द्वारा बार-बार रोक लगाए जाने से फसल खेत में ही खड़ी रह गई। वही स्थानीय किसानों, ट्रैक्टर चालकों एवं मजदूरों ने भी पुष्टि की कि उक्त भूमि पर खेती रामायण पासवान द्वारा ही की गई थी। पीड़ित का आरोप है कि अंततः दूसरे पक्ष ने जानबूझकर गेहूं की फसल में आग लगा दी, जिससे पूरी फसल जलकर नष्ट हो गई। घटना की सूचना मिलने पर थाना पुलिस एवं प्रभारी अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन पीड़ित किसान को न्याय दिला पाएगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
कैमूर/बिहार, अधिकारियों की लापरवाही से 2 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख कैमूर। खबर कैमूर जिले मोहनियां प्रखंड क्षेत्र का है। जहां हाई कोर्ट के फैसले के बावजूद स्थानीय अधिकारियों की कथित लापरवाही और मिलीभगत के कारण एक गरीब किसान की मेहनत पर पानी फिर गया। मामला कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड अंतर्गत घटांव पंचायत के पट्टी मौजा से जुड़ा है, जहां
लगभग दो बीघा भूमि पर लगी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गई। वही पीड़ित किसान रामायण पासवान ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते उनकी फसल समय पर नहीं कट पाई, जिससे यह घटना घटी। जानकारी के अनुसार, खाता संख्या-7, प्लॉट संख्या-187 की यह भूमि वर्ष 1995 में बभनगांवा निवासी एनामुल हक एवं अन्य से विधिवत
खरीदी गई थी। तब से उक्त भूमि पर कब्जा और खेती रामायण पासवान व अन्य द्वारा ही की जा रही थी। हालांकि, लगभग 9 वर्ष बाद पड़ोसी हजामुद्दीन उर्फ शामु द्वारा इस भूमि पर दावा किया गया और मामला प्रशासनिक एवं न्यायिक स्तर तक पहुंचा। मोहनियां उप समाहर्ता से लेकर अपर समाहर्ता और कमिश्नर तक यह मामला चला, जहां अलग-अलग स्तर
पर निर्णय आए। अंततः बिहार भूमि विशेष न्यायाधिकरण ने पटना उच्च न्यायालय एवं राज्यपाल के आदेशों का अनुपालन करते हुए फैसला रामायण पासवान के पक्ष में सुनाया। इसके बावजूद, पीड़ित का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने स्थानीय अधिकारियों से मिलीभगत कर हाल के दिनों में लगान रसीद हासिल कर ली और भूमि पर अपना दावा जताने लगे। जब फसल कटाई
का समय आया, तो प्रशासन द्वारा बार-बार रोक लगाए जाने से फसल खेत में ही खड़ी रह गई। वही स्थानीय किसानों, ट्रैक्टर चालकों एवं मजदूरों ने भी पुष्टि की कि उक्त भूमि पर खेती रामायण पासवान द्वारा ही की गई थी। पीड़ित का आरोप है कि अंततः दूसरे पक्ष ने जानबूझकर गेहूं की फसल में आग लगा दी, जिससे पूरी फसल
जलकर नष्ट हो गई। घटना की सूचना मिलने पर थाना पुलिस एवं प्रभारी अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन पीड़ित किसान को न्याय दिला पाएगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
- 🔴 क्या सम्राट चौधरी पर हत्या का आरोप है? ➡️ सच्चाई: - सम्राट चौधरी पर हत्या का आरोप साबित नहीं हुआ है। - लेकिन राजनीतिक आरोप जरूर लगे थे। ➡️ आरोप किसने लगाया? - प्रशांत किशोर ने 2025 में आरोप लगाया था। - एक पुराने केस का जिक्र किया गया था। ➡️ सम्राट चौधरी का जवाब: - उन्होंने आरोप को पूरी तरह गलत बताया। - कहा कि कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है। 🟢 वर्तमान स्थिति (2026): - सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। - नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद उन्हें चुना गया। ⚠️ ध्यान देने वाली बात: - सोशल मीडिया पर चल रही कई बातें अधूरी या गलत हो सकती हैं। - आरोप लगना और दोषी साबित होना अलग बात है। 🧠 आसान भाषा में: - आरोप ≠ दोषी - कोर्ट का फैसला ही अंतिम माना जाता है।1
- Post by Arun bhaiya1
- monu yadav Navy4
- 15 तारीख की शाम बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी की रैली व झांकी बड़े उत्साह के साथ निकाली गई। यह झांकी दामोदर दास पोखरे से शुरू होकर मानसरोवर तालाब तक पहुंची। झांकी में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे रास्ते “जय भीम” व “बाबा साहेब अमर रहें” जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा। लोगों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ बाबा साहेब को याद किया।1
- दावथ बीआरसी भवन के प्रशिक्षण हॉल में गुरुवार कोजनगणना 2027 कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभारी बीडीओ सह आरओ विकास कुमार पंडित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आनंद किशोर सिंह, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी सीताराम सिंह ने किया। प्रशिक्षक नंदकिशोर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि भारत जनगणना 2027 के तहत् दावथ प्रखंड के नामित पर्यवेक्षक एवं प्रगणक का प्रशिक्षण आज गुरुवार 16 अप्रैल से आगामी 24 अप्रैल तक 9 दिवसीय प्रशिक्षण प्रथम बैच का होगा। यहां बारी बारी से कुल 5 बेच का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। मौके पर उपस्थित थे उपेंद्र कुमार ,रामनिवास भगत ,मनोज कुमार, सुनील राम ,प्रदीप गिरी सहित प्रशिक्षण में भाग ले रहे सभी पर्यवेक्षक एवं प्रगणक2
- गाजीपुर जिले के भांवरकोल ग्राम पंचायत पलिया बुजुर्ग में प्रस्तावित शराब की दुकान को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। गांव की दर्जनों महिलाओं और गांव के लोग गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी अविनाश कुमार को पत्रक सोप और दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर शराब की दुकान खोली जा रही है, वह आबादी क्षेत्र के बीच स्थित है और पास में मंदिर भी है। इसके अलावा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय करीब 250 से 300 मीटर की दूरी पर स्थित हैं, जहां रोजाना बच्चे पढ़ने जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, दुकान खुलने से बच्चों के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों के बढ़ने की आशंका है। यह गांव सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है, जहां पहले से ही अवैध गतिविधियों की संभावना बनी रहती है। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि शराब की दुकान खुलने से मारपीट और विवाद और महिलाओं और छात्रों के साथ आप बदलता और दुर्घटना का डर सता रहा है क्योंकि जिस जगह पर दुकान खुल रहा है वहीं से गंगा पार बिहार आता है और बिहार के लोग भी दारू पीने के लिए आएंगे जिसकी वजह से और माहौल खराब होगा और घटनाएं बढ़ सकती हैं। जिससे गांव की शांति व्यवस्था प्रभावित होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित शराब की दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थापित किया जा रहा। "गांव के बीच और स्कूल-मंदिर के पास शराब दुकान खुलने से बच्चों और समाज पर बुरा असर पड़ेगा। प्रशासन को इसे तुरंत हटाना चाहिए।1
- दुर्घटना बोलकर नहीं आता है आप लोग कान खोलकर सुन लीजिए अपने अनमोल को संभाल के रखिए 🙏🙏1
- Post by Manish Dev1
- ये है पुलिस की स्थिति राह चलते किसी के भी साथ कुछ भी कर सकते हैं मंडल उपाध्यक्ष भाजयुमो संजीव शाक्य के साथ दुर्व्यवहार करने वाले इन पुलिस वालों के खिलाफ 2 दिन के अंदर कार्यवाही नहीं हुई तो इस पुलिसिया तानाशाही के खिलाफ आंदोलन होगा और फिर देखेंगे कि कितने लोगों को पुलिस जेल में डालती है। शाबाश संजीव इनकी तानाशाही के खिलाफ विरोध करने के लिye आखिर पुलिस बताए संजीव की क्या गलती है। ...1