#आई कैन न्यूज /कुशीनगर l 👉#सवाल यह है कि असली मुद्दा सिर्फ स्टॉक लिमिट तय करने का नहीं, बल्कि उसके प्रभावी सत्यापन और निगरानी का है। यदि अधिकारियों को यह पता ही नहीं कि किस व्यापारी के गोदाम में कितना स्टॉक है, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान नहीं हो रहा है, तो केवल आदेश जारी करने से व्यवस्था प्रभावी नहीं होगी।✍️ 👉#मुख्य सवाल यह है कि चीनी व्यापारियों के स्टॉक की जांच कैसे होगी? आयुक्त, खाद्य तथा रसद विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक की सीमा और निर्धारित अवधि में स्टॉक विवरण अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन इसके साथ कई सवाल भी खड़े होते हैं। क्या विभाग द्वारा सभी संबंधित व्यापारियों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया है? क्या अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रत्येक व्यापारी के निर्धारित स्टॉक की जानकारी है? क्या गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक का मिलान स्टॉक रजिस्टर और ऑनलाइन/प्रेषित विवरण से किया जाएगा? यदि किसी व्यापारी द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक रखा गया है, तो उसे पकड़ने के लिए विभाग के पास क्या प्रभावी जांच व्यवस्था है? क्या अचानक गोदामों का निरीक्षण होगा या केवल व्यापारियों द्वारा भेजे गए स्टॉक विवरण को ही सही मान लिया जाएगा? सबसे बड़ा प्रश्न यही है—जब तक वास्तविक स्टॉक की जांच और रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन नहीं होगा, तब तक स्टॉक लिमिट के आदेश का पालन सुनिश्चित कैसे किया जाएगा? सरकार ने नियम बना दिया है, अब सवाल नियम के पालन की निगरानी और पारदर्शी जांच व्यवस्था का है।
#आई कैन न्यूज /कुशीनगर l 👉#सवाल यह है कि असली मुद्दा सिर्फ स्टॉक लिमिट तय करने का नहीं, बल्कि उसके प्रभावी सत्यापन और निगरानी का है। यदि अधिकारियों को यह पता ही नहीं कि किस व्यापारी के गोदाम में कितना स्टॉक है, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान नहीं हो रहा है, तो केवल आदेश जारी करने से व्यवस्था प्रभावी नहीं होगी।✍️ 👉#मुख्य सवाल यह है कि चीनी व्यापारियों के स्टॉक की जांच कैसे होगी? आयुक्त, खाद्य तथा रसद विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक की सीमा और निर्धारित अवधि में स्टॉक विवरण अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन इसके साथ कई सवाल भी खड़े होते हैं। क्या विभाग द्वारा सभी संबंधित व्यापारियों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया है? क्या अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रत्येक व्यापारी के निर्धारित स्टॉक की जानकारी है? क्या गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक का मिलान स्टॉक रजिस्टर और ऑनलाइन/प्रेषित विवरण से किया जाएगा? यदि किसी व्यापारी द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक रखा गया है, तो उसे पकड़ने के लिए विभाग के पास क्या प्रभावी जांच व्यवस्था है? क्या अचानक गोदामों का निरीक्षण होगा या केवल व्यापारियों द्वारा भेजे गए स्टॉक विवरण को ही सही मान लिया जाएगा? सबसे बड़ा प्रश्न यही है—जब तक वास्तविक स्टॉक की जांच और रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन नहीं होगा, तब तक स्टॉक लिमिट के आदेश का पालन सुनिश्चित कैसे किया जाएगा? सरकार ने नियम बना दिया है, अब सवाल नियम के पालन की निगरानी और पारदर्शी जांच व्यवस्था का है।
- बाढ़ को लेकर बिहार मुख्यमंत्री ने किया सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण, डीएम ने बताई स्थिति सामान्य* बाढ़ को लेकर बिहार मुख्यमंत्री ने किया सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण, डीएम ने बताई स्थिति सामान्य* नेपाल में ग्लेशियर झील फटने के बाद मची तबाही का असर अब गंडक नदी पर पड़ने की आशंका से कुशीनगर में प्रशासन अलर्ट है। हालांकि राहत की खबर है कि गंडक नदी का जलस्तर अब तेजी से घट रहा है। डीएम ने लोगों से पैनिक नहीं करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। वीओ: नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर झील फटने और भूस्खलन के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में बाढ़ की स्थिति बनी। इसके बाद गंडक नदी में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र में प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया। कल डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने शिवपुर सहित संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों को माइक से जागरूक किया गया और SDRF समेत राहत-बचाव टीमों को अलर्ट रखा गया। हालांकि अब हालात राहत की ओर हैं। कल देर रात गंडक नदी का डिस्चार्ज करीब 1 लाख 80 हजार क्यूसेक तक पहुंचा था, जो आज सुबह घटकर करीब 1 लाख 10 हजार क्यूसेक रह गया। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। डीएम ने कहा कि कुशीनगर में फिलहाल स्थिति सामान्य है और किसी को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अफवाहों से दूर रहने की अपील की। डीएम के मुताबिक पिछली बार करीब 5 लाख 60 हजार क्यूसेक पानी आने पर बाढ़ की स्थिति बनी थी, जबकि करीब 4 लाख क्यूसेक तक पानी आने की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। बीओ 2: उधर, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कुशीनगर से सटे सीमावर्ती बिहार क्षेत्र और बैराज पुल इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने भी कहा कि खतरा अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है। बाइट: डीएम महेंद्र सिंह तंवर पीटीसी1
- कुशीनगर में बाढ़ का खतरा! डीएम ने जारी किया आदेश, लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने संवेदनशील इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर1
- कुशीनगर जनपद में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। आपको बता दें कि कुशीनगर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शानदार जुलूस निकाले गए, जिनमें मुस्लिम धर्मगुरुओं, समाजसेवियों, बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जुलूस के दौरान हर तरफ अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देखने को मिला।1
- कुशीनगर जनपद में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। आपको बता दे कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शानदार जुलूस निकाले गए, जिनमें मुस्लिम धर्मगुरुओं, समाजसेवियों, बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जुलूस के दौरान हर तरफ अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देखने को मिला।1
- फ्री बस सेवा में बसों की कमी से यात्री परेशान त्योहार के रक्षाबंधन पर 27 से 29 अगस्त तक महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा, भाइयों को राखी बांधने निकली बहनों की राह, बसों की कमी से परेशानी1
- धूमधाम से मनाया गया जश्ने ईद-मिलादुन्नबी, जगह-जगह निकले शानदार और शांतिपूर्ण जुलूस हंगामा टाइम्स न्यूज़, कुशीनगर कुशीनगर जनपद में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, धार्मिक उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शानदार एवं शांतिपूर्ण जुलूस निकाले गए, जिसमें मुस्लिम धर्मगुरुओं, समाजसेवियों, बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जुलूस के दौरान पूरे जिले में अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देखने को मिला। जश्ने ईद-मिलादुन्नबी के अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सुबह से ही धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। जगह-जगह निकले जुलूसों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हाथों में धार्मिक झंडे और दिलों में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के प्रति अकीदत लिए लोग पूरे जोश और उत्साह के साथ जुलूस में शामिल नजर आए। इस दौरान मुस्लिम धर्मगुरुओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं और इस्लाम के शांति, प्रेम एवं भाईचारे के संदेश को अपनाने का आह्वान किया। जुलूस के माध्यम से समाज में शांति, आपसी प्रेम, एकता और सौहार्द का संदेश दिया गया। खास बात यह रही कि जुलूस में बुजुर्गों के साथ युवाओं, महिलाओं और बच्चों की भी बड़ी भागीदारी रही। जुलूस के मार्गों पर जगह-जगह सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, मीठे चावल सहित खाने-पीने की अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत करते हुए सेवा और सहयोग की भावना का परिचय दिया। इससे जुलूस में शामिल लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं, जुलूसों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस अधिकारी और जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे। जुलूस के मार्गों की लगातार निगरानी की गई तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। प्रशासन और पुलिस की सक्रियता तथा आयोजकों और स्थानीय लोगों के सहयोग से जिले में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर निकाले गए जुलूसों ने एक बार फिर कुशीनगर की गंगा-जमुनी तहजीब, अमन, भाईचारे और आपसी एकता का संदेश दिया।4
- कुंवर सिंह निषाद के अपमान पर भड़का निषाद समाज, पडरौना में पुतला दहन कर जताया विरोध1
- पडरौना में निषाद समाज का प्रदर्शन, राजू दास के बयान पर जताया विरोध... ब्रेकिंग कुशीनगर - पडरौना में निषाद समाज का प्रदर्शन, राजू दास के बयान पर जताया विरोध... - अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास के बयान को लेकर निषाद समाज में आक्रोश... - नेशनल चैनल की डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध... - पडरौना के सुभाष चौक पर विकासशील इंसान पार्टी के नेतृत्व में पुतला दहन... - प्रदर्शन कर समाज के लोगों ने जताया भारी रोष... - जिला अध्यक्ष शौखी निषाद की अध्यक्षता में हुआ प्रदर्शन... - जितेंद्र उर्फ मुन्ना साहनी बोले कुंवर सिंह निषाद का अपमान पूरे निषाद समाज का अपमान... - समाज के किसी व्यक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा...4