भरत तिवारी के एनकाउंटर ने एक बहुत कड़वा सबक दिया है कि जब मौत तय हो तो हथियार नहीं डालने चाहिए। पोस्ट के अनुसार, जब तक भरत के पास हथियार था और उसका पूरा नियंत्रण उसके हाथ में था, तब तक वह जीवित था और पुलिस उससे दूरी बनाकर बात कर रही थी। हालांकि, जैसे ही उसने पुलिस पर भरोसा करके अपनी पिस्तौल नीचे फेंकी, उसे तुरंत घेरकर गोलियों से भून दिया गया। इस घटना पर सवाल उठाते हुए यह कहा गया है कि यदि पुलिस के मुताबिक वह मानसिक रूप से बीमार या पागल था, तो उसने किसी भी पुलिसकर्मी या आम आदमी पर गोली क्यों नहीं चलाई? किसी को एक खरोंच तक न आना इस बात को साबित करता है कि भरत किसी की जान लेना नहीं चाहता था। हथियार फेंकने के बाद भी उसका एनकाउंटर कर देना यह साफ करता है कि कसाब जैसे आतंकवादी को भी अदालत जाने का मौका मिलता है, जबकि सरेंडर कर चुके अपने ही देश के एक निहत्थे नागरिक को सीधे मौत दे दी गई। भरत तिवारी अमर रहें।
भरत तिवारी के एनकाउंटर ने एक बहुत कड़वा सबक दिया है कि जब मौत तय हो तो हथियार नहीं डालने चाहिए। पोस्ट के अनुसार, जब तक भरत के पास हथियार था और उसका पूरा नियंत्रण उसके हाथ में था, तब तक वह जीवित था और पुलिस उससे दूरी बनाकर बात कर रही थी। हालांकि, जैसे ही उसने पुलिस पर भरोसा करके अपनी पिस्तौल नीचे फेंकी, उसे तुरंत घेरकर गोलियों से भून दिया गया। इस घटना पर सवाल उठाते हुए यह कहा गया है कि यदि पुलिस के मुताबिक वह मानसिक रूप से बीमार या पागल था, तो उसने किसी भी पुलिसकर्मी या आम आदमी पर गोली क्यों नहीं चलाई? किसी को एक खरोंच तक न आना इस बात को साबित करता है कि भरत किसी की जान लेना नहीं चाहता था। हथियार फेंकने के बाद भी उसका एनकाउंटर कर देना यह साफ करता है कि कसाब जैसे आतंकवादी को भी अदालत जाने का मौका मिलता है, जबकि सरेंडर कर चुके अपने ही देश के एक निहत्थे नागरिक को सीधे मौत दे दी गई। भरत तिवारी अमर रहें।
- संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली थाना क्षेत्र में एक वाहन की टक्कर से घायल हुए व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है। इस संबंध में खलीलाबाद के क्षेत्राधिकारी ने एक बयान जारी कर जानकारी दी है।1
- आकाशवाणी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 23 जून 2026 को मंगलवार का दिन है। इस शुभ अवसर पर 'हंग हनुमते नमः' का स्मरण किया गया है।1
- भरत तिवारी के एनकाउंटर ने एक बहुत कड़वा सबक दिया है कि जब मौत तय हो तो हथियार नहीं डालने चाहिए। पोस्ट के अनुसार, जब तक भरत के पास हथियार था और उसका पूरा नियंत्रण उसके हाथ में था, तब तक वह जीवित था और पुलिस उससे दूरी बनाकर बात कर रही थी। हालांकि, जैसे ही उसने पुलिस पर भरोसा करके अपनी पिस्तौल नीचे फेंकी, उसे तुरंत घेरकर गोलियों से भून दिया गया। इस घटना पर सवाल उठाते हुए यह कहा गया है कि यदि पुलिस के मुताबिक वह मानसिक रूप से बीमार या पागल था, तो उसने किसी भी पुलिसकर्मी या आम आदमी पर गोली क्यों नहीं चलाई? किसी को एक खरोंच तक न आना इस बात को साबित करता है कि भरत किसी की जान लेना नहीं चाहता था। हथियार फेंकने के बाद भी उसका एनकाउंटर कर देना यह साफ करता है कि कसाब जैसे आतंकवादी को भी अदालत जाने का मौका मिलता है, जबकि सरेंडर कर चुके अपने ही देश के एक निहत्थे नागरिक को सीधे मौत दे दी गई। भरत तिवारी अमर रहें।1
- गर्मियों की छुट्टियों के बाद संतकबीरनगर जिले के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में से एक सूर्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खलीलाबाद में सोमवार से शैक्षणिक गतिविधियां फिर से शुरू होने जा रही हैं। विद्यालय में कक्षा 6 और उससे ऊपर की कक्षाओं के छात्र-छात्राएं कल से नियमित रूप से अध्ययन कार्य प्रारंभ करेंगे। विद्यालय के प्रबंधक डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि उच्च कक्षाओं का संचालन कल से शुरू किया जा रहा है, जबकि प्लेवे से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं 1 जुलाई से प्रारंभ होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि नए सत्र में विद्यार्थियों को आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे विद्यालय परिसर को स्मार्ट और डिजिटल क्लासरूम से सुसज्जित किया गया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रविनेश श्रीवास्तव ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल शिक्षण व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। नए सत्र को लेकर छात्र-छात्राओं में भी उत्साह का माहौल है। इस बीच, विद्यालय में नए प्रवेश की प्रक्रिया भी लगातार जारी है। प्रबंधन ने घोषणा की है कि कक्षा 10 उत्तीर्ण कर विद्यालय में नया प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप निःशुल्क टैबलेट प्रदान किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विद्यालय में 25 जून को एक बड़ा शिक्षक भर्ती कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करने वाले और सीधे विद्यालय पहुंचने वाले योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाएगा।2
- गोरखपुर जिले में अचानक हुई बारिश ने स्थानीय जनमानस को थोड़ी राहत प्रदान की है।1
- गोरखपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के पादरी बाजार जंगल हकीम नम्बर एक से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। यह वायरल वीडियो पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है और साथ ही कई सवाल भी खड़े कर रहा है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक हृदयविदारक अग्निकांड की घटना सामने आई है, जिसमें कुल 15 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण त्रासदी से पूरे प्रदेश में गहरा दुख और शोक व्याप्त है। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक घटनास्थल पर पहुंचे, जहां वह हालात और बच्चों की मौत के दृश्य को देखकर इतने भावुक हो गए कि उनकी आँखों से आंसू छलक पड़े।1
- जनपद संतकबीरनगर पुलिस ने जनसेवा, सुरक्षा और संवेदनशील पुलिसिंग की भावना को साकार करते हुए 22 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण पहल की। थाना महुली की कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों और मोहल्लों में पहुंचकर वरिष्ठ नागरिकों एवं वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान पुलिस टीम ने उनके स्वास्थ्य, कुशलक्षेम और दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान की। पुलिस टीम ने वृद्धजनों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए उनके अनुभवों और जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को मिलने वाली दिशा पर जोर दिया। इस भावना के साथ, पुलिस ने उनके घर जाकर न केवल उनकी समस्याओं को समझा, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी दिलाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, हेल्पलाइन सेवाओं और अन्य सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, उन्हें साइबर अपराध, धोखाधड़ी, संपत्ति संबंधी विवाद एवं अन्य अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया, और आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। इस मानवीय और सराहनीय पहल की वृद्धजनों ने भरपूर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस का उनके घर तक पहुंचना उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का अनुभव कराता है, जिससे समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास और सुदृढ़ होता है। थाना महुली पुलिस का मानना है कि प्रभावी पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ संवेदनशील संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कम्युनिटी पुलिसिंग का मूल उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सहयोग, सहभागिता एवं आत्मीयता का एक मजबूत सेतु तैयार करना है, जो समाज को अधिक सुरक्षित, जागरूक एवं सशक्त बनाए। इस अवसर पर पुलिस ने एक प्रेरक संदेश भी साझा किया: "जिस समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां संस्कार, सुरक्षा और संवेदनाएं सदैव जीवित रहती हैं। वरिष्ठ नागरिकों की मुस्कान ही हमारी सेवा का सबसे बड़ा पुरस्कार है।" थाना महुली पुलिस ने जनता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के लिए सदैव तत्पर रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।3