नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम - पूर्व विधायक विनोद पंथी।* प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिलाओं के 33% आरक्षण संवैधानिक अधिकार पर रखी गई बात।नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम - पूर्व विधायक विनोद पंथी।* टीकमगढ़।आज भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिलाओं से जुड़े आरक्षण के संवैधानिक अधिकार पर वार्ता हुई जहां नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। भाजपा मीडिया प्रभारी स्वप्निल तिवारी ने बताया कि आज नगर भाजपा कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 विषय पर महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस संपन्न हुई, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व विधायक श्रीमती विनोद पंथी , जिला प्रभारी पुष्पेंद्रनाथ गुड्डन पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत, महिला मोर्चा अध्यक्ष विभा श्रीवास्तव, सुशीला राजपूत,पूनम अग्रवाल, रिंकी भदौरा, संध्या सोनी, मीरा खरे, मनोज देवलिया, अश्वनी चढ़ार, शिवचरण उटमालिया व आदित्य उटमालिया शामिल हुए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आभार भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत ने किया।मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व विधायक श्रीमती विनोद पंथी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं की देश में महत्त्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की गई है। कभी-कभी किसी निर्णय से देश का भाग्य बदलने की क्षमता होती है , हम ऐसे ही निर्णय की साक्षी बन रहे हैं, जिस बात का देश को पिछले कई दशकों से इंतजार था वह सपना अब साकार हुआ है, यह पूरे देश के लिए बहुत ही खास समय तो है ही साथ ही यह मातृशक्ति के लिए भी अविस्मरणीय क्षण है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि सदियों से प्रतीक्षित उसे सामाजिक न्याय की प्रतिज्ञा है जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धरातल पर उतारा है , यह विधेयकमहिलाओं को केवल वोट बैंक समझने वाली मानसिकता को ध्वस्त कर उन्हें नीति निर्धारण और नेतृत्वकारी भूमिका में बैठने का ऐतिहासिक काम करेगा।यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस गारंटी का प्रमाण है जिसमें दशकों से राजनीति के हासिये पर खड़ी भारत की बेटियों को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण का संवैधानिक अधिकार देकर उन्हें राष्ट्र का भाग्य विधाता बना दिया है। सरकार 2023 के मूल कानून में संशोधन कर रही है ताकि आगामी जनगणना और उसके बाद होने वाले पूर्ण परिसीमन चक्र के इंतजार की शर्त को हटाया जा सके, हमारा लक्ष्य है कि 2029 में जब देश नई सरकार चुनेगा तब संसद की गलियारों में 33% सीटों पर नारी शक्ति की गूंज सुनाई देगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम स्वतंत्र भारत के इतिहास का यह स्वर्णिम अध्याय है जो हमारी माताओं- बहनों को याचक से नायक की भूमिका में स्थापित करेगा। सालों से संसद की दहलीज पर खड़ी भारत की बेटियों का इंतजार अब खत्म हुआ है क्योंकि यह अधिनियम उन्हेंवह राजनीतिक समर्थ्य दे रहा है जहां वे स्वयं अपने और देश के भविष्य का फैसला करेंगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम नए भारत की नई लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का उद्धोष है , यह बहुत बड़ा और मजबूत कदम है, ये अमृत काल में सबके प्रयास से विकसित भारत के निर्माण की तरफ बड़ा कदम है। कांग्रेस ने दशकों तक महिला आरक्षण के नाम पर देश की आंखों में धूल झोंकी है , उनके लिए यह विधेयक केवल चुनावों के घोषणा पत्र का पन्ना मात्र था जिसे उन्होंने कभी नीयत के साथ लागू नहीं किया।आज कांग्रेस को जवाब देना होगा कि जिस देश में उन्हें दशकों तक पूर्ण बहुमत और निर्बाध सत्ता सौंपी , सांसदमें उसे देश की महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाया। कांग्रेस ने 1996 से 2014 के बीच केवल राजनीति की, में राज्यसभा में बिल पास होने के बावजूद सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने इसे अगले 4 साल तक लोकसभा में पेश तक नहीं किया क्योंकि उनके लिए महिलाओं का हक नहीं बल्कि अपनी कुर्सी और गठबंधन की मजबूरियां अधिक महत्वपूर्ण थी। नारी शक्ति कांग्रेस से पुकार रही बहुमत भी तुम्हारा था और हुकूमत भी तुम्हारी थी फिर क्यों 70 सालों तक नारी शक्ति हारी थी, तुम तुष्टीकरण में अपना भविष्य बुनते रहे देश की बेटियां हक मांगती रही और तुम अनसुना करते रहे। कांग्रेस के लिए महिला सशक्तिकरण का मतलबकेवल अपने खानदान की विरासत को आगे बढ़ाना था ,लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से भारत की उस सामान्य पृष्ठभूमि वाली बेटी के लिए संसद के द्वार खोले जिसके पास कोई राजनीतिक विरासत नहीं है। 1998 से 2003 के बीच अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व बाली एनडीए सरकार ने इस विधेयक को पारित करने के लिए चार अलग-अलग प्रयास किए, उनके हर प्रयास को विफल किया गया उन्हीं गठबंधन सहयोगियों द्वारा जिनके साथ आज कांग्रेस खड़ी है। विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत महिला नेतृत्व आधारित विकास मॉडल की ओर अग्रसर हुआ है।जिस देश में महिलाएं बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती थी बहमोली सरकार ने 12 करोड़ से अधिक इज्जत घर शौचालय बनाकर उनकी गरिमा की रक्षा की, उज्ज्वला योजना के जरिए 10.33 करोड़ महिलाओं को धुंए से मुक्ति मिली और 73% पीएम आवास सीधे महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड किए गए जिससे उन्हें संपत्ति का मालिकाना हक मिला। आज देश की 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है जिन्हें 11 लाख करोड़ की वित्तीय मदद दी जा रही है,35 करोड़ से अधिक मुद्रा लोन और लखपति दीदी बनाने का संकल्प यह दर्शाता है कि मोदी राज में नारी अब सिर्फ घर नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था चल रही है।स्टैंड अप इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत 80% लाभार्थी हमारी बहनें और बेटियां हैं, पीएम मुद्रा योजना के तहत भी लगभग 70% ऋण महिलाओं के लिए स्वीकृत किए गए हैं। आज भारत में पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं उच्च शिक्षा में दाखिला ले रही है, हमारे पास नागरिक उड्डयन में सबसे अधिक संख्या में महिला पायलट है, वहीं भारतीय वायु सेना में महिला पायलट अब लड़ाकू विमान उड़ा रही है। हमारी सरकार ने सवेतन मातृव्य अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने यह ऐतिहासिक पल देखा जब श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के रूप में देश को अपनी पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति मिली। नारी शक्ति अधिनियम इस बात का उद्घोष है नया भारत अब अपनी बेटियों के नेतृत्व में आगे बढ़ेगा। भाजपा सरकार लगातार महिलाओं की सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान कर रही है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम - पूर्व विधायक विनोद पंथी।* प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिलाओं के 33% आरक्षण संवैधानिक अधिकार पर रखी गई बात।नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम - पूर्व विधायक विनोद पंथी।* टीकमगढ़।आज भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिलाओं से जुड़े आरक्षण के संवैधानिक अधिकार पर वार्ता हुई जहां नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। भाजपा मीडिया प्रभारी स्वप्निल तिवारी ने बताया कि आज नगर भाजपा कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 विषय पर महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस संपन्न हुई, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व विधायक श्रीमती विनोद पंथी , जिला प्रभारी पुष्पेंद्रनाथ गुड्डन पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत, महिला मोर्चा अध्यक्ष विभा श्रीवास्तव, सुशीला राजपूत,पूनम अग्रवाल, रिंकी भदौरा, संध्या सोनी, मीरा खरे, मनोज देवलिया, अश्वनी चढ़ार, शिवचरण उटमालिया व आदित्य उटमालिया शामिल हुए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आभार भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत ने किया।मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व विधायक श्रीमती विनोद पंथी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं की देश में महत्त्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की गई है। कभी-कभी किसी निर्णय से देश का भाग्य बदलने की क्षमता होती है , हम ऐसे ही निर्णय की साक्षी बन रहे हैं, जिस बात का देश को पिछले कई दशकों से इंतजार था वह सपना अब साकार हुआ है, यह पूरे देश के लिए बहुत ही खास समय तो है ही साथ ही यह मातृशक्ति के लिए भी अविस्मरणीय क्षण है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि सदियों से प्रतीक्षित उसे सामाजिक न्याय की प्रतिज्ञा है जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धरातल पर उतारा है , यह विधेयकमहिलाओं को केवल वोट बैंक समझने वाली मानसिकता को ध्वस्त कर उन्हें नीति निर्धारण और नेतृत्वकारी भूमिका में बैठने का ऐतिहासिक काम करेगा।यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस गारंटी का प्रमाण है जिसमें दशकों से राजनीति के हासिये पर खड़ी भारत की बेटियों को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण का संवैधानिक अधिकार देकर उन्हें राष्ट्र का भाग्य विधाता बना दिया है। सरकार 2023 के मूल कानून में संशोधन कर रही है ताकि आगामी जनगणना और उसके बाद होने वाले पूर्ण परिसीमन चक्र के इंतजार की शर्त को हटाया जा सके, हमारा लक्ष्य है कि 2029 में जब देश नई सरकार चुनेगा तब संसद की गलियारों में 33% सीटों पर नारी शक्ति की गूंज सुनाई देगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम स्वतंत्र भारत के इतिहास का यह स्वर्णिम अध्याय है जो हमारी माताओं- बहनों को याचक से नायक की भूमिका में स्थापित करेगा। सालों से संसद की दहलीज पर खड़ी भारत की बेटियों का इंतजार अब खत्म हुआ है क्योंकि यह अधिनियम उन्हेंवह राजनीतिक समर्थ्य दे रहा है जहां वे स्वयं अपने और देश के भविष्य का फैसला करेंगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम नए भारत की नई लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का उद्धोष है , यह बहुत बड़ा और मजबूत कदम है, ये अमृत काल में सबके प्रयास से विकसित भारत के निर्माण की तरफ बड़ा कदम है। कांग्रेस ने दशकों तक महिला आरक्षण के नाम पर देश की आंखों में धूल झोंकी है , उनके लिए यह विधेयक केवल चुनावों के घोषणा पत्र का पन्ना मात्र था जिसे उन्होंने कभी नीयत के साथ लागू नहीं किया।आज कांग्रेस को जवाब देना होगा कि जिस देश में उन्हें दशकों तक पूर्ण बहुमत और निर्बाध सत्ता सौंपी , सांसदमें उसे देश की महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाया। कांग्रेस ने 1996 से 2014 के बीच केवल राजनीति की, में राज्यसभा में बिल पास होने के बावजूद सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने इसे अगले 4 साल तक लोकसभा में पेश तक नहीं किया क्योंकि उनके लिए महिलाओं का हक नहीं बल्कि अपनी कुर्सी और गठबंधन की मजबूरियां अधिक महत्वपूर्ण थी। नारी शक्ति कांग्रेस से पुकार रही बहुमत भी तुम्हारा था और हुकूमत भी तुम्हारी थी फिर क्यों 70 सालों तक नारी शक्ति हारी थी, तुम तुष्टीकरण में अपना भविष्य बुनते रहे देश की बेटियां हक मांगती रही और तुम अनसुना करते रहे। कांग्रेस के लिए महिला सशक्तिकरण का मतलबकेवल अपने खानदान की विरासत को आगे बढ़ाना था ,लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से भारत की उस सामान्य पृष्ठभूमि वाली बेटी के लिए संसद के द्वार खोले जिसके पास कोई राजनीतिक विरासत नहीं है। 1998 से 2003 के बीच अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व बाली एनडीए सरकार ने इस विधेयक को पारित करने के लिए चार अलग-अलग प्रयास किए, उनके हर प्रयास को विफल किया गया उन्हीं गठबंधन सहयोगियों द्वारा जिनके साथ आज कांग्रेस खड़ी है। विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत महिला नेतृत्व आधारित विकास मॉडल की ओर अग्रसर हुआ है।जिस देश में महिलाएं बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती थी बहमोली सरकार ने 12 करोड़ से अधिक इज्जत घर शौचालय बनाकर उनकी गरिमा की रक्षा की, उज्ज्वला योजना के जरिए 10.33 करोड़ महिलाओं को धुंए से मुक्ति मिली और 73% पीएम आवास सीधे महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड किए गए जिससे उन्हें संपत्ति का मालिकाना हक मिला। आज देश की 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है जिन्हें 11 लाख करोड़ की वित्तीय मदद दी जा रही है,35 करोड़ से अधिक मुद्रा लोन और लखपति दीदी बनाने का संकल्प यह दर्शाता है कि मोदी राज में नारी अब सिर्फ घर नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था चल रही है।स्टैंड अप इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत 80% लाभार्थी हमारी बहनें और बेटियां हैं, पीएम मुद्रा योजना के तहत भी लगभग 70% ऋण महिलाओं के लिए स्वीकृत किए गए हैं। आज भारत में पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं उच्च शिक्षा में दाखिला ले रही है, हमारे पास नागरिक उड्डयन में सबसे अधिक संख्या में महिला पायलट है, वहीं भारतीय वायु सेना में महिला पायलट अब लड़ाकू विमान उड़ा रही है। हमारी सरकार ने सवेतन मातृव्य अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने यह ऐतिहासिक पल देखा जब श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के रूप में देश को अपनी पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति मिली। नारी शक्ति अधिनियम इस बात का उद्घोष है नया भारत अब अपनी बेटियों के नेतृत्व में आगे बढ़ेगा। भाजपा सरकार लगातार महिलाओं की सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान कर रही है।
- Post by Jamil khan1
- ललितपुर से बड़ी खबर, जहां शहजाद नदी के पुल के निर्माण के चलते एक इलेक्ट्रिक सवारी से भरी टैक्सी पलटी #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #latestnews #viralpost #lalitpurnews @Jaybajnibabakhadowara subscribe/share करें1
- हम आपको बता दें मामला करीला की ओर जाने वाले रास्ते का है जहां पर करीला माता के दर्शन करके लौट रहे युवक को किसी अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर मार दी जिससे युवक रोड पर ही गिर पड़ा रोड पर लगभग आधे घंटे पड़े होने के बाद जब वहां से निकल रहे आजद समाज पार्टी युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष ललितपुर शिवा यादव किसी कार्यक्रम से होकर आ रहे थे तभी रास्ते में पड़े युवक पर उनकी नजर पड़ी तो तुरंत ही अपने निजी वाहन से युवक के लिए अस्पताल पहुंचाया और तुरंत इसकी सूचना पर उसे क्षेत्र केलगने वाले थाने को भी दी जिससे युवक का समय पर इलाज चालू हो सके1
- टावर पर चढ़ी मोहब्बत: प्रेमी के लिए जान जोखिम में डालकर 4 घंटे तक चढ़ी रही टावर पर, टीकमगढ़ के जतारा थाना क्षेत्र के बेरवार गांव में एक युवती ने मोबाइल टावर पर चढ़कर हंगामा किया। वह अपने प्रेमी से 4 दिन से बात नहीं करने पर नाराज थी। प्रशासन और ग्रामीणों की समझाइश के बाद प्रेमी के मौके पर पहुंचने पर वह नीचे उतरी। पुलिस दोनों को थाने ले गई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। यह घटना प्रेम कहानी का अनोखा मोड़ है, जो भावनाओं में बहकर उठाए गए कदम के खतरों को दर्शाती है।3
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1
- ललितपुर जनपद मैं कोतवाली पुलिस द्वारा एक शिव मंदिर में की गई क्षतिग्रस्त मूर्ति को पुनः स्थापित कर वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर भेजा जेल1
- टीकमगढ़ जिले के जतारा थाना क्षेत्र के बेरवार गांव की वो सुबह आम दिनों जैसी नहीं थी। सूरज उग ही रहा था कि गांव अचानक हडकंप मच गया, सुबह करीब 5 बजे कुछ ग्रामीणों ने टावर की ऊंचाई से आती चीख-पुकार सुनी। जब लोग दौड़कर पहुंचे, तो देखा कि एक युवती टावर पर चढ़ी हुई है ! और किसी को बार-बार पुकार रही है। देखते-देखते लोगों की भीड़ जमा होने लगी। युवती बार-बार अपने प्रेमी वीरु का नाम लेकर उसे बुला रही थी। उसके हाथ में मोबाइल था और वह लगातार उससे बात करने की कोशिश कर रही थी। उसकी आवाज में गुस्सा और दर्द था। बताया गया कि पिछले चार दिनों से उसका प्रेमी उससे बात नहीं कर रहा था, जिससे वह बेहद नाराज और परेशान थी, ग्रामीणों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में जतारा पुलिस और तहसीलदार मौके पहुंचकर टावर पर चढ़ी लड़की को नीचे उतरवाया और दोनों को साथ ले गए ! #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #latestnews #viralpost #jatara @Jaybajnibabakhadowara subscribe/share करें1
- ये है डॉक्टर पुष्पेंद्र सिंह जो अपनी गलती के बाद कह रहे की मैं सब कुछ करने के लिए तैयार हूं..1
- गर्मी का मौसम शुरू होते ही पाली क्षेत्र के स्थानीय बाजारों में पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों, खासकर “देसी फ्रेज” (मिट्टी के बड़े घड़े और सुराही) की मांग तेजी से बढ़ी पाली। गर्मी का मौसम शुरू होते ही पाली क्षेत्र के स्थानीय बाजारों में पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों, खासकर “देसी फ्रेज” (मिट्टी के बड़े घड़े और सुराही) की मांग तेजी से बढ़ी गई है। सुबह होते ही बाजारों में खरीदारों की भीड़ देखी जा रही है, जहां लोग आधुनिक फ्रिज के विकल्प के रूप में इन देसी उपायों को प्राथमिकता दे रहे हैं। पाली बाजार में सुबह 6 बजे से ही चहल-पहल शुरू हो जाती है। स्थानीय कुम्हार अपने बनाए विभिन्न आकार और डिज़ाइन के मटके, घड़े और सुराही लेकर बाजार में पहुंच जाते हैं। बढ़ती गर्मी के बीच ठंडा पानी पाने के लिए लोग इन बर्तनों की खरीदारी कर रहे हैं। कई ग्राहकों का कहना है कि मिट्टी के बर्तन में रखा पानी न केवल ठंडा रहता है, बल्कि उसका स्वाद भी बेहतर होता है। विक्रेताओं के अनुसार, इस साल मांग में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। एक स्थानीय कुम्हार ने बताया कि “जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे बिक्री भी बढ़ती है। सुबह के समय सबसे ज्यादा ग्राहक आते हैं, क्योंकि दिन चढ़ने पर गर्मी तेज हो जाती है।” विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी के बर्तन प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम की तरह काम करते हैं। इनमें मौजूद सूक्ष्म छिद्र पानी को धीरे-धीरे वाष्पित होने देते हैं, जिससे पानी ठंडा बना रहता है। साथ ही, बिजली की बचत और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी लोगों को इन पारंपरिक साधनों की ओर आकर्षित कर रही है। बाजार में 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के विभिन्न दामों पर ये देसी फ्रेज उपलब्ध हैं, जो हर वर्ग के लोगों की पहुंच में हैं। बढ़ती महंगाई और बिजली की खपत को देखते हुए भी लोग सस्ते और टिकाऊ विकल्प के रूप में इन्हें अपना रहे हैं। कुल मिलाकर, पाली का यह बाजार एक बार फिर पारंपरिक कारीगरी और देसी तकनीक की ओर लौटते समाज की झलक पेश कर रहा है, जहां आधुनिकता के बीच भी मिट्टी की खुशबू और उपयोगिता बरकरार है।1