Shuru
Apke Nagar Ki App…
माँ गंगा के धरती पर अवतरण दिवस, गंगा दशहरा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ व्यक्त की गई हैं। यह संदेश सभी को माँ गंगा के पृथ्वी पर आगमन के इस शुभ दिन की बधाई देता है।
GROUND REPORT
माँ गंगा के धरती पर अवतरण दिवस, गंगा दशहरा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ व्यक्त की गई हैं। यह संदेश सभी को माँ गंगा के पृथ्वी पर आगमन के इस शुभ दिन की बधाई देता है।
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- माँ गंगा के धरती पर अवतरण दिवस, गंगा दशहरा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ व्यक्त की गई हैं। यह संदेश सभी को माँ गंगा के पृथ्वी पर आगमन के इस शुभ दिन की बधाई देता है।1
- पतितपावनी मोक्षदायिनी माँ भागीरथी (गंगा) के धरा अवतरण के पावन पर्व गंगा दशहरा पर आज उत्तरकाशी के प्रसिद्ध गंगोत्री धाम में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। सुबह से ही मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि और 'हर-हर गंगे' के उद्घोषों से गूँज रहा है, जहाँ देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु भागीरथी (गंगा) के पवित्र और शीतल जल में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। गंगा दशहरा का यह पावन पर्व इस बात की याद दिलाता है कि कैसे राजा भगीरथ की घोर तपस्या के बाद माँ गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुईं और उन्होंने संपूर्ण जीव जगत को जीवन तथा मोक्ष का वरदान दिया। इस पवित्र जलधारा के उद्गम स्थल गंगोत्री धाम में इस विशेष दिन उपस्थित होकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा जी के शीतल जल में डुबकी लगाना किसी भी श्रद्धालु के लिए जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य माना जाता है।4
- देहरादून के हरबर्टपुर क्षेत्र में खनन कार्य में लगी दो गाड़ियों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और टक्कर के कारण दोनों वाहनों को नुकसान पहुंचा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।3
- बीयूएमएस (यूएयू) से सेक्सोलॉजिस्ट और सामान्य चिकित्सक डॉ. सावेद ने पेशाब में बदबू आने के कुछ सामान्य कारणों पर प्रकाश डाला है। उनके अनुसार, पेशाब में बदबू के सबसे आम कारणों में कम पानी पीना, जिसके कारण डिहाइड्रेशन हो सकता है, कुछ खास खाद्य पदार्थों का सेवन (जैसे लहसुन और प्याज), या यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) शामिल हैं। डॉ. सावेद से 9411728392 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- देश के वर्तमान हालातों पर जनता ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ अपना गहरा कटाक्ष व्यक्त किया है। यह प्रतिक्रिया मौजूदा परिस्थितियों को लेकर जनता के बीच पनप रही असंतोष और व्यंग्यात्मक भावना को दर्शाती है।1
- देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा दशहरा के पावन पर्व पर गंगोत्री धाम में माँ गंगा भागीरथी में आस्था की डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरा गंगोत्री धाम इस अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास में सराबोर नज़र आया, जहाँ सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि और "हर-हर गंगे" के जयघोष से गूँज उठा, जबकि श्रद्धालुओं ने भागीरथी के पवित्र और शीतल जल में स्नान कर माँ गंगा का पूजन किया। इस विशेष दिन पर, ठीक 11 बजे गंगोत्री मंदिर से गंगा घाट तक राजा भगीरथ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और "जय गंगे, हर-हर गंगे" के उद्घोषों से पूरा धाम भक्तिमय हो उठा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए 1100 वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर माँ गंगा स्वर्ग से भगवान शिव की जटाओं में अवतरित हुईं और गंगा दशहरा के दिन धरती पर आकर मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। यह भी माना जाता है कि माँ गंगा ने सबसे पहले गंगोत्री धाम में ही धरती को स्पर्श किया था। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कारण गंगा दशहरा के अवसर पर गंगोत्री धाम में राजा भगीरथ की शोभायात्रा निकालने की परंपरा है। तीर्थ पुरोहित रविंद्र सेमवाल ने बताया कि आज ही के दिन राजा भगीरथ की तपस्या सफल हुई थी और माँ गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिन गंगा स्नान और पूजा-अर्चना करने से श्रद्धालुओं के पापों का नाश होता है तथा उन्हें सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। गंगा दशहरा पर्व को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। दिन भर गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। उत्तरकाशी जनपद के विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।4
- सरकार ने LPG गैस सब्सिडी को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। इस निर्णय के अनुसार, यदि उपभोक्ताओं ने 30 जून से पहले अपना KYC (नो योर कस्टमर) पूरा नहीं किया, तो उन्हें मिलने वाली गैस सब्सिडी बंद हो जाएगी। यह स्पष्ट किया गया है कि 30 जून के बाद KYC की अनुपस्थिति में सब्सिडी का लाभ मिलना बंद हो जाएगा। इसलिए, गैस सब्सिडी जारी रखने के लिए KYC करवाना अनिवार्य है।1
- उत्तराखंड के डाकपत्थर में पुताई का काम कर रहा एक मजदूर हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।1