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सुल्तानपुर जिले के मोतिगरपुर थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय ग्रामीणों ने थाना अध्यक्ष पर सीधे तौर पर अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोग सरकारी भूमि और तालाबों में बिना किसी अनुमति के लगातार मिट्टी का खनन कर रहे हैं। इस संबंध में कई शिकायतें दर्ज कराए जाने के बावजूद, प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस निष्क्रियता के चलते स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और नाराजगी व्याप्त है।
विनय कुमार कनौजिया पत्रकार
सुल्तानपुर जिले के मोतिगरपुर थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय ग्रामीणों ने थाना अध्यक्ष पर सीधे तौर पर अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोग सरकारी भूमि और तालाबों में बिना किसी अनुमति के लगातार मिट्टी का खनन कर रहे हैं। इस संबंध में कई शिकायतें दर्ज कराए जाने के बावजूद, प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस निष्क्रियता के चलते स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और नाराजगी व्याप्त है।
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- केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान के 12 वर्ष पूरे होने पर जहाँ देश भर में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं प्रतापगढ़ के नगर पंचायत मांधाता की तस्वीर इन दावों की सच्चाई को आईना दिखा रही है। नगर पंचायत क्षेत्र में मुख्य सड़क के किनारे कूड़े और गंदगी का इतना बड़ा अंबार लगा हुआ है कि स्वच्छता अभियान केवल कागजी और फोटोबाजी तक ही सीमित नजर आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से प्लास्टिक, घरेलू कचरा और अन्य अपशिष्ट खुले में पड़े हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है और राहगीरों व आसपास के लोगों का वहाँ से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। इस स्थिति से गर्मी और बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर जमीनी हकीकत से बेखबर आँखें मूंदे बैठे हैं, जबकि वे सरकारी कार्यक्रमों में झाड़ू हाथ में लेकर स्वच्छता का संदेश देने और फोटो खिंचवाने में व्यस्त रहते हैं। जिले से लेकर नगर पंचायत तक स्वच्छता को लेकर सफलता की रिपोर्टें शासन को भेजी जा रही हैं, लेकिन मांधाता के जमीनी हालात उन रिपोर्टों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अधिकारी केवल कागजों और बैठकों में स्वच्छता अभियान को सफल दिखाने में जुटे हैं, जबकि नगर पंचायत क्षेत्र में नियमित सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। स्वच्छ भारत मिशन और सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद मांधाता में गंदगी का यह दृश्य सवाल खड़ा करता है कि आखिर सफाई के नाम पर खर्च होने वाला धन कहाँ जा रहा है। नागरिकों की मांग है कि उच्च अधिकारी मौके पर पहुँचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करें। साथ ही, जिले के अधिकारियों द्वारा शासन को भेजी जा रही रिपोर्टों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि कागजों में सफाई और धरातल पर गंदगी का यह खेल बंद हो और जनता को स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण मिल सके।1
- विकासखंड हरचंदपुर क्षेत्र के बाला ग्राम पंचायत में पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद समस्याओं का जायजा लिया।1
- प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित भोरई का पुरवा और डड़वा गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि इन दोनों गांवों को ग्राम सभा और नगर पालिका क्षेत्र से बाहर कर दिया गया है, जिसके कारण उन्हें विभिन्न सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर दोनों गांवों को पुनः नगर पालिका परिषद बेला प्रतापगढ़ में शामिल किए जाने की मांग की। इसके पश्चात, ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंचकर अधिशासी अधिकारी का घेराव भी किया। अधिशासी अधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता कर गांवों को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रदर्शन में यदुराज, अजय प्रताप यादव, कुंदन यादव, सतीश कुमार, साधना देवी, कुंती देवी, ममता विश्वकर्मा, प्रेमा देवी, शिवकुमार, रविंद्र, राम आसरे, जगदीश यादव, रवि गुप्ता, दीपक कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- लालगंज, रायबरेली में जीत वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा भीषण गर्मी के दौरान पक्षियों के संरक्षण के लिए चलाई जा रही 'दाना-पानी' मुहिम में संस्था के रायबरेली जिला उप मीडिया प्रभारी कुलदीप कश्यप ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने अपने घर के आँगन में पक्षियों के लिए दाने और पानी का प्रबंध किया और इस प्रयास को दर्शाते हुए एक प्रेरणादायक वीडियो भी जारी किया। इसके साथ ही, कुलदीप कश्यप ने आम जनता से इस नेक अभियान में सहयोग करने की भावुक अपील की। जीत वेलफेयर फाउंडेशन समाजहित में ऐसे जन-कल्याणकारी प्रयास लगातार करती रहती है।1
- प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राममोहन मीना ने संयुक्त रूप से जिला पुस्तकालय, विनियमित क्षेत्र कार्यालय और शिवसत स्थित 100 बेडेड संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने इन सभी स्थानों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण करते हुए, अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही, जहाँ भी उन्हें कोई लापरवाही देखने को मिली, उन्होंने उस पर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की।1
- राजधानी लखनऊ में विधानसभा के ठीक बाहर दो महिलाओं, एक माँ और बेटी ने, अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। यह घटना थाना हजरतगंज क्षेत्र के अंतर्गत हुई। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं को तत्काल सुरक्षित रूप से रोक लिया, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हो पाई। पुलिस ने दोनों महिलाओं को सुरक्षित रूप से थाना हजरतगंज पहुँचाया, जहाँ उनसे घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि वे जनपद हरदोई के थाना संडीला क्षेत्र की निवासी हैं। उनका एक मामला उनके गाँव स्थित मकान में चोरी और संपत्ति विवाद से संबंधित है, जिसमें स्थानीय थाने द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी और उच्च अधिकारियों ने भी मामले का संज्ञान नहीं लिया था, जिससे वे अत्यधिक हताश थीं। महिलाओं के अनुसार, न्याय न मिलने और स्वयं को असुरक्षित महसूस करने के कारण वे अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुँचाने के उद्देश्य से लखनऊ आई थीं।1
- एक विनम्र निवेदन योगी जी से किया गया है, जिसमें प्रकाश व्यवस्था को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई गई है। इस निवेदन में बताया गया है कि कुछ स्थानों पर प्रकाश ठीक से नहीं पहुंच पा रहा है, जिसके समाधान के लिए एक हैलोजन लाइट लगाए जाने का आग्रह किया गया है।1
- सुल्तानपुर जिले के मोतिगरपुर थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय ग्रामीणों ने थाना अध्यक्ष पर सीधे तौर पर अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोग सरकारी भूमि और तालाबों में बिना किसी अनुमति के लगातार मिट्टी का खनन कर रहे हैं। इस संबंध में कई शिकायतें दर्ज कराए जाने के बावजूद, प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस निष्क्रियता के चलते स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और नाराजगी व्याप्त है।1