बदायूं के उसावा थाना क्षेत्र के ग्राम गूरा बरैला में एक परिवार ने कथित तौर पर दबंगों के उत्पीड़न से तंग आकर अपने घर पर पलायन का बोर्ड लगा दिया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने करीब 40 वर्ष पहले एक ज़मीन खरीदी थी और लगभग 8 से 10 वर्ष पहले उसी ज़मीन पर अपना मकान बनवाया था, जो कथित दबंगों के घर के सामने स्थित है। पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्हें लंबे समय से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में उसावा थाने में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। परिवार ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस उनकी बात सुनने के बजाय दबंगों का पक्ष ले रही है और उन्हें थाने बुलाकर धमकाया जाता है, जबकि उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिवार का आरोप है कि वे भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं और घर से बाहर निकलने तक में डर महसूस करते हैं। ऐसे में उन्होंने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अपने घर पर यह पलायन का बोर्ड लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, और पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।
बदायूं के उसावा थाना क्षेत्र के ग्राम गूरा बरैला में एक परिवार ने कथित तौर पर दबंगों के उत्पीड़न से तंग आकर अपने घर पर पलायन का बोर्ड लगा दिया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने करीब 40 वर्ष पहले एक ज़मीन खरीदी थी और लगभग 8 से 10 वर्ष पहले उसी ज़मीन पर अपना
मकान बनवाया था, जो कथित दबंगों के घर के सामने स्थित है। पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्हें लंबे समय से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में उसावा थाने में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, फिर भी समस्या का समाधान नहीं
हो सका। परिवार ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस उनकी बात सुनने के बजाय दबंगों का पक्ष ले रही है और उन्हें थाने बुलाकर धमकाया जाता है, जबकि उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिवार का आरोप है कि वे भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं और घर से
बाहर निकलने तक में डर महसूस करते हैं। ऐसे में उन्होंने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अपने घर पर यह पलायन का बोर्ड लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, और पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने एक युवक को थप्पड़ मारा।1
- बदायूं में बुधवार सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। लगातार बरसात के कारण अधिकतम तापमान लगभग तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 29 डिग्री पर पहुंच गया, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली है। हालांकि, इसी बारिश ने शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा कर दी है, जिससे आमजन की परेशानी बढ़ गई है। प्रमुख सड़कों और गलियों में पानी भर जाने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगह दोपहिया वाहन पानी में फंस गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और बाजारों में भी ग्राहकों की आवाजाही पर असर पड़ा।1
- मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत दातागंज तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विधायक राजीव कुमार सिंह "बब्बू भैया" मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लाइव संबोधन को सुना और लाभार्थी शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के लिए डीबीटी धनराशि का भी वितरण किया गया। विधायक ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, अनुदानित विद्यालयों के शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, पीएम पोषण योजना के रसोइया और उनके आश्रितों सहित माध्यमिक एवं व्यावसायिक शिक्षा के शिक्षकों तथा उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में ग्राम पलिया गूजर निवासी दिवंगत सतेंद्र की माता प्रीति देवी को दैवीय आपदा राहत मद के तहत ₹4 लाख की आर्थिक सहायता का चेक दिया गया। इसी प्रकार, ग्राम खानपुर दया निवासी दिवंगत सुनील की पत्नी कुसुम देवी को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत ₹5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी दातागंज विनोद कुमार सिंह, नायब तहसीलदार दातागंज, खंड शिक्षा अधिकारी दातागंज लक्ष्मी नारायण समेत अन्य अधिकारीगण, शिक्षकगण, शिक्षामित्र, अभिभावक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।2
- बदायूं के उसावा थाना क्षेत्र के ग्राम गूरा बरैला में एक परिवार ने कथित तौर पर दबंगों के उत्पीड़न से तंग आकर अपने घर पर पलायन का बोर्ड लगा दिया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने करीब 40 वर्ष पहले एक ज़मीन खरीदी थी और लगभग 8 से 10 वर्ष पहले उसी ज़मीन पर अपना मकान बनवाया था, जो कथित दबंगों के घर के सामने स्थित है। पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्हें लंबे समय से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में उसावा थाने में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। परिवार ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस उनकी बात सुनने के बजाय दबंगों का पक्ष ले रही है और उन्हें थाने बुलाकर धमकाया जाता है, जबकि उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिवार का आरोप है कि वे भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं और घर से बाहर निकलने तक में डर महसूस करते हैं। ऐसे में उन्होंने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अपने घर पर यह पलायन का बोर्ड लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, और पुलिस या प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।4
- बदायूं के बिसौली कस्बे में बुधवार को एक प्रमाण पत्र को लेकर सर्किल ऑफिसर (सीओ) और ग्राम पंचायत अधिकारी के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। इस घटना के बाद ग्राम पंचायत अधिकारी ने सीओ पर जूतों से मारने, अभद्रता और गाली गलौच के गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, बिसौली के सीओ अंशुमन श्रीवास्तव और ग्राम पंचायत अधिकारी अंकुर पाराशरी के बीच किसी प्रमाण पत्र को लेकर बातचीत शुरू हुई, जो जल्द ही तीखी बहस में बदल गई। ग्राम पंचायत अधिकारी अंकुर पाराशरी ने सीओ पर अभद्रता एवं गाली गलौच करने का आरोप लगाते हुए अपने साथियों को पूरी बात बताई, जिसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारियों में रोष फैल गया। आक्रोशित पंचायत अधिकारियों ने विरोध स्वरूप सांकेतिक धरना दिया। धरना स्थल पर अंकुर पाराशरी ने कहा कि यदि कोई विवाद था, तो सीओ को उनके उच्च अधिकारियों से पत्राचार करना चाहिए था, न कि उन्हें मारने, अभद्रता या गाली गलौच करने का सहारा लेना चाहिए था। सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, सीओ ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखा है।1
- बिसावली-शेखुपुरा चिचौली रोड के निर्माण को तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक यह सड़क नहीं बन पाई है। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाया गया है कि आखिर क्या समस्या है जिसके कारण इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य रुका हुआ है।1
- बिसौली ब्लॉक के ग्राम मिठामई में विकास कार्यों के भुगतान में बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है, जहाँ ग्राम प्रधान और सचिव पर लाखों रुपये के गबन का गंभीर आरोप है। शिकायतकर्ता सूर्यभान सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर जिला पंचायत राज अधिकारी की जाँच में ये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं, जिसके बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जाँच में यह खुलासा हुआ कि मजदूरों के खातों में भुगतान भेजने के बजाय, लाखों रुपये कुछ चुनिंदा व्यक्तियों के खातों में स्थानांतरित किए गए। दस्तावेजों के अनुसार, अकेले रामसेवक के नाम से 14 वाउचरों के माध्यम से ₹2,77,778 का भुगतान दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त, केदार सिंह, शिवपाल, रामौतार, ओमवीर, ध्यान चंद, सुरेश लाल/प्रशांत और अनिल कुमार के नाम पर भी हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के भुगतान का उल्लेख है। जाँच रिपोर्ट ने इस मामले को वित्तीय अनियमितता और धनराशि के दुरुपयोग की श्रेणी में रखा है। इस मामले में, तत्कालीन ग्राम प्रधान के विरुद्ध उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 (संशोधित 1994) की धारा 95(1)(छ) के तहत कार्रवाई प्रचलित होने की बात कही गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने उपजिलाधिकारी बिसौली को पत्र भेजकर संपूर्ण समाधान दिवस में दर्ज की गई इस शिकायत का निस्तारण करने का भी अनुरोध किया है।1
- बिल्सी थाना क्षेत्र के रामपुर टांडा गांव में एक छात्रा की मक्के के खेत में हत्या कर दी गई है। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।1