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गैस सिलेंडर के लिय उपभोक्ताओं की लगी लंबी कतार,वीडियो बनाने से रोका बृजनगर(डीग) रिपोर्टर __लवेश मित्तल 9057332828 __*गैस सिलेंडर के लिये मशक्कत* __उपभोक्ताओं की सबसे लगी लंबी कतार __भीषण गर्मी धूप में लाइन में लगकर उपभोक्ता ले रहे है सिलेंडर __वही उपभोक्ताओं को छाया ओर पानी की कोई व्यवस्था नहीं है __नदबई रोड मौजूद तेज भारत गैस एजेंसी के भरोसे कई हजार उपभोक्ता है रजिस्ट्रेट __वही ओटीपी,केवाईसी आदि से भी कुछ उपभोक्ताओं को आ रही है समस्या __वही एजेंसि पर कार्यरत कर्मचारी वीडियो बनाने की कर रहे मना
LAVESH MITTAL
गैस सिलेंडर के लिय उपभोक्ताओं की लगी लंबी कतार,वीडियो बनाने से रोका बृजनगर(डीग) रिपोर्टर __लवेश मित्तल 9057332828 __*गैस सिलेंडर के लिये मशक्कत* __उपभोक्ताओं की सबसे लगी लंबी कतार __भीषण गर्मी धूप में लाइन में लगकर उपभोक्ता ले रहे है सिलेंडर __वही उपभोक्ताओं को छाया ओर पानी की कोई व्यवस्था नहीं है __नदबई रोड मौजूद तेज भारत गैस एजेंसी के भरोसे कई हजार उपभोक्ता है रजिस्ट्रेट __वही ओटीपी,केवाईसी आदि से भी कुछ उपभोक्ताओं को आ रही है समस्या __वही एजेंसि पर कार्यरत कर्मचारी वीडियो बनाने की कर रहे मना
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- Post by R Balvinder Singh1
- jay shree Ram agar acchi Lage to kripa karke video aage share Karen Jay Shri Ram1
- उत्तर पुस्तिका भी जमा कर दे, तब भी उसे 2 अंक दिए जाते हैं। मॉस्को विश्वविद्यालय में जब मुझे यह बात पहले दिन पता चली, तो मैं सचमुच हैरान रह गया। मुझे यह बिल्कुल तर्कसंगत नहीं लगा। मेरे मन में सवाल उठा — अगर किसी ने कुछ भी नहीं लिखा, तो उसे शून्य अंक क्यों नहीं मिलते? जिज्ञासा के कारण मैंने डॉ. थियोडोर मेद्रायेव से पूछा, “सर, यह कैसे सही है कि जिसने कुछ भी नहीं लिखा, उसे भी 2 अंक दिए जाएँ?” डॉ. मेद्रायेव मुस्कराए। फिर शांत और विचारशील स्वर में बोले : “शून्य का अर्थ है—अस्तित्वहीन। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह शून्य कैसे हो सकता है ? ज़रा सोचिए—कक्षा तक पहुँचने के लिए एक छात्र कितना प्रयास करता है। हो सकता है वह ठिठुरती ठंड में सुबह-सुबह उठा हो, दूर से बस, ट्राम या ट्रेन में खड़े-खड़े आया हो। भले ही उसने खाली काग़ज़ जमा किया हो, लेकिन उसका आना ही यह बताता है कि उसने कोशिश की। फिर मैं उसे शून्य कैसे दे सकता हूँ ?” उन्होंने आगे कहा : “हो सकता है छात्र उत्तर न लिख पाया हो। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उसका पूरा प्रयास मिटा दिया जाए ? जिन रातों में वह जागा, जिन कॉपियों को उसने खरीदा, जिन किताबों को खोला, जिन संघर्षों से वह गुज़रा—क्या हम सब कुछ नज़रअंदाज़ कर दें ? नहीं, मेरे प्रिय ! *इंसान कभी शून्य नहीं होता। जब हम शून्य देते हैं, तो हम उसका आत्मविश्वास छीन लेते हैं, उसके भीतर की आग बुझा देते हैं।* एक शिक्षक के रूप में हमारा उद्देश्य छात्रों को बार-बार खड़ा होने में मदद करना है—उन्हें हार मानने पर मजबूर करना नहीं।” मैं चुपचाप सुनता रहा। उस क्षण मेरे भीतर कुछ हिल गया। तब मुझे समझ आया— *शिक्षा केवल अंकों या लिखे गए उत्तरों का नाम नहीं है। शिक्षा लोगों को जीवित रखने की प्रक्रिया है, प्रयास को पहचानने की कला है, आशा की रक्षा करने का माध्यम है।* उस दिन डॉ. मेद्रायेव ने मुझे एक गहरी सच्चाई सिखाई : *शिक्षा केवल ज्ञान का वितरण नहीं है, बल्कि मानवता का अभ्यास है।* काग़ज़ पर लगा शून्य अक्सर छात्रों के लिए मृत्यु-घंटी बन जाता है। वह शून्य उन्हें भय से भर देता है, रुचि छीन लेता है और धीरे-धीरे सीखने से घृणा पैदा कर देता है। लेकिन एक शिक्षक का दायित्व है प्रोत्साहित करना, आश्वस्त करना और कहना— _*“तुम कर सकते हो। फिर से कोशिश करो।”*_ जब हम खाली उत्तर पुस्तिका पर भी न्यूनतम अंक देते हैं, तो हम वास्तव में यह कहते हैं— “तुम शून्य नहीं हो। तुम अब भी महत्वपूर्ण हो। तुम सक्षम हो। तुम असफल नहीं हुए—बस इस बार सफल नहीं हो पाए। फिर से प्रयास करो।” यही सच्ची शिक्षा है। एक छात्र का भविष्य शिक्षक के हाथों में आकार लेता है। अगर शिक्षक थोड़ा और मानवीय बन जाएँ, अगर वे अंकों से परे प्रयास को देखना सीख लें, तो कितने ही हतोत्साहित छात्र फिर से सपने देखने का साहस कर सकते हैं। मुझे लगता है यह कहानी केवल रूस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे दुनिया भर के शिक्षकों तक पहुँचना चाहिए। क्योंकि शून्य अंक कभी शिक्षा नहीं होते। शून्य अंक अक्सर किसी की यात्रा का अंत होते हैं। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह कम से कम आश्वासन और पहचान का अधिकारी है। — *रूस में अध्ययनरत एक अज्ञात भारतीय छात्र द्वारा लिखित*1
- 20 अप्रैल 2026। राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना उद्घाटन से एक दिन पहले हुई, जिसमें नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना थी। आग लगते ही दमकल टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की इस महत्वपूर्ण परियोजना में आग लगने से सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित एक मेगा पेट्रोकेमिकल प्लांट है! जिसे 72000 करोड़ की लागत से यह कंपलेक्स बनाया गया था! इसका उद्घाटन 21 अप्रैल 2026 को नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना था !उद्घाटन से एक दिन पहले इसमें भीषण आग लग गया 😢😢1
- पंचांग संबंधी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमें फॉलो करें। जानकारी पसंद आई हो तो लाइक शेयर और कमेंट करें।1
- पश्चिम बंगाल में रैलियों के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अचानक रुककर एक दुकानदार से झालमुड़ी ली और मुस्कुराते हुए कहा, “भाई, हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ।” दुकानदार पैसे लेने में हिचकिचाया, लेकिन पीएम मोदी ने जोर देकर भुगतान किया। यह सादा और दिलचस्प पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों को 10 से ₹12000 मासिक वेतन मिलना एक आर्थिक शोषण का संकेत देता है जिले के अधिकारियों को इन पर विशेष ध्यान देना चाहिए 🙏🙏1