भारतीय हड़ताल के समर्थन में सड़क पर उतर कर मजदूर - विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने अयोध्या वामदलों ने केंद्रीय श्रम संगठनों की अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में सड़क पर उतर कर मजदूर - विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने, विकसित भारत ग्राम जी कानून को निरस्त कर मनरेगा को बहाल करने व उसे और मजबूत बनाने, गरीबों को उजाड़ने की बुल्डोजर नीति पर रोक लगाने, बिजली सहित सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण रोकने, 200 यूनिट फ्री बिजली देने और किसान व देश विरोधी भारत - अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने की मांग की। मार्च निकलने से पूर्व तहसील सदर स्थित तिकोनिया पार्क में हुई सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के आठ घण्टे काम का अधिकार, संगठित होने, यूनियन बनाने और अपनी लोकतांत्रिक मांगों के लिए हड़ताल करने जैसे ढेरों कानूनी अधिकारों पर ये चार लेबर कोड कुठाराघात करते हैं। मालिकों और उद्योगपतियों को मनमाना करने की छूट देते हैं। पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर लाई गई चारों श्रम संहिताएं दरअसल मजदूरों को फिर से गुलाम बनाने के कानूनी दस्तावेज हैं।जिला सचिव अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि मनरेगा कानून को एक झटके में समाप्त कर विकसित भारत ग्राम जी कानून लाया गया है, जबकि मनरेगा में काम मांगने व पाने का गरीबों को कानूनी अधिकार था। नये कानून में यह केंद्र सरकार की मनमर्जी पर छोड़ दिया गया है। यह कानून साठ दिन काम नहीं देने की गारंटी करता है और सौ के बजाय सवा सौ दिन काम देने का झांसा दिया गया है
भारतीय हड़ताल के समर्थन में सड़क पर उतर कर मजदूर - विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने अयोध्या वामदलों ने केंद्रीय श्रम संगठनों की अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में सड़क पर उतर कर मजदूर - विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने, विकसित भारत ग्राम जी कानून को निरस्त कर मनरेगा को बहाल करने व उसे और मजबूत बनाने, गरीबों को उजाड़ने की बुल्डोजर नीति पर रोक लगाने, बिजली सहित सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण रोकने, 200 यूनिट फ्री बिजली देने और किसान व देश विरोधी भारत - अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने की मांग की। मार्च निकलने से पूर्व तहसील सदर स्थित तिकोनिया पार्क में हुई सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के आठ घण्टे काम का अधिकार, संगठित होने, यूनियन
बनाने और अपनी लोकतांत्रिक मांगों के लिए हड़ताल करने जैसे ढेरों कानूनी अधिकारों पर ये चार लेबर कोड कुठाराघात करते हैं। मालिकों और उद्योगपतियों को मनमाना करने की छूट देते हैं। पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर लाई गई चारों श्रम संहिताएं दरअसल मजदूरों को फिर से गुलाम बनाने के कानूनी दस्तावेज हैं।जिला सचिव अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि मनरेगा कानून को एक झटके में समाप्त कर विकसित भारत ग्राम जी कानून लाया गया है, जबकि मनरेगा में काम मांगने व पाने का गरीबों को कानूनी अधिकार था। नये कानून में यह केंद्र सरकार की मनमर्जी पर छोड़ दिया गया है। यह कानून साठ दिन काम नहीं देने की गारंटी करता है और सौ के बजाय सवा सौ दिन काम देने का झांसा दिया गया है
- गावो की शुद्ध हवा इस समय मौसम खिला खिला थोड़ी सी ठंडक थोड़ी गुन गुना सुहाना मौसम यह मौसम आनंद मस्ती भरा खेतों से लेकर पहाड़ों तक का सुहाना मौसम ।।।।1
- अयोध्या कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी! ईमेल अलर्ट से हड़कंप, घंटों तलाशी के बाद अफवाह निकली”1
- अयोध्या वामदलों ने केंद्रीय श्रम संगठनों की अखिल भारतीय हड़ताल के समर्थन में सड़क पर उतर कर मजदूर - विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने, विकसित भारत ग्राम जी कानून को निरस्त कर मनरेगा को बहाल करने व उसे और मजबूत बनाने, गरीबों को उजाड़ने की बुल्डोजर नीति पर रोक लगाने, बिजली सहित सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण रोकने, 200 यूनिट फ्री बिजली देने और किसान व देश विरोधी भारत - अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने की मांग की। मार्च निकलने से पूर्व तहसील सदर स्थित तिकोनिया पार्क में हुई सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के आठ घण्टे काम का अधिकार, संगठित होने, यूनियन बनाने और अपनी लोकतांत्रिक मांगों के लिए हड़ताल करने जैसे ढेरों कानूनी अधिकारों पर ये चार लेबर कोड कुठाराघात करते हैं। मालिकों और उद्योगपतियों को मनमाना करने की छूट देते हैं। पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर लाई गई चारों श्रम संहिताएं दरअसल मजदूरों को फिर से गुलाम बनाने के कानूनी दस्तावेज हैं।जिला सचिव अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि मनरेगा कानून को एक झटके में समाप्त कर विकसित भारत ग्राम जी कानून लाया गया है, जबकि मनरेगा में काम मांगने व पाने का गरीबों को कानूनी अधिकार था। नये कानून में यह केंद्र सरकार की मनमर्जी पर छोड़ दिया गया है। यह कानून साठ दिन काम नहीं देने की गारंटी करता है और सौ के बजाय सवा सौ दिन काम देने का झांसा दिया गया है2
- Post by UP 42 Ayodhya Live1
- अयोध्या।। रिपोर्टिंग दुर्गा सिंह।। खबर जिले के विकासखंड तारुन अंतर्गत ननसा बाजार की है जहां पर साप्ताहिक बाजारों के दिन रेहड़ी पटरी, आदि दुकानदारों द्वारा रास्ता सकरा हो जाता है। इसके अलावा जाम की स्थिति के दो बड़े कारण और हैं। मिझौड़ा चीनी मिल को गाना पुट करने वाले भारी बाहनों (ट्रैक्टर, ट्रॉली और ट्रक) का निरंतर संचालन। शादी का सीजन होने के कारण निजी वाहनों में भारी बढ़ोतरी। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने शासन से यह मांग की है कि साप्ताहिक बाजारों के दिन पुलिस प्रशासन की मौजूदगी निरंतर रहेगी तो यातायात सुचारू रूप से सामान्य रहेगा।1
- मनोरमा धर्मार्थ गौ सेवा ट्रस्ट द्वारा यज्ञशाला निर्माण शिवराजपुर नंदनगर चौरी हर्रैया बस्ती कुश्मोर घाट के पास मनोरमा के किनारे श्री मोहनदास जी द्वारा4
- ग्राम सभा बायताल थाना भवानीगंज तहसील डुमरियागंज जिला सिद्धार्थ नगर बस्ती कि यह घटना स्थल ग्राम सभा बायताल चंद्रदीप घाट रोड जो भवानीगंज होते हुए डुमरियागंज की ओर निकलती है इसी रोड पर गाड़ी का नियंत्रण खराब हुआ यह कड़ी में जाकर गिरी गाड़ी चालक सुरक्षित है घटनास्थल की जय-जय लिया गया1
- दिनदहाड़े गोलियों की बरसात: हाईवे पर घेरकर 15 राउंड फायरिंग, मुख्तार के करीबी अधिवक्ता की मौके पर हत्या”1