Shuru
Apke Nagar Ki App…
एक व्यक्ति ने ट्रैफिक नियमों के पालन में कथित दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए अपना अनुभव साझा किया है। पोस्ट में बताया गया है कि उन्हें बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने के लिए 3500 रुपये का भारी चालान भरना पड़ा, जबकि वे सिर्फ अपने गाँव से हाईवे पर सब्ज़ी लेने के लिए गए थे। इस घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए, उन्होंने पूछा है कि क्या सारे नियम केवल गरीब जनता के लिए ही बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी खुद भी बिना हेलमेट के काफी दूर तक यात्रा करते हैं, और इसी संदर्भ में ट्रैफिक पुलिस से यह अनुरोध किया गया है कि क्या ऐसे पुलिसकर्मियों का भी चालान हो सकता है और इस पूरे मामले पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए।
Neeraj Kumar Kushwaha
एक व्यक्ति ने ट्रैफिक नियमों के पालन में कथित दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए अपना अनुभव साझा किया है। पोस्ट में बताया गया है कि उन्हें बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने के लिए 3500 रुपये का भारी चालान भरना पड़ा, जबकि वे सिर्फ अपने गाँव से हाईवे पर सब्ज़ी लेने के लिए गए थे। इस घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए, उन्होंने पूछा है कि क्या सारे नियम केवल गरीब जनता के लिए ही बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी खुद भी बिना हेलमेट के काफी दूर तक यात्रा करते हैं, और इसी संदर्भ में ट्रैफिक पुलिस से यह अनुरोध किया गया है कि क्या ऐसे पुलिसकर्मियों का भी चालान हो सकता है और इस पूरे मामले पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- एक व्यक्ति ने ट्रैफिक नियमों के पालन में कथित दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए अपना अनुभव साझा किया है। पोस्ट में बताया गया है कि उन्हें बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने के लिए 3500 रुपये का भारी चालान भरना पड़ा, जबकि वे सिर्फ अपने गाँव से हाईवे पर सब्ज़ी लेने के लिए गए थे। इस घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए, उन्होंने पूछा है कि क्या सारे नियम केवल गरीब जनता के लिए ही बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी खुद भी बिना हेलमेट के काफी दूर तक यात्रा करते हैं, और इसी संदर्भ में ट्रैफिक पुलिस से यह अनुरोध किया गया है कि क्या ऐसे पुलिसकर्मियों का भी चालान हो सकता है और इस पूरे मामले पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए।1
- भरत तिवारी की दुखद हत्या पर गहरा अफसोस व्यक्त करते हुए, एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि यदि उन्हें जीते जी लोगों का समर्थन और साथ मिला होता, तो शायद उनकी जान न जाती। पोस्ट में इस बात पर सवाल उठाया गया है कि किसी के मरने के बाद दिया गया सहयोग किस काम का, क्योंकि उसका कोई फायदा नहीं होता। इस भावनात्मक अपील के साथ, लोगों से यह आग्रह किया गया है कि वे 'यह आग' हमेशा अपने दिलों में जलाए रखें।1
- शाहजहांपुर में दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहाँ राजनीतिक संरक्षण के चलते दस परिवारों का रास्ता बंद कर दिया गया है। इस उत्पीड़न से परेशान होकर, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (DM) से मदद की गुहार लगाई है।1
- खरबूजे के छिलकों के उपयोग से कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है। यह जानकारी साझा करते हुए, उपयोगकर्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे इस वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और पेज को फॉलो भी करें।1
- Post by Baseem1
- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर टोल फ्री व्यवस्था लागू की गई। इस व्यवस्था से संबंधित जानकारी UP UPDATE द्वारा प्रसारित की गई, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।1
- मुरैना के किशनपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी और दो बेटों को मौत के घाट उतार दिया। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद, पति ने खुद भी एक ट्रेन के सामने आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना गांव में चल रही भागवत कथा के दौरान पत्नी द्वारा 'जरा सी और पिला दे यार' गाने पर डांस करने से उपजे विवाद के कारण हुई। बताया गया है कि पत्नी के इस डांस पर दोस्तों ने कुछ कमेंट्स किए थे, जिससे पति अत्यंत नाराज हो गया था।1
- महोबा जिला अस्पताल की ओपीडी में अपनी मां के साथ इलाज कराने आई एक किशोरी से छेड़छाड़ के आरोप में एक नशेड़ी युवक की चप्पलों से पिटाई कर दी गई। बताया गया है कि मनचले ने किशोरी को देखकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा, "भाभी तुम्हारा लाल ब्लाउज़ कातिल लग रहा है।" किशोरी की मां ने इस हरकत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल परिसर में ही मनचले को पकड़ लिया और उसे चप्पलों से जमकर सबक सिखाया। पिटाई के दौरान मनचला युवक माफी मांगने लगा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1