रायबरेली के गुरबख्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे तुलसी मजरे अटौरा बुजुर्ग गांव में एक मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित तौर पर अवैध क्लिनिक संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में मरीजों को लकड़ी की बेंच पर लिटाकर उनका इलाज करते हुए दिखाया गया है। आरोप है कि यह उपचार बिना किसी मानक सुविधा और आवश्यक चिकित्सीय व्यवस्था के किया जा रहा है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। बताया गया है कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस होने के बावजूद वहां क्लिनिक चलाया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस वीडियो को स्वयं मेडिकल स्टोर में काम करने वाले एक युवक ने बनाकर वायरल किया है। यह वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि स्वास्थ्य विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की कथित अनदेखी के कारण ही ऐसे अवैध संचालन धड़ल्ले से फल-फूल रहे हैं। अब सबकी नज़र इस मामले में होने वाली विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है।
रायबरेली के गुरबख्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे तुलसी मजरे अटौरा बुजुर्ग गांव में एक मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित तौर पर अवैध क्लिनिक संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में मरीजों को लकड़ी की बेंच पर लिटाकर उनका इलाज करते हुए दिखाया गया है। आरोप है कि यह उपचार बिना किसी मानक सुविधा और आवश्यक चिकित्सीय व्यवस्था के किया जा रहा है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। बताया गया है कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस होने के बावजूद वहां क्लिनिक चलाया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस वीडियो को स्वयं मेडिकल स्टोर में काम करने वाले एक युवक ने बनाकर वायरल किया है। यह वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि स्वास्थ्य विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की कथित अनदेखी के कारण ही ऐसे अवैध संचालन धड़ल्ले से फल-फूल रहे हैं। अब सबकी नज़र इस मामले में होने वाली विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है।
- रायबरेली में वीर शिरोमणि सम्राट पृथ्वीराज चौहान का जन्मोत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सम्राट पृथ्वीराज चौहान सेवा समिति द्वारा जिला पंचायत सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के लोगों, युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान सम्राट पृथ्वीराज चौहान के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रीवा (मध्य प्रदेश) से आए रिटायर्ड फौजी संजय सिंह बघेल (11 ग्रेनेडियर्स) रहे, जिनका समिति पदाधिकारियों एवं अतिथियों ने फूलमाला और बैज लगाकर भव्य स्वागत किया। मुख्य विकास अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट और पूर्व जिला पंचायत सदस्य अवधेश सिंह भी इस अवसर पर मौजूद रहे, जिनका सम्मान किया गया। समिति के अध्यक्ष जीसी सिंह चौहान एवं नरेंद्र सिंह फौजी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सम्राट पृथ्वीराज चौहान के जीवन को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने समाज को एकजुट होकर अपनी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। वक्ताओं ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान के साहस, नेतृत्व क्षमता और देश के प्रति समर्पण पर प्रकाश डाला। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों, समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को अपनी ऐतिहासिक धरोहर से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने घोषणा की कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयंती का आयोजन प्रत्येक वर्ष और अधिक भव्यता के साथ किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से पहुंचे कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों का विशेष स्वागत किया गया।2
- रायबरेली जिले के रसूलपुर में चांदी सिंह का पुरवा से पत्रकार केशव ने यह विचार व्यक्त किया है कि फिल्में केवल पाठ्यक्रम (सिलेबस) नहीं पढ़ातीं, बल्कि वास्तविक जीवन के अनुभव और सबक सिखाती हैं। उन्होंने इस टिप्पणी के साथ 'ड्रॉपआउट' देखने का भी उल्लेख किया है। इस पोस्ट में कई प्रमुख हस्तियों और राजनीतिक दलों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें योगी आदित्यनाथ, केशवानंद शुक्ला, मनोज पांडे, ठाकुर पीयूष प्रताप सिंह, समाजवादी पार्टी, दिनेश प्रताप सिंह, अखिलेश यादव और राहुल गांधी शामिल हैं।1
- रायबरेली के ऊंचाहार में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शनिवार को भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने स्थानीय पत्रकारों को सम्मानित किया। उन्होंने पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ, समाज का प्रहरी और दिशा-निर्देशक बताते हुए एक सशक्त, जागरूक और प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण में उनकी अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। अभिलाष कौशल ने अपने कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को अग्रवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता आम जनमानस की आवाज़ को बुलंद करती है और जमीनी सच्चाइयों को सामने लाकर राष्ट्र निर्माण में अग्रिम कर्णधार की भूमिका निभाती है। कौशल ने आगे कहा कि पत्रकार जटिल मुद्दों और सरकारी नीतियों का विश्लेषण कर जनता तक सही जानकारी पहुंचाते हैं। यह वर्ग वंचित और हाशिए पर रहने वाले लोगों की समस्याओं को उजागर कर प्रशासन और सत्ता तक पहुंचाता है। साथ ही, वे रूढ़ियों को तोड़कर और नए विचारों को समाज में रखकर बदलते भारत की सोच को आकार देते हैं। सत्ता से सवाल पूछना और लोकतंत्र में जवाबदेही तय करना उनका सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज की डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में पत्रकारों की ज़िम्मेदारी और भी बढ़ गई है। इस अवसर पर मनीष कौशल, सुभाष कौशल, गुड्डन यादव, राजेंद्र यादव, मनोज पाल, विजय पाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष पवन सिंह समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय पत्रकार मौजूद रहे।1
- डॉक्टर बनकर लोगों की जान बचाना सबसे नेक कार्य बताया गया है, जो विश्वास के एक नाज़ुक धागे से बंधा है। इस मूल भावना के विपरीत, जब इस विश्वास को व्यापार का रूप दे दिया जाता है, तो व्यवस्था में धांधली और अनियमितताएँ शुरू हो जाती हैं। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन समस्याओं को आंशिक सुधारों से ठीक नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए पूरी व्यवस्था को जड़ से ठीक करने की आवश्यकता है।1
- रायबरेली जिलाधिकारी के निर्देश पर, जिला पंचायत अधिकारी सौम्य शील सिंह ने जनपद की गौशालाओं में गोवंशों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं शुरू की हैं। इन व्यवस्थाओं के तहत, गौशालाओं में स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से गोवंशों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। अब तक जिले की कुल 58 गौशालाओं में यह स्प्रिंकलर व्यवस्था लागू की जा चुकी है। जिला पंचायत अधिकारी ने यह भी बताया कि शेष बची हुई गौशालाओं में भी यह प्रणाली एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित कर दी जाएगी। प्रशासन गोवंशों के संरक्षण और उनकी बेहतर देखभाल के लिए निरंतर प्रयासरत है।2
- रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक में नहरों में पानी न आने से किसान गंभीर रूप से परेशान हैं। धान की नर्सरी (बेहन) डालने का समय शुरू हो चुका है, लेकिन सरकारी नहरें सूखी पड़ी हैं और उनमें धूल उड़ रही है। पानी के अभाव में किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए निजी पंपसेट और नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि निजी साधनों से सिंचाई करने के कारण उन्हें डीजल और बिजली पर भारी अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के किसानों ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि धान की बुवाई के संकट को देखते हुए तत्काल नहरों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि वे समय पर अपनी फसल तैयार कर सकें और इस आर्थिक नुकसान से बच सकें। किसानों ने यह भी बताया कि जिन किसानों ने अपने निजी साधनों से धान की नर्सरी डाल दी है, उन्हें भी इस तपती धूप में लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे उनका निजी खर्च बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यदि नहरों में पानी आ जाए, तो जिन किसानों ने अभी तक नर्सरी नहीं डाली है, वे भी बुवाई कर सकेंगे और जिन्हें सिंचाई करनी है, वे आसानी से कर पाएंगे।1
- रायबरेली में कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने नवनियुक्त सहायक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र और स्मार्टफोन वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सराहना करते हुए कहा कि वे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की जिम्मेदारी निभाकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया। साथ ही, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एसआईआर संबंधी फैसले का स्वागत किया।1
- रायबरेली के गुरबख्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे तुलसी मजरे अटौरा बुजुर्ग गांव में एक मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित तौर पर अवैध क्लिनिक संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में मरीजों को लकड़ी की बेंच पर लिटाकर उनका इलाज करते हुए दिखाया गया है। आरोप है कि यह उपचार बिना किसी मानक सुविधा और आवश्यक चिकित्सीय व्यवस्था के किया जा रहा है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। बताया गया है कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस होने के बावजूद वहां क्लिनिक चलाया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस वीडियो को स्वयं मेडिकल स्टोर में काम करने वाले एक युवक ने बनाकर वायरल किया है। यह वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि स्वास्थ्य विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की कथित अनदेखी के कारण ही ऐसे अवैध संचालन धड़ल्ले से फल-फूल रहे हैं। अब सबकी नज़र इस मामले में होने वाली विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है।1