प्रयागराज के मेजा क्षेत्र के डोहरिया भृगांरी में चल रही सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर नज़र आया। वृंदावन, मथुरा के गुरु गोविंद सेवा ट्रस्ट से पधारे कथावाचक डॉ. रामानंद जी ने सती चरित्र, ध्रुव चरित्र और समुद्र मंथन प्रसंग का भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथावाचक ने सती चरित्र के माध्यम से त्याग, आत्मसम्मान और सत्य के प्रति अडिग रहने का संदेश दिया, जिसमें माता सती द्वारा भगवान शिव के अपमान को सहन न कर अपने प्राणों का त्याग करने का प्रसंग सुनाया गया। वहीं, ध्रुव चरित्र में बालक ध्रुव की अटूट भक्ति, कठोर तपस्या और दृढ़ संकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सच्ची श्रद्धा से भगवान की कृपा अवश्य प्राप्त होती है और असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। समुद्र मंथन प्रसंग में देवताओं और दानवों के संयुक्त प्रयास, हलाहल विष के प्रकट होने से लेकर अमृत प्राप्ति तक की कथा सुनाते हुए जीवन में धैर्य, संघर्ष, सहयोग और सकारात्मक सोच के महत्व को समझाया गया। कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करता है, जिसके दौरान श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति में लीन दिखाई दिए। आयोजन समिति के अनुसार, यह कथा 21 मई से 28 मई तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित की जा रही है। समापन के दिन हवन-पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद भंडारे का भी आयोजन होगा। कथा के मुख्य यजमान ओमप्रकाश तिवारी (वकील तिवारी), श्रीमती दुर्गा तिवारी, शीतला प्रसाद तिवारी और श्रीमती सुशीला तिवारी हैं। आयोजक शीतला प्रसाद तिवारी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा देने का एक सशक्त माध्यम है, जिससे समाज में भक्ति, सदाचार और आपसी भाईचारे की भावना मज़बूत होती है। उन्होंने लोगों से धर्म के प्रति जागरूक होने और अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण करने की अपील की। कार्यक्रम में दया शंकर शुक्ल, मुन्नन शुक्ला, विजय कांत मिश्रा, हौसला शुक्ला, दीपक पांडेय, मुन्ना पाण्डेय, राकेश पाण्डेय, कैलाश नाथ शुक्ल, हिंछ नारायण तिवारी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथावाचक ने श्रद्धालुओं को भक्ति, धैर्य और सदाचार का संदेश दिया।
प्रयागराज के मेजा क्षेत्र के डोहरिया भृगांरी में चल रही सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर नज़र आया। वृंदावन, मथुरा के गुरु गोविंद सेवा ट्रस्ट से पधारे कथावाचक डॉ. रामानंद जी ने सती चरित्र, ध्रुव चरित्र और समुद्र मंथन प्रसंग का भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथावाचक ने सती चरित्र के माध्यम से त्याग, आत्मसम्मान और सत्य के प्रति अडिग रहने का संदेश दिया, जिसमें माता सती द्वारा भगवान शिव के अपमान को सहन न कर अपने प्राणों का त्याग करने का प्रसंग सुनाया गया। वहीं, ध्रुव चरित्र में बालक ध्रुव की अटूट भक्ति, कठोर तपस्या और दृढ़ संकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सच्ची श्रद्धा से भगवान की कृपा अवश्य प्राप्त होती है और असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। समुद्र मंथन प्रसंग में देवताओं और दानवों के संयुक्त प्रयास, हलाहल विष के प्रकट होने से लेकर अमृत प्राप्ति तक की कथा सुनाते हुए जीवन में धैर्य, संघर्ष, सहयोग और सकारात्मक सोच के महत्व को समझाया गया। कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करता है, जिसके दौरान श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति में लीन दिखाई दिए। आयोजन समिति के अनुसार, यह कथा 21 मई से 28 मई तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित की जा रही है। समापन के दिन हवन-पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद भंडारे का भी आयोजन होगा। कथा के मुख्य यजमान ओमप्रकाश तिवारी (वकील तिवारी), श्रीमती दुर्गा तिवारी, शीतला प्रसाद तिवारी और श्रीमती सुशीला तिवारी हैं। आयोजक शीतला प्रसाद तिवारी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा देने का एक सशक्त माध्यम है, जिससे समाज में भक्ति, सदाचार और आपसी भाईचारे की भावना मज़बूत होती है। उन्होंने लोगों से धर्म के प्रति जागरूक होने और अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण करने की अपील की। कार्यक्रम में दया शंकर शुक्ल, मुन्नन शुक्ला, विजय कांत मिश्रा, हौसला शुक्ला, दीपक पांडेय, मुन्ना पाण्डेय, राकेश पाण्डेय, कैलाश नाथ शुक्ल, हिंछ नारायण तिवारी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथावाचक ने श्रद्धालुओं को भक्ति, धैर्य और सदाचार का संदेश दिया।
- प्रयागराज के मेजा में स्थित पटपर फाल को "मौत का कुआं" बताया गया है, जहाँ प्रकृति की गोद में खेलते-खेलते लोग हमेशा के लिए मौत का शिकार बन जाते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि गर्मी के मौसम में लाखों लोग यहां स्नान करने आते हैं, और पत्थरों के ऊपर से गुजरता पानी उन्हें बेहद फिसलन भरा बना देता है, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। इसी को देखते हुए, अगर आप भी प्रयागराज के मेजा स्थित पटपर फाल पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यह जानकारी अधिवक्ता अजय उपाध्याय और दीप चंद्र यादव द्वारा डीएम प्रयागराज का ध्यान आकर्षित करते हुए साझा की गई है।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र के डोहरिया भृगांरी में चल रही सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर नज़र आया। वृंदावन, मथुरा के गुरु गोविंद सेवा ट्रस्ट से पधारे कथावाचक डॉ. रामानंद जी ने सती चरित्र, ध्रुव चरित्र और समुद्र मंथन प्रसंग का भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथावाचक ने सती चरित्र के माध्यम से त्याग, आत्मसम्मान और सत्य के प्रति अडिग रहने का संदेश दिया, जिसमें माता सती द्वारा भगवान शिव के अपमान को सहन न कर अपने प्राणों का त्याग करने का प्रसंग सुनाया गया। वहीं, ध्रुव चरित्र में बालक ध्रुव की अटूट भक्ति, कठोर तपस्या और दृढ़ संकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सच्ची श्रद्धा से भगवान की कृपा अवश्य प्राप्त होती है और असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। समुद्र मंथन प्रसंग में देवताओं और दानवों के संयुक्त प्रयास, हलाहल विष के प्रकट होने से लेकर अमृत प्राप्ति तक की कथा सुनाते हुए जीवन में धैर्य, संघर्ष, सहयोग और सकारात्मक सोच के महत्व को समझाया गया। कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करता है, जिसके दौरान श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति में लीन दिखाई दिए। आयोजन समिति के अनुसार, यह कथा 21 मई से 28 मई तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित की जा रही है। समापन के दिन हवन-पूर्णाहुति के साथ महाप्रसाद भंडारे का भी आयोजन होगा। कथा के मुख्य यजमान ओमप्रकाश तिवारी (वकील तिवारी), श्रीमती दुर्गा तिवारी, शीतला प्रसाद तिवारी और श्रीमती सुशीला तिवारी हैं। आयोजक शीतला प्रसाद तिवारी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा देने का एक सशक्त माध्यम है, जिससे समाज में भक्ति, सदाचार और आपसी भाईचारे की भावना मज़बूत होती है। उन्होंने लोगों से धर्म के प्रति जागरूक होने और अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण करने की अपील की। कार्यक्रम में दया शंकर शुक्ल, मुन्नन शुक्ला, विजय कांत मिश्रा, हौसला शुक्ला, दीपक पांडेय, मुन्ना पाण्डेय, राकेश पाण्डेय, कैलाश नाथ शुक्ल, हिंछ नारायण तिवारी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथावाचक ने श्रद्धालुओं को भक्ति, धैर्य और सदाचार का संदेश दिया।1
- प्रयागराज के शंकरगढ़ में NH 35 पर जेके और अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के पास सड़क किनारे खड़े वाहन आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं। भारी वाहनों की लंबी कतारें सड़क की पटरियों पर कब्जा जमाए रहती हैं, जिससे आम जनता को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन द्वारा कई बार चालान करने के बावजूद यह समस्या जस की तस बनी हुई है।1
- आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 24 मई, 2026 से शुरू हुए तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर वडोदरा हवाई अड्डे पहुंचे। हवाई अड्डे पर आप के प्रदेश अध्यक्ष ईसूदान गढ़वी और विधायक चैतर वसावा सहित प्रदेश के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल का गर्मजोशी से स्वागत किया। मीडिया से बात करते हुए, केजरीवाल ने हाल ही में हुए NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाया, जिसके कारण देश भर के 22 लाख छात्र प्रभावित हुए। उन्होंने बताया कि इस लीक से बड़ी संख्या में बच्चे दुखी और डिप्रेशन में चले गए हैं। छात्रों को कुछ सहायता प्रदान करने के लिए, उन्होंने उल्लेख किया कि पंजाब की आप सरकार ने घोषणा की है कि NEET परीक्षा के दिन परीक्षार्थियों के लिए घर से सेंटर तक और वापस आने के लिए बस का किराया माफ किया जाएगा। केजरीवाल ने गुजरात सरकार से भी इसी तरह की सहायता प्रदान करने और राज्य के NEET छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवाओं की व्यवस्था करने की अपील की। आगे, केजरीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की कि पूरे देश में, विशेष रूप से गुजरात के किसानों को डीजल लेने में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, और पेट्रोल पंपों पर ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसानों को डीजल नहीं मिलेगा तो वे खेती कैसे करेंगे, और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि रूस और ईरान भारत को सस्ते में तेल और गैस देने को तैयार हैं, लेकिन भारत सरकार इसे खरीदने के लिए तैयार नहीं है। केजरीवाल ने भारत सरकार से अपील की कि वह रूस और ईरान से सस्ते में तेल और गैस खरीदे ताकि देश के लोगों को तेल और गैस की कमी और इसकी बढ़ती कीमतों से मुक्ति मिल सके।4
- रविवार दोपहर लगभग 2 बजे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रयागराज के हंडिया पहुंचे, जहां कांग्रेस समर्थकों ने माला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। यह स्वागत उनकी 'गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' के दौरान हुआ।1
- आज एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में मुख्यमंत्री की उपस्थिति के चलते धारा 144 लागू है। इस पर सवाल उठाते हुए, संबंधित व्यक्ति ने कहा कि यदि धारा 144 प्रभावी है, तो मुख्यमंत्री 500 लोगों के साथ रैली कैसे कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह धारा केवल विपक्ष के लोगों के लिए लागू की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कानून अब मौखिक रूप से पक्ष और विपक्ष को देखकर लगाया जा रहा है।1
- प्रयागराज के धूमनगंज थाना अंतर्गत आनंदपुरम चकिया में एक महिला बच्चा चोर को पकड़ा गया है। पकड़ी गई महिला ने पूछताछ के दौरान अपना नाम यास्मीन बताया और अपना पता करामत चौकी, करेली बताया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना में और भी लोग शामिल हैं। सूचना मिलने पर, मौके पर 112 नंबर की पुलिस टीम बुलाई गई, जिसने बच्चा चोर महिला को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।2
- शनिवार को प्रयागराज के मेजारोड स्थित डीजीएस गेस्ट हाउस में आयोजित रोजगार महोत्सव में युवाओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ करीब 100 कंपनियों ने भाग लिया और 3700 युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए। इस महोत्सव के लिए कुल 6780 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से पंजीकरण कराया था। बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे देश के विभिन्न शहरों से आई कंपनियों के एचआर प्रतिनिधियों ने इस आयोजन में प्रतिभाग किया। चयन प्रक्रिया निर्धारित समय से लगभग आधे घंटे की देरी से शुरू हुई, लेकिन यह कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा और अंतिम चरण तक साक्षात्कार जारी रहे। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 80 काउंटर बनाए गए थे, जहाँ साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन का कार्य संपन्न हुआ। डीजीएस गेस्ट हाउस के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लगी थीं, और कई चयनित युवाओं को मौके पर ही ऑफर लेटर देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर, भाजपा नेता इन्द्रदेव शुक्ला उर्फ राजू भैया ने कहा कि "मेजा मेरा परिवार है, युवाओं को रोजगार से जोड़ना मेरा फर्ज" है। उन्होंने युवाओं को रोजगार दिलाना अपनी प्राथमिकता बताते हुए आश्वासन दिया कि ऐसे आयोजन आगे भी जारी रहेंगे, ताकि स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर मिल सकें। कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसीपी मेजा संत प्रसाद उपाध्याय और थाना प्रभारी दीनदयाल सिंह सहित पुलिस बल मुस्तैद रहा। आयोजन की व्यवस्था में शिवदत्त पटेल समेत कई गणमान्य लोग और हजारों वॉलिंटियर भी सक्रिय रूप से लगे रहे।1
- ऑपरेशन “मिलाप” के तहत, सूरत जिला एलसीबी ने पाटन जिले से एक नाबालिग का अपहरण करने वाले आरोपी को पीड़ित के साथ कामरेज से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी और नाबालिग को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पाटन जिला पुलिस को सौंप दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक श्री प्रेम वीर सिंह, सूरत विभाग, सूरत और पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गढ़िया, सूरत ग्रामीण, सूरत के दिशानिर्देश पर की गई, जिन्होंने पूरे गुजरात राज्य में अपहृत और लापता नाबालिगों व व्यक्तियों का पता लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद, एलसीबी सूरत ग्रामीण के पुलिस इंस्पेक्टर एन.जी. पांचाणी ने सूरत ग्रामीण एलसीबी और पैरोल फर्लो स्क्वॉड के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की अलग-अलग टीमें बनाईं। इन टीमों ने तकनीकी और व्यक्तिगत मानवीय संसाधनों के माध्यम से सूरत ग्रामीण जिले और गुजरात के विभिन्न स्थानों से अपहृत/लापता बच्चों/व्यक्तियों का पता लगाने के लिए गहन छानबीन शुरू की। इसी क्रम में, सूरत जिला एलसीबी की टीम जब व्यक्तिगत मानवीय खुफिया और तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर गश्त कर रही थी, तब हेड कांस्टेबल नरेशभाई हिराभाई और पुलिस कांस्टेबल अक्षय शंकरभाई को गोपनीय सूचना मिली। जानकारी के अनुसार, पाटन शहर, बी-डिवीजन पुलिस स्टेशन क्षेत्र से एक नाबालिग का अपहरण कर फरार हुआ आरोपी मुकेशभाई तरसिंगभाई ठाकोर, अपहृत नाबालिग के साथ कामरेजगांव की पटेल टाउनशिप में मौजूद था। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, टीम ने मौके पर जांच की और आरोपी तथा अपहृत नाबालिग को ढूंढ निकाला। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने शादी का लालच देकर नाबालिग का पाटन जिले से अपहरण किया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुकेशभाई तरसिंगभाई ठाकोर (उम्र 21) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में 28, पटेल टाउनशिप, कामरेजगांव, तालुका कामरेज, जिला सूरत में रहता है, और मूल रूप से भाभर, नुदरियावास, तालुका भाभर, जिला वाव थराद का निवासी है। उसके खिलाफ पाटन शहर, बी-डिवीजन पुलिस स्टेशन में ए-पार्ट गु.र.नं. 11217029260404/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस सराहनीय कार्य में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों में श्री एन.जी. पांचाणी (पुलिस इंस्पेक्टर, एलसीबी सूरत ग्रामीण), श्री जे.एल. पटेल (पुलिस सब-इंस्पेक्टर, एलसीबी सूरत ग्रामीण), श्री ए.एन. चौहान (पुलिस सब-इंस्पेक्टर, एलसीबी सूरत ग्रामीण), असिस्टेंट हेड कांस्टेबल नरेशभाई हिराभाई, असिस्टेंट हेड कांस्टेबल अम्रुत धनजीभाई, असिस्टेंट पुलिस कांस्टेबल अक्षय शंकरभाई, और महिला पुलिस कांस्टेबल अस्मिताबेन छोटुभाई (कामरेज पुलिस स्टेशन) शामिल हैं।3