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चन्दौली के नौगढ़ स्थित ग्राम पंचायत बरबसपुर के कम्पोजिट विद्यालय में सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। बताया गया है कि छात्रों की सुविधा के लिए बनवाए गए एक शौचालय का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, लेकिन कागजों पर इसे पूरा दिखाकर लाखों रुपये निकाल लिए गए हैं। इस शौचालय की स्थिति बेहद खराब है और यह उपयोग के बिल्कुल लायक नहीं है। लाखों रुपये का बजट होने के बावजूद, शौचालय के ऊपर पानी की टंकी तक नहीं लगवाई गई है। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि स्कूल में बना यह शौचालय दरअसल भ्रष्टाचार का स्मारक बन गया है, जहाँ पानी की टंकी और निकाले गए लाखों रुपये का कोई अता-पता नहीं है।
Pir Muhmmad
चन्दौली के नौगढ़ स्थित ग्राम पंचायत बरबसपुर के कम्पोजिट विद्यालय में सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। बताया गया है कि छात्रों की सुविधा के लिए बनवाए गए एक शौचालय का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, लेकिन कागजों पर इसे पूरा दिखाकर लाखों रुपये निकाल लिए गए हैं। इस शौचालय की स्थिति बेहद खराब है और यह उपयोग के बिल्कुल लायक नहीं है। लाखों रुपये का बजट होने के बावजूद, शौचालय के ऊपर पानी की टंकी तक नहीं लगवाई गई है। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि स्कूल में बना यह शौचालय दरअसल भ्रष्टाचार का स्मारक बन गया है, जहाँ पानी की टंकी और निकाले गए लाखों रुपये का कोई अता-पता नहीं है।
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- चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक स्थित बरबसपुर ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग बिछाते समय पानी निकासी के लिए नाली न बनाने की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इस चूक के कारण, बारिश का पानी इकट्ठा हो जाने से एक मिट्टी का घर ढह गया। यह घटना दिखाती है कि अगर पानी इसी तरह जमा होता रहा, तो पूरे बरसात के मौसम में इंटरलॉकिंग के आसपास बने अन्य सभी मिट्टी के घरों के भी गिरने की आशंका है, जिससे व्यापक नुकसान हो सकता है।2
- चन्दौली के नौगढ़ स्थित ग्राम पंचायत बरबसपुर के कम्पोजिट विद्यालय में सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। बताया गया है कि छात्रों की सुविधा के लिए बनवाए गए एक शौचालय का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, लेकिन कागजों पर इसे पूरा दिखाकर लाखों रुपये निकाल लिए गए हैं। इस शौचालय की स्थिति बेहद खराब है और यह उपयोग के बिल्कुल लायक नहीं है। लाखों रुपये का बजट होने के बावजूद, शौचालय के ऊपर पानी की टंकी तक नहीं लगवाई गई है। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि स्कूल में बना यह शौचालय दरअसल भ्रष्टाचार का स्मारक बन गया है, जहाँ पानी की टंकी और निकाले गए लाखों रुपये का कोई अता-पता नहीं है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद में तहसील दिवस के मौके पर एक फरियादी ने अधिकारियों के सामने ही अपनी शिकायत जोर-जोर से रखी। फरियादी ने चिल्ला-चिल्लाकर बताया कि वह आठ बार से शिकायत कर रहा है, लेकिन अब तक उसकी बात पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उसने आरोप लगाया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं।1
- चंदौली जिले के गरला गांव में सरकारी पैसे के बड़े पैमाने पर गबन और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, महिला मित्र पूनम कुमारी (NMMS) और जेई सचिव मिलकर सरकारी पैसे की लूट खसोट कर रहे हैं। इन पर 40% कमीशन बनाने का आरोप है। मांग की गई है कि इन सभी कथित दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, क्योंकि गरला गांव में अधिकारी कथित तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग कर अपनी जेब गरम कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार और सरकारी पैसे के गबन की तुरंत जांच कराने की अपील की है।2
- चंदौली के शहाबगंज में अखिल भारतीय किसान सभा मंडल कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक सहकारी समिति प्रांगण में हुई, जहाँ क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं पर विस्तृत चर्चा के बाद 30 जून को शहाबगंज ब्लॉक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष बिना बांध टूटे ही कर्मनाशा नदी का पानी कई गाँवों में फैल गया था, जिससे केवल दो दिनों की बारिश में अनेक घर-मकान क्षतिग्रस्त हो गए और फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों ने इस स्थिति के लिए जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने को जिम्मेदार ठहराया। सभा में प्रमुख मांगों में लेवा-इलिया मार्ग, जेगुरी-केरायगांव मार्ग सहित क्षेत्र की विभिन्न सड़कों के नीचे बड़े कलवर्ट (कुलावा) बनाने की बात कही गई, ताकि बरसात के दौरान पानी का निकास सुचारु हो सके और खेतों, मकानों तथा ग्रामीण सड़कों को हर वर्ष होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, शहाबगंज से अलीपुर, डुमरी और सीमावर्ती क्षेत्रों तक जाने वाले मार्गों पर भी पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग उठाई गई। किसान सभा के पदाधिकारियों ने क्षेत्र की नहरों, माइनरों, डेनों और नालियों की समय पर सफाई कराने पर भी जोर दिया, जिससे बरसात के पानी की निकासी हो सके और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके, क्योंकि सिंचाई व्यवस्था की उपेक्षा से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर, शहाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 30 बेड अस्पताल का दर्जा दिए जाने के साथ-साथ पर्याप्त चिकित्सकों, कर्मचारियों और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई गई। साथ ही, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इलिया एवं कटवा माफी में भी स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की मांग की गई। मनरेगा मजदूरों को समय पर कार्य और भुगतान सुनिश्चित करने का मुद्दा भी उठाया गया, वहीं खाद वितरण व्यवस्था में किसानों पर जबरन जैविक खाद थोपने की शिकायतों पर भी ध्यान दिलाया गया, जिसमें किसानों ने पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने की मांग की। राशन वितरण में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा गया कि कई स्थानों पर कोटेदार राशन कार्ड धारकों पर अनावश्यक रूप से नमक, साबुन एवं अन्य सामग्री लेने का दबाव बना रहे हैं। किसान सभा ने ऐसी प्रथाओं पर तत्काल रोक लगाने और पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने की मांग की। इस धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए किसान सभा ने 26, 27 और 28 जून को विभिन्न गाँवों में जनसंपर्क जत्था निकालने का निर्णय लिया है, जिसके दौरान किसानों और ग्रामीणों को उनकी समस्याओं तथा संगठन की मांगों से अवगत कराया जाएगा। बैठक में किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट, मंडल अध्यक्ष स्वामीनाथ, मंडल मंत्री नंदलाल, उपाध्यक्ष बदरुद्दीन अंसारी, लालजी मास्टर, बड़ेलाल, सुरु, जसवंत सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने 30 जून के धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।1
- चंदौली जिले के नौगढ़ स्थित ग्राम पंचायत बरबसपुर के कंपोजिट विद्यालय में सरकारी संपत्ति की गंभीर बदहाली सामने आई है, जहाँ विद्यालय परिसर में लगा एक पुराना हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है। इस हैंडपंप के चारों ओर पक्का फर्श भी नहीं बनाया गया है, जिसके चलते आसपास मिट्टी और गंदगी का ढेर लगा रहता है। विद्यालय में पेयजल की यह व्यवस्था काफी समय से जर्जर है, जिससे छात्रों और स्टाफ को भारी असुविधा हो रही है। फर्श का न होना और हैंडपंप का खराब रहना स्थानीय स्तर पर संबंधित विभाग की घोर उदासीनता को उजागर करता है। एक वीडियो (फाइल 20260620_61005amByGPSMapCamera.mp4) में भी हैंडपंप के आसपास का स्थान पूरी तरह से कच्चा और अव्यवस्थित देखा जा सकता है। सरकारी धन के उचित उपयोग के दावों के बावजूद, यह हैंडपंप अपनी उपेक्षा की कहानी खुद बयान कर रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। स्थानीय लोग अब संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल मरम्मत और फर्श निर्माण की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन की चुप्पी यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर कब तक इस सरकारी संपत्ति की अनदेखी की जाती रहेगी।1
- सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र के मुख्य सड़क मार्ग पर एक अनियंत्रित बाइक का संतुलन बिगड़ने के कारण एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उसे निजी साधन से डाला क्लीनिक ले जाया गया जहाँ उसका प्राथमिक इलाज कराया गया। युवक की गंभीर हालत को देखते हुए, उसे तुरंत एंबुलेंस के ज़रिए चोपन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। हालांकि, चोपन में इलाज के दौरान जब घायल मरीज की हालत और बिगड़ने लगी, तो डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।3